महिला का पति एक दुर्घटना में दुनिया से चला गया था।
आज की कहानी उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से शुरू होती है। वहीं एक छोटा सा गांव है, जहां बलवीर सिंह का नाम अमीर किसानों में गूंजता है। उसके पास अच्छी खासी जमीन है, पैसे हैं, और गाँव में उसका सम्मान है। वह खेती किसानी करता है, सुबह से शाम तक मेहनत करता है।
उसका परिवार भी बड़ा था। उसकी बहू पायल बहुत खूबसूरत और युवा थी। करीब चार साल पहले पायल का पति दुर्घटना में मर गया था। उसके पास पांच साल का बेटा बिटू था। पायल ने कभी दूसरी शादी नहीं की। क्योंकि उसके पास जमीन-जायदाद थी, और उसकी सोच थी कि ससुर के गुजर जाने के बाद सारी संपत्ति उसके नाम हो जाएगी। इसलिए वह अकेली ही रहना चाहती थी।
पायल के ससुर बलवीर भी उसे बहुत पसंद करते थे। लेकिन पायल के मन में एक और अजीब सा काम चल रहा था। पड़ोस में एक लड़का रहता था, गौतम। वह मेहनती मजदूर था। उसके घर की हालत खराब थी। पायल उसे पसंद करती थी। कुछ दिनों बाद पायल ने फैसला किया कि गौतम को घर में बुलाकर उसका अकेलापन दूर करेगी।

एक सुबह बलवीर खेत में चले गए। पायल अकेली थीं। गौतम दरवाजे पर आया। पायल ने उसे अंदर बुलाया। गौतम ने कहा, “चाची, मेरी मां बीमार है। मैंने ₹2000 मांगे थे, लेकिन अगले महीने लौटा दूंगा।” पायल ने पैसा दे दिया और कहा, “अगर और जरूरत हो तो बताना।”
गौतम के मन में खुशी छा गई। लेकिन पायल के अंदर से एक नया प्लान निकला। कई दिन बाद बलवीर ने पायल को बताया कि वह दोस्त की बेटी की शादी में जाना है और रात को नहीं आएगा। पायल ने कहा, “ठीक है पिताजी, मैं घर संभाल लूंगी।” बलवीर गए।
पायल ने गौतम को दोबारा बुलाया। कहा, “मैं अकेली हूं, तुम्हारी मां की दवाइयां खरीद लो।” गौतम ने पैसे मांगे। पायल ने ₹1000 उधार दिए और कहा, “रात को आ जाना, मैं तुम्हारी जरूरत पूरी कर दूंगी।”
गौतम खुश हो गया। रात को वह पायल के घर पहुंचा। दोनों कमरे में गए। गलत काम शुरू हो गया। पायल ने कहा, “अब जब भी बुलाऊं, आ जाना। पैसे से मदद करूंगा।” गौतम मान गया।
इस तरह पायल का जाल बनता गया। वह गौतम को बुलाती, पैसे देती, और जरूरतें पूरी करती। एक महीने बाद बलवीर ने गौतम को घर पर देख लिया। गुस्से में गौतम को धमकी दी, “इकाई के बाद मत आना, वरना जान ले लूंगा।”
पायल ने मगरमच्छ के आंसू बहाए। बलवीर ने विश्वास किया। लेकिन पायल के मन में गहरी जलन थी।
दूसरा प्लान। बलवीर ने नौकर की जरूरत बताई। गाँव का अमित आया। बलवीर ने उसे खेत में काम करने को कहा। अमित मेहनती था। लेकिन पायल ने उसे पसंद कर लिया।
पहले दिन अमित ने खाना मांगा। पायल ने खाना बनाया। बलवीर आए तो दोनों हंस रहे थे। बलवीर ने गौतम को धमकी दी थी, अब अमित को देखकर गुस्सा आ गया। पायल ने रोते हुए कहा, “पिताजी, मैं नहीं बुलाती।” बलवीर ने भरोसा किया।
लेकिन पायल और अमित फिर मिलने लगे। हर तीसरे दिन अमित को पायल बुलाती। गलत काम शुरू हो गया। अमित खुश था। पायल ने कहा, “रोज पैसे दूंगी।”
२० दिन बाद बलवीर और अमित खेत में थे। बलवीर ने दोस्त को बुलाया शराब पीने। उसने बताया, “तेरे नौकर को दिन में भेजता हूं, लेकिन रात को भी आते देखा।” बलवीर का दिमाग खराब हो गया।
वह रात को शराब में नशे में घर पहुंचा। पायल को गले में हथियार रख दिया। कहा, “तुमने अमित को भी नहीं बख्शा। अब हर रात मेरे साथ गलत काम करोगी। नहीं बताएगी तो जान ले लूंगा।”
पायल डर गई। लेकिन विरोध नहीं कर सकी। बलवीर ने उसका काम किया। फिर अमित को घर पर बुलाकर पिटाई की और धमकी दी, “घर मत आना, वरना मार दूंगा।”
पायल अब पागल जैसी थी। उसने अमित को फोन किया। बोली, “मुझे तुम्हारी जान लेनी है। पिताजी को मार दूंगी। पांच लाख दूंगी।”
अमित हां कर गया। रात को पायल ने चाकू दिया। दोनों ने बलवीर को बांधा, मुंह पर कपड़ा ठूंस दिया। अमित ने चाकू से पेट में वार किया। पायल ने ब्लेड से गला काट दिया। बलवीर चीखा, लेकिन मौत हो गई।
पड़ोसियों ने आवाज सुनी। पुलिस आई। शव देखे। दोनों को गिरफ्तार किया। पायल ने सारी सच्चाई बताई। अमित ने कहा, “मालकिन ने जाल बिछाया था।”
पुलिस ने आगे की कार्रवाई की। जायदाद किसे मिलेगी, सजा क्या होगी, भविष्य में पता चलेगा।
दोस्तों, यह थी पायल की कहानी। उसके ससुर की जायदाद पाने के लिए वह दूसरी शादी नहीं करना चाहती थी। लेकिन गलत रास्ता चुना।
हमारी कहानी सुनाने का उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं। ना ही किसी के दिल को आहार करना है। बस केवल आपको सदर करना है। आपको जागरूक करना है।
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मिलते हैं अगली कहानी में।
जय हिंद। नमस्कार।
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