पति से परेशान होकर पत्नी ने पति के साथ कर दिया बड़ा करनामा/पति की हुई मौ*त/
पति के अ/त्या/चा/र से तंग आकर पत्नी का खौफनाक कदम: कानपुर की एक दर्दनाक दास्तान
आज की हमारी इस घटना की शुरुआत होती है उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से। कानपुर जिले में ‘आखारी’ नाम का एक गाँव पड़ता है। इसी गाँव का रहने वाला था दिनेश कुमार।
दिनेश कुमार ईंटों के भट्टे पर मेहनत-मजदूरी का काम किया करता था। ईंट-भट्टे पर पसीना बहाकर दिनेश जितने भी पैसे कमाता था, उन सारे पैसों को श/रा/ब के नशे में उड़ा दिया करता था। वह श/रा/ब का इस कदर आदी हो चुका था कि अपनी इस लत को पूरा करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार रहता था। जब भी उसके पास पैसे खत्म हो जाते, वह अपने दोस्तों से उधार मांगता और उन पैसों की भी श/रा/ब पी जाता।
दिनेश के परिवार में उसकी धर्मपत्नी सपना थी। सपना घर के कामकाज में जुटी रहने वाली एक बेहद सुंदर और सीधी-साधी महिला थी। दिनेश और सपना का एक चार साल का मासूम बेटा भी था, जिसका नाम मुन्ना था। शुरुआत में इस परिवार में सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन आगे चलकर दिनेश अपनी पत्नी सपना के साथ ऐसे घिनौने कृत्य करने वाला था, जिसके बारे में सपना ने सपने में भी नहीं सोचा था।
श/रा/ब की लत और उधारी का जाल
एक रात लगभग 9 बजे के आसपास, दिनेश श/रा/ब की तीव्र तलब में अपने कई दोस्तों के पास उधार पैसे मांगने गया। जब सभी दोस्तों ने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया, तो वह थक-हारकर घर लौटा। घर आकर उसने सपना से कहा, “घर का राशन-पानी खत्म है और मेरे पास श/रा/ब के लिए भी पैसे नहीं हैं। पास में ही जो किराने की दुकान है, वहाँ जा और दुकान पर बैठे रजत नाम के लड़के से राशन व ₹500 उधार मांगकर ला।”
सपना ने हिचकिचाते हुए कहा, “रजत के पहले से ही ₹1,000 बाकी हैं, वह अब न राशन देगा और न ही पैसे।” इस पर दिनेश भड़क गया और चिल्लाया, “तुझे अभी के अभी जाना ही पड़ेगा!” पति के गुस्से और मारपीट के डर से सपना रात में ही दुकान पर गई।
उस समय रजत अपनी दुकान में बैठकर मोबाइल पर अ/श्ली/ल वीडियो देख रहा था। जैसे ही उसकी नजर सपना पर पड़ी, उसकी नी/य/त खराब हो गई। जब सपना ने राशन और उधार पैसों की बात की, तो रजत ने बेशर्मी से कहा, “भाभी, सामान और पैसे तो मिल जाएंगे, लेकिन तुम्हें आज रात मेरे साथ सोना पड़ेगा।”
सपना यह सुनते ही वहाँ से तुरंत लौट आई। उसने घर आकर दिनेश को बताया कि रजत ने सामान देने से मना कर दिया और नी/य/त खराब कर रहा था। लेकिन श/रा/बी दिनेश ने उलटा अपनी पत्नी पर ही आरोप लगा दिया कि तुमने ही उसे उकसाया होगा। इसी बात पर झगड़ा बढ़ा और दिनेश ने सपना को कमरे में घसीटकर उसके हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए और उसके साथ बेहद गं/दा व जब/रद/स्ती का कृत्य किया। सपना रोती-बिलखती रही, उसे उल्टियां होने लगीं, दम घुटने लगा, लेकिन दिनेश को कोई फर्क नहीं पड़ा।
दोस्त मनोज के साथ घिनौना सौदा
अगले दिन सुबह के वक्त भी दिनेश को श/रा/ब नहीं मिली। वह फिर से उधारी की तलाश में निकला और रास्ते में उसकी मुलाकात अपने गहरे मित्र मनोज से हुई। दिनेश ने मनोज के सामने श/रा/ब की गुहार लगाई। मनोज ने कहा, “ठीक है, आज मैं तुझे श/रा/ब पिलाऊंगा, लेकिन तेरे घर बैठकर पियेंगे।”
दोनों श/रा/ब की बोतल खरीदकर घर पहुँचे। जब सपना ने दरवाजा खोला, तो मनोज की गं/दी नजरें सपना के रूप-रंग पर टिक गईं। घंटे भर श/रा/ब पीने के बाद बोतल खाली हो गई। दिनेश ने और श/रा/ब की मांग की।
मनोज उसे एकांत कमरे में ले गया और बोला, “मेरे पास अब पैसे खत्म हो चुके हैं। मैं तुझे और श/रा/ब तभी पिलाऊंगा जब तू अपनी पत्नी के साथ मुझे वक्त गुजारने देगा।”
श/रा/ब के लिए दिनेश का जमीर मर चुका था। उसने तुरंत शर्त मान ली। मनोज उसे श/रा/ब के ठेके पर ले गया, एक और बोतल दिलाई और साथ में ₹5,000 भी दिए। घर लौटकर दोनों ने फिर श/रा/ब पी। नशा गहराने पर दिनेश ने कमरे में जाकर सपना के हाथ-पैर फिर बाँध दिए और खुद गं/दा काम करने के बाद बाहर निकलकर मनोज से कहा, “अब तेरी बारी है।”
