उसने अपने ससुर का सिर //काट// दिया और उसे पुलिस थाने ले गई / पुलिस //हैरान// रह गई… – News

उसने अपने ससुर का सिर //काट// दिया और उसे पुलिस थाने ले गई / पुलिस //हैरान// रह गई…

उसने अपने ससुर का सिर //काट// दिया और उसे पुलिस थाने ले गई / पुलिस //हैरान// रह गई…

उसने अपने ससुर का सिर //काट// दिया और उसे पुलिस थाने ले गई / पुलिस //हैरान// रह गई…

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नमस्कार दोस्तों, मैं कुलदीप राणा। आज हम राजस्थान के उदयपुर जिले के कोचला गांव की एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना पर चर्चा करेंगे। यह घटना 5 जून 2026 को शुरू हुई थी। इस गांव में रहने वाला पटवारी प्रताप सिंह एक सम्मानित और सम्मानित व्यक्ति था। वह गांव के गरीबों से रिश्वत लेकर उनके काम करता था। गरीब लोग उसके सामने कुछ भी नहीं बोल पाते थे। प्रताप सिंह ने कभी-कभी बहू-बेटियों के साथ गलत काम भी किया था। लेकिन आज उसकी पहुंच ऊपर तक थी।

प्रताप सिंह का परिवार भी अच्छा था। उसकी पुत्रवधू रीटा देवी देखने में बहुत खूबसूरत और जवान थी। रीटा के पति अनिल कुमार लंबी बीमारी में मर चुके थे। रीटा विधवा थी। उनकी इकलौती पोती पूजा 12वीं कक्षा में पढ़ती थी। पूजा रोज सुबह 8 बजे स्कूल जाती, दोपहर 3 बजे घर लौटती और मां के काम में हाथ बंटाती। गांव वाले कहते थे कि अगर बेटी हो तो पूजा जैसी होनी चाहिए। पूजा पढ़ाई और खेतों में भी काम करती थी।

कुछ दिन बाद 5 जून की सुबह 9 बजे के आसपास प्रताप सिंह खेत में चला गया। रीटा घर में काम कर रही थी। पूजा स्कूल में पढ़ाई कर रही थी। रीटा के दरवाजे पर दस्तक हुई। पड़ोसी निर्मला देवी खड़ी थी। निर्मला विधवा थी और अमीर लोगों के प्रेम में फंसकर रातें रंगाती और पैसे लेती थी। निर्मला ने पूछा कि ससुर कहां गए। रीटा ने बताया कि खेत में हैं और दो घंटे बाद आएंगे।

निर्मला खेत में गई। वहां प्रताप सिंह को देखकर उसकी नजर पड़ी। प्रताप सिंह ने सोचा कि आज निर्मला क्यों आई है। वह युवती है और इसकी सुंदरता देखकर मन में एक गलत ख्याल आया। निर्मला ने कहा कि मेरे पति की छह साल पहले मौत हो गई। पेंशन नहीं बनी। दो बच्चे हैं, गरीबी है। पटवारी ने कहा कि कोई चिंता मत करो, पेंशन जरूर बनवाऊंगा। लेकिन निर्मला की आंखों में चमक देखकर पटवारी ने कहा, “तुम्हें मेरे साथ सोना पड़ेगा।” निर्मला ने हामी भर ली। पटवारी ने कहा कि आज रात 10:30 बजे खेत के आलीशान कमरे में आना। वहां एसी है, सब कुछ है। निर्मला ने हां कर दी।

रात 10:30 बजे निर्मला खेत पहुंची। पटवारी शराब पी रहा था। दोनों कमरे में गए और गलत काम कर लिया। काम खत्म होने के बाद रीटा देवी ने कहा कि अब घर नहीं जा सकती, रात हो गई है। पटवारी ने कहा कि मैं छोड़ दूंगा। दोनों मोटरसाइकिल पर गांव पहुंचे। पटवारी निर्मला को घर छोड़कर खेत लौट गया। इस तरह प्रेम कहानी शुरू हो गई।

कई दिनों बाद 15 जून की शाम 7:30 बजे पटवारी निर्मला को खेत बुलाया। शराब पीकर 8:30 बजे फोन किया। निर्मला ने कहा कि घर आ जाओ। पटवारी रात 9:30 बजे पहुंचा। दोनों काम कर लिया। रात 11 बजे पटवारी बाहर निकला। अलका नाम की पड़ोसी ने देख लिया। अलका ने सुबह 9:30 बजे रीटा के घर जाकर कहा कि ससुर गलत रास्ते पर है, निर्मला के साथ रात गुजारता है।

रीटा गुस्सा हो गई लेकिन ससुर से डरती थी। उसने निर्मला के घर जाकर धमकी दी कि पुलिस जाऊंगी। निर्मला ने कहा कि कोई बुराई नहीं, पटवारी पैसे देता है। झगड़ा शुरू हुआ। पड़ोसी इकट्ठे हुए। दोनों अलग हो गई। रीटा ने सोचा कि कैसे समझाऊं लेकिन बात नहीं कर सकी।

