माँ और बेटी ने एक बड़ा स्कैंडल कर दिया/पुलिस और स्थानीय लोग हैरान हैं/
बरेली में रिश्तों का खौफनाक अंत: बहू-पोती की हत्या, आरोपी दादा गिरफ्तार
बरेली, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से सामने आई एक कथित पारिवारिक हत्या की घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। एक गांव में पारिवारिक विवाद ने इतना भयावह रूप ले लिया कि एक बुजुर्ग व्यक्ति पर अपनी बहू और पोती की हत्या करने का आरोप लगा। घटना के बाद गांव में तनाव और सनसनी फैल गई, जबकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।
यह मामला अंगोरा गांव का बताया जा रहा है। उपलब्ध कहानी के अनुसार, गांव में रहने वाला बनवारी लाल खेती-किसानी करता था। उसके पास करीब 12 एकड़ जमीन थी और वह लंबे समय से खेती के जरिए अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। ग्रामीणों के बीच उसकी छवि मेहनती व्यक्ति की थी और बताया जाता है कि वह जरूरतमंद लोगों की मदद भी करता था।
बनवारी के परिवार में उसकी बहू सरला देवी और पोती पूजा रहती थीं। कहानी के अनुसार, सरला के पति की कई वर्ष पहले नहर में डूबने से मौत हो गई थी। पति की मृत्यु के बाद सरला अपनी बेटी पूजा के साथ ससुराल में ही रह रही थी।
खेत के लिए रखा गया मजदूर
समय बीतने के साथ बनवारी के लिए खेतों का काम अकेले संभालना मुश्किल होने लगा। उसे एक ऐसे व्यक्ति की जरूरत थी जो खेत में नियमित रूप से काम कर सके। इसी दौरान उसकी बहू सरला ने पड़ोस में रहने वाले गोविंद का नाम सुझाया।
गोविंद कथित तौर पर एक फैक्ट्री में मजदूरी करता था और खेती का काम भी जानता था। बनवारी ने उसे खेत में काम पर रख लिया। कुछ ही समय में गोविंद परिवार के भरोसेमंद लोगों में शामिल हो गया और नियमित रूप से खेतों में काम करने लगा।
कहानी के अनुसार, इसी दौरान गोविंद और सरला के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं। बाद में दोनों के बीच एक निजी संबंध बन गया। यह संबंध काफी समय तक परिवार के अन्य सदस्यों से छिपा रहा।
बेटी पूजा तक पहुंची बात
कुछ समय बाद कहानी में एक और मोड़ आया। एक दिन जब सरला घर से बाहर गई हुई थी, तब गोविंद किसी काम से बनवारी के घर पहुंचा। घर में उस समय सरला की बेटी पूजा अकेली थी।
कहानी के मुताबिक, इसी दौरान पूजा और गोविंद के बीच भी नजदीकियां बढ़ीं। दोनों के बीच बातचीत और मुलाकातों का सिलसिला आगे बढ़ने लगा। आरोपों के अनुसार, यह बात भी परिवार के अन्य सदस्यों से छिपाकर रखी गई।
इस तरह एक ही परिवार के भीतर रिश्तों का ऐसा जाल बन गया जिसकी जानकारी बनवारी को लंबे समय तक नहीं थी।

सितंबर में सामने आया बड़ा विवाद
घटना का सबसे बड़ा मोड़ 2 सितंबर 2026 को आया। बताया जाता है कि उस दिन सरला घर से बाहर गई थी और पूजा घर पर अकेली थी। पूजा ने कथित तौर पर गोविंद से संपर्क किया और उसे घर बुलाया।
गोविंद ने अपने मालिक बनवारी से कुछ समय की छुट्टी मांगी और गांव की ओर चला गया। इसके बाद वह कथित तौर पर बनवारी के घर पहुंचा, जहां पूजा मौजूद थी।
कुछ देर बाद सरला भी घर लौट आई। घर का दरवाजा अंदर से बंद देखकर उसे संदेह हुआ। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो उसने अपनी बेटी को आवाज लगाई। इसके बाद पूजा ने दरवाजा खोला।
कहानी के अनुसार, सरला को घर में गोविंद की मौजूदगी पर शक हुआ और उसने घर के कमरों की तलाशी शुरू कर दी। इसी दौरान गोविंद कथित तौर पर एक कमरे में छिपा मिला।
इसके बाद मां-बेटी के बीच जोरदार विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि पूजा ने अपनी मां के गोविंद के साथ संबंधों का जिक्र कर दिया। जवाब में सरला ने भी पूजा के बारे में कई बातें परिवार के सामने रख दीं।
गुस्से में उठाया खौफनाक कदम
विवाद की जानकारी मिलने के बाद बनवारी भी घर पहुंच गया। परिवार के भीतर चल रहे विवाद और अपनी बहू तथा पोती से जुड़ी बातों को सुनकर वह कथित तौर पर बेहद गुस्से में आ गया।
पुलिस के अनुसार, इसी दौरान स्थिति ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि बनवारी ने धारदार कृषि उपकरण से अपनी बहू सरला और पोती पूजा पर हमला कर दिया, जिससे दोनों की मौत हो गई।
घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो घर में दो शव मिले। दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
आरोपी बनवारी गिरफ्तार
पुलिस ने घटनास्थल से जांच शुरू की और पूछताछ के बाद बनवारी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर परिवार के भीतर चल रहे विवाद और गोविंद से जुड़े घटनाक्रम का जिक्र किया।
घटना के बाद पुलिस ने गोविंद की तलाश भी शुरू कर दी। बताया जाता है कि वह गांव से फरार हो गया था। कुछ समय बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
अब मामले में पुलिस आरोपों, घटनाक्रम और सभी संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। आगे की कानूनी कार्रवाई जांच और अदालत में पेश किए जाने वाले सबूतों के आधार पर तय होगी।
घटना ने खड़े किए कई सवाल
इस घटना ने गांव में परिवार, विश्वास और रिश्तों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मामूली पारिवारिक विवाद आखिर इतनी बड़ी हिंसा में कैसे बदल गया, यह जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी पारिवारिक या व्यक्तिगत विवाद का समाधान हिंसा नहीं हो सकता। कानून अपने हाथ में लेने के बजाय विवाद की स्थिति में पुलिस और कानूनी व्यवस्था की मदद लेना ही उचित रास्ता है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अदालत में सबूतों और गवाहों के आधार पर यह तय होगा कि आरोपियों के खिलाफ कौन-कौन से आरोप साबित होते हैं और कानून के तहत उन्हें क्या सजा दी जाती है।
नोट: ऊपर की खबर आपके दिए गए कथानक को समाचार-शैली में पुनर्लिखती है। वास्तविक घटना के रूप में प्रकाशित करने से पहले स्थानीय पुलिस रिकॉर्ड, FIR और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से तथ्यों की पुष्टि करना जरूरी है।