सलमान खान सुशांत सिंह राजपूत की अंतिम विदाई में क्यों नहीं पहुंचे? वायरल दावों के पीछे की पूरी कहानी
सलमान खान सुशांत सिंह राजपूत की अंतिम विदाई में क्यों नहीं पहुंचे? वायरल दावों के पीछे की पूरी कहानी
14 जून 2020 की तारीख बॉलीवुड और पूरे देश के लिए एक बेहद दुखद दिन बन गई थी। अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के निधन की खबर ने लाखों लोगों को स्तब्ध कर दिया था।
एक ऐसा अभिनेता जिसने टेलीविजन से शुरुआत की, अपने दम पर बॉलीवुड में पहचान बनाई और कम समय में करोड़ों दर्शकों के दिलों में जगह बना ली—वह अचानक दुनिया से चला गया।
लेकिन सुशांत के निधन के बाद सिर्फ उनकी मौत ही चर्चा का विषय नहीं बनी। उनकी अंतिम विदाई को लेकर भी सोशल मीडिया पर कई तरह के सवाल और दावे सामने आने लगे।
सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हुई कि आखिर बॉलीवुड के कुछ बड़े सितारे सुशांत सिंह राजपूत की अंतिम यात्रा में क्यों नजर नहीं आए?
इन नामों में सलमान खान, शाहरुख खान, आमिर खान, अक्षय कुमार और करण जौहर जैसे बड़े सितारों का नाम बार-बार लिया गया।
समय के साथ इन सवालों ने कई तरह की अफवाहों और आरोपों का रूप ले लिया।
लेकिन क्या किसी अभिनेता का अंतिम संस्कार में मौजूद न होना अपने आप में यह साबित करता है कि वह मृतक से नाराज था या उससे नफरत करता था?
उपलब्ध रिकॉर्ड को देखें तो तस्वीर इससे कहीं ज्यादा जटिल है।
15 जून 2020 को क्या हुआ था?
सुशांत सिंह राजपूत का अंतिम संस्कार 15 जून 2020 को मुंबई के पवन हंस श्मशान घाट, विले पार्ले में हुआ था।
उस समय देश कोरोना महामारी की गंभीर स्थिति से गुजर रहा था। मुंबई में भी कोरोना संक्रमण को लेकर कड़े प्रतिबंध लागू थे।
अंतिम संस्कार कोई सामान्य सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं था। परिवार, करीबी लोगों और सीमित संख्या में लोगों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया।
उस दिन मुंबई में भारी बारिश भी हो रही थी।
ऐसे माहौल में यह मान लेना कि शहर के हर बड़े अभिनेता के लिए वहां पहुंचना आसान था, सही तस्वीर पेश नहीं करता।
उस दिन की तस्वीरों और तत्कालीन मीडिया रिपोर्टों में बॉलीवुड के कई कलाकारों की मौजूदगी दर्ज हुई थी।

बॉलीवुड से कौन-कौन पहुंचा था?
सोशल मीडिया पर कई वर्षों तक यह दावा वायरल रहा कि सुशांत की अंतिम विदाई में बॉलीवुड लगभग पूरी तरह गायब था।
लेकिन उपलब्ध रिपोर्ट्स इससे अलग तस्वीर दिखाती हैं।
श्रद्धा कपूर, कृति सेनन, वरुण शर्मा, राजकुमार राव, रणवीर शौरी, विवेक ओबेरॉय, मुकेश छाबड़ा, अभिषेक कपूर, रिया चक्रवर्ती, एकता कपूर और कई अन्य लोग अंतिम संस्कार में मौजूद थे। अलग-अलग रिपोर्टों में नामों की सूची में थोड़ा अंतर मिलता है
कृति सेनन और श्रद्धा कपूर की तस्वीरें उस समय काफी चर्चा में आई थीं।
अभिषेक कपूर, जिन्होंने सुशांत के साथ Kai Po Che! और Kedarnath जैसी फिल्मों में काम किया था, भी वहां मौजूद थे।
मुकेश छाबड़ा, जो सुशांत की फिल्म Dil Bechara के निर्देशक थे, ने भी उन्हें अंतिम विदाई दी।
इसलिए यह कहना कि “बॉलीवुड से कोई भी नहीं आया था” तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है।
फिर सलमान खान क्यों नहीं पहुंचे?
यही वह सवाल है जो वर्षों से सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा पूछा जाता रहा है।
लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है।
सलमान खान के अंतिम संस्कार में मौजूद न होने की कोई ऐसी विश्वसनीय सार्वजनिक वजह सामने नहीं आई है, जिससे यह साबित हो कि उन्होंने जानबूझकर सुशांत को अंतिम विदाई देने से इनकार किया था।
इसी तरह ऐसा कोई ठोस प्रमाण भी उपलब्ध नहीं है जिससे यह निष्कर्ष निकाला जा सके कि सलमान सुशांत की मौत से खुश थे।
सोशल मीडिया पर दोनों के बीच कथित मतभेद, इंडस्ट्री में गुटबाजी और प्रोडक्शन हाउस से जुड़े कई दावे किए गए थे, लेकिन इन दावों को एक समान रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।
इसलिए केवल अंतिम संस्कार में दिखाई न देने के आधार पर किसी व्यक्ति के निजी संबंधों या भावनाओं का फैसला करना उचित नहीं है।
शाहरुख खान और आमिर खान भी क्यों नहीं दिखे?
सुशांत सिंह राजपूत शाहरुख खान को अपना प्रेरणास्रोत मानते थे।
सुशांत के निधन के बाद शाहरुख ने सार्वजनिक रूप से दुख व्यक्त किया था।
लेकिन वह अंतिम संस्कार में नजर नहीं आए।
क्या इसका मतलब यह है कि शाहरुख को सुशांत की परवाह नहीं थी?
ऐसा निष्कर्ष निकालने के लिए कोई ठोस सार्वजनिक प्रमाण सामने नहीं आया।
इसी तरह आमिर खान ने भी सुशांत के निधन पर शोक व्यक्त किया था, लेकिन वह अंतिम संस्कार में मौजूद नहीं थे।
यहां भी हमें एक महत्वपूर्ण अंतर समझना चाहिए—किसी व्यक्ति का अंतिम संस्कार में उपस्थित होना या न होना उसके पूरे निजी संबंधों का प्रमाण नहीं होता।
खासकर तब जब उस समय देश एक अभूतपूर्व महामारी से गुजर रहा था।
करण जौहर को लेकर क्यों बढ़ा विवाद?
सुशांत की मौत के बाद करण जौहर को लेकर सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा बहस हुई।
करण ने सुशांत के निधन के बाद एक भावुक पोस्ट लिखी थी और इस बात का अफसोस जताया था कि वह लंबे समय से उनके संपर्क में नहीं थे।
इसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें भारी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा।
पुराने इंटरव्यू, टीवी शो की क्लिप्स और बॉलीवुड में नेपोटिज्म को लेकर बहस फिर तेज हो गई।
लोगों ने सुशांत की सफलता और उनके संघर्ष को बॉलीवुड में मौजूद कथित ‘आउटसाइडर बनाम स्टार किड’ बहस से जोड़ना शुरू कर दिया।
लेकिन करण जौहर का अंतिम संस्कार में मौजूद न होना अपने आप में किसी साजिश का प्रमाण नहीं है।
दीपिका पादुकोण का मामला भी हुआ वायरल
सुशांत की मौत के बाद दीपिका पादुकोण ने मानसिक स्वास्थ्य और लोगों से मदद मांगने की जरूरत को लेकर सोशल मीडिया पर बात की।
उनकी पोस्ट को व्यापक प्रतिक्रिया मिली।
लेकिन वह अंतिम संस्कार में नजर नहीं आईं।
इसके बाद सोशल मीडिया पर सवाल उठे कि जब वह मानसिक स्वास्थ्य को लेकर इतनी मुखर हैं, तो अंतिम विदाई में क्यों नहीं पहुंचीं?
लेकिन फिर वही बात सामने आती है—किसी अंतिम संस्कार में मौजूद न होने की व्यक्तिगत वजह हमेशा सार्वजनिक नहीं होती।
इसलिए बिना प्रमाण किसी व्यक्ति की भावनाओं या इरादों के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
कोरोना काल को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता
सुशांत की अंतिम विदाई के समय भारत कोरोना महामारी की गंभीर स्थिति से गुजर रहा था।
मुंबई में भी स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर कड़े नियम लागू थे।
अंतिम संस्कार में सीमित लोगों की मौजूदगी थी और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों का पालन किया जा रहा था।
इसलिए 2020 की उस स्थिति को आज के सामान्य माहौल से तुलना करके देखना सही नहीं होगा।
उस समय किसी सार्वजनिक स्थान पर बड़ी संख्या में लोगों का इकट्ठा होना भी सामान्य बात नहीं थी।
यही वजह है कि किसी सेलिब्रिटी के वहां न पहुंचने को सीधे तौर पर व्यक्तिगत दुश्मनी से जोड़ना उचित नहीं है।
2025 में CBI जांच ने क्या कहा?
सुशांत सिंह राजपूत की मौत को लेकर वर्षों तक कई तरह के सवाल और साजिश के दावे सोशल मीडिया पर चलते रहे।
लेकिन मार्च 2025 में CBI ने संबंधित मामलों में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की।
रिपोर्टों के अनुसार, एजेंसी को सुशांत की मौत में किसी आपराधिक साजिश या foul play का प्रमाण नहीं मिला। CBI ने संबंधित आरोपों की जांच की और मामले को आगे चलाने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं पाए।
हालांकि, क्लोजर रिपोर्ट का मतलब यह नहीं है कि हर सोशल मीडिया सवाल का जवाब मिल गया। अदालत को रिपोर्ट पर निर्णय लेना होता है और कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की संभावना भी रहती है।
असली सवाल क्या होना चाहिए?
सुशांत सिंह राजपूत की मौत ने भारत में मानसिक स्वास्थ्य, फिल्म इंडस्ट्री, नेपोटिज्म और एक आउटसाइडर की सफलता जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बहस शुरू की।
लेकिन किसी कलाकार की अंतिम विदाई में कौन आया और कौन नहीं आया, इसे अकेले उनकी मौत से जुड़ी किसी साजिश का सबूत नहीं माना जा सकता।
सलमान खान अंतिम संस्कार में क्यों नहीं पहुंचे—इसका निश्चित निजी कारण सार्वजनिक रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं है।
इसलिए सबसे जिम्मेदार निष्कर्ष यही है कि सलमान खान की गैरमौजूदगी को उनकी भावनाओं, सुशांत के साथ उनके रिश्ते या किसी कथित साजिश का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
सुशांत सिंह राजपूत की कहानी इससे कहीं बड़ी है।
वह बिहार से आए एक युवा थे, जिन्होंने टीवी से शुरुआत की और फिर Kai Po Che!, MS Dhoni: The Untold Story, Kedarnath, Chhichhore और कई अन्य फिल्मों के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई।
उनकी असली विरासत उनकी फिल्में, उनकी मेहनत और उन करोड़ों प्रशंसकों की यादें हैं जिन्होंने उन्हें अपना माना।
इसलिए सुशांत को याद करते समय अफवाहों से ज्यादा जरूरी है कि हम उपलब्ध तथ्यों को समझें, अनजाने आरोपों से बचें और उनके काम को सम्मान के साथ याद करें।