दो बहुओं ने मिलकर ससुर के सफाई वाले औजार को ही हटा दिया, पुलिस ने खोला इसके पीछे छिपा खौफनाक राज
कानपुर, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के एक गांव में सामने आई यह घटना पारिवारिक रिश्तों, घरेलू हिंसा और लंबे समय तक छिपे डर की एक बेहद गंभीर कहानी सामने रखती है। पुलिस के अनुसार, एक बुजुर्ग किसान की हत्या के मामले में उसकी दो बहुओं को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान दोनों महिलाओं ने ऐसी बातें बताईं, जिन्हें सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई। हालांकि, इस घटना में सामने आए आरोपों की अंतिम सच्चाई अदालत में तय होगी और किसी भी आरोपी को दोषी तब तक नहीं माना जा सकता, जब तक अदालत में आरोप साबित न हो जाएं। बताई गई कहानी के अनुसार, कानपुर जिले के फतेहपुर गांव में करण सिंह नाम का एक किसान रहता था। उसके पास करीब चार एकड़ जमीन थी और खेती से उसने अच्छी संपत्ति बना ली थी। लगभग तीन वर्ष पहले उसकी पत्नी कल्याणी की मृत्यु हो गई। पत्नी की मौत के बाद करण सिंह का व्यवहार कथित तौर पर काफी बदल गया। परिवार में उसके दो बेटे थे, लेकिन दोनों की जिंदगी भी सामान्य नहीं चल रही थी। बड़े बेटे राकेश की कैंसर से मौत हो चुकी थी। उसकी पत्नी दुर्गा विधवा होने के बाद भी ससुराल में रह रही थी। वहीं छोटे बेटे बृजेश को लकवा मार गया था और वह अधिकतर समय बिस्तर पर रहता था। उसकी पत्नी शिवानी घर और पति की देखभाल करती थी। ऐसे हालात में घर की दोनों बहुएं पहले से ही कठिन परिस्थितियों से गुजर रही थीं। कहानी के अनुसार, एक दिन दुर्गा को अपनी मां का फोन आया। मां ने तबीयत खराब होने की बात कहते हुए उसे मायके आने के लिए कहा। दुर्गा ने कुछ दिन बाद आने का वादा किया। इसी दौरान उसका पड़ोसी युवक सुमेर घर आया। वह दुर्गा और शिवानी को चाची कहकर बुलाता था। सुमेर को घर में देखकर करण सिंह नाराज हो गया और उसे वहां दोबारा आने से मना कर दिया। बाद में करण सिंह दुर्गा को शहर ले जाने की बात कहकर मोटरसाइकिल पर बैठाकर निकला। रास्ते में उसने शराब खरीदी और कथित तौर पर शराब पी। इसके बाद वह दुर्गा को अपने खेत में बने कमरे में ले गया। पुलिस को दिए गए कथित बयान के अनुसार, दुर्गा ने आरोप लगाया कि वहां करण सिंह ने उसे धमकाकर उसके साथ जबरदस्ती की। घटना के बाद उसने उसे किसी को कुछ भी बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। डर के कारण दुर्गा ने यह बात अपने परिवार से भी नहीं बताई। दुर्गा के मायके जाने के बाद घर में शिवानी अकेली रह गई। कुछ दिनों बाद करण सिंह ने शिवानी से खेत पर खाना लेकर आने के लिए कहा। बताया जाता है कि शिवानी दोपहर में खाना लेकर खेत पहुंची। वहां करण सिंह शराब पी रहा था। आरोप है कि उसने शिवानी को खेत में बने कमरे में बुलाया और हथियार दिखाकर डराया। शिवानी ने पुलिस के सामने कथित तौर पर आरोप लगाया कि करण सिंह ने उसके साथ भी जबरदस्ती की और घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। डर के कारण शिवानी भी काफी समय तक चुप रही। घटना के बाद शिवानी ने अपनी जेठानी दुर्गा से फोन पर बातचीत की। इसी बातचीत में दोनों महिलाओं ने एक-दूसरे को बताया कि उनके साथ कथित रूप से क्या हुआ था। यह जानकर दोनों के बीच डर के साथ-साथ गुस्सा भी पैदा हुआ। दोनों ने तय किया कि अगले दिन पुलिस के पास