दिवाली के दिन बेटी ने माता पिता के साथ किया कारनामा/पुलिस के रोंगटे खड़े हो गए/
दिवाली के दिन बेटी ने माता पिता के साथ किया कारनामा/पुलिस के रोंगटे खड़े हो गए/
सलोनी की हत्या: अमेठी के जगदीशपुर में एक परिवार की बर्बादी
उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में स्थित जगदीशपुर गांव में रहते थे हेम सिंह। वे ऑटो रिक्शा चलाकर महीने में दस से बारह हजार रुपये कमाते थे। उनका परिवार साधारण था। पत्नी का नाम तृष्णा था और बेटी सलोनी चौदह साल की थी। सलोनी कक्षा नौ में पढ़ाई कर रही थी। तृष्णा घर के काम, सिलाई और कढ़ाई करती थीं। परिवार की हालत ठीक चल रही थी।

दो सितंबर दो हजार पच्चीस की सुबह को हेम सिंह अपने ऑटो रिक्शा लेकर निकले। पूरे दिन वे मेहनत करते रहे। शाम छह बजे दोस्त तेजस से मिले। दोनों ने शराब पीकर नशे में चूर हो गए। तेजस ने कहा कि आज पार्टी अच्छी हुई। घर चलते हैं। हेम सिंह बोले, मैं तुम्हें अपनी रिक्शा में छोड़ दूंगा। लेकिन बीच रास्ते में स्टीयरिंग खराब हो गई। रिक्शा ट्रक से टकराई और खेत में पलटी। तेजस को हल्की चोट आई, हेम सिंह को गंभीर। कुछ लोग उन्हें अस्पताल ले गए।
तृष्णा रात सात बजे अस्पताल पहुंची। डॉक्टर ने बताया कि हेम सिंह की एक टांग कट गई है। दूसरी टांग भी कट सकती है। ऑपरेशन के लिए पांच से छह लाख रुपये चाहिए। तृष्णा घर पर एक टूटी कौड़ी भी नहीं थी। उन्होंने डॉक्टर से कहा कि जल्दी ऑपरेशन कर दो, मैं सुबह तक पैसे का इंतजाम कर लूंगी। सलोनी को अस्पताल में ही रहने दिया। तृष्णा गांव गई और साहूकार रवि सिंह के घर रात नौ बतीस पर पहुंची। रवि सिंह अकेला था। तृष्णा उसके पैरों में गिर गई और हेम सिंह के ऑपरेशन का खर्च बताया। रवि सिंह ने कहा कि मैं पांच लाख दे सकता हूं। गिरवी रखो। तृष्णा ने घर गिरवी रखने को कहा। रवि सिंह ने घर पांच लाख में गिरवी रख लिया और हर महीने ब्याज लौटाना होगा। साथ ही रात में तृष्णा से वक्त गुजारना होगा।
तृष्णा मजबूर हो गई। उन्होंने कहा कि आज ही पांच लाख चाहिए। रवि सिंह ने तुरंत पांच लाख दिए। दोनों बेडरूम में चले गए। एक घंटे बाद रवि सिंह संतुष्ट हुए। तृष्णा पैसे लेकर अस्पताल पहुंची। डॉक्टर ने ऑपरेशन कर दिया। सलोनी ने पूछा कि पैसे कहां से आए? तृष्णा ने झूठ बोला कि मैंने घर गिरवी रख दिया। एक महीने बाद हेम सिंह को छुट्टी मिली। घर पर तृष्णा ने उन्हें सेवा करना शुरू कर दिया।
तेरह अक्टूबर को सलोनी स्कूल गई। घर पर तृष्णा और हेम सिंह थे। दोपहर एक बजे रवि सिंह आए। उन्होंने कहा कि तुम्हारी पत्नी ने पांच लाख लिए हैं। घर गिरवी है। ब्याज नहीं लौटा। हेम सिंह ने कहा कि हम धीरे धीरे लौटा देंगे। रवि सिंह बोला कि आज ब्याज लूंगा। या फिर तृष्णा को लौटाना पड़ेगा। हेम सिंह ने कहा कि मैं कैसे लौटा सकता हूं। रवि सिंह ने कहा कि तृष्णा लौटा सकती है। हेम सिंह समझ गए लेकिन मजबूर हो गए। तृष्णा ने भी वक्त गुजारने को तैयार हो गया।
सलोनी स्कूल से छुट्टी पर घर आई। रवि सिंह ने तृष्णा की बेटी पर नजर डाली और मुस्कुराते हुए चले गए। रवि सिंह ने सोचा था कि सलोनी बड़ी हो गई है। तृष्णा ने हेम सिंह से कहा कि साहूकार ने मेरी बेटी को कल ही बुलाया है। हेम सिंह ने लालच में आकर कहा कि कल हम अपनी बेटी को भेजेंगे। तृष्णा ने सलोनी से बात की। सलोनी ने मना कर दिया। लेकिन तृष्णा और हेम सिंह दबाव डालने लगे। रवि सिंह ने फोन करके दस दिन का समय मांगा।