सपना गिड़गिड़ाती रही, रोती रही, लेकिन मनोज और उसके पति दोनों में से किसी को उस पर तरस नहीं आया। इसके बाद तो मनोज अक्सर श/रा/ब और पैसे लेकर दिनेश के घर आने लगा और सपना का शो/ष/ण करने लगा।
ईंट-भट्टे का मालिक और अ/त्या/चा/र का नया सिलसिला
समय बीतता गया और 20 अगस्त 2026 की तारीख आई। सुबह लगभग 7:30 बजे सपना ने अपनी माँ दयावती को फोन करके अपना दर्द रोते हुए सुनाया। लेकिन माँ ने लाचारी जताते हुए कहा, “बेटी, यह तेरी दूसरी शादी है। अगर तू घर आ गई तो समाज क्या कहेगा, तेरा घर टूट जाएगा।”
उसी समय दिनेश ने सपना को ईंट-भट्टे पर काम करने के लिए साथ चलने को कहा। दोनों साइकिल से भट्टे पर पहुँचे। कुछ देर बाद भट्टे का मालिक राजवीर वहाँ आया। राजवीर एक अयाश किस्म का व्यक्ति था। जब उसकी नजर सपना पर पड़ी, तो उसकी नी/य/त भी डोल गई।
राजवीर ने दिनेश को बुलाकर कहा, “अपनी पत्नी को मेरे कमरे में भेज दे।” दिनेश के कहने पर सपना बेमन से कमरे में गई। राजवीर ने सीधे तौर पर कहा, “रात को 10 बजे मेरे कमरे में आना।” सपना ने सख्त लहजे में इनकार कर दिया और बाहर निकल आई।
यह देखकर राजवीर भड़क गया। उसने दिनेश से कहा, “आज के बाद तुम दोनों काम पर मत आना।” दिनेश घबरा गया। घर आकर उसने सपना को चाकू दिखाकर डराया-धमकाया और राजवीर के पास जाने पर मजबूर कर दिया। फिर दिनेश ने राजवीर को फोन किया। राजवीर ने खुश होकर ₹10,000 और रोज श/रा/ब देने का वादा किया।
रात 9:30 बजे दिनेश खुद अपनी पत्नी को साइकिल पर बिठाकर राजवीर के पास ले गया। पैसे और श/रा/ब लेकर दिनेश बाहर बैठा पीता रहा और अंदर राजवीर सपना के साथ जबरदस्ती करता रहा। अब यह सिलसिला रोज का बन गया था।
मुल्तान सिंह का आगमन और अत्याचार की पराकाष्ठा
12 सितंबर 2026 की सुबह दिनेश फिर सपना को लेकर भट्टे पर गया। दोपहर को राजवीर का दोस्त मुल्तान सिंह वहाँ आया। सपना को देखकर मुल्तान सिंह की नी/य/त भी खराब हो गई।
राजवीर ने दिनेश को पैसे देकर श/रा/ब मँगवाई। दोनों दोस्तों ने जमकर श/रा/ब पी। इसके बाद दिनेश को कहकर सपना को कमरे में बुलवाया गया। सपना गिड़गिड़ाती रही, लेकिन उन दोनों दरिंदों ने मिलकर सपना के साथ भारी गं/द/गी और शो/ष/ण किया।
सपना अंदर ही अंदर टूट चुकी थी। उसे लगने लगा था कि उसका पति उसे पूरी तरह बेच चुका है और उसका जीवन नरक से भी बदतर हो गया है।
खौफनाक कदम और मौ*त का दृश्य
21 सितंबर 2026 की रात लगभग 9 बजे दिनेश घर में बैठकर श/रा/ब पी रहा था। तभी मुल्तान सिंह का फोन आया। मुल्तान ने कहा, “मेरे घर तीन दोस्त आए हैं, अपनी पत्नी को लेकर तुरंत आ जा।”
जब दिनेश ने यह बात सपना को बताई, तो सपना के सब्र का बांध टूट गया। उसने आज कोई विरोध नहीं किया, बल्कि चुपचाप दिनेश को और ज्यादा श/रा/ब पिलानी शुरू कर दी। दिनेश अत्यधिक नशे में धुत होकर बिस्तर पर सो गया।
लगभग आधे घंटे बाद जब दिनेश गहरी नींद में सो गया, तब सपना कमरे में रखी कपड़ा काटने वाली कैंची उठाकर उसके पास पहुँची। वर्षों के उत्पीड़न और गुस्से में सपना ने उस कैंची से दिनेश के पेट और गले पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। दिनेश की मौके पर ही मौ*त हो गई। इसके बाद आक्रोश में सपना ने उसके प्र/इ/वे/ट पा/र्ट को भी कैंची से काट दिया।
घटना को अंजाम देने के बाद सपना ने खुद ही पुलिस को फोन किया।
कानूनी कार्रवाई और निष्कर्ष
पुलिस मौके पर पहुँची, दिनेश के शव को कब्जे में लिया और सपना को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में जब सपना ने अपनी आपबीती और पति के दरिंदगी भरे कारनामों का खुलासा किया, तो पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए राजवीर और मुल्तान सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया।
फिलहाल मामला अदालत में विचाराधीन है। दोस्तों, इस पूरी घटना में सपना द्वारा उठाए गए इस चरम कदम के बारे में आपकी क्या राय है? कमेंट में अपनी राय जरूर लिखें।
जय हिंद, वंदे मातरम!