बड़े घर की 66 महिलाओं के साथ डिलीवरी बॉय की चौंकाने वाली कहानी
निबंध: साइबर ठगी का घृणित खेल – एक सच्ची घटना जो आपको रोंगटे खड़े कर देगी
दोस्तों, आज हम आपको सुनाने जा रहे हैं एक ऐसी सच्ची घटना की जो लगभग ६६ महिलाओं के साथ हुई। ये कोई फिल्मी कहानी नहीं है, बल्कि पश्चिम बंगाल के हुगली जिले की चंदननगर कस्बे की एक वास्तविक घटना है। नाम है चिनसुरा। साल था २०२०, दिसंबर का महीना। एक महिला के घर में जन्मदिन का केक आया। लेकिन वो केक सिर्फ खाने का नहीं था। वो एक जाल का हिस्सा था, जो महिलाओं को धीरे-धीरे जाल में फंसाता गया और आखिर में उनकी इज्जत, पैसे, शरीर और सारी जिंदगी छीन ली।
सबसे पहले कहानी शुरू होती है उस महिला से, जिसका नाम हम नहीं बताएंगे क्योंकि वो अभी भी परेशान है। घर में कोई बच्चे का जन्मदिन था। वो बहुत खुश थी। घर के लिए एक बेहद खूबसूरत केक ऑर्डर किया। डिजाइन Google पर देखा, दिल में आया और घर पर ही रखवाया। केक का ऑर्डर किया, कोई नहीं बताया। दिसंबर २०२० में वो महीना था। केक घर पहुंचा। डिलीवरी बॉय आया। उसकी खूबसूरती देखकर वो ललच गया। सोचा, इस अमीर घर की औरत से एक काम निकाल लूं। उसने कहा, “मैडम, हमारी कंपनी नामीगरामी है। गरीब आदमी हैं, लेकिन आपसे एक रिक्वेस्ट है। अपना मोबाइल नंबर दे दीजिए। जब कोई कॉल आए, तो वीडियो कॉल पर थोड़ा अच्छा फीडबैक दें। तभी मेरी तरक्की होगी।”

महिला ने सोचा, छोटा सा काम है। अपना नंबर दे दिया और साथ ही अपना भी। एक हफ्ते बाद फोन आया। नाम था विशाल वर्मा। वो कह रहा था, “मैडम, वो केक कैसा था? खोलकर बताइए।” महिला ने खुशी-खुशी तारीफ की। लेकिन अगले मैसेज में लिखा था – “वीडियो कॉल पर फीडबैक दें। जितनी अच्छी बात कह सकें।” अननोन नंबर से कॉल आई। महिला ने वीडियो कॉल पर खुद को दिखाया, तारीफ की। पूरी तरह खुश हुई। फिर दो दिन बाद एक वीडियो आया। उसमें देखा तो उसकी आंखें खुल गईं। नग्न वीडियो थी – उसकी ही। जिसने सिर्फ वीडियो कॉल की थी, उसी से फोटो निकाली गई थी, फिर नई वीडियो बना दी गई।
महिला परेशान हो गई। उसने ट्राई किया २०, ३०, ४० बार। फोन बंद था। जब खुला तो मैसेज आने लगे – “आपने ४० से ज्यादा कॉल किए। फोन बंद रखना गलत है।” फिर एक दिन विशाल वर्मा खुद आया। बोला, “मैडम, ये वीडियो YouTube पर डाल दूंगा। आपकी बदनामी हो जाएगी।” महिला रो पड़ी। बोली, “भैया, माफ कर दो। मैंने गलती की।” विशाल ने कहा, “ठीक है। जब अकेली होगी, कॉल करो।”
महिला समझ गई कि ये सब मिलकर चल रहा है। दोस्त सुमन मंडल – वो पेंटर था – दोनों आए। घर में चाय रखी, फिर शारीरिक संबंध करवाया। जब काम पूरा हुआ, तो पुरानी असली वीडियो अपने फोन में डाउनलोड कर ली गई। फिर वही वीडियो फिर से भेज दी गई। अब धमकी शुरू हो गई – पैसे, ज्वेलरी, शरीर। २ महीने तक हर दिन ऐसा चलता रहा। कभी २१ लाख की मांग, कभी शरीर की डिमांड। आखिर में २१ फरवरी २०२१ को महिला पुलिस स्टेशन पहुंची। बोली, “ये झूठी कहानी नहीं है। नंबर था – विशाल वर्मा।”
पुलिस ने लोकेशन से ट्रायंगल पार्क के पास पहुंचा। वहां देखा तो एक नई महिला के साथ विशाल नग्न स्थिति में था। पुलिस ने दोनों को पकड़ा। जब पूछताछ की गई तो पता चला कि विशाल और सुमन ने मिलकर ६६ महिलाओं पर ऐसा कांड किया है। पुलिस ने विशाल का फोन छीना। अंदर ३१ वीडियो मिलीं – फीडबैक के नाम पर हर महिला की नग्न वीडियो। २५ क्लियर वीडियो कॉल में। एक वीडियो में तो गन पॉइंट पर रेप हो रहा था। पुलिस की आंखें खुल गईं।
विशाल और सुमन को गिरफ्तार कर लिया गया। ६६ महिलाओं के पास गए। कई ने रिपोर्ट लिखवाई। कई ने डर के मारे नहीं लिखी। लेकिन जब ६६वीं महिला ने रिपोर्ट लिखवाई, तो सारी घटना सामने आ गई। विशाल ने कबूल किया कि वो केवल लालच देखता था। जो महिलाएं अमीर, खूबसूरत और लालची लगती थीं, उन पर निशाना बनाता था। फीडबैक के नाम पर वीडियो कॉल करवाता, फिर असली वीडियो बना लेता। २० प्रतिशत से ५० प्रतिशत तक पैसे मांगता। महिलाएं लालच में फंस जाती थीं।
दोस्तों, ये कहानी सिर्फ एक लड़के की नहीं है। ये साइबर ठगी का नया तरीका है। केक का झांसा, फीडबैक की मांग, वीडियो कॉल, फिर ब्लैकमेल। पुलिस ने २३ फरवरी २०२१ को रात को गिरफ्तारी की। चार्जशीट दाखिल हुई। जेल भेजा गया। पुलिस की कोशिश थी कि कड़ी सजा हो ताकि भविष्य में कोई महिला इस तरह फंस न सके।
लेकिन दोस्तों, यह घटना सिर्फ पश्चिम बंगाल की नहीं है। उत्तर प्रदेश के कौशांबी की भी है। उत्तराखंड में भी ऐसे कई केस हैं। साइबर क्राइम अब हावी हो चुका है। लोग पैसे की लालच में पड़ जाते हैं, फिर अपनी इज्जत गंवाते हैं।
इस कहानी को सुनाने का उद्देश्य किसी को दुख देना नहीं। बल्कि जागरूकता फैलाना है। महिलाओं को सावधानी बरतनी चाहिए। ऑनलाइन ऑर्डर करते समय सावधानी बरतें, नंबर सुरक्षित रखें, कोई भी अननोन वीडियो कॉल न खोलें, और पुलिस को तुरंत बताएं।
अब मैं आप सबको बताना चाहता हूं कि मैं कौन हूं और मैंने यह कहानी क्यों सुनाई। मेरे नाम हैं सैफ अली खान। गांव पटौदी से हूं। हर साल मैं लाखों लोगों तक पहुंचता हूं। मैं आपसे अपील करता हूं – आप सबका नाम लीजिए। आप सब लोग बहुत-बहुत शुक्रिया। आप सब अपना-अपना ख्याल रखें, सुरक्षित रहें।