लड़की अपनी दादी के साथ घर पर रहती थी माता पिता नहीं थे फिर ! – News

लड़की अपनी दादी के साथ घर पर रहती थी माता पिता नहीं थे फिर !

लड़की अपनी दादी के साथ घर पर रहती थी माता पिता नहीं थे फिर !

लड़की अपनी दादी के साथ घर पर रहती थी माता पिता नहीं थे फिर !

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**दोस्तों, आज की कहानी: एक लड़की की बहादुरी और एक बुजुर्ग दादी की माफी**

दोस्तों, आज मैं अपनी कहानी शुरू करने से पहले आप लोगों को एक बात बता देना चाहता हूँ कि बहुत से मेरे दोस्त, भाई-बहन और खासकर आप यूट्यूबर हैं जो सिर्फ मेरी कहानी सुनते हैं, लेकिन कभी-कभी लाइक, सब्सक्राइब या कमेंट भी नहीं करते। और कई लोग तो मेरी कहानी को चुराकर अपने चैनल पर अपलोड कर देते हैं, एआई वर्जन बना कर आपके सामने पेश कर देते हैं और लाखों व्यूज, लाइक, कमेंट से कमाई करते हैं। लेकिन मैं आप लोगों से क्या ही मांगता हूँ? सिर्फ एक लाइक और एक सब्सक्राइब।

कल्पना कीजिए एक मजदूर आपके घर काम करने आता है, दिन भर मेहनत करता है, रात को घर जाता है, लेकिन उसे मजदूरी नहीं मिलती। उसे कैसा लगता है? ठीक वैसे ही लगता है मुझे। मेरी “मजदूरी” लाइक और सब्सक्राइब है। इसलिए मैं आपसे हाथ जोड़कर विनती करता हूँ कि आप मेरे हर वीडियो को लाइक जरूर करें और चैनल को सब्सक्राइब कर लें। इससे मेरा हौसला बढ़ता है और मैं और बेहतर कहानियाँ आपके लिए ला पाता हूँ।

तो आइए, बिना देरी किए आज की कहानी शुरू करते हैं।

आज की कहानी बिहार के एक छोटे से गांव नौका टोला की सच्ची घटना है। गांव में रहती है रेखा नाम की बहुत खूबसूरत और नौजवान लड़की। वह अपनी एक बूढ़ी दादी कमला देवी के साथ घर पर रहती है। रेखा के माता-पिता बहुत समय पहले गुजर गए थे। दादी ही उसके सहारे थीं। रेखा पढ़ाई में बहुत अच्छी थी और कॉलेज में एक लड़के से अच्छी दोस्ती हो गई थी। लड़के का नाम अमन था। दोनों एक ही क्लासरूम में बैठकर पढ़ते थे। रेखा अमन को बहुत पसंद करती थी, अमन भी रेखा को। दोनों एक दूसरे की बहुत अच्छी दोस्त थे।

एक दिन अमन ने रेखा से कहा, “रेखा, हम दोनों सिर्फ दोस्त ही रहेंगे। अगर आगे कुछ और हुआ तो सब खराब हो जाएगा।” रेखा चिंतित हो गई। उसका घर सिर्फ उस और उसकी दादी का था। दादी को बहुत उम्मीद थी कि रेखा पढ़ाई करके अच्छी जिंदगी बसेगी। रेखा समझ गई कि अगर अमन से दोस्ती खत्म हुई तो दादी बहुत दुखी होंगी। इसलिए रेखा ने अमन से कहा, “ठीक है अमन, अगर तुम मुझसे मिलना चाहते हो तो आज रात मेरे घर आ जाना। घर में सिर्फ मैं और मेरी दादी रहती हैं।” अमन खुश हो गया। उसका घर रेखा के घर से सिर्फ 100 मीटर दूर था।

रात को अमन रेखा के घर आ गया। रेखा ने उसे अपने कमरे में बुलाया और बातें करने लगी। अचानक बिजली चली गई। पूरा घर अंधेरा हो गया। अमन को कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। वह रेखा को समझकर दादी कमला देवी के कमरे में चला गया और उनके बगल में लेट गया। दादी सो रही थीं। अमन को लगा कि रेखा ने उसे यह खेल खेला है।

