Rhea and Mahesh Bhatt Chats Back in Focus After Satish Salian Lawyer’s Claim ! Sushant Singh Rajput – News

Rhea and Mahesh Bhatt Chats Back in Focus After Satish Salian Lawyer’s Claim ! Sushant Singh Rajput

Rhea and Mahesh Bhatt Chats Back in Focus After Satish Salian Lawyer’s Claim ! Sushant Singh Rajput

8 जून से 14 जून की अनसुलझी दास्तान: रिया चक्रवर्ती, महेश भट्ट की चैट्स और दिशा सालियान केस की नई जाँच

कि तू कौन है? तेरा नाम है क्या? सीता भी यहाँ ब/द/ना/म हुई…

8 जून 2020 से लेकर 14 जून 2020 तक के सिर्फ छह दिन। यह छह दिन आज भी सुशांत सिंह राजपूत से जुड़े सबसे बड़े और अनसुलझे सवालों में गिने जाते हैं। क्योंकि इसी दौरान रिया चक्रवर्ती सुशांत का घर छोड़ती हैं, महेश भट्ट के साथ उनकी लगातार बातचीत होती है, और घटना वाले दिन की रहस्यमयी चैट्स सामने आती हैं।

आज फिर से यह मामला सुर्खियों में है क्योंकि दिशा सालियान केस में सीबीआई (CBI) की फ्रेश इन्वेस्टिगेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आइए, इस पूरी घटना, 6 दिनों की टाइमलाइन, चैट्स और नए कानूनी मोड़ को विस्तार से समझते हैं।

सीबीआई की फ्रेश इन्वेस्टिगेशन और बॉम्बे हाईकोर्ट का आदेश

सितंबर 2026 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने दिशा सालियान मामले में सीबीआई को नए सिरे से जाँच करने, एफ/आई/आर दर्ज करने और दिशा के पिता सतीश सालियान का बयान रिकॉर्ड करने का स्पष्ट निर्देश दिया।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी साफ किया कि जब तक जाँच में पर्याप्त सबूत और मटेरियल सामने न आ जाएं, तब तक किसी भी व्यक्ति को आ/रो/पी नहीं माना जा सकता।

दिशा सालियान के पिता के वकील नीलेश ओझा की तरफ से कई पुराने सवाल और गंभीर दावे फिर से सामने रखे गए हैं:

  • दावा किया गया है कि 8 जून की घटना के बाद सुशांत सिंह राजपूत को भी अपनी सुरक्षा और डाटा को लेकर गहरा ख/त/रा महसूस हुआ था।
  • सुशांत ने अपने डिजिटल डिवाइसेस, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और फोंस को लेकर कुछ कदम उठाए थे।
  • मामले को दबाने के लिए भारी रकम इस्तेमाल किए जाने के आ/रो/प लगाए गए हैं।

नोट: ये बातें फिलहाल याचिकाकर्ता और वकील की तरफ से लगाए गए आ/रो/प हैं, जिनकी सत्यता की जाँच सीबीआई के सामने होनी बाकी है।

8 जून से 14 जून 2020: 6 दिनों की विस्तृत टाइमलाइन

8 जून 2020: रिया का घर छोड़ना और ‘आयशा’ का जिक्र

8 जून वही तारीख है जब रिया चक्रवर्ती ने सुशांत सिंह राजपूत का घर छोड़ा। रिया के वकील का कहना था कि सुशांत ने खुद अपनी बहन मीतू के आने की वजह से रिया को कुछ समय के लिए अपने घर जाने को कहा था।

लेकिन सामने आई व्हाट्सएप चैट्स ने इस पर कई सवाल खड़े किए:

  • रिया ने महेश भट्ट को मैसेज में लिखा कि वह अपनी फिल्म ‘जलेबी’ के किरदार ‘आयशा’ की तरह आगे बढ़ रही हैं।
  • उन्होंने लिखा कि उनके दिल में भारीपन के साथ-साथ एक राहत (relief) भी है।
  • रिया ने महेश भट्ट को अपना ‘एंजेल’ बताया और लिखा कि उन्होंने एक बार फिर उनके पर (wings) खोल दिए हैं।
  • जवाब में महेश भट्ट ने रिया को पीछे मुड़कर न देखने और परिस्थितियों को स्वीकार करने की सलाह दी।

बाद में रिया ने दिए इंटरव्यू में दावा किया कि 8 जून की बातचीत सुशांत को लेकर नहीं थी बल्कि उनकी व्यक्तिगत मनोस्थिति से जुड़ी थी।

9 जून 2020: “यू सेव्ड मी येट अगेन”

9 जून को रिया और महेश भट्ट के बीच फिर बातचीत हुई:

  • रिया ने लिखा: “What would I do without you my angel… You saved me yet again.” (मैं आपके बिना क्या करती… आपने मुझे एक बार फिर बचा लिया।)
  • महेश भट्ट ने जवाब में इमोजी भेजे और सांत्वना दी।

यह वाक्य कि “आपने मुझे फिर से बचा लिया” सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा। हालांकि, चैट से यह स्पष्ट नहीं होता कि वह किस खतरे या परिस्थिति से बचाए जाने की बात कर रही थीं।

