दो कलयुगी लड़कों ने महिला संग कर दिया बड़ा कां*ड/पुलिस के भी होश उड़ गए/
दो कलयुगी लड़कों ने महिला संग कर दिया बड़ा कां*ड/पुलिस के भी होश उड़ गए/
**नमस्ते दोस्तों, मैं कुलदीप राणा।**
आज की हमारी घटना उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से शुरू होती है। कानपुर जिले में शाहपुर नाम का एक छोटा सा गांव है। इसी गांव में रहती हैं शिल्पा देवी। शिल्पा शराब के ठेके के सामने उबले हुए अंडे बेचती थी। उबले हुए अंडे बेचकर वह ठीक-ठाक पैसे कमा लेती थी। इन पैसे पर उसका घर का गुजारा चलता था। शिल्पा देखने में बहुत खूबसूरत और युवा थी।
उसका पति कदम सिंह की नहर में डूबने से मौत हो गई थी। शिल्पा अकेली पड़ गई थी। फिर भी वह हिम्मत करके अपने परिवार को संभालती थी। उसके पास एक सासू थी, कल्याणी देवी। कल्याणी अपनी बहू शिल्पा पर बहुत नजर रखती थी क्योंकि शिल्पा का चाल-चलन और चरित्र खराब हो चुका था। शिल्पा का एक १२ साल का बेटा था, अमन। अमन कक्षा पांच में पढ़ता था। स्कूल जाता था।

गांव में सब कुछ ठीक चल रहा था। लेकिन आगे चलकर शिल्पा और कल्याणी दोनों के साथ बड़े कांड होने वाले थे। शिल्पा इस बारे में कुछ नहीं जानती थी। कल्याणी भी नहीं जानती थी।
एक दिन सुबह आठ बजे कल्याणी ने शिल्पा को कहा, “शिल्पा, हमारे घर में दो कमरे खाली पड़े हैं। इन्हें किराए पर दे दो तो घर का अच्छा गुजारा हो जाएगा।” शिल्पा ने सहमति दी। उसने पड़ोसियों से कहा कि अगर कोई किराएदार आए तो उसे अपने घर भेजो। पड़ोसियों ने हां कर दी। शिल्पा अपनी दुकान पर चली गई।
उसी फैक्ट्री से दो मजदूर निकले – अंकित और किशन। दोनों शराब के ठेके गए। वहां अंकित ने शिल्पा को देख लिया। उसने दोस्त किशन से कहा, “किशन, यह बहुत खूबसूरत महिला है। पास में दुकान है।” दोनों ने दुकान पर पहुंचकर १० उबले हुए अंडे मांगे। शिल्पा ने पैक किए। अंकित और किशन की नजर शिल्पा पर टिक गई।
अंकित ने कहा, “हमारा मालिक ने कमरा नहीं दिया। हमें कमरा चाहिए।” शिल्पा ने कहा, “मेरे घर में दो कमरे खाली हैं। अगर रहना चाहो तो किराया पहले दो।” दोनों ने मना नहीं किया। अंकित ने अपना फोन नंबर और एड्रेस लिखवाया। शाम सात बजे वे सामान लेकर आए। शिल्पा और कल्याणी ने कमरे दिए। किराया लिया। दोनों कमरे में रहने लगे।
१५ दिन बाद अंकित और किशन फैक्ट्री से बाहर निकले। रास्ते में एक खूबसूरत महिला मंजू से मुलाकात हुई। मंजू धंधा करने वाली थी। अंकित ने पूछा, “एक रात का कितने पैसे?” मंजू ने ₹३००० कहा। दोनों ने मान लिया। कमरे में ले गए। अंकित और किशन ने मंजू के साथ गलत काम किया। काम पूरा होने पर शराब पीने लगे।
