PART 2 Rhea and Mahesh Bhatt Chats Back in Focus After Satish Salian Lawyer’s Claim ! Sushant Singh Rajput
8 जून से 14 जून की अनसुलझी दास्तान (भाग-2): एनसीबी, ई/डी की एंट्री, डिलीटेड डाटा और 2026 का बड़ा खुलासा
नमस्कार दोस्तों! 8 जून से 14 जून 2020 के उन छह रहस्यमयी दिनों की दास्तान के पहले भाग में हमने देखा कि कैसे रिया चक्रवर्ती का घर छोड़ना, महेश भट्ट के साथ ‘आयशा’ और ‘यू सेव्ड मी येट अगेन’ वाली चैट्स, और दिशा सालियान के पिता द्वारा हाईकोर्ट में दायर याचिका ने इस मामले में फिर से हलचल मचा दी है।
आज के इस दूसरे महा-भाग में हम जानेंगे कि 14 जून की दुखद घटना के बाद ई/डी (ED) और एन/सी/बी (NCB) की एंट्री कैसे हुई, व्हाट्सएप चैट्स के लीक होने से बॉलीवुड में क्या भूचाल आया, और 2026 की सीबीआई (CBI) फ्रेश इन्वेस्टिगेशन में हार्ड डिस्क, सीसीटीवी फुटेज और डिलीटेड डिजिटल डाटा को लेकर क्या नए खुलासे हो रहे हैं।
14 जून की दोपहर के बाद: ई/डी और व्हाट्सएप चैट लीक्स का दौर
14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत की शं/का/स्प/द म/ौ/त के बाद शुरुआत में मुंबई पुलिस ने इसे एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) के तहत लिया। लेकिन जब सुशांत के पिता के.के. सिंह ने पटना में रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार के खिलाफ धोखाधड़ी, ब्लै/क/मे/लिं/ग और उकसाने की एफ/आई/आर (FIR) दर्ज कराई, तो मामला प्रवर्तन निदेशालय (ED) के पास पहुँचा।
ई/डी की जाँच के दौरान रिया चक्रवर्ती, उनके भाई शौविक चक्रवर्ती और सुशांत के हाउस मैनेजर सैम्युअल मिरांडा के फोन फॉरेंसिक लैब भेजे गए। वहीं से वो रहस्यमयी चैट्स बाहर आईं जिन्होंने इस केस को एक बिल्कुल नया और खतरनाक मोड़ दे दिया:
- ड्र/ग्स और सीबीडी ऑयल (CBD Oil) की बातें: फॉरेंसिक डाटा से खुलासा हुआ कि सुशांत को दिए जाने वाले सप्लीमेंट्स और पेय पदार्थों में सीबीडी ऑयल और प्रतिबंधित ड्र/ग्स मिलाने की बातें व्हाट्सएप ग्रुप्स पर हो रही थीं।
- डिलीटेड मैसेजेस की रिकवरी: व्हाट्सएप से डिलीट की गई कई चैट्स को रिट्रीव किया गया, जिससे नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की एंट्री हुई।
- महेश भट्ट के साथ लगातार संपर्क: 8 जून से 14 जून के बीच केवल कॉल ही नहीं, बल्कि कई वॉयस नोट्स और मैसेज भी एक्सचेंज किए गए थे।
एन/सी/बी का शिकंजा और बॉलीवुड का ‘ड्र/ग सिंडिकेट’
अगस्त 2020 में एन/सी/बी (NCB) ने क्रि/मि/न/ल कॉं/स्पि/रे/सी और ड्र/ग्स की क/री/द-फ/रो/ख्/त की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे देश को चौंका दिया:
- रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शौविक चक्रवर्ती को एन/सी/बी ने गिर/फ्ता/र किया और उन्हें कई हफ्तों तक मुंबई की भायखला जे/ल में रहना पड़ा।
- पूछताछ के दौरान बॉलीवुड की कई नामचीन हस्तियों, ए-लिस्ट अभिनेत्रियों और निर्देशकों के नाम सामने आए, जिनसे घंटों पूछताछ की गई।
- एन/सी/बी की चार्जशीट में दावा किया गया था कि सुशांत को लगातार ड्र/ग्स की सप्लाई की जा रही थी और इसके लिए अ/वै/ध फंड्स का इस्तेमाल हो रहा था।
हालांकि, रिया के वकीलों का तर्क था कि रिया को बलि का बकरा बनाया जा रहा है और वे केवल सुशांत की मर्जी और उनकी मेडिकल कंडीशन के तहत काम कर रही थीं।
फॉरेंसिक रिपोर्ट, डिलीटेड हार्ड डिस्क और 2026 की सीबीआई इन्वेस्टिगेशन
सुशांत की म/ौ/त को लेकर एम्स (AIIMS) फॉरेंसिक बोर्ड की रिपोर्ट में शुरुआत में इसे सु/सा/इ/ड माना गया था। लेकिन समय बीतने के साथ-साथ कई सवाल अनुत्तरित ही रह गए, जिन्हें 2026 में बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने फिर से अपनी जाँच के दायरे में शामिल किया है।
1. हार्ड डिस्क से डाटा डिलीट करने का रहस्य
दिशा सालियान केस में याचिकाकर्ता और सुशांत केस के वकीलों का दावा है कि 8 जून की रात रिया के सुशांत का घर छोड़ने से ठीक पहले 8 हार्ड डिस्क से डाटा डिलीट कराया गया था।
- सवाल: उन हार्ड डिस्क में ऐसा कौन सा संवेदनशील डाटा, सीसीटीवी फुटेज या पर्सनल रिकॉर्ड्स थे जिन्हें मिटाना जरूरी समझा गया?
