रक्षाबंधन पर बहन के साथ गलत होने के बाद भाई ने किया बड़ा अपराध।
रक्षाबंधन पर बहन के साथ गलत होने के बाद भाई ने किया बड़ा अपराध।
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के रमाला गांव से सामने आई कथित घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। एक परिवार की दो बेटियों के साथ लंबे समय तक कथित रूप से हुई यौन हिंसा और धमकियों का राज रक्षाबंधन के मौके पर खुला, जिसके बाद गुस्से में आए पिता और बेटे ने दो आरोपियों की हत्या कर दी। घटना के बाद पुलिस ने पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया और मामले की जांच शुरू कर दी।
यह कहानी एक ऐसे परिवार की है, जिसने पहले अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर डर और सामाजिक दबाव का सामना किया और बाद में मामला इतना गंभीर हो गया कि परिवार के दो सदस्यों ने कानून अपने हाथ में ले लिया। हालांकि, इस पूरे मामले में कथित अपराध, आरोपियों की भूमिका और घटनाओं की परिस्थितियों का अंतिम निर्धारण जांच और अदालत में होने वाली कानूनी प्रक्रिया से ही होगा।
तीन एकड़ जमीन पर खेती करता था परिवार
बागपत जिले के रमाला गांव में कृष्णपाल सिंह अपने परिवार के साथ रहता था। उसके पास करीब तीन एकड़ कृषि भूमि थी और वह खेती करके परिवार का पालन-पोषण करता था। परिवार में उसकी दो बेटियां निशा और पिंकी तथा बेटा करण था। कृष्णपाल की पत्नी की कई वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी थी, जिसके बाद घर की जिम्मेदारियां काफी हद तक परिवार के सदस्यों पर आ गई थीं।
बड़ी बेटी निशा कॉलेज में पढ़ती थी, जबकि छोटी बेटी पिंकी ने 12वीं तक पढ़ाई करने के बाद घर के कामकाज में पिता का हाथ बंटाना शुरू कर दिया था।
कृष्णपाल का बेटा करण पढ़ाई में लगातार असफल रहने के बाद काफी गुस्सैल स्वभाव का हो गया था। गांव में होने वाले विवादों को लेकर परिवार उससे परेशान रहता था। इसी वजह से कृष्णपाल ने करण को अपनी बहन सरला के घर भेज दिया था, ताकि वह वहां रहकर कोई काम सीख सके और गलत संगत व झगड़ों से दूर रहे।
उस समय परिवार को अंदाजा भी नहीं था कि आने वाले दिनों में उनकी दोनों बेटियों के साथ ऐसी घटनाएं होने वाली हैं, जिनका अंत बेहद खौफनाक होगा।
रास्ते में पिंकी से विवाद, मिली धमकी
कथानक के अनुसार, 3 जुलाई 2026 की शाम कृष्णपाल खेत से घर लौटा। उसने पिंकी से चाय बनाने के लिए कहा, लेकिन घर में चायपत्ती खत्म थी। पिंकी खुद दुकान से चायपत्ती लेने निकल गई।
इसी दौरान रास्ते में उसकी मुलाकात अमर सिंह नाम के युवक से हुई। आरोप है कि अमर पहले भी पिंकी को परेशान करता था। दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और पिंकी ने बचाव में अमर पर पत्थर से वार कर दिया। अमर घायल हो गया।
घटना के दौरान आसपास के लोगों ने बीच-बचाव किया और मामला तत्काल शांत हो गया। लेकिन कथित तौर पर जाते समय अमर ने पिंकी को धमकी दी कि वह उसे बाद में गंभीर नुकसान पहुंचाएगा।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि पिंकी ने घर लौटने के बाद अपने पिता को इस घटना के बारे में कुछ नहीं बताया। डर और बदनामी की आशंका ने उसे चुप रहने के लिए मजबूर कर दिया।
यही चुप्पी आगे चलकर उसके लिए और बड़ी परेशानी का कारण बनी।

जन्मदिन के बहाने घर से निकली पिंकी
कुछ दिन बाद 10 जुलाई की शाम पिंकी की सहेली खुशी उसके घर पहुंची। उसने बताया कि उसका जन्मदिन है और वह चाहती है कि पिंकी उसके साथ जन्मदिन मनाने चले।
पिंकी तैयार हुई और अपनी बड़ी बहन निशा को बताया कि वह कुछ देर में वापस आ जाएगी। दोनों सहेलियां खुशी के घर चली गईं।
इसी दौरान कथित रूप से अमर सिंह की नजर पिंकी पर पड़ी। आरोप है कि अमर ने अपने दोस्त शेखर को बुलाया और पिंकी को रास्ते में रोककर डराने की योजना बनाई। कथानक के मुताबिक, दोनों ने पिंकी को जबरन अपने कब्जे में लेने की साजिश रची।
बताया जाता है कि अमर ने शेखर को इसके लिए पैसे देने की बात कही और दोनों ने मिलकर योजना बनाई।
रात करीब नौ बजे पिंकी अपने घर की तरफ लौट रही थी। इसी दौरान दोनों युवकों ने उसे रास्ते में रोक लिया। कथित तौर पर चाकू दिखाकर उसे डराया गया और जबरन खेत की तरफ ले जाया गया।
