उत्तराखंड का खूबसूरत गांव: ससुर सास की नशे की लत ने बहू को जबरन गलत रास्ते पर डाला, अनजाने में ससुर से रात गुजारी,
उत्तराखंड का खूबसूरत गांव: ससुर सास की नशे की लत ने बहू को जबरन गलत रास्ते पर डाला, अनजाने में ससुर से रात गुजारी,
उत्तराखंड के एक छोटे से ग्रामीण गांव में रहती थी सिमरन। वह 5-7 साल की शादीशुदा थी, लेकिन अभी तक कोई बच्चा नहीं हुआ था। पति बिहार में कमा-कमाई करता था, कभी-कभी 10-15 दिन घर पर रहकर जाता था। ससुर रहमान टायर रिपेयर का काम करता था। सास तमन्ना सिलाई का काम। लेकिन रहमान एक नंबर का दारूबाज था। दिन भर टायर रिपेयर करके कमाता, शाम को शराब में उड़ा देता, रात भर बिना खाए-पीए सो जाता।
सिमरन ने कभी इसकी शराब की लत नहीं देखी, लेकिन सास तमन्ना को झगड़ता देखती रहती। फिर एक दिन उसकी शादी के घर बारात आई। सिमरन और सास ने मिलकर साड़ी पहनी, बारात में गईं। आधी रात को सिमरन को नींद आ गई। वह सास से बोली, “मां, मुझे तेज नींद आ रही है, घर जा रही हूं।” सिमरन सास के कमरे में सो गई।
रात में ससुर रहमान भी खाना-पीना करके घर आया। उसने सिमरन को पत्नी समझकर बेड पर लेट गया और अनजाने में गलत काम कर लिया। सिमरन सुध में आई तो गुस्सा हो गया, लेकिन ससुर नशे में था। बाद में सिमरन को अच्छा लगने लगा। दोनों मिलकर घंटे भर का काम कर लिया।
सास तमन्ना बारात से लौटी और दोनों को देखकर समझ गई। सिमरन को जगाया, ससुर को भी। सिमरन रो पड़ी, माफी मांगी। ससुर भी बहुत पछतावा हुआ। तमन्ना ने दोनों को माफ कर दिया। सिमरन ने कहा, “मुझे इस दुनिया में रहना बेकार लग रहा है।” तमन्ना ने बेटे को फोन किया, पति को बुलाया।
सिमरन सुबह ही ट्रेन पकड़कर बिहार पहुंच गई। पति ने उसे गले लगाया, माफ किया, डांटना बंद कर दिया। दोनों फिर से अच्छी तरह रहने लगे।
यह कहानी सिर्फ सिमरन की नहीं। यह उत्तराखंड के लाखों ऐसे परिवारों की है जहां ससुर की शराब की लत परिवार को कैसे तोड़ सकती है। यह पोस्ट अंत तक पढ़ें, लाइक करें और कमेंट में बताएं कि आप क्या सोचते हैं।
उत्तराखंड का छोटा सा गांव – सिमरन का घर
उत्तराखंड के एक छोटे से गांव में रहती सिमरन। वह सुंदर, सुशील और चुपचाप थी। शादी के 5-7 साल हो चुके थे, लेकिन बच्चे नहीं हुए। पति बिहार में कमा-कमाई करता था। घर चलाने के लिए पैसा भेजता, लेकिन कभी-कभी 10-15 दिन रहकर जाता था।
ससुर रहमान टायर रिपेयर का काम करता था। दिन में काम, लेकिन कमाई का 70% शराब में उड़ जाता। रात को बिना खाए-पीए सो जाता। सास तमन्ना सिलाई का काम करती थी। घर पर 10-15 मुर्गी-मुर्गियां पालती थीं। दोनों परिवार शांतिपूर्वक चल रहे थे।
लेकिन रहमान की शराब ने सब कुछ बिगाड़ दिया। तमन्ना बार-बार झगड़ती। सिमरन चुपचाप सब देखती। उसका पति जब फोन पर पूछता, “बच्चे क्यों नहीं हुए?”, सिमरन चुप रहती। उसने कभी पति को नहीं बताया कि उसके साथ कुछ गलत हो रहा है।

बारात की रात – पहली गलती
सिमरन का घर ठीक बगल में एक लड़की की शादी का घर था। सभी को निमंत्रण मिला। सिमरन और तमन्ना दोनों ने मिलकर साड़ी पहनी, खूबसूरत लगीं। बारात में गईं।
आधी रात के आसपास सिमरन को नींद आने लगी। वह बोली, “सासू मां, मुझे बहुत तेज नींद आ रही है। मैं घर जा रही हूं। अगर आपको भी आना हो तो बाद में चले आइएगा।” तमन्ना ने हां कर दी। सिमरन सास के कमरे में सो गई।