2. 13-14 जून की रात का सीसीटीवी (CCTV) फुटेज
सुशांत के बांद्रा स्थित फ्लैट और आसपास की इमारतों के सीसीटीवी कैमरों को लेकर विवाद आज भी कायम है। 2026 की फ्रेश सीबीआई जाँच में यह फॉरेंसिक रिपोर्ट मांगी गई है कि क्या 13 जून की रात सीसीटीवी कैमरे काम कर रहे थे या उन्हें किसी तकनीकी छेड़छाड़ के जरिए बंद किया गया था?
3. कमरे की चाबी और फिंगरप्रिंट्स
घटना वाले दिन कमरे का ताला खोलने वाले चाबी वाले (Key maker) का बयान और फॉरेंसिक फिंगरप्रिंट्स रिपोर्ट में कई विसंगतियाँ (Discrepancies) सामने आई थीं। कमरा अंदर से बंद था या बाहर से लॉक किया गया था—यह गुत्थी 6 साल बाद भी पूरी तरह सुलझ नहीं पाई है।
दिशा सालियान केस और डिजिटल पेनड्राइव का सच
सितंबर 2026 में दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने सीबीआई को जो डिजिटल पेनड्राइव सौंपी है, वह इस केस का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट साबित हो सकती है।
दावा किया जा रहा है कि इस पेनड्राइव में:
- 8 जून 2020 की रात मलाड की उस पार्टी के कथित प्रत्यक्षदर्शियों के नए बयान रिकॉर्डेड हैं।
- दिशा सालियान के फोन की आखिरी लोकेशन्स और कुछ डिलीटेड वॉयस कॉल्स का बैकअप शामिल है।
- दिशा की म/ौ/त और सुशांत सिंह राजपूत के सुरक्षा संबंधी डर (Security Fear) के बीच का प्रत्यक्ष लिंक दर्शाने वाले कुछ मैसेज हैं।
कानूनी स्थिति: सीबीआई इन सभी डिजिटल ए/वि/डें/स की फॉरेंसिक जाँच (Cyber Forensic Analysis) कर रही है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पेनड्राइव में मौजूद डाटा प्रामाणिक है या नहीं।
महेश भट्ट, रिया चक्रवर्ती और अनसुलझे कानूनी सवाल
2026 में जब यह मामला दोबारा सुर्खियों में आया, तो महेश भट्ट और रिया चक्रवर्ती की भूमिका को लेकर फिर से सार्वजनिक और कानूनी बहस छिड़ गई है।
चार मुख्य कानूनी बिंदु जो आज भी सीबीआई के सामने हैं:
- क्या महेश भट्ट को 8 जून और 14 जून की घटनाओं की पहले से जानकारी थी? दोपहर 2:35 बजे का ‘Call Me’ मैसेज किस संदर्भ में भेजा गया था?
- क्या सुशांत की डिजिटल फाइलों और पैसों का दुरुपयोग हुआ? ई/डी की मनी लॉन्ड्रिंग जाँच में किसी अंतिम नतीजे पर पहुँचना बाकी है।
- दिशा सालियान की म/ौ/त और सुशांत की घटना का आपसी संबंध: क्या दिशा की म/ौ/त का सच जानने की वजह से सुशांत पर दबाव बनाया जा रहा था?
- फॉरेंसिक सबूतों के साथ छेड़छाड़: क्या 2020 में शुरुआती जाँच के दौरान सबूतों (Evidence Destruction) को नष्ट किया गया था?
निष्कर्ष: 2026 में न्याय की नई उम्मीद
8 जून से 14 जून 2020 के वे 6 दिन सिर्फ दो उभरते हुए सितारों (सुशांत और दिशा) के अंत की दास्तान नहीं हैं, बल्कि यह भारतीय सिनेमा, पुलिस प्रशासन, मीडिया और न्याय प्रणाली के इतिहास का सबसे बड़ा इम्तिहान बन चुके हैं।
2026 में बॉम्बे हाईकोर्ट का सख्त रुख और सीबीआई द्वारा नए सिरे से दर्ज की गई जाँच यह उम्मीद जगाती है कि सच चाहे कितना भी गहरा दफनाया गया हो, फॉरेंसिक तकनीक और निष्पक्ष जाँच के जरिए एक न एक दिन बाहर आ ही जाता है।
जब तक सीबीआई अपनी अंतिम क्लोजर रिपोर्ट या चार्जशीट अदालत में दाखिल नहीं कर देती, तब तक यह 6 दिनों का रहस्य देश के दिल और दिमाग में एक अनसुलझा सवाल बनकर जीवित रहेगा।