पति ने अपनी ही पत्नी के साथ एक बड़ा अपराध किया / एस.पी. साहब के रोंगटे खड़े हो गए /
पति ने अपनी ही पत्नी के साथ एक बड़ा अपराध किया / एस.पी. साहब के रोंगटे खड़े हो गए /
कानपुर, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से सामने आई एक कथित आपराधिक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। पतारा गांव में रहने वाले एक दंपति की जिंदगी दुकान में आग लगने के बाद लगातार बदलती गई और कुछ ही समय बाद मामला पत्नी की हत्या तक पहुंच गया।
बताई गई कहानी के अनुसार, गांव में रहने वाला हंसराज पहले मजदूरी करता था। बाद में उसने मजदूरी छोड़कर बैंक से कर्ज लिया और गांव में किराने की दुकान शुरू की। दुकान धीरे-धीरे चल निकली और ग्रामीणों के बीच उसकी अच्छी पहचान बन गई।
हंसराज की शादी कोमल देवी से हुई थी। शादी के करीब आठ साल बाद भी दोनों की कोई संतान नहीं थी। बताया जाता है कि इस बात को लेकर पति-पत्नी के बीच कभी-कभी विवाद भी होता था, हालांकि दोनों सामान्य रूप से साथ रह रहे थे।
दुकान में लगी आग और बदली जिंदगी
घटना की शुरुआत कथित तौर पर 5 फरवरी 2026 को हुई। सुबह करीब सात बजे हंसराज घर में खाना खा रहा था, तभी पड़ोस का एक युवक उसके पास पहुंचा और बताया कि उसकी किराने की दुकान में आग लग गई है।
हंसराज तुरंत दुकान की ओर दौड़ा। वहां पहुंचने पर उसने देखा कि आग ने काफी सामान नष्ट कर दिया था। पड़ोसियों ने उसे आग के अंदर जाने से रोका। दुकान का अधिकांश सामान बचाया नहीं जा सका।
इस घटना का हंसराज पर गहरा असर पड़ा। कुछ समय बाद उसने कथित तौर पर शराब का सेवन बढ़ा दिया। परिवार और आसपास के लोगों के अनुसार, वह अक्सर नशे की हालत में घर लौटने लगा और पत्नी के साथ विवाद भी होने लगा।
पैसे की जरूरत और सुनार से संपर्क
कुछ समय बाद कोमल ने अपने घर की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए पशुपालन शुरू करने की योजना बनाई। उसने दो भैंस खरीदने की इच्छा जताई। इसके लिए उसे पैसों की जरूरत थी।
इसी दौरान उसकी एक पड़ोसन ने उसे गांव के सुनार सुभाष के बारे में बताया, जो कथित तौर पर ब्याज पर पैसे देता था। इसके बाद कोमल सुभाष की दुकान पर पहुंची और आर्थिक मदद मांगी।
आरोप है कि बातचीत के दौरान सुभाष ने पैसों के बदले अनुचित संबंध बनाने की बात कही। कथित तौर पर कोमल ने पैसे लेने के बाद उसे रात में अपने घर आने के लिए कहा।
इसके बाद दोनों के बीच संबंध बने और सुभाष कथित रूप से समय-समय पर कोमल से मिलने लगा। कोमल ने मिले पैसों से भैंस खरीद लीं और अपने घर की आर्थिक स्थिति संभालने की कोशिश की।

सरपंच से भी जुड़ा विवाद
कुछ समय बाद कहानी में गांव के सरपंच प्रीतम सिंह का नाम सामने आया। बताया जाता है कि कोमल जब पशुओं के लिए चारा लेने खेत गई थी, तब उसकी मुलाकात प्रीतम से हुई।
कथित तौर पर प्रीतम ने भी आर्थिक मदद के बदले अनुचित संबंधों का प्रस्ताव रखा। इसके बाद दोनों के बीच संपर्क बढ़ गया। आरोप है कि प्रीतम कई बार कोमल से मिलने लगा और उसे पैसे भी देता था।
इस बीच कोमल के पति हंसराज को अपनी पत्नी के दूसरे पुरुषों से संबंध होने का संदेह होने लगा।
पड़ोसी ने बताई पत्नी की बात
5 अप्रैल 2026 को कथित तौर पर प्रीतम अपने खेत में था और उसने कोमल को वहां बुलाया। कोमल ने पति से कुछ और कहकर घर से बाहर जाने की बात कही और बाद में प्रीतम के खेत तक पहुंच गई।
वहां दोनों की मुलाकात की जानकारी कथित तौर पर पड़ोसी रतन सिंह को हुई। रतन ने हंसराज को बताया कि उसकी पत्नी कोमल सरपंच के साथ खेत में गई थी। रतन ने यह भी दावा किया कि उसने कोमल को सुनार सुभाष के यहां जाते हुए देखा है।
शुरुआत में हंसराज ने इन बातों पर पूरी तरह विश्वास नहीं किया। लेकिन बाद में जब रतन ने उसे सुभाष के घर जाने की बात बताई, तो हंसराज उसके साथ वहां पहुंच गया।
सुभाष के घर पहुंचा हंसराज
कथित तौर पर हंसराज ने सुभाष के घर का दरवाजा खटखटाया। दरवाजा खुलने के बाद उसने अपनी पत्नी को वहां पाया। इसके बाद पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ गया और हंसराज अपनी पत्नी को घर वापस ले आया।
पुलिस को दिए गए कथित बयान के अनुसार, घर पहुंचने के बाद हंसराज ने कोमल को बांध दिया और उससे उसके संबंधों के बारे में पूछताछ की। डर के कारण कोमल ने कथित तौर पर सरपंच और सुनार दोनों के साथ अपने संबंधों की बात बताई।
इसके बाद विवाद ने बेहद खतरनाक रूप ले लिया।
पत्नी की हत्या का आरोप
कथित तौर पर गुस्से में हंसराज ने अपनी पत्नी पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण कोमल की मौत हो गई।
घटना के बाद हंसराज कथित तौर पर खुद पुलिस स्टेशन पहुंचा और पुलिस को बताया कि उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की। आगे की जांच और अदालत की कार्यवाही में घटना से जुड़े तथ्यों, आरोपों और परिस्थितियों की पुष्टि होना बाकी है।
कई सवाल छोड़ गई घटना
इस घटना ने पति-पत्नी के रिश्ते, घरेलू विवाद, आर्थिक परेशानी और अपराध के बीच संबंधों को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं।
हालांकि किसी भी वैवाहिक विवाद, अवैध संबंध या आर्थिक परेशानी को हत्या का औचित्य नहीं माना जा सकता। कानून किसी व्यक्ति को अपने हाथ में सजा देने का अधिकार नहीं देता। किसी अपराध या विवाद की स्थिति में कानूनी प्रक्रिया का सहारा लेना ही उचित रास्ता है।
इस मामले में अंतिम सच्चाई पुलिस जांच और अदालत की कार्यवाही के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल सामने आई कहानी के कई हिस्से आरोपों और कथित बयानों पर आधारित हैं, इसलिए उन्हें अंतिम न्यायिक निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
डिस्क्लेमर: ऊपर दी गई कहानी आपके द्वारा उपलब्ध कराए गए घटनाक्रम पर आधारित संपादित समाचार-शैली की रिपोर्ट है। इसमें वर्ण