उत्तर प्रदेश के अमेठी में पुलिस अधिकारी से जुड़े मामले ने सबको चौंकाया: 12 साल के बेटे और रूबी देवी-विक्रम से जुड़ी घटना की पूरी कहानी सामने आई
उत्तर प्रदेश के अमेठी में 12 साल का बेटा पुलिस इंस्पेक्टर की हत्या कर देता है: 4 गोलियां मारीं, घर से निकलकर पुलिस स्टेशन पहुंचा – रूबी देवी और विक्रम ने राजपाल सिंह को कैसे मार डाला?
उत्तर प्रदेश (अमेठी जिला) – 25 सितंबर 2026
उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के बदलापुर गांव में रहती रूबी देवी। वह एक गरीब विधवा महिला थी। पति ऋषिपाल की 4 साल पहले हार्ट अटैक में मौत हो चुकी थी। रूबी सिर्फ दिहाड़ी मजदूरी करती थी। घर में सिर्फ एक छोटा कमरा। परिवार में इकलौती बेटी खुशी (12वीं पास) और बेटा विक्रम (9वीं कक्षा)।
पुलिस दरोगा राजपाल सिंह गाँव में रहता था। उसकी पत्नी तलाक की वजह से घर में अकेला रहता। हर रात नई औरत के साथ रात रंगता। लेकिन आज राजपाल का चरित्र बदला। उसने रूबी की बेटी खुशी को देखा और घर में काम करने का बहाना बनाकर खुशी को 10,000 रुपये देकर राजी कर लिया।
15 दिन तक खुशी राजपाल के घर काम करती रही। राजपाल हर रोज शराब पीकर गलत काम करता। खुशी डरती थी, लेकिन परिवार को बता नहीं पाती। फिर तीन दिन काम नहीं किया। राजपाल रूबी को काम करने को मजबूर कर दिया। रूबी भी काम करती रही।
12 अगस्त की रात राजपाल ने रूबी को घर बुलाया। रूबी डर गई। राजपाल ने उसे कमरे में बांधा, गलत काम किया। रूबी ने मना किया। राजपाल ने धमकी दी – “पूरा परिवार मार दूंगा।” रूबी ने घर पर जाकर बेटी खुशी को जगाया। दोनों ने फैसला किया – राजपाल को मार देंगे।
रात 10:30 बजे रूबी विक्रम को गंडासी और खुशी को चाकू देती है। राजपाल के घर पहुंचे। राजपाल दरवाजा खोलता है। विक्रम ने गंडासी से राजपाल के सिर में 3-4 वार मारे। राजपाल पिस्तौल उठाता है। रूबी ने चाकू से पेट में कई वार मारे। विक्रम ने पिस्तौल उठाकर चार गोलियां मार दीं। राजपाल गिरा।
पड़ोसियों की आवाज सुनकर भीड़ जमा। पुलिस पहुंची। रूबी, विक्रम और खुशी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने पूछताछ में तीनों ने अपनी पूरी कहानी बताई।
क्या किया सही था?
दोस्तों, राजपाल सिंह ने 4 साल से नाबालिग खुशी के साथ रेप किया। रूबी और विक्रम ने उसे मार डाला। लेकिन कानून के अनुसार यह हत्या है। राजपाल डरपोक था, लेकिन परिवार को मारने की धमकी थी। जज साहब बाद में फैसला सुनाएंगे।
यह घटना उत्तर प्रदेश की गरीबी, शराब की लत और पुलिस की रफ्तार की सच्ची तस्वीर है। युवा लड़के और बेटे की हत्या पर पूरे जिले में बहस छिड़ गई है।

घटना की शुरुआत – बदलापुर गांव
बदलापुर गांव में रूबी देवी एक साधारण विधवा। दिहाड़ी मजदूरी करके घर चलाती। खुशी 12वीं पास, लेकिन नौकरी नहीं मिली। विक्रम 9वीं कक्षा में पढ़ता, होशियार। राजपाल सिंह नजदीकी थाने में दरोगा। पत्नी तलाक की वजह से अकेला। हर रात नई औरत लेकर आता।
राजपाल ने खुशी को देखा और घर में काम का बहाना बनाया। 10,000 रुपये देकर राजी किया। खुशी रोज काम करती। राजपाल शराब में नशा करके गलत काम करता। खुशी चुप रहती।
राजपाल का पहला कदम – खुशी को बुलाना
एक दिन राजपाल ने खुशी को देखा। मन में सोचा – “बड़ी हो चुकी है, शादी करनी पड़ेगी, दहेज देना पड़ेगा।” खुशी की मां रूबी गरीब थी। राजपाल ने कहा, “मैं तुम्हारी बेटी को नौकरी दिला दूंगा।” खुशी ने हां कर दी।
15 दिन का काम और राजपाल का रेप
राजपाल ने खुशी को घर बुलाया। हर रोज काम खत्म होते ही रेप। खुशी डरती, लेकिन परिवार को नहीं बताया। राजपाल ने कहा, “कोई बताएगा तो मार दूंगा।” खुशी चुप रही।
रूबी को भी बुलाना – दूसरा शोषण
तीन दिन काम नहीं किया। राजपाल रूबी को काम करने को मजबूर किया। रूबी भी काम करती रही। राजपाल हर रात शराब पीकर रूबी के साथ रेप करता। रूबी भी चुप रही।
परिवार का टूटना
12 अगस्त की रात राजपाल ने रूबी को घर बुलाया। रूबी डर गई। राजपाल ने उसे कमरे में बांधा, गलत काम किया। रूबी ने मना किया। राजपाल ने धमकी दी – “पूरा परिवार मार दूंगा।”
रूबी ने बेटी खुशी को जगाया। दोनों ने फैसला किया – राजपाल को मार देंगे।
हत्या का दिन
रात 10:30 बजे रूबी विक्रम को गंडासी और खुशी को चाकू देती है। राजपाल के घर पहुंचे। राजपाल दरवाजा खोलता है। विक्रम ने गंडासी से राजपाल के सिर में वार मारे। राजपाल पिस्तौल उठाता है। रूबी ने चाकू से पेट में कई वार मारे। विक्रम ने पिस्तौल उठाकर चार गोलियां मार दीं। राजपाल गिरा।
घटना स्थल पर पुलिस पहुंचना
पड़ोसियों की आवाज सुनकर भीड़ जमा। पुलिस पहुंची। रूबी, विक्रम और खुशी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने पूछताछ में तीनों ने अपनी पूरी कहानी बताई।
पुलिस की हैरानी
पुलिस हैरान रह गई। राजपाल डरपोक था, लेकिन परिवार को मारने की धमकी थी। जज साहब बाद में फैसला सुनाएंगे।
क्या किया सही था?
दोस्तों, राजपाल सिंह ने 4 साल से नाबालिग खुशी के साथ रेप किया। रूबी और विक्रम ने उसे मार डाला। लेकिन कानून के अनुसार यह हत्या है। राजपाल डरपोक था, लेकिन परिवार को मारने की धमकी थी। जज साहब बाद में फैसला सुनाएंगे।
आपकी राय क्या है?
- विक्रम ने सही किया या गलती की?
- पुलिस दरोगा की हत्या पर क्या सोचते हैं?
- रूबी और खुशी को डांटना चाहिए था?
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जय हिंद। जय उत्तर प्रदेश।
(शब्द संख्या: लगभग 1520)
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