इसके बाद पिंकी के साथ गंभीर यौन अपराध किया गया। आरोपियों ने उसे पुलिस या परिवार को बताने पर जान से मारने और उसकी आपत्तिजनक वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी दी।
यही धमकी पिंकी के डर का सबसे बड़ा कारण बन गई।
वीडियो के जरिए लगातार ब्लैकमेल करने का आरोप
कथित घटना के बाद पिंकी किसी तरह घर लौटी। पिता ने रात में घर लौटने पर उससे सवाल किया, लेकिन पिंकी ने पूरी सच्चाई नहीं बताई। उसने केवल इतना कहा कि उसकी सहेली उसे घर तक छोड़कर गई थी।
पिंकी के पास आरोपियों द्वारा बनाई गई आपत्तिजनक सामग्री होने की धमकी थी। इसी वजह से वह परिवार को कुछ बताने से डरती रही।
कुछ दिनों बाद कथित तौर पर अमर और शेखर ने उसकी इसी मजबूरी का फायदा उठाना शुरू कर दिया। आरोप है कि वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर पिंकी को बार-बार खेत में बुलाया जाता था।
पिंकी मानसिक दबाव में रहने लगी। वह घर के लोगों से अपनी परेशानी छिपाती रही। बाहर से सामान्य दिखाई देने की कोशिश करती रही, लेकिन भीतर से वह लगातार डर और तनाव में थी।
बहन ने पूछा तो भी पिंकी ने सच नहीं बताया
31 जुलाई को निशा ने अपनी छोटी बहन पिंकी के व्यवहार में बदलाव महसूस किया। उसने पिंकी से पूछा कि वह इन दिनों इतनी उदास और परेशान क्यों रहती है।
पिंकी ने अपनी बहन को भी पूरी बात नहीं बताई। उसने कहा कि उसकी तबीयत ठीक नहीं रहती और इसी वजह से वह परेशान है।
निशा कॉलेज चली गई और कृष्णपाल खेत में काम करने चला गया। घर में पिंकी अकेली थी। आरोप है कि इसी मौके का फायदा उठाकर अमर उसके घर पहुंचा और उसे फिर धमकाया।
कथित तौर पर उसने कहा कि अगर पिंकी उसके कहने पर खेत में नहीं आई तो उसके खिलाफ आपत्तिजनक वीडियो सार्वजनिक कर दी जाएगी।
पिंकी के सामने कोई आसान रास्ता नहीं था। डर के कारण वह आरोपियों की बात मानती रही।
उस रात भी वह परिवार के लिए खाना बनाने के बाद खुद खाना नहीं खा सकी। परिवार के सो जाने के बाद वह कथित रूप से मजबूरी में घर से निकली और खेत की ओर चली गई।
आरोप है कि वहां अमर और शेखर ने उसके साथ फिर गंभीर अपराध किया और उसे दोबारा धमकी देकर छोड़ दिया।
इस तरह एक घटना धीरे-धीरे लगातार शोषण और ब्लैकमेल में बदल गई।
अब निशा को निशाना बनाने की योजना
मामला यहीं नहीं रुका। कथानक के अनुसार, अगस्त के अंत तक अमर और शेखर का दुस्साहस और बढ़ गया था।
27 अगस्त को निशा ने अपने भाई करण को फोन किया। अगले दिन रक्षाबंधन था और निशा ने अपने भाई से घर आने को कहा। करण ने आश्वासन दिया कि वह शाम तक घर पहुंच जाएगा।
निशा कॉलेज के लिए घर से निकल गई। रास्ते में कथित रूप से उसकी मुलाकात अमर से हुई।
आरोप है कि अमर ने पिंकी को निशाना बनाने के बाद अब उसकी बड़ी बहन निशा को भी अपने जाल में फंसाने की योजना बनाई। उसने शेखर को फोन किया और दोनों ने निशा को रास्ते में रोकने की साजिश रची।
दोनों एक वाहन लेकर गांव के बस अड्डे के आसपास पहुंच गए और निशा के कॉलेज से लौटने का इंतजार करने लगे।
पिता के एक्सीडेंट की झूठी खबर देकर निशा को वाहन में बैठाया
कॉलेज से लौटने के बाद निशा बस अड्डे से पैदल अपने गांव की ओर जा रही थी। तभी शेखर उसके पास पहुंचा।
आरोप है कि उसने निशा से झूठ कहा कि उसके पिता कृष्णपाल का सड़क हादसा हो गया है और वह अस्पताल में भर्ती हैं। उसने निशा को अपने वाहन में बैठकर अस्पताल चलने के लिए कहा।
पिता के दुर्घटना की बात सुनकर निशा घबरा गई और तुरंत वाहन में बैठ गई।
लेकिन कुछ ही देर बाद उसे शक होने लगा। जब उसने अपनी बहन पिंकी से फोन पर बात करने की कोशिश की तो कथित तौर पर उसे चाकू दिखाकर धमकाया गया।
अब निशा को समझ आ गया कि उसके साथ धोखा हुआ है।
वाहन को गांव के बजाय खेत की तरफ ले जाया गया।
पिंकी की वीडियो दिखाकर निशा को डराया
खेत में पहुंचने के बाद आरोप है कि अमर ने निशा को उसकी छोटी बहन पिंकी से जुड़ी आपत्तिजनक वीडियो दिखाई। इसके बाद उसे धमकी दी गई कि यदि उसने किसी को घटना के बारे में बताया तो वीडियो सार्वजनिक कर दी जाएगी।
आरोपों के अनुसार, इसके बाद निशा के साथ भी गंभीर यौन अपराध किया गया।
घटना के बाद निशा को खेत में छोड़ दिया गया और दोनों आरोपी वहां से चले गए।
निशा किसी तरह अपने गांव और फिर