10 जून से 12 जून 2020: मोटिवेशनल संदेशों का सिलसिला

  • 10 जून: महेश भट्ट की तरफ से मोटिवेशनल मैसेज भेजे गए।
  • 11 जून: महेश भट्ट ने जीवन को दूसरे नजरिए से देखने और पीछे हटकर परिस्थिति समझने का संदेश भेजा, जिस पर रिया ने कहा कि वह अपनी दृष्टि (vision) वापस पा रही हैं।
  • 12 जून: अकेलेपन और रचनात्मकता (loneliness & personal creativity) से जुड़े विचार साझा किए गए।

14 जून 2020: वह खौफनाक सुबह और 2:35 PM का मैसेज

14 जून की सुबह करीब 9:35 बजे रिया ने महेश भट्ट को मैसेज किया:

  • रिया ने लिखा कि उन्हें भट्ट साहब की तरफ से रोज मिलने वाले मॉर्निंग कोट्स की अपनी ‘डेली डोज’ चाहिए।
  • महेश भट्ट ने भावनाओं और सांस लेने (feelings and breathing) से जुड़ा मोटिवेशनल संदेश भेजा।

लेकिन असली रहस्य इसके कुछ घंटों बाद गहराया:

  • दोपहर 2:35 बजे: महेश भट्ट की तरफ से रिया के फोन पर एक छोटा सा मैसेज आता है—“Call Me” (मुझे कॉल करो)।
  • इसके बाद महेश भट्ट की तरफ से मिस्ड कॉल्स भी दर्ज किए गए।

उसी दोपहर सुशांत सिंह राजपूत की अनहोनी और शं/का/स्प/द म/ौ/त की खबर सार्वजनिक हुई। सवाल आज भी कायम है कि दोपहर 2:35 बजे का वह ‘Call Me’ मैसेज किस विशेष खबर या बातचीत से जुड़ा था?

दिशा सालियान केस और सुशांत केस का कनेक्शन

दिशा सालियान, जो सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं, उनकी 8 जून 2020 की रात मुंबई के मलाड स्थित एक इमारत से गिरने के कारण म/ौ/त हो गई थी।

  • 2020 का पुलिस रुख: मुंबई पुलिस ने इसे शुरुआत में एक्सीडेंटल डेथ और बाद में सु/सा/इ/ड माना था।
  • 2026 का लीगल डेवलपमेंट: सतीश सालियान की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने क्रि/मि/न/ल कॉं/स्पि/रे/सी और ए/वि/डें/स डि/स्ट्र/क्श/न की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर फ्रेश इन्वेस्टिगेशन शुरू की।
  • डिजिटल पेनड्राइव: हाल ही में सतीश सालियान और वकील नीलेश ओझा ने सीबीआई को एक पेनड्राइव सौंपी है, जिसमें कथित प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और डिजिटल सबूत होने का दावा किया गया है।

8 जून (दिशा की घटना व रिया का घर छोड़ना) और 14 जून (सुशांत की म/ौ/त) के बीच महज 6 दिनों का अंतर था। इसी वजह से दोनों मामलों के तारों को आपस में जोड़कर देखा जाता रहा है।

महेश भट्ट का पक्ष और अनसुलझे सवाल

2020 में पुलिस पूछताछ और सार्वजनिक बयानों में महेश भट्ट ने साफ किया था कि:

  1. वे सुशांत सिंह राजपूत से अपने पूरे जीवन में केवल दो बार मिले थे (एक बार 2018 में और दूसरी बार फरवरी 2020 में)।
  2. उनकी मुलाकात में सिर्फ किताबों, यूट्यूब और रचनात्मक विषयों पर चर्चा हुई थी, कोई पेशेवर प्रोजेक्ट या मतभेद नहीं था।

चार मुख्य अनसुलझे सवाल जो आज भी जांच के दायरे में हैं:

  1. 14 जून की दोपहर की कॉल: 2:35 बजे के मैसेज के बाद दोनों के बीच असल में क्या बातचीत हुई थी?
  2. 8 जून का संदर्भ: रिया और महेश भट्ट की बातचीत का वास्तविक संदर्भ क्या था?
  3. डिजिटल एविडेंस: सीबीआई जाँच में पुराने सीसीटीवी फुटेज, फोन रिकॉर्ड्स और पेनड्राइव के डाटा से क्या नया खुलासा होगा?
  4. दोनों केस का लिंक: क्या दिशा सालियान मामले की सीबीआई जाँच में कोई ऐसा कंक्रीट सबूत मिलेगा जो सुशांत केस के अनसुलझे सवालों को सुलझा सके?

निष्कर्ष

सोशल मीडिया पर चलने वाले दावों और अदालती सबूतों के बीच अंतर होता है। किसी चैट का सामने आना एक तथ्य (Fact) है, लेकिन उसका सही अर्थ और context क्या था—यह जाँच का विषय है।

2020 की यह दुखद कहानी 2026 में एक नए कानूनी पड़ाव पर पहुँच चुकी है। सीबीआई की फ्रेश इन्वेस्टिगेशन, डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट्स और गवाहों के नए बयानों से ही आने वाले समय में यह साफ हो पाएगा कि 8 जून से 14 जून के उन छह दिनों का असली सच क्या था।

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Disclaimer: This story is fictional and created for entertainment purposes only. Any names, characters, places, or events are fictitious or used fictitiously. No real person or organization is intended to be portrayed.

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