मंजू घर जाना चाहती थी। अंकित ने कहा, “कल फिर बुलाएंगे।” शिल्पा की सासू कल्याणी घर पर थी। उसने मंजू को देख लिया। गालियां दीं। अंकित और किशन ने भी गाली दी। शिल्पा ने शांत किया। मामला शांत हो गया।
२० जुलाई को सुबह कल्याणी ने शिल्पा से कहा, “आज मंदिर में जागरण है। तुम नहीं आओगी तो मैं जाऊंगी।” शिल्पा ने कहा, “मां जी, आज मंदिर में नहीं जा सकती। दुकान बंद कर रही हूं।” कल्याणी मंदिर चली गई। शिल्पा घर पर अकेली रही। अमन को खाना खिलाकर सुला दिया।
रात आठ बजे अंकित और किशन शराब लेकर आए। शिल्पा ने दरवाजा बंद किया। अंकित ने शिल्पा का हाथ पकड़ा। शिल्पा विरोध नहीं किया। अंकित ने कमरे में ले लिया। दोनों गलत काम करने लगे। काम पूरा होने पर अंकित ने किशन को बुलाया। किशन भी आया। दोनों ने शिल्पा के साथ काम किया। शिल्पा ने कहा, “जब भी मन करो, बुलाना। मैं खुश रहूंगी।” अंकित और किशन खुश होकर गए।
शिल्पा का मन अंकित और किशन की तरफ आकर्षित हो गया था। कल्याणी ने मंजू को घर से निकाला था। अब शिल्पा अकेली थी।
कई दिन बाद कल्याणी शिल्पा से कहती, “शिल्पा, मंदिर में जागरण है। रात आती है।” शिल्पा ने कहा, “मां जी, आज नहीं जा सकती।” कल्याणी चली गई। शिल्पा अकेली रही।
रात आठ बजे अंकित और किशन आए। शिल्पा ने दरवाजा खोला। कल्याणी मंदिर गई थी। अंकित ने शिल्पा का हाथ पकड़ा। शिल्पा ने विरोध नहीं किया। कमरे में ले गए। दोनों ने शिल्पा के साथ गलत काम किया। शिल्पा ने कहा, “जब भी मन करो, बुलाना।” अंकित और किशन खुश हुए।
शिल्पा अब अंकित और किशन की तरफ आकर्षित हो चुकी थी।
५ अगस्त को कल्याणी शिल्पा से कहा, “शिल्पा, आज दुकान बंद रखो। मैं खेतों में सब्जियां तोड़कर लाऊंगी। अमन को साथ लेकर जाती हूं।” शिल्पा खुश हुई। कल्याणी और अमन शहर चले गए। शिल्पा घर पर अकेली रह गई।
रात आठ बजे अंकित और किशन आए। शिल्पा ने दरवाजा खोला। दोनों ने शिल्पा के साथ गलत काम किया। शिल्पा ने कहा, “जब भी मन करो, बुलाना।” अंकित और किशन खुश हुए। शिल्पा का मन अब इन लड़कों पर था।
कई दिन बाद अंकित और किशन शिल्पा के घर आए। कल्याणी घर पर थी। कल्याणी ने गाली दी। अंकित और किशन ने धमकी दी। दोनों घर से निकल गए। कल्याणी परेशान हुई।
२४ अगस्त को कल्याणी खेतों में गई। अंकित और किशन रास्ते पर थे। दोनों ने कल्याणी को पकड़ा। खेत में ले गए। हाथ-पैर बांधे, मुंह पर कपड़ा ठूंस दिया। दोनों ने कल्याणी के साथ गलत काम किया।
कल्याणी के हाथ में पत्थर आ गया। उसने अंकित के सिर पर मारा। अंकित का सिर फट गया। अंकित ने भी पत्थर उठाया। कल्याणी के सिर पर मारा। कल्याणी की मौत हो गई।
किशन ने कहा, “इस महिला को खेत में दफना दें।” दोनों ने गड्ढा खोदा। कल्याणी की लाश दफनाई। खेत का मालिक शंकर आया। दोनों लड़कों को पकड़ लिया। शंकर ने पुलिस को फोन किया। पुलिस आई। दोनों को गिरफ्तार किया।
शंकर