रहमान भी खाना-पीना करके घर आया। नशे में था। उसने कमरे में दाखिल होते ही सिमरन को देखा और सोच गया, “पत्नी पहले से आकर लेटी हुई है।” उसने सिमरन को पत्नी समझकर बेड पर लेट गया।
सिमरन सुध में आई तो चौंक गई। बोली, “अरे ससुर जी, आप यह मेरे साथ क्या कर रहे हैं?” रहमान नशे में था। बोला, “सिमरन, अब कुछ भी हो रहा है चुपचाप होने दे। थोड़ी सी इधर-उधर मत कर।” सिमरन विरोध करती रही।
अनजाने का काम और पछतावा
रहमान ने अपना काम शुरू किया। सिमरन को अच्छा लगने लगा। वह विरोध छोड़कर मिल गई। दोनों एक घंटे तक का काम कर लिया। सिमरन की सारी जरूरत पूरी हो गई। रहमान भी शांत हो गया। दोनों गहरी नींद में सो गए।
रात भर वे साथ रहे। सिमरन को लगा, शायद यह नशे का असर है। लेकिन सुबह होने पर सब कुछ याद आ गया।
सास की वापसी और सच्चाई
बारात से तमन्ना लौटी। सीधे अपने कमरे में गई। वहां रहमान और सिमरन दोनों को बिस्तर पर लेटा हुआ देख लिया। तमन्ना समझ गई। सिमरन को जगाया। सिमरन रो पड़ी। पैरों पर गिरकर बोली, “सासू मां, मुझे बहुत बड़ी गलती हो गई। मुझे समझ में नहीं आया। ससुर जी नशे में थे, मैं भी थोड़ी देर बाद अच्छा लगने लगा। हम दोनों ने मिलकर अपना-अपना जरूरत पूरा कर लिया।”
रहमान नींद से जागा। तमन्ना ने पूछा, “अरे नापाक इंसान, क्या तुम्हें इतना भी सूझबूझ नहीं था कि यह तुम्हारी बहू है?” रहमान शर्म से सर झुका गया। बोला, “अरे तमन्ना, मुझे बहुत पछतावा हो रहा है। अनजाने में हो गया। बहू खा-पी-खा-पी रखी थी, मैं भी कर रहा था। लेकिन यह तो होश में थी। मुझे रोकना चाहिए था।”
तमन्ना ने दोनों को माफ कर दिया। सोचा, “जाने अनजाने में हुआ है। कोई जानबूझकर नहीं किया।”
सिमरन का पछतावा और फैसला
सिमरन ने कहा, “सासू मां, मुझे इस दुनिया में रहना बेकार लग रहा है। मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि मुझे इस दुनिया में रहना ही बेकार है। इसलिए आप मुझे अपने पति के पास भेज दो, ताकि मैं उनके साथ रहूंगी और अपना जरूरत भी पूरा करती रहूंगी।”
तमन्ना ने बेटे को फोन किया। सिमरन का पति बिहार में था। तमन्ना ने सारी बात बताई। पति को सिमरन को बुलाने का आदेश मिला।
ट्रेन पकड़कर बिहार पहुंचना
सिमरन सुबह-सुबह तैयारी कर लेती है। रेलवे स्टेशन पहुंचकर ट्रेन पकड़ लेती है। पति इंतजार कर रहा था। मुलाकात पर सिमरन रो पड़ी। गले लग गई। पति ने उसे गले लगाया। बोला, “सिमरन, आज के बाद तुम्हें कभी अकेला मत समझना। जो भी कहोगे, मानूंगा। मैंने गलती माफ कर दी।”
दोनों एक साथ रहने लगे। पति अब कभी डांटता नहीं। सिमरन की सारी जरूरतें पूरी होती हैं।
उत्तराखंड में शराब की लत का खतरा
यह कहानी सिर्फ सिमरन की नहीं। उत्तराखंड के कई गांवों में ऐसे परिवार हैं जहां ससुर की शराब की लत सब कुछ बिगाड़ देती है। ससुर रात भर घर पर ही सोता है, लेकिन उसके पियकट ने पूरे परिवार को प्रभावित किया। बहू चुप रहती है क्योंकि पति की डांटने का डर।
सिमरन की तरह कई लड़कियां शादीशुदा रहकर परिवार की सेवा करती हैं, लेकिन अंदर से परेशान रहती हैं। अगर ससुर की शराब न होती, तो यह घटना कभी होती ही नहीं।
सीख: परिवार में शराब को रोकें
दोस्तों, शराब सिर्फ व्यक्ति को नहीं, पूरे परिवार को नष्ट कर देती है। सिमरन की तरह बहू को कभी अकेला मत छोड़ें। ससुर को भी शराब छोड़ने को कहें। पति को भी समझाएं कि परिवार पहले है।