रात की गंदी रंजिशें: पत्नी की प्यार-आशिक की मौत, बेटे की चीख और पड़ोसियों का खुलासा – राजस्थान की एक हत्याकांड की सच्ची घटना
रात की गंदी रंजिशें: पत्नी की प्यार-आशिक की मौत, बेटे की चीख और पड़ोसियों का खुलासा – राजस्थान की एक हत्याकांड की सच्ची घटना
नमस्कार दोस्तों! स्वागत है आपका इस खास क्राइम स्टोरी में। आज हम आपको ले चलेंगे राजस्थान के जोधपुर जिले के सुरपुरा गांव तक। एक ऐसी सच्ची घटना जो सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। कहानी शुरू होती है एक ट्रक ड्राइवर अमर सिंह से, जो रातों को खूबसूरत महिलाओं को अपने ट्रक में बिठाकर अपनी रातें रंगीन करता है। लेकिन आज की कहानी उस पल से शुरू होती है जब अमर सिंह की पत्नी पिंकी देवी ने अपने पति को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस स्टेशन में भी हैरानी की सांसें रुक गईं। ये कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि जीवित दर्द है जो आज भी इस गांव में चर्चा का विषय है।
सुरपुरा गांव राजस्थान का एक छोटा सा गांव है। यहां रहते हैं अमर सिंह नाम के एक ट्रक ड्राइवर। अमर सिंह शराब का बड़ा शौकीन था। उसका बस का काम था – रात में सड़क पर खूबसूरत महिलाओं को ट्रक में बिठाना और उन्हें रंगीन करना। अमर सिंह की धर्मपत्नी पिंकी देवी देखने में एक अप्सरा जैसी सुंदर थी। पिंकी सजने-सवरने की दीवानी थी। वह हमेशा पति से गहने, पैसे मांगती। लेकिन अमर सिंह न पैसे देता था न गहने। पिंकी का आठ साल का बेटा अनिकेत भी था, जो तीसरी क्लास में पढ़ता था। परिवार में सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन अंदर की जंग छिपी हुई थी।
4 जुलाई 2026 की रात करीब 7:30 बजे अमर सिंह ने पिंकी को फोन किया, “पिंकी, आज रात मैं घर आ रहा हूं। खाना तैयार रखना।” अमर सिंह ने ट्रक लेकर गांव के बस अड्डे पर पहुंचा। वहां एक बेहद खूबसूरत युवती रेशमा देवी खड़ी थी। रेशमा वेश्यावृत्ति करती थी। रेशमा ने अमर सिंह को देखा और मुस्कुराई। दोनों ने बात की। अमर सिंह ने उसे ट्रक में बिठाया और रात भर गुजार ली। रेशमा ने ₹1500 दिए। अमर सिंह रात 10:30 बजे घर लौटा।
पिंकी देवी का इंतजार था। वह अमर सिंह को गले लगाती हुई बोली, “एक महीने बाद घर आया है। मैं तैयार हूं।” अमर सिंह थका हुआ था। वह आराम करना चाहता था। पिंकी ने सोने का हार मांगा। अमर सिंह ने गुस्सा कर दिया। दोनों में झगड़ा शुरू हो गया। अमर सिंह ने पिंकी को पीटा। पड़ोसी बचाने आए। अमर सिंह चिल्लाया, “एक महीने बाद नहीं आऊंगा।” रात के समय ही वह ट्रक में बैठकर गांव से बाहर निकल गया। पिंकी ने फोन उठाया, लेकिन पति कॉल नहीं उठाया।