प्रताप सिंह ने इस घटना को गौर से सुना। उसने निर्मला को डांटा लेकिन फिर भी मिलन जारी रखा। कई दिन बाद 5 जुलाई की सुबह 9 बजे रीटा ने ससुर के लिए खाना बनाया। रीटा ने कहा कि मां बीमार है, दो दिन मायके जाना है। पूजा को भी साथ ले जाऊं। पटवारी ने कहा कि पढ़ाई खराब हो जाएगी, अकेली जाओ। रीटा तैयार हुई।

गाड़ी में दोनों निकले। 5-6 किमी बाद सुनसान इलाके में गाड़ी रुक गई। पटवारी ने कहा कि गाड़ी खराब है। गाड़ी के पीछे खिड़की खोली, चाकू निकाला और रीटा के गले पर रख दिया। रीटा ने चीखने की कोशिश की तो धमकी दी कि गला काट दूंगा। पटवारी ने रीटा के साथ गलत काम किया। काम खत्म होने पर पटवारी ने धमकी दी कि कोई को बताना तो जान से मार दूंगा, खेतों में दफन कर दूंगा। रीटा डर गई। उसने परिवार को नहीं बताया।

इस घटना के बाद प्रताप सिंह ने पूजा पर भी नजर रख ली। 5 जुलाई की सुबह पूजा ने दादा के लिए खाना बनाया। पूजा ने कहा कि फीस जमा करनी है। पटवारी ने कहा कि मैं खुद जमा करवाऊंगा। पूजा स्कूल गई। पटवारी खेत में काम किया फिर स्कूल पहुंचा। प्रिंसिपल से फीस लिया और पूजा को घर ले जाने के लिए मोटरसाइकिल पर बिठाया।

मोटरसाइकिल खेत की तरफ गई। पूजा ने सब्जियां तोड़ीं। पटवारी ने कमरे का दरवाजा बंद कर शराब पीना शुरू कर दिया। पूजा ने कहा कि दिन में शराब पीते हो? पटवारी ने कहा मन उदास है। पूजा ने दरवाजा बंद कर दिया। पटवारी ने चारा काटने की दराती उठाई और पूजा के गले पर रख दी। पूजा चीखने की कोशिश की तो धमकी दी कि गला काट दूंगा। पटवारी ने पूजा के साथ गलत काम किया। काम खत्म होने पर पटवारी ने कहा कि कोई बताना तो जान से मार दूंगा, मां को भी मार दूंगा। पूजा डर गई। पटवारी ने पूजा को गांव छोड़कर खेत लौट गया। पूजा चुप रह गई।

पूजा ने फोन पर मां रीटा को पूरी कहानी बताई। रीटा रो पड़ी। रीटा ने गाड़ी किराए पर ली। दोनों ने पूजा को घर पहुंचाया। रीटा ने कहा कि दादा ने मेरे साथ भी गलत काम किया था। पूजा ने कहा कि मां पुलिस चलते हैं। रीटा ने कहा कि पैसे और पावर है, छूट सकता है। लेकिन पूजा ने कहा कि आज रात हम दादा को खत्म कर देंगे। दोनों की योजना बन गई।

रात 9:30 बजे पटवारी खेत में शराब पीकर 10 बजे घर पहुंचा। रीटा ने दरवाजा खोला। पटवारी ने रीटा को देखकर डर गया लेकिन अंदर आया। पूजा ने मुख्य दरवाजा बंद कर बड़ा ईंट उठाया और पटवारी के सिर पर मार दिया। पटवारी गिर गया। रीटा रसोई से चाकू लेकर पटवारी के पेट में कई वार किए। जब तक पेट फट गया और आंतें बाहर निकल गईं। पूजा ने चाकू लेकर पटवारी का गला काट दिया।

सारा हत्याकांड हो गया। रीटा ने फोन पर पुलिस को बुलाया। पुलिस पहुंची तो लाश मिली। पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। रीटा और पूजा को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने पूछताछ की। दोनों ने पूरी कहानी बताई। पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। जज साहब बाद में फैसला सुनाएंगे।

दोस्तों, पूजा और रीटा ने प्रताप सिंह के साथ जो किया, क्या वह सही था या गलत? कमेंट में जरूर बताएं। इस घटना ने पूरे गांव और जिले में हलचल मचा दी। लोग सोच रहे हैं कि ससुर-पोते-पोती के बीच ऐसे रिश्ते कैसे होते हैं। पुलिस ने दोनों को सख्ती से जांचा। भविष्य में सजा तय होगी। लेकिन इस कहानी से हमें सावधान रहना चाहिए।

अगर आप भी किसी ऐसे मामलों की कहानी जानना चाहते हैं तो कमेंट में बताएं। मिलते हैं अगली कहानी में। जय हिंद।

Disclaimer: This story is fictional and created for entertainment purposes only. Any names, characters, places, or events are fictitious or used fictitiously. No real person or organization is intended to be portrayed.

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