जाकर शिकायत करेंगी। लेकिन उसी रात करण सिंह शराब के नशे में घर लौट आया। घर का माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। करण सिंह ने दरवाजा खुलवाया और अंदर आने के बाद घर में मौजूद दोनों बहुओं के साथ कथित तौर पर फिर से जबरदस्ती करने की कोशिश की। यहीं से कहानी ने एक ऐसा मोड़ लिया, जिसकी कल्पना शायद किसी ने नहीं की थी। पुलिस के अनुसार, करण सिंह जब दुर्गा को कमरे की ओर ले जाने लगा, तभी शिवानी ने कथित तौर पर घर में मौजूद एक कृषि उपकरण उठा लिया। दोनों पक्षों के बीच संघर्ष हुआ। इसी दौरान करण सिंह के सिर पर वार किया गया। इसके बाद दुर्गा ने भी कथित रूप से लोहे की छड़ से उस पर हमला किया। हमले में करण सिंह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर गया। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद दोनों महिलाओं ने उस पर दोबारा हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद दोनों महिलाएं घबरा गईं। हत्या के बाद दोनों महिलाओं ने कथित तौर पर एक-दूसरे से कहा कि अब पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। इसके बाद उन्होंने खुद पुलिस को फोन किया और घटना की जानकारी दी। कुछ समय बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। घर के अंदर करण सिंह का शव मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और दोनों बहुओं को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान दोनों महिलाओं ने अपने ऊपर हुए कथित अपराधों और उसके बाद हुई हत्या की पूरी कहानी पुलिस को बताई। पुलिस ने दोनों महिलाओं के खिलाफ हत्या से संबंधित कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। साथ ही, उनके द्वारा लगाए गए यौन हिंसा और धमकी के आरोपों की जांच भी महत्वपूर्ण होगी। इस मामले में सबसे अहम बात यह है कि दो महिलाओं ने गंभीर आरोपों के बाद अपने ससुर की हत्या कर दी। कानून की नजर में किसी व्यक्ति पर अपराध का आरोप लगना और अदालत में अपराध साबित होना दो अलग-अलग बातें हैं। अब जांच, मेडिकल रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक सबूत, गवाहों के बयान और अदालत की कार्यवाही यह तय करेगी कि घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और संबंधित लोगों की कानूनी जिम्मेदारी कितनी बनती है। यह घटना एक बड़ा सवाल भी छोड़ जाती है—अगर किसी महिला के साथ घर के भीतर हिंसा या यौन अपराध हो रहा हो, तो वह डर और सामाजिक दबाव के कारण चुप रहने के बजाय समय रहते मदद कैसे प्राप्त करे? कानून अपने हाथ में लेना किसी भी परिस्थिति का सुरक्षित समाधान नहीं है। ऐसी स्थिति में पुलिस, महिला हेल्पलाइन, कानूनी सहायता और भरोसेमंद लोगों से तुरंत संपर्क करना जरूरी है। यह कहानी घरेलू हिंसा, डर और कानून को अपने हाथ में लेने के गंभीर परिणामों की याद दिलाती है। इस पूरे मामले में अंतिम फैसला अदालत के साक्ष्यों और निर्णय पर निर्भर करेगा।दो बहुओं ने मिलकर ससुर के सफाई वाले औजार को ही हटा दिया, पुलिस ने खोला इसके पीछे छिपा खौफनाक राज
पत्नी की मौत के बाद बदल गया था परिवार का माहौल
दुर्गा के साथ खेत में हुई कथित घटना
कुछ दिनों बाद शिवानी के साथ भी कथित अपराध

फोन पर दोनों बहुओं ने एक-दूसरे को बताई सच्चाई
विवाद के दौरान करण सिंह की हत्या
पुलिस को खुद दी सूचना
अब अदालत तय करेगी आगे क्या होगा