सास से मिलने पहुंचा दामाद, रात में रख दी ऐसी शर्त कि बदल गई पूरी कहानी
सास से मिलने पहुंचा दामाद, रात में रख दी ऐसी शर्त कि बदल गई पूरी कहानी
प्रयागराज, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के एक गांव से जुड़ी बताई जाने वाली यह कहानी रिश्तों, गलतफहमियों और पारिवारिक तनाव की ऐसी दास्तान है, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए। कहानी में एक दामाद अपनी सास से नाराज होकर लंबे समय तक उससे दूर रहता है। जब वह कई महीनों बाद ससुराल पहुंचता है, तो सास उसे मनाने की कोशिश करती है। लेकिन रात में दामाद की एक अजीब शर्त पूरी होने के बाद घटनाक्रम अचानक एक अलग ही दिशा में चला जाता है।
बताया जाता है कि यह घटना वर्ष 2015 की है। हालांकि, इस कहानी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
कहानी के अनुसार, प्रयागराज के एक छोटे से गांव में सिमरन नाम की एक महिला रहती थी। उसके पति का करीब दो दशक पहले निधन हो चुका था। उसकी दो बेटियां थीं, जिनकी शादी हो चुकी थी। बड़ी बेटी का नाम आचुकी और छोटी बेटी का नाम पारुल बताया गया है।
सिमरन अपनी दोनों बेटियों से बेहद प्यार करती थी। बड़ी बेटी आचुकी का पति मनोज गांव में रहकर खेती करता था। उसके पास कुछ जमीन थी और वह अपनी पत्नी तथा सास की काफी देखभाल करता था। सिमरन भी अपने बड़े दामाद मनोज को काफी पसंद करती थी।
मनोज अक्सर अपनी सास के घर आता-जाता था। दोनों के बीच बातचीत भी होती थी और सिमरन घरेलू मामलों से लेकर अपने निजी जीवन तक की कई बातें मनोज से साझा करती थी। हालांकि, आचुकी अपनी मां को कई बार मनोज से दूरी बनाए रखने की सलाह देती थी। लेकिन सिमरन ने बेटी की बात को गंभीरता से नहीं लिया।
इसी बीच मनोज का अपने रिश्तेदारों के साथ जमीन को लेकर विवाद हो गया। एक दिन खेत में विवाद बढ़ गया और मामला मारपीट तक पहुंच गया। पुलिस में शिकायत दर्ज हुई और मनोज को जेल जाना पड़ा।
मनोज के जेल जाने के बाद आचुकी अपनी मां के साथ रहने लगी। कुछ समय बाद छोटी बेटी पारुल ने अपनी मां को फोन किया। पारुल उस समय लखनऊ में अपने पति के साथ रहती थी। उसने अपनी मां से कहा कि उसकी तबीयत खराब है और उसकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। इसके बाद सिमरन अपनी छोटी बेटी के पास लखनऊ चली गई।
कहानी के मुताबिक, सिमरन कई महीनों तक लखनऊ में रही। इस दौरान आचुकी अपने मायके में अकेली थी। इसी दौरान उसकी बातचीत अपने छोटे बहनोई से होने लगी। दोनों फोन पर काफी समय तक बातें करने लगे। शुरुआत में बातचीत सामान्य बताई गई, लेकिन धीरे-धीरे उनके बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं।
दूसरी ओर, मनोज जेल में था और उसे इस पूरे घटनाक्रम की कोई जानकारी नहीं थी।

करीब पांच-छह महीने बाद मनोज को जमानत मिल गई और वह जेल से बाहर आ गया। घर लौटने के बाद उसने अपनी पत्नी के व्यवहार में बदलाव महसूस किया। कहानी में दावा किया गया है कि आचुकी उससे दूरी बनाने लगी और उससे ठीक से बात नहीं करती थी।
एक रात करीब एक बजे आचुकी के मोबाइल पर उसके बहनोई का फोन आया। मनोज ने फोन उठाया। बातचीत के दौरान उसे कथित तौर पर पत्नी और उसके बहनोई के रिश्ते का अंदाजा हो गया। इसके बाद मनोज बेहद दुखी और नाराज हो गया।
कुछ दिनों बाद सिमरन भी अपने घर वापस आ गई। उसे जब पता चला कि मनोज जेल से बाहर आ चुका है, तो उसने फोन करके अपने दामाद को घर बुलाया। सिमरन ने उससे कहा कि वह उससे मिलना चाहती है और जेल जाने के बाद से उसकी चिंता कर रही थी।
मनोज ससुराल पहुंच तो गया, लेकिन वह अपनी सास से नाराज था। उसने नाश्ता करने से भी मना कर दिया। सिमरन ने उसे काफी समझाया, लेकिन मनोज अपनी नाराजगी पर कायम रहा।
रात हो गई। मनोज बिना खाना खाए एक कमरे में जाकर सो गया। कुछ देर बाद सिमरन उसके लिए खाना लेकर पहुंची। उसने मनोज को जगाया और भोजन करने के लिए कहा, लेकिन उसने फिर मना कर दिया।
मनोज ने सिमरन से कहा कि वह उसकी स्थिति समझती है, लेकिन उसकी बेटी ने जेल से लौटने के बाद उससे दूरी बना ली है। बातचीत के दौरान उसने आचुकी और उसके छोटे बहनोई के बीच कथित नजदीकी का भी जिक्र किया।
सिमरन यह सुनकर हैरान रह गई। उसने पहले इस बात पर विश्वास नहीं किया, लेकिन मनोज ने रात में आए फोन का हवाला देते हुए अपनी बात रखी।
इसके बाद सिमरन ने मनोज को समझाने की कोशिश की और कहा कि वह आचुकी को समझाएगी। लेकिन मनोज ने खाना खाने से इनकार कर दिया। आखिरकार उसने सिमरन के सामने एक शर्त रख दी।
कहानी के अनुसार, मनोज ने कहा कि वह तभी खाना खाएगा जब सिमरन उसकी एक इच्छा पूरी करेगी। सिमरन ने उसकी इच्छा पूछी तो उसने कहा कि वह लंबे समय से उससे नहीं मिला है और वह उसके “दर्शन” करना चाहता है।
सिमरन ने उसकी बात मान ली। इसके बाद मनोज ने खाना खाया। कहानी में आगे बताया जाता है कि दोनों के बीच उस रात कुछ ऐसा हुआ, जिसके बाद मनोज की नाराजगी कम हो गई। हालांकि, इस हिस्से को लेकर कहानी में कई अस्पष्ट और सनसनीखेज दावे किए गए हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
अगले दिन मनोज ने घर लौटने की बात कही। सिमरन ने उसे कुछ दिन और रुकने के लिए कहा। वह करीब एक सप्ताह तक वहां रुका और फिर अपने घर लौट गया।
कहानी का अंतिम हिस्सा बताता है कि इस घटना के बाद मनोज और आचुकी के बीच संबंध फिर सामान्य हो गए। दोनों दोबारा साथ रहने लगे। बाद में उनके एक बेटे का जन्म हुआ, जिसका नाम नवीन बताया गया है।
यह कहानी सोशल मीडिया और वीडियो प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग रूपों में सुनाई जाती रही है। इसमें पारिवारिक रिश्तों, वैवाहिक विश्वास और गलतफहमियों को लेकर कई सवाल उठते हैं। हालांकि, इसे वास्तविक घटना बताने से पहले यह ध्यान रखना जरूरी है कि उपलब्ध कहानी में पुलिस रिकॉर्ड, अदालत के दस्तावेज या अन्य स्वतंत्र स्रोतों का उल्लेख नहीं है।
ऐसी कहानियां इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो जाती हैं, लेकिन पाठकों के लिए जरूरी है कि वे सनसनीखेज दावों को तथ्य मानने से पहले उनकी पुष्टि करें।
नोट: यह लेख उपलब्ध कथित कहानी को पत्रकारिता शैली में पुनर्लेखित करता है। घटना और इसमें बताए गए व्यक्तिगत दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।