कुछ देर बाद अमन ने दादी के साथ गलत काम करने लगा। दादी कमला देवी भी अमन की साथ देने लगीं क्योंकि वे विधवा थीं और सारी इच्छाएं अधूरी थीं। दोनों एक हो गए। अचानक लाइट चली आई। कमला देवी अचानक अमन को अपने सामने देखकर बहुत हैरान हो गईं। अमन भी दादी को देखकर थर्रा गया।

तभी रेखा अपनी अलग कमरे से आई। उसने दादी और अमन को साथ देख लिया। वह समझ गई कि क्या हुआ। उसने अमन से कहा, “अरे अमन, तुमने यह क्या कर दिया? तुम्हें पता नहीं था कि यह मेरी दादी है?” अमन घबराया, “रेखा, आज तो गजब हो गया। जब मैं तुम्हारे घर आया तो अचानक बिजली चली गई। मुझे दिखाई नहीं दिया और मैं तुम्हारी दादी को समझकर उनके बगल में लेट गया।”

कमला देवी गुस्से और दुख से फूट-फूट कर रोने लगीं। उन्होंने रेखा को डांटा, “रेखा, मुझे तुमसे ऐसी उम्मीद नहीं थी। तू बहुत छोटी थी तभी तारे-पिता गुजर गए। मैंने तुझे पाल-पोस करके बड़ा किया। तू अब अपने आशिक को घर पर बुलाकर मेरे साथ ऐसा काम करवा रही है?” रेखा भी रोने लगी।

सुबह होते ही दादी रेखा से बिल्कुल बात नहीं करतीं। घर का माहौल बिल्कुल सूना सा हो गया। रेखा को बहुत अकेलापन महसूस हो रहा था। एक दिन दादी घर से बाहर गईं। रेखा कॉलेज गई और अमन से मिली। अमन ने माफी मांगी, “रेखा, मुझे गलती हो गई। मैंने सोचा तुम सो रही हो। मैं अब कभी ऐसा नहीं करूंगा।” रेखा ने कहा, “अब गलती करने के लिए बचा ही क्या है? मेरा सब कुछ उजड़ गया। दादी मुझसे रूठ चुकी हैं।”

अमन ने रेखा को समझाया, “देखो रेखा, मैं तुम्हें बहुत पसंद करता हूं। मैं तुम्हें खोना नहीं चाहता। आज शाम को जब हमारी कॉलेज की छुट्टी होगी तो मैं तुम्हारे साथ घर चलूंगा और दादी को समझाऊंगा।” शाम को अमन घर आया। वह दादी के पैरों पर गिरकर माफी मांगने लगा। कमला देवी ने अमन को माफ कर दिया और कहा, “अमन, इसमें तुम्हारा कोई गलती नहीं। रेखा को पसंद करते हो तो शादी कर लो। मैं मानती हूं कि तुम दोनों एक दूसरे को पसंद करते हो।”

अगले दिन ही अमन और रेखा शादी कर लेते हैं। कमला देवी उन्हें आशीर्वाद देती हैं। सब कुछ पहले की तरह ठीक-ठाक हो जाता है। घर में खुशी लौट आती है।

दोस्तों, यह कहानी हमें सिखाती है कि तनाव के समय भी प्यार और माफी से सब ठीक हो सकता है। रेखा ने गलती की लेकिन दादी ने माफ कर दिया। अमन ने गलती मान ली और सब ठीक हो गया।

आपको कहानी कैसी लगी? कमेंट में जरूर बताइए। अगर कहानी पसंद आई तो लाइक कर दीजिए और चैनल को सब्सक्राइब कर लीजिए। मिलते हैं अगली कहानी में। तब तक के लिए जय हिंद!

 

Disclaimer: This story is fictional and created for entertainment purposes only. Any names, characters, places, or events are fictitious or used fictitiously. No real person or organization is intended to be portrayed.

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