बीस अक्टूबर को रवि सिंह फोन किया कि आज दिवाली है। तुम्हारी बेटी को मेरे घर बुलाया है। तृष्णा ने सलोनी को बताया कि वह रात बारह बजे जाकर साहूकार के घर पहुंच जाएगी। सलोनी ने तैयार हो गया। रवि सिंह ने तृष्णा को बुलाया और कहा कि तुम्हारी बेटी अब बड़ी हो गई है। कल उसे मेरे पास भेज देना। तृष्णा ने मना कर दिया। रवि सिंह ने पांच हजार रुपये दिए और कहा कि कल ही भेज देना। तृष्णा लालच में आ गई।
हेम सिंह ने भी पांच हजार देखकर लालच कर लिया। रवि सिंह ने फोन करके कहा कि आज रात दस बतीस बजे सलोनी को भेज देना। हेम सिंह ने सलोनी को बुलाया और तृष्णा के साथ कहा कि कल तुम साहूकार के घर जाना। सलोनी ने मना कर दिया। लेकिन तृष्णा और हेम सिंह दबाव डालने लगे। रवि सिंह ने घर आकर तृष्णा के साथ वक्त गुजारना शुरू कर दिया। सलोनी ने सब देख लिया।
दिवाली की रात को सलोनी ने तलवार उठाई। पहले पिता के कमरे में गई। हेम सिंह को तीन चार वार से मार डाला। सिर्फ एक चीख निकली। तृष्णा उठीं। सलोनी ने मां की गर्दन पर कई वार कर दिए। पड़ोसियों ने शोर सुना। पड़ोसी हुसन सिंह अंदर गए तो देखा कि दोनों मां बेटी लाशें बिस्तर पर पड़ी हैं। हेम सिंह की गर्दन कटी हुई, तृष्णा की भी। सलोनी घर से भागी। पड़ोसी दौड़े। पुलिस को फोन किया। एक घंटे बाद पुलिस पहुंची। सलोनी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस स्टेशन में सलोनी ने पूरी कहानी बताई। उसने कहा कि माता पिता ने मुझे मजबूर किया था। रवि सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया। अगले दिन दोनों के खिलाफ चार्जशीट तैयार की गई। जज साहब को फैसला करना था कि सलोनी को क्या सजा होगी।
यह घटना हमें सिखाती है कि परिवार में प्यार और विश्वास जरूरी है। रवि सिंह जैसे साहूकार ने गरीब परिवार का फायदा उठाया। उन्होंने तृष्णा को पैसे देकर घर गिरवी रख लिया। बाद में सलोनी को भी बुलाकर मजबूर किया। तृष्णा लालच में आकर सलोनी को भेजने को तैयार हो गई। हेम सिंह भी दबाव में पड़ा।
सलोनी चौदह साल की थी। वह कक्षा नौ में पढ़ रही थी। उसकी मां तृष्णा ने उसे गलत रास्ते पर धकेल दिया। पिता हेम सिंह भी मजबूर हुआ। रवि सिंह ने तृष्णा के साथ गलत काम किया और फिर सलोनी को भी बुलाया। सलोनी ने तलवार उठाकर मां बाप को मार दिया। पड़ोसी हुसन सिंह ने देखा और पुलिस को बताया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
यह घटना समाज को सतर्क करती है। युवा लड़कियां अकेली रहती हैं तो गलत प्रभाव में पड़ जाती हैं। माता पिता भी लालच में आकर परिवार को बर्बाद कर देते हैं। रवि सिंह जैसे लोग साहूकार बनकर गरीबों को लूटते हैं। उन्होंने पांच लाख लिए, घर गिरवी रखा और फिर सलोनी को बुलाया। सलोनी ने पांच हजार देखकर मान लिया। लेकिन बाद में पिता की चीख से सब उजागर हुआ।
सलोनी ने कहा कि माता पिता ने मुझे मजबूर किया। लेकिन असल में वह खुद मजबूर हुई। तृष्णा ने घर गिरवी रखा। रवि सिंह ने पांच लाख दिए। तृष्णा ने सलोनी को भेजने को कहा। हेम सिंह ने भी लालच किया। दोनों ने मिलकर सलोनी को दिवाली की रात भेजा। सलोनी ने तलवार उठाई और मां बाप को मार डाला। यह हत्या के बाद पड़ोसी आए और पुलिस पहुंची। सलोनी को गिरफ्तार कर लिया गया। रवि सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों के खिलाफ चार्जशीट तैयार हुई। जज को फैसला करना था।
यह घटना हमें बताती है कि परिवार को ध्यान में रखना चाहिए। प्यार से सब कुछ संभव है। लालच से सब बर्बाद होता है। रवि सिंह ने तृष्णा को पैसे देकर घर गिरवी रखा। सलोनी को भी बुलाया। तृष्णा और हेम सिंह दबाव में आ गए। सलोनी ने तलवार उठाई और मां बाप को मार दिया। पड़ोसी ने देखा और पुलिस को फोन किया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
आधुनिक समय में ऐसे मामले बढ़ रहे हैं। युवा लड़कियां स्कूल जाती हैं तो अकेली रहती हैं। माता पिता एक दूसरे से दूर रहते हैं तो लालच में पड़ जाते हैं। साहूकार जैसे लोग गरीबों का फायदा उठाते हैं। उन्होंने पांच लाख दिए और घर गिरवी रखा। फिर सलोनी को बुलाया। सलोनी ने पांच हजार देखकर मान लिया। लेकिन पिता की चीख से सब उजागर हुआ।
यह घटना हमें सिखाती है कि परिवार में संवाद होना चाहिए। बच्चे को सही सिखाना चाहिए कि गलत रास्ते पर न जाना। रवि सिंह जैसे लोग समाज में ज्यादा हैं। वे पैसे देकर लोगों को लूटते हैं। तृष्णा जैसे महिलाएं घर गिरवी रखकर गलत काम करती हैं। हेम सिंह जैसे पति भी दबाव में आ जाते हैं। सलोनी जैसे बच्चे भी मजबूर होकर गलत काम करते हैं।
सलोनी की हत्या ने पूरे परिवार को तबाह कर दिया। हेम सिंह की लाश पड़ी हुई थी। तृष्णा की भी। सलोनी ने मां बाप को अपने ही हाथों से मार डाला। पड़ोसी हुसन सिंह ने अंदर जाकर देखा और शोर मचाया। पुलिस ने एक घंटे बाद पहुंची। सलोनी को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने पूरी कहानी बताई। रवि सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों के खिलाफ चार्जशीट तैयार हुई। जज साहब को फैसला करना था कि सलोनी को क्या सजा होगी।
यह घटना समाज को सतर्क करती है। युवा लड़कियां अकेली रहती हैं तो गलत प्रभाव में पड़ जाती हैं। माता पिता भी लालच में आकर परिवार को बर्बाद कर देते हैं। रवि सिंह जैसे लोग साहूकार बनकर गरीबों को लूटते हैं। उन्होंने पांच लाख लिए, घर गिरवी रखा और फिर सलोनी को बुलाया। सलोनी ने पांच हजार देखकर मान लिया। लेकिन बाद में पिता की चीख से सब उजागर हुआ।
सलोनी ने कहा कि माता पिता ने मुझे मजबूर किया। लेकिन असल में वह खुद मजबूर हुई। तृष्णा ने घर गिरवी रखा। रवि सिंह ने पांच लाख दिए। तृष्णा ने सलोनी को भेजने को कहा। हेम सिंह ने भी लालच किया। दोनों ने मिलकर सलोनी को दिवाली की रात भेजा। सलोनी ने तलवार उठाई और मां बाप को मार डाला। पड़ोसी ने देखा और पुलिस को फोन किया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
आधुनिक समय में ऐसे मामले बढ़ रहे हैं। युवा लड़कियां स्कूल जाती हैं तो अकेली रहती हैं। माता पिता एक दूसरे से दूर रहते हैं तो लालच में पड़ जाते हैं। साहूकार जैसे लोग गरीबों का फायदा उठाते हैं। उन्होंने पांच लाख दिए और घर गिरवी रखा। फिर सलोनी को बुलाया। सलोनी ने पांच हजार देखकर मान लिया। लेकिन पिता की चीख से सब उजागर हुआ।
यह घटना हमें बताती है कि परिवार को ध्यान में रखना चाहिए। प्यार से सब कुछ संभव है। लालच से सब बर्बाद होता है। रवि सिंह ने तृष्णा को पैसे देकर घर गिरवी रखा। सलोनी को भी बुलाया। तृष्णा और हेम सिंह दबाव में आ गए। सलोनी ने तलवार उठाई और मां बाप को मार दिया। पड़ोसी ने देखा और पुलिस को फोन किया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
यह कहानी समाज की बड़ी समस्या है। महिलाएं एकाकी रहती हैं तो गलत प्रभाव में पड़ जाती हैं। युवक लालच में फंस जाते हैं। साहूकार जैसे लोग गरीबों को लूटते हैं। सलोनी जैसे बच्चे भी मजबूर होकर गलत काम करते हैं। परिवार को बचाना चाहिए। बच्चे को सही सिखाना चाहिए। समाज को मजबूत बनाना चाहिए।