15 अगस्त पर लाल किले की खतरनाक साजिश | मेजर आर्या का खतरनाक ऑपरेशन | 15 August Story |देशभक्ति कहानी – News

15 अगस्त पर लाल किले की खतरनाक साजिश | मेजर आर्या का खतरनाक ऑपरेशन | 15 August Story |देशभक्ति कहानी

15 अगस्त पर लाल किले की खतरनाक साजिश | मेजर आर्या का खतरनाक ऑपरेशन | 15 August Story |देशभक्ति कहानी

15 अगस्त पर लाल किले की खतरनाक साजिश | मेजर आर्या का खतरनाक ऑपरेशन | 15 August Story |देशभक्ति कहानी

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दोस्तों, आज हम आपको एक ऐसी कहानी सुनाने जा रहे हैं जो हर भारतीय के दिल में देशभक्ति की आग भड़का देगी। कहानी है मेजर आर्या प्रताप की।

15 अगस्त की सुबह लाल किले के सामने हजारों देशवासी एकत्र थे। सभी देशवासियों से निवेदन है कि अपनी निर्धारित जगह पर रहें। स्वतंत्रता दिवस समारोह कुछ ही समय में आरंभ होने वाला है।

पापा तिरंगा कब फहराया जाएगा? बस थोड़ी देर में बेटा। मैं सबसे जोर से भारत माता की जय बोलूंगा। जरूर बोलना हमारे सैनिकों के लिए भी तालियां बजाना क्योंकि उन्हीं के कारण हम सुरक्षित हैं।

भीड़ में सामान्य कपड़े पहने आर्या लोगों की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। मैम सभी प्रवेश द्वारों की जांच पूरी हो चुकी है। अभी तक सब सामान्य है। ऐसे समारोह में सब सामान्य है। सबसे खतरनाक वाक्य होता है। निगरानी जारी रखो। क्या आपको किसी पर संदेह है? अभी नहीं। लेकिन खतरा कभी अपनी पहचान बताकर नहीं आता। वो सामान्य चेहरे और मीठी मुस्कान के पीछे छिप कर आता है।

आर्या की नजर नीली जैकेट पहने एक व्यक्ति पर पड़ी। वो तस्वीरें लेते हुए बार-बार सुरक्षा चौकियों की तरफ देख रहा था। भाई साहब यहां से मंच साफ दिखाई देगा ना? हां। आप पहली बार समारोह देखने आए हैं? जी हां। बचपन से लाल किले पर तिरंगा लहराते देखने की इच्छा थी। अंकल आपके पास तिरंगा नहीं है? नहीं बेटा। लेकिन मैं तुम्हारे लिए चॉकलेट लाया हूं। उसने रोहन को चॉकलेट दी। लेकिन आर्या की नजर उसकी कलाई पर बंधी घड़ी पर थी। करण तीसरी पंक्ति में नीली जैकेट वाला आदमी दिखाई दे रहा है? हां मैम। उसने मंच से ज्यादा तस्वीरें सुरक्षा चौकियों की ली हैं। उसका प्रवेश पत्र दोबारा जांचो। मैं समीर को भेजता हूं। समीर सामान्य तरीके से संदिग्ध के पास पहुंचा। भाई साहब कृपया अपना प्रवेश पत्र दिखा दीजिए। अभी तो प्रवेश द्वार पर दिखाया था। बार-बार जांच क्यों हो रही है? यह सामान्य प्रक्रिया है। अच्छा मेरा प्रवेश पत्र बिल्कुल सही है। तो फिर दिखाने में डर कैसा? तुम कौन हो? अभी सवाल पूछने का अधिकार हमारे पास है। पहचान पत्र निकालो। संदिग्ध ने अपनी जेब से कार्ड निकाला और आर्या को दिखाया। मैम कार्ड देखने में असली लग रहा है। अपनी घड़ी उतारो। क्यों? क्यों?

क्या घड़ी पहनना अपराध है? घड़ी पहनना अपराध नहीं लेकिन हर कुछ सेकंड में उसे दबाना संदेह जरूर पैदा करता है। मैं कुछ नहीं छिपा रहा। तो घड़ी उतार कर साबित कर दो। संदिग्ध ने अचानक समीर को धक्का दिया और वहां से भागने लगा। रुको। संदिग्ध पूर्वी रास्ते की तरफ भाग रहा है। भीड़ में अफरातफरी मत होने देना। मैं उसे पकड़ती हूं। संदिग्ध ने जेब में हाथ डाला। लेकिन आर्या ने उसे पकड़ कर जमीन पर गिरा दिया। मुझे छोड़। हाथ जेब से बाहर निकाल। तुम नहीं जानती कि मैं कौन हूं। अब तुम केवल एक पकड़े गए अपराधी हो। करण उसकी घड़ी की जांच करता है। मैम ये सामान्य घड़ी नहीं है। इसके अंदर किसी उपकरण को संकेत भेजने की व्यवस्था है। किस उपकरण को? अभी पता नहीं नियंत्रण कक्ष सभी सेक्टरों की जांच कर रहा है। ढूंढते रहो। जब तक तुम्हें वो मिलेगा तब तक बहुत देर हो चुकी होगी। तुम्हारा नाम? जावेद। आज मेरा नाम पूरे हिंदुस्तान में गूंजेगा। आतंकियों के नाम इतिहस्त में नहीं। अपराधियों की फाइलों में बंद होते हैं। मैम इसे कहां ले जाना है? पूछताछ कक्ष में। रास्ते में इसे किसी से बात मत करने देना। मुझे छिपा कर ले जाने से अपनी हार नहीं छिपा पाओगी। हार किसकी हुई है? यह तिरंगा फहरने के बाद पता चल जाएगा। जावेद को पूछताछ कक्ष में ले जाया गया और समारोह सामान्य रूप से चलता रहा। क्या हमें कार्यक्रम रुकवा देना चाहिए? अभी नहीं। अचानक कार्यक्रम रोकने से भगदड़ मच सकती है। लेकिन खतरा कितना बड़ा है हमें नहीं पता। इसीलिए घबराना नहीं। खतरे तक पहुंचना जरूरी है। सभी कैमरे प्रसारण वैस अस्थाई स्टॉल और सेवा वाहनों की जांच करवाओ। कुछ देर बाद आर्या जावेद के सामने खड़ी थी। तुम अकेले नहीं आए हो। यह तुम्हारा अनुमान है। तुम्हारा नकली पहचान पत्र हथियार और घड़ी बता रहे हैं कि तुम परेड देखने नहीं आए थे। फिर भी तुम मेरी योजना नहीं समझ पाई। तुम्हारी घड़ी केवल संकेत देने के लिए थी। असली उपकरण कहीं और है। जावेद की आंखों में हल्की बेचैनी दिखाई दी। तुम्हारी आंखों ने जवाब दे दिया। अपने भ्रम में खुश रहो। तुम्हारे साथ कितने लोग हैं? इतने कि तुम हर चेहरे पर शक करने लगोगी। तभी आर्या के इयर पीस में करण की आवाज आई। मैम मीडिया सेक्टर में एक कैमरामैन का प्रवेश पत्र रिकॉर्ड से मेल खा नहीं रहा। उसके आसपास के लोगों को सामान्य तरीके से हटाओ। वो सतर्क नहीं होना चाहिए। वो लगातार किसी से इयरफोन पर बात कर रहा है। उस पर नजर रखो। मैं पहुंच रही हूं। भागो मेजर। शायद अभी कुछ सांसे बची हो। मैं लौट कर आऊंगी और उस समय तुम्हारी यह मुस्कान गायब होगी। मीडिया सेक्टर में संदिग्ध कैमरामैन कैमरा पकड़े खड़ा था। आप किस समाचार चैनल से हैं? राष्ट्र समाचार से। लाइव प्रसारण चल रहा है। रास्ते से हटिए। अपना मीडिया पास दिखाइए। पास मेरे गले में है। लेकिन जिस चैनल का नाम तुम ले रहे हो उसकी टीम दूसरे सेक्टर में मौजूद है। शायद मुझे गलत जगह भेज दिया गया होगा। कैमरा नीचे रखो। यह महंगा कैमरा है। मैं इसे किसी को नहीं दूंगा। समस्या उसकी कीमत नहीं। उसके असामान्य वजन की है। कैमरामैन ने आर्या को धक्का दिया और भागने लगा। करण और समीर ने उसे पकड़ लिया। मुझे छोड़ो। मैं पत्रकार हूं। पत्रकार भागते नहीं। अपनी पहचान साबित करते हैं। आदित्य कैमरे की जांच करो। मैम इसके अंदर संदिग्ध उपकरण छिपा है और उसका समय सक्रिय हो चुका है। कितना समय बाकी है? बहुत कम। आसपास के लोगों को तुरंत हटाना होगा। अब कोई तुम्हें नहीं बचा सकता। तुम्हारा नाम क्या है? फैजान। फैजान इसे रोकने का तरीका बताओ। हम मौत से डरने के लिए यहां नहीं आए। बाहर खड़े निर्दोष लोग तुम्हारी लड़ाई का हिस्सा नहीं है। हमें उनकी कोई परवाह नहीं। यही अंतर सैनिक और आतंकी में होता है। सैनिक अपनी जान देकर निर्दोषों को बचाता है और आतंकी निर्दोषों को मारकर खुद को बहादुर समझता है। अपने लोगों को बचा सकती हो तो बचा लो। मैम इसे सुरक्षित सुरक्षा घेरे तक पहुंचाना होगा। करण रास्ता खाली करवाओ। किसी नागरिक को खतरे का पता नहीं चलना चाहिए। आप क्या करेंगी? मैं आदित्य के साथ इसे सुरक्षित जगह तक पहुंचाऊंगी। यह बहुत बड़ा जोखिम है। जोखिम से बचने के लिए मैंने सेना की वर्दी नहीं पहनी। आर्या और आदित्य उपकरण को सुरक्षित स्थान की तरफ ले गए। करण ने फैजान से पूछताछ शुरू की। तुम्हारा सरगना कौन है? तुम सब गलत दिशा में दौड़ रहे हो। क्या मतलब है? कैमरे में रखा सामान केवल तुम्हारा ध्यान भटकाने के लिए था। मुख्य खतरा कहां है? जहां तुम सबसे ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रहे हो। मैम फैजान कह रहा है कि मुख्य खतरा दूसरी जगह है। मुझे भी ऐसा ही लग रहा था। शायद अभी कुछ और समझना बाकी है। अब क्या करें? सभी सुरक्षा कर्मचारियों की पहचान दोबारा जांचो। क्या उनका कोई आदमी व्दी में घूम रहा है? जावेद भीड़ में था और फैजान मीडिया सेक्टर में। तीसरा व्यक्ति ऐसी जगह होगा जहां उसे कोई रोक कर सवाल नहीं पूछेगा। कुछ देर बाद करण को एक खाली कमरे से अतिरिक्त व्दी और नकली प्रवेश पत्र मिला। मैम आपका संदेह सही था। किसी ने सुरक्षाकर्मी की वर्दी पहनकर प्रवेश किया है। खुला अलर्ट मत भेजना। वो सतर्क हो जाएगा। इतनी भीड़ में उसे पहचानेंगे कैसे? वो अपनी वर्दी से नहीं अपनी गलती से पकड़ा जाएगा। सभी जवानों से उनका दल और पहचान संख्या पूछो। करण ने सत्यापन शुरू किया। एक जवान आदेश सुनते ही पीछे हटने लगा। सामने खड़े जवान अपना दल और पहचान संख्या बताओ। मेरी ड्यूटी पश्चिमी द्वार पे है। पश्चिमी द्वार की टीम की वर्दी पर नीली पट्टी है। तुम्हारी व्दी पर लाल पट्टी क्यों है? नकली जवान ने अपने बैग में हाथ डाला। बैग से अपना हाथ बाहर रखो। पीछे रहो। मेरे करीब मत आना। तुम चारों तरफ से घिरे हो। मैं वापस जाने के लिए नहीं आया। और मैं यहां अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए खड़ी हूं। नकली जवान ने करण पर हमला किया। आर्या ने उसे रोक लिया और संघर्ष के बाद जमीन पर गिरा दिया। मुझे छोड़ आज मैं इस देश को घुटनों पर ला दूंगा। इस देश ने अंग्रेजों की गुलामी तोड़ दी थी। तुम्हारे जैसे कायर इसकी हिम्मत क्या तोड़ेंगे? तुम नहीं जानती कि हमारा सरगना कौन है। उसका नाम बताओ। लोग उसे नकाब कहते हैं। उसका असली चेहरा किसी ने नहीं देखा। वो कहां है? तुम्हारे इतने करीब कि तुम्हारी हर चाल देख रहा है। मैम ध्वजारोहण में केवल 5 मिनट बाकी हैं। नकाब अपनी योजना को सफल होते हुए देखना चाहता है। मतलब वो ऐसी जगह होगा जहां से मंच और सभी सुरक्षा सेक्टर्स दिखाई दें। नियंत्रण भवन की ऊपरी मंजिल। वहां केवल वरिष्ठ अधिकारी जा सकते हैं। जिसने अपने आदमी को जवान बनाकर भेजा वो अपने लिए अधिकारी की पहचान भी बना सकता है। समीर इसे हिरासत में लो। करण मेरे साथ चलो। आर्या और करण नियंत्रण भवन की ऊपरी मंजिल पर पहुंचे। वहां एक कमरा अंदर से बंद था। नियंत्रण कक्ष कमरा संख्या सात किसके नाम पर है? रिकॉर्ड में वो कमरा खाली है। खाली कमरे का दरवाजा अंदर से बंद नहीं होता। आर्या ने दरवाजे पर दस्तक दी। दरवाजा खोलो। तुम्हारे सभी साथी पकड़े जा चुके हैं। अंदर से धीमी हंसी सुनाई दी। मेजर आर्या प्रताप आखिर तुम यहां तक पहुंच ही गई। तुम्हारा खेल खत्म हो चुका है। खेल तब खत्म होता है जब राजा पकड़ा जाए। तुमने केवल मेरे प्यादे पकड़े हैं। दरवाजा खोल कर सामने आओ। नीचे तिरंगा फहरने वाला है। उस सुंदर दृश्य का आनंद लो। मैम वो हमारा समय बर्बाद कर रहा है। अगर तुम्हारी योजना सफल हो रही होती तो तुम दरवाजे के पीछे छिप कर बातें नहीं कर रहे होते। तुम्हारी समझ अच्छी है लेकिन पूरी नहीं। तुम्हारी अंतिम चाल इसी कमरे में है। दरवाजा तोड़ के देख लो। आर्या ने टीम को संकेत दिया और दरवाजा तोड़ा गया। स्वागत है मेजर। अपने दोनों हाथ ऊपर करो। मैं निहत्ता हूं। तुम्हारी बात पर विश्वास नहीं किया जा सकता है। विश्वास हमारा असली निशाना भी तो वही था। क्या मतलब है? हम केवल लोगों को मारना नहीं चाहते थे। हम दुनिया को दिखाना चाहते थे कि भारत का सबसे सुरक्षित दिन भी सुरक्षित नहीं है। भारत का भरोसा तुम्हारी साजिश से नहीं टूटेगा। अगर समारोह रुक जाता लोगों डर कर भागते और तिरंगा समय पर नहीं फहरता तो हमारी जीत हो जाती। इसीलिए समारोह नहीं रुका। लेकिन अभी ध्वजारोहण हुआ भी नहीं है। नकाब ने अचानक मेज के नीचे हाथ डाला। करण ने उसे रोकने की कोशिश की। नकाब ने करण को धक्का दिया। लेकिन आर्या ने उसका हाथ पकड़ कर उसे जमीन पर गिरा दिया। मुझे मार दो। मेरे बाद भी यह लड़ाई खत्म नहीं होगी। तुम्हें मरने की आसान सजा नहीं मिलेगी। तुम जिंदा रहोगे और अपने पूरे नेटवर्क का सच बताओगे। मैं कुछ नहीं बताऊंगा। तुम्हारे तीनों साथी पकड़े गए। योजना असफल हुई और जिस तिरंगे को रोकने आए थे वो तुम्हारी आंखों के सामने लहराएगा। बाहर राष्ट्रगान की धुन आरंभ हुई और लाल किले पर तिरंगा ऊपर उठने लगा। मैम हमने कर दिखाया। अभी नहीं। आदित्य पूरे कमरे की जांच करो। मैम यहां एक और संदिग्ध यंत्र है लेकिन उसका संपर्क टूट चुका है। अब वो सक्रिय नहीं हो सकता है। नहीं ऐसा नहीं हो सकता। जिस देश के सैनिक जागते रहते हैं वहां दुश्मन का हर सपना ऐसे ही टूटता है। तुमने आज मुझे हरा दिया लेकिन हमारा डर फिर लौटेगा। डर तुम्हारा हथियार है और साहस हमारी पहचान। तुम जितनी बार लौटोगे हिंदुस्तान हर बार तुम्हें पहले से ज्यादा मजबूती से जवाब देगा। पापा हमारा तिरंगा कितना सुंदर लग रहा है। हां बेटा इसकी रक्षा के लिए ना जाने कितने वीर हर पल हमारी सुरक्षा करते हैं। नकाब और उसके साथियों को सुरक्षा मुख्यालय लाया गया। मेजर आर्या देश आज तुम्हारा ऋणी है। सर मैंने केवल अपना कर्तव्य निभाया है। अगर तुम एक पल की भी देरी करती तो परिणाम भयानक हो सकते थे। आर्या मैम ने जावेद की छोटी सी हरकत नहीं देखी होती तो हम बाकी आतंकियों तक नहीं पहुंच पाते। यह किसी एक व्यक्ति की जीत नहीं है। समीर ने संदिग्ध को रोका। करण ने भीड़ संभाली। आदित्य ने उपकरण सुरक्षित किए। पूरी टीम ने देश को बचाया है। कुछ देर बाद आर्या नकाब के सामने बैठी। तुम्हारा असली नाम क्या है? नाम बदलते रहते हैं। मकसद नहीं बदलता। तुम्हारी योजना से निर्दोष लोगों को नुकसान हो सकता था। हम सिर्फ अपनी बात सामने रखना चाहते थे। तुम्हारा संदेश देश तक पहुंचा ही नहीं। बाहर किसी को तुम्हारी नाकाम साजिश की खबर नहीं है। सरकारी सच्चाई कब तक छिपाएगी? यह सच्चाई छिपाना नहीं। तुम्हारे डर को मंच देने से इंकार करना है। आज देश ने तिरंगा और बच्चों की मुस्कान देखी। तुम्हारा चेहरा किसी ने नहीं देखा। मेरे लोग मुझे छुड़ा लेंगे। तुम्हारे लोग खुद को बचा रहे हैं। जावेद ने तुम्हारे पुराने ठिकाने का पता बता दिया है। वो झूठ बोल रहा है। तुम्हारी आंखें बता रही हैं कि वो सच बोल रहा है। रात को सुरक्षा दल ने पुराने शहर में बने ठिकाने पर छापा मारा है। वहां से नकली पहचान पत्र और कई संदिग्ध दस्तावेज मिले। मैम इन दस्तावेजों में दूसरे शहरों के नाम भी हैं। सभी शहरों को शांत अलर्ट भेजो। जावेद ने सीमा पार बैठे एक व्यक्ति का नाम भी बताया है। मतलब नकाब अंतिम खिलाड़ी नहीं था। आज की साजिश खत्म हुई है। हमारी ड्यूटी नहीं। अगली सुबह देवेंद्र ने आर्या को एक बंद लिफाफा दिया। यह तुम्हारे लिए है। इसमें क्या है सर? प्रशंसा पत्र। इसमें लिखा है देश को तुम पर भरोसा है। सर यह सम्मान मेरी पूरी टीम का है। तुम्हारा नाम सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। दुनिया को कभी पता नहीं चलेगा कि आपने हजारों लोगों की जान बचाई। दुनिया को जानने की जरूरत नहीं। जिन बच्चों ने सुरक्षित तिरंगा लहराया वही हमारा सबसे बड़ा पुरस्कार है। हमारे हिस्से में ना तालियां आती हैं ना पहचान। सैनिक तालियों के लिए नहीं लड़ता। वो इसलिए लड़ता है ताकि उसके देशवासी बिना डर के तालियां बजा सकें। कुछ दिनों बाद आर्या और करण लाल किले के सामने से गुजर रहे थे। उस दिन किसी को पता भी नहीं चला कि खतरा उनके कितने करीब था। सबसे सफल सुरक्षा वही होती है जिसमें आम लोगों के उत्सव पर डर की परछाई तक ना पड़े। तभी करण के फोन पर अचानक एक संदेश आता है। मैम सीमा पार से संदेश मिला है। 15 अगस्त को जो अधूरा रह गया वो जल्द पूरा होगा। जवाब भेजने की जरूरत नहीं। क्यों? हमारे जवाब शब्दों में नहीं होते। अगली बार जब वे आएंगे उन्हें अपना जवाब खुद मिल जाएगा। आर्या ने लाल किले पर लहराते तिरंगे की तरफ देखा। यह तिरंगा केवल कपड़े का टुकड़ा नहीं है। इसमें लाखों शहीदों का बलिदान करोड़ों देशवासियों का विश्वास और हर सैनिक की शपथ बसी है। उस शपथ का अर्थ क्या है? जब तक शरीर में आखिरी सांस है इस देश की तरफ बढ़ने वाला हर खतरा हमसे टकरा कर लौटेगा। जय हिंद मेजर। जय हिंद। उस दिन भारत की एक बहादुर बेटी ने दुश्मनों की साजिश को परास्त कर तिरंगे की शान बचा ली। तो दोस्तों अगर आपको मेजर आर्य और उनकी टीम की देशभक्ति बहादुरी और अपने कर्तव्य के प्रति समर्पण और गर्व है तो कमेंट में दिल से जय हिंद जरूर लिखिए। हमारे देश की सुरक्षा के लिए दिन रात अपना कर्तव्य निभाने वाले हीरो के सम्मान में इस कहानी को अपने और अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर जरूर करें। अगर आपको ऐसी ही दिलचस्प और देशभक्ति से भरी कहानियां पसंद आई हो तो वीडियो को लाइक जरूर करें और ऐसी ही नई दिलचस्प और दमदार कहानियों को देखने के लिए हमारे चैनल को सब्सक्राइब जरूर कीजिए। आपका प्यार और साथ हमें आपके लिए ऐसी नई कहानियां लाने के लिए प्रेरित करता है। बहुत जल्द फिर मिलेंगे एक नई कहानी नए किरदार और एक नए रोमांस के साथ। तब तक के लिए अपना और अपने परिवार का ख्याल रखिए। जय हिंद। जय भारत।

Disclaimer: This story is fictional and created for entertainment purposes only. Any names, characters, places, or events are fictitious or used fictitiously. No real person or organization is intended to be portrayed.

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