क्या कटप्पा देवसेना को बचा पाएगा?2050 में फँसी महारानी देवसेना! – News

क्या कटप्पा देवसेना को बचा पाएगा?2050 में फँसी महारानी देवसेना!

क्या कटप्पा देवसेना को बचा पाएगा?2050 में फँसी महारानी देवसेना!

क्या कटप्पा देवसेना को बचा पाएगा?

2050 में फंसी महारानी देवसेना | रहस्यमयी घड़ी — Part 2

“सेनापति! पीछे हट जाइए!”

महारानी देवसेना की चीख पूरे विशाल कक्ष में गूंज उठी।

उनके सामने नीली रोशनी से बना एक विशाल द्वार कांप रहा था। उसके भीतर बिजली जैसी ऊर्जा घूम रही थी। दूसरी तरफ खड़ा था उनका वफादार सेनापति कटप्पा।

लेकिन इस बार उसके हाथ में तलवार होने के बावजूद वह दुश्मन से नहीं…

समय से लड़ रहा था।

और सबसे बड़ा खतरा यह था कि अगर अगले कुछ मिनटों में वह उस द्वार को बंद नहीं कर पाया, तो केवल देवसेना ही नहीं…

पूरा अतीत और भविष्य हमेशा के लिए बदल सकता था।


कुछ घंटे पहले…

कटप्पा और राहुल घने जंगल के बीच खड़े थे।

राहुल के हाथ में वही रहस्यमयी घड़ी थी, जिसने कुछ दिन पहले उसकी पूरी जिंदगी बदल दी थी।

घड़ी की सुइयां सामान्य तरीके से नहीं चल रही थीं।

वे उल्टी घूम रही थीं।

फिर अचानक घड़ी के बीच से नीली रोशनी निकली।

कटप्पा ने तलवार निकाल ली।

“सावधान रहो राहुल। यह कोई साधारण जादू नहीं है।”

राहुल ने घड़ी को देखा।

“सेनापति जी, महारानी देवसेना 500 साल आगे फंसी हुई हैं।”

कटप्पा ने गंभीर आवाज में कहा—

“और तुम उन्हें वापस लाने की जिद कर रहे हो?”

“जिद नहीं।”

राहुल ने घड़ी कसकर पकड़ ली।

“मैंने उनसे वादा किया है।”

कटप्पा कुछ पल उसे देखता रहा।

फिर बोला—

“वचन निभाने वाला व्यक्ति ही सच्चा योद्धा होता है।”

राहुल मुस्कुराया।

“तो चलिए।”

“कहां?”

राहुल ने पहाड़ की ओर इशारा किया।

“जहां से यह सब शुरू हुआ था।”


पहाड़ के अंदर एक विशाल पत्थर का दरवाजा था।

उस पर वही तीन चिन्ह बने थे जो रहस्यमयी घड़ी पर थे।

राहुल ने जैसे ही घड़ी को दरवाजे के सामने किया…

धड़ाम!

पूरा पहाड़ कांप उठा।

पत्थर की दीवार धीरे-धीरे खुलने लगी।

अंदर अंधेरा था।

कटप्पा ने मशाल जलाई।

दीवारों पर हजारों साल पुराने चित्र बने थे।

राजा…

युद्ध…

तारे…

और सबसे बीच में एक विशाल गोल चक्र।

कटप्पा की नजर उस पर टिक गई।

“यह तो कालचक्र है।”

राहुल ने पूछा—

“आप इसे पहचानते हैं?”

“हमारे पूर्वज इसके बारे में एक कहानी सुनाते थे।”

“क्या कहानी?”

कटप्पा ने धीमी आवाज में कहा—

“कहा जाता था कि समय को नियंत्रित करने की शक्ति किसी राजा के पास नहीं होनी चाहिए।”

“क्यों?”

“क्योंकि जो समय को बदल

Disclaimer: This story is fictional and created for entertainment purposes only. Any names, characters, places, or events are fictitious or used fictitiously. No real person or organization is intended to be portrayed.

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