पिंकी समझ चुकी थी कि पति उसे प्यार नहीं करता, न पैसे देता है, न शारीरिक सुख। कई दिनों बाद 12 जुलाई 2026 को पड़ोसन राधा देवी आई और बोली, “पिंकी, प्रमोद सुनार की दुकान पर चलो, सोने का हार लेने।” पिंकी ने कहा, “मेरे पति मर्द नहीं है। वह गैर-औरतों पर पैसे बर्बाद करता है।” दोनों दुकान पहुंचीं। प्रमोद सुनार एक साधारण सुनार था, लेकिन औरतों का गुलाम था। राधा ने हार मांगा। प्रमोद ने पिंकी को देखा तो उसकी नजर गिरी। राधा ने पिंकी को घर ले जाने का बहाना बनाया। पिंकी ने सोने का हार मांगा। प्रमोद ने तैयार कर दिया।
पिंकी ने 18 अगस्त 2026 की रात अमर सिंह को फोन किया, “मैं तुम्हारे घर आ रही हूं। बेटे को सुला दूंगी।” अनिकेत को नींद में सोया और पिंकी प्रमोद सुनार के घर पहुंची। प्रमोद ने हार दे दिया। रात भर दोनों ने गलत काम किया। एक महीने तक पिंकी रोज प्रमोद के घर जाती। प्रमोद उसे पैसे और गहने देता। पिंकी की आर्थिक और शारीरिक जरूरतें पूरी हो गईं।
लेकिन दोस्तों, सच्चा ट्विस्ट 18 अगस्त 2026 की रात आया। प्रमोद ने फोन किया, “गणपत, आज रात पिंकी मेरे घर आ रही है। मैं और गणपत उसके साथ पूरी रात गुजारना चाहते हैं।” गणपत मोटरसाइकिल लेकर पहुंचा। दोनों शराब पीते रहे। पिंकी आई। अमर सिंह ने दरवाजा खटखटाया। अंदर से चीख निकली, “मेरा पति यहां है!” पिंकी ने गुस्सा कर दिया, “मैं पति को जान से मारना चाहती हूं।” पिंकी ने रसोई से दो चाकू उठाए और कुल्हाड़ी ली। अमर सिंह के घर का दरवाजा खोला। अमर सिंह अंदर आया। पिंकी ने उसके सिर पर कुल्हाड़ी मारी। अमर सिंह गिर पड़ा। गणपत और प्रमोद ने चाकू मार दिया। अमर सिंह के शरीर के टुकड़े हो गए। अनिकेत आंख खोलकर चीखा, “मां पिता को मार रही है!” लेकिन पिंकी ने गणपत और प्रमोद को चाकू दे दिए। अनिकेत चिल्लाया, “पिता मर गए!”
पिंकी और दो अंडरवर्ल्ड के साथी फरार हो गए। पुलिस 1.5 घंटे बाद पहुंची। अमर सिंह के टुकड़े पड़े थे। पिंकी कुल्हाड़ी लेकर बैठी थी। पुलिस ने पिंकी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पिंकी ने सब कबूल कर लिया। उसने अपने दो प्रेमियों का नाम लिया। प्रमोद और गणपत को पकड़ा गया। दोनों ने भी कबूल किया।
दोस्तों, इस घटना में पिंकी ने अपने पति को मौत के घाट उतार दिया क्योंकि वह उसे प्यार नहीं करता था। वह लालची थी, शारीरिक जरूरतें पूरी न होने से पागल हो गई। लेकिन सबसे बड़ी गलती उसकी थी कि उसने दो औरतों को बुलाकर पति को मारने में मदद ली। पुलिस स्टेशन में जांच अधिकारी हैरान थे कि एक पत्नी इतनी बड़ी क्रूरता कर सकती है। अनिकेत बेटा आज भी दर्द में जी रहा है। गांव में लोग कहते हैं – “लालच ने सब कुछ खा लिया।”
आज की कहानी आपके दिल में क्या छोड़ गई? क्या आप भी ऐसे परिवारों में प्यार की कमी देखते हैं तो सोचेंगे? कमेंट में जरूर बताएं – क्या पिंकी को सजा मिलनी चाहिए या माफी? लाइक करें, शेयर करें और चैनल सब्सक्राइब करना न भूलें। मिलते हैं अगली सच्ची घटना में। तब तक जय हिंद, जय राजस्थान!