(FINAL: PART 2)पति से तंग आकर पत्नी ने उठाया गलत कदम/
भाग 1: गदनखेड़ा गांव में सन्नाटा और पुलिस की तफ्तीश
सरपंच विजय कुमार की बर्बरता से हुई हत्या की खबर फैलते ही पूरे गदनखेड़ा गांव में सन्नाटा पसर गया। पुलिस अधीक्षक और फॉरेंसिक टीम तुरंत वारदात के स्थान पर पहुंची।
सरपंच के घर के कमरे में चारों तरफ खून फैला हुआ था। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया धारदार छुरा बरामद किया और खून के नमूनों को सील कर लैब में जांच के लिए भेज दिया। इसके साथ ही, तांत्रिक सोमनाथ की कुटिया की भी तलाशी ली गई, जहां से कई तरह की संदिग्ध जड़ी-बूटियां और नशे की गोलियां बरामद हुईं।
भाग 2: मंजू देवी और उसके पति विनोद से पूछताछ
तफ्तीश के दौरान पुलिस को गांव वालों से सरपंच और मिस्त्री विनोद की पत्नी मंजू देवी के अवैध संबंधों के बारे में पता चला। पुलिस ने तुरंत विनोद मिस्त्री और उसकी पत्नी मंजू को थाने बुलाकर पूछताछ की।
जब पुलिस ने मंजू के सामने सरपंच की हत्या की बात रखी, तो वह कांपने लगी। मंजू ने कबूल किया कि सरपंच उसे पैसों का लालच देकर और उसके पति को शराब पिलाकर उसके साथ संबंध बनाता था। विनोद मिस्त्री को जब अपनी पत्नी और सरपंच की इस करतूत का सच पता चला, तो वह अंदर से पूरी तरह टूट गया।
भाग 3: बेटे बबलू का हाल और गांव का आक्रोश
14 साल के मासूम बेटे बबलू को जब हॉस्टल में अपने पिता की हत्या और मां के जेल जाने की खबर मिली, तो उस पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। रिश्तेदारों ने किसी तरह बच्चे को संभाला।
गांव के लोग किरण देवी और तांत्रिक सोमनाथ के इस घिनौने कृत्य पर बेहद थू-थू कर रहे थे। ग्रामीणों का कहना था कि भले ही सरपंच विजय कुमार का चरित्र खराब था, लेकिन अपनी हवस और जायदाद के लालच में पति का कत्ल कर देना इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना थी।
भाग 4: अदालत में सुनवाई और दलीलें
कानपुर की सेशन कोर्ट में इस चर्चित दोहरे हत्याकांड और षड्यंत्र का मुकदमा शुरू हुआ। सरकारी वकील ने कोर्ट के सामने तर्क रखा कि आरोपी किरण देवी और तांत्रिक सोमनाथ ने बेहद ठंडे दिमाग से योजना बनाकर एक बेखबर इंसान का गला रेता और साक्ष्य मिटाने के लिए लाश के टुकड़े किए।
दूसरी तरफ, किरण देवी के वकील ने दावा किया कि तांत्रिक ने महिला को जड़ी-बूटियों के जरिए वशीभूत और ब्लैकमेल किया था। लेकिन फॉरेंसिक सबूतों, कॉल डिटेल्स और चश्मदीद गवाहों (दोनों शराबियों) के बयानों ने दोनों की मिलीभगत पूरी तरह साबित कर दी।
भाग 5: अदालत का अंतिम फैसला
मामले की पूरी सुनवाई पूरी होने के बाद, जज साहब ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा:
“अंधविश्वास, अवैध संबंधों और जायदाद के लालच में आकर जिस क्रूरता से इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया है, वह समाज के लिए एक कलंक है। अभियुक्त तांत्रिक सोमनाथ और मृतका की पत्नी किरण देवी को भारतीय न्याय संहिता के तहत हत्या (Section 103) और षड्यंत्र रचने का दोषी पाया जाता है।”
अदालत ने किरण देवी और तांत्रिक सोमनाथ दोनों को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई और दोनों पर ₹2-₹2 लाख का जुर्माना भी लगाया।
निष्कर्ष और विचारणीय प्रश्न
इस तरह वासना, अंधविश्वास और लालच के इस खूनी खेल में एक परिवार पूरी तरह बर्बाद हो गया। सरपंच की जान चली गई, मां-तांत्रिक जेल की सलाखों के पीछे पहुंचे और मासूम बेटा अनाथ हो गया।
दोस्तों, इस घटना को लेकर आपकी क्या राय है?
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क्या आपको लगता है कि अंधविश्वास और रातों-रात अमीर बनने की चाहत ही ऐसे अपराधों की मुख्य जड़ है?
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इस पूरी त्रासदी के लिए आप सबसे ज्यादा किसे जिम्मेदार मानते हैं—सरपंच विजय कुमार, किरण देवी या तांत्रिक सोमनाथ?