कानपुर की खौफनाक कहानी: पति की शराब की लत से शुरू हुआ सिलसिला, पत्नी पर अत्याचार और फिर हुई हत्या
कानपुर की खौफनाक कहानी: पति की शराब की लत से शुरू हुआ सिलसिला, पत्नी पर अत्याचार और फिर हुई हत्या
कानपुर, उत्तर प्रदेश: एक घर में रहने वाले पति-पत्नी के बीच विवाद कोई नई बात नहीं है। लेकिन जब शराब की लत, घरेलू हिंसा और लगातार बढ़ते शोषण के बीच रिश्ते इस कदर टूट जाएं कि अंत में हत्या हो जाए, तो मामला सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं रह जाता।
उत्तर प्रदेश के कानपुर से जुड़ी इस कथित घटना में कहानी कुछ ऐसी ही बताई गई है। एक मजदूर पति, उसकी पत्नी, शराब की लत और कुछ ऐसे लोग, जिन्होंने कथित तौर पर महिला का फायदा उठाया। आखिरकार घटनाक्रम उस बिंदु तक पहुंचा जहां पति की जान चली गई और पत्नी को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया।
यह पूरी कहानी पुलिस के सामने महिला द्वारा बताए गए घटनाक्रम और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर बताई गई है। अंतिम कानूनी निष्कर्ष अदालत की प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।
ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करता था दिनेश
कानपुर जिले के आखरी गांव में दिनेश कुमार अपनी पत्नी सपना और चार साल के बेटे के साथ रहता था।
दिनेश ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करता था। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी। लेकिन परिवार की मुश्किलें सिर्फ पैसों तक सीमित नहीं थीं।
पुलिस के अनुसार, दिनेश को शराब की गंभीर लत थी। मजदूरी से मिलने वाली कमाई का बड़ा हिस्सा शराब में खर्च हो जाता था। पैसे खत्म होने पर वह दोस्तों से उधार मांगता और कई बार वही पैसा भी शराब में खर्च कर देता।
घर की जिम्मेदारियों का बड़ा हिस्सा उसकी पत्नी सपना पर था।
शुरुआत में यह परिवार किसी दूसरे गरीब परिवार की तरह अपनी जिंदगी आगे बढ़ा रहा था। लेकिन धीरे-धीरे शराब और घरेलू विवादों ने घर का माहौल बदल दिया।
एक रात 500 रुपये के लिए शुरू हुआ विवाद
कथित घटनाक्रम के अनुसार, एक रात दिनेश शराब पीने के लिए पैसे तलाश रहा था। उसने कुछ दोस्तों से उधार मांगने की कोशिश की, लेकिन किसी ने पैसे नहीं दिए।
वह घर वापस आया और पत्नी से कहा कि घर में राशन भी खत्म हो चुका है और उसे शराब के लिए भी पैसे चाहिए।
उसने सपना से पास की दुकान पर जाकर उधार राशन और कुछ पैसे मांगने को कहा।
सपना ने बताया कि दुकानदार रजत के यहां पहले से उधार बाकी था, इसलिए शायद वह दोबारा उधार नहीं देगा।
इसी बात पर पति-पत्नी के बीच विवाद हो गया।
सपना फिर भी पति के दबाव में दुकान पर गई।
लेकिन पुलिस के सामने दर्ज कथित बयान के अनुसार, दुकानदार ने महिला के सामने अनुचित मांग रखी। सपना ने कथित तौर पर इस मांग को ठुकरा दिया और वापस घर लौट आई।
जब उसने पति को पूरी बात बताई, तो पति ने उस पर ही विश्वास नहीं किया।
इसके बाद दोनों के बीच विवाद और बढ़ गया।

आरोप: पत्नी के साथ लगातार हिंसा
जांच में सामने आई महिला की शिकायत के अनुसार, इसके बाद उसके पति ने उसके साथ मारपीट और यौन हिंसा की।
यह सिलसिला कथित तौर पर यहीं नहीं रुका।
महिला के अनुसार, पति शराब और पैसे के बदले दूसरे पुरुषों को भी उसके साथ जबरदस्ती संबंध बनाने के लिए घर तक लाने लगा।
यह आरोप इस मामले को और गंभीर बना देता है।
एक तरफ महिला घरेलू हिंसा का सामना कर रही थी, वहीं दूसरी तरफ उसका पति कथित तौर पर उसकी मजबूरी का आर्थिक लाभ उठा रहा था।
दोस्त ने भी उठाया फायदा
कथित कहानी में अगला नाम मनोज का सामने आता है।
एक दिन दिनेश के पास शराब खरीदने के लिए पैसे नहीं थे। तभी उसका दोस्त मनोज उसके घर आया और शराब पिलाने की बात कही।
दोनों ने साथ बैठकर शराब पी।
पुलिस के सामने सामने आई कहानी के मुताबिक, मनोज की नजर दिनेश की पत्नी पर थी और उसने दिनेश के सामने एक शर्त रखी।
आरोप है कि शराब और पैसे के बदले दिनेश ने अपनी पत्नी को उसके हवाले कर दिया।
इसके बाद कथित तौर पर यह सिलसिला कई बार दोहराया गया।
महिला के मुताबिक, पति उसे रोकने के बजाय शराब और पैसे के लालच में उसका शोषण होने देता रहा।
मां से मदद मांगना भी काम नहीं आया
20 अगस्त 2026 की सुबह सपना ने अपनी मां दयावती को फोन किया।
उसने कथित तौर पर अपनी मां को बताया कि उसका पति उसे परेशान करता है और उसके साथ लगातार जबरदस्ती करता है।
सपना ने अपनी मां से मदद मांगी।
लेकिन मां ने कथित तौर पर उसे समझाया कि उसकी पहले भी शादी टूट चुकी है और अगर वह अब पति का घर छोड़ देती है, तो उसकी जिंदगी और मुश्किल हो सकती है।
फोन कुछ देर बाद खत्म हो गया।
यह बातचीत इस कहानी का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाती है।
क्योंकि उस समय महिला मदद मांग रही थी, लेकिन उसके पास अपने पति के घर से निकलने का कोई आसान रास्ता नहीं था।
ईंट-भट्ठे का मालिक भी कहानी में आया
कुछ समय बाद दिनेश अपनी पत्नी को लेकर ईंट-भट्ठे पर काम करने गया।
वहां भट्ठे का मालिक राजवीर भी मौजूद था।
पुलिस के अनुसार, राजवीर ने सपना को देखा और कथित तौर पर उसके प्रति गलत इरादा बनाया।
महिला के अनुसार, राजवीर ने उसे अपने कमरे में बुलाया और अनुचित प्रस्ताव दिया।
सपना ने इसे ठुकरा दिया।
इसके बाद कथित तौर पर राजवीर ने दिनेश और उसकी पत्नी को काम से निकाल दिया।
घर लौटने के बाद दिनेश ने कथित रूप से पत्नी पर दबाव बनाया कि वह राजवीर की बात मान ले।
महिला के आरोप के मुताबिक, उसे धमकाया गया और अंततः पति ने उसे राजवीर के पास भेज दिया।
आरोप यह भी है कि बदले में दिनेश को पैसे और शराब दी गई।
शोषण का सिलसिला बढ़ता गया
इसके बाद कथित तौर पर सपना को बार-बार भट्ठे पर ले जाया जाने लगा।
दिनेश को बदले में पैसे और शराब मिलती थी।
कुछ समय बाद राजवीर के साथ एक अन्य व्यक्ति मुल्तान सिंह का नाम भी सामने आया।
कथित तौर पर मुल्तान और राजवीर ने मिलकर महिला का शोषण किया।
इस घटना के बाद सपना के भीतर अपने पति के खिलाफ गुस्सा और निराशा और बढ़ गई।
वह लगातार यह महसूस करने लगी कि जिस व्यक्ति से उसे सुरक्षा मिलनी चाहिए थी, वही उसे दूसरों के सामने मजबूर कर रहा है।
21 सितंबर की रात सब कुछ बदल गया
21 सितंबर 2026 की रात दिनेश ने शराब पी रखी थी।
इसी दौरान राजवीर का फोन आया और उसने दिनेश को शराब पीने के लिए बुलाया।
दिनेश वहां चला गया।
कुछ देर बाद वह शराब लेकर घर वापस आया।
फिर मुल्तान सिंह का फोन आया।
कथित तौर पर उसने दिनेश को अपनी पत्नी को लेकर उसके घर आने के लिए कहा।
दिनेश ने यह बात सपना को बताई।
लेकिन इस बार सपना ने कोई विरोध नहीं किया।
इसके बजाय, कथित घटनाक्रम के अनुसार, उसने अपने पति को शराब पिलाई।
धीरे-धीरे दिनेश इतना नशे में चला गया कि वह गहरी नींद में सो गया।
और फिर वह हुआ जिसने पूरे मामले को हत्या में बदल दिया।
सोते हुए पति पर हमला
पुलिस के अनुसार, दिनेश के सो जाने के बाद सपना ने घर में रखी कैंची उठाई।
उसने कथित तौर पर सो रहे पति पर हमला कर दिया।
दिनेश गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
इसके बाद सपना ने खुद पुलिस को सूचना दी।
पुलिस मौके पर पहुंची तो घर में दिनेश का शव मिला।
महिला को हिरासत में लिया गया और उससे पूछताछ शुरू हुई।
पूछताछ में सामने आई पूरी कहानी
पुलिस के सामने सपना ने कथित तौर पर अपने साथ हुई घटनाओं के बारे में जानकारी दी।
इसके बाद जांचकर्ताओं ने राजवीर और मुल्तान सिंह को भी गिरफ्तार किया।
पुलिस ने मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की।
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम में कौन कितना जिम्मेदार है, किन आरोपों के समर्थन में क्या सबूत हैं और किसे अदालत में दोषी ठहराया जाएगा—इन सवालों का अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
सवाल सिर्फ हत्या का नहीं है
इस मामले की सबसे बड़ी त्रासदी यह है कि एक परिवार में शुरू हुआ विवाद धीरे-धीरे हिंसा, शराब, आर्थिक मजबूरी और कथित यौन शोषण के जाल में बदल गया।
अगर महिला के लगाए आरोप सही साबित होते हैं, तो यह सवाल उठता है कि उसे मदद क्यों नहीं मिल सकी?
वह अपनी मां के पास मदद मांगने गई, लेकिन वहां भी उसे वापस उसी परिस्थिति में रहने की सलाह मिली।
पति से उसे सुरक्षा मिलनी चाहिए थी, लेकिन आरोप है कि उसी ने उसकी मजबूरी का फायदा उठाया।
और अंत में महिला ने कानून अपने हाथ में ले लिया।
यह हत्या किसी समस्या का कानूनी समाधान नहीं है। लेकिन इस घटना के पीछे बताए गए कथित अत्याचार भी ऐसे आरोप हैं जिन्हें गंभीरता से जांचना जरूरी है।
घरेलू हिंसा, जबरदस्ती और यौन शोषण की स्थिति में पीड़ित व्यक्ति को भरोसेमंद लोगों, स्थानीय पुलिस और उपलब्ध कानूनी सहायता से मदद लेने का रास्ता चुनना चाहिए।
क्योंकि हिंसा का जवाब दूसरी हिंसा बनने लगे तो एक परिवार में सिर्फ एक व्यक्ति नहीं मरता—पूरी जिंदगी बदल जाती है।
कानपुर की इस कथित घटना ने यही सवाल छोड़ा है: अगर समय रहते किसी ने सपना की आवाज सुन ली होती, तो क्या यह कहानी हत्या तक पहुंचती?
इस सवाल का जवाब शायद कभी पूरी तरह नहीं मिल पाएगा। लेकिन यह मामला निश्चित रूप से बताता है कि घरेलू हिंसा और जबरदस्ती को “घर का मामला” समझकर नजरअंदाज करना कितनी गंभीर कीमत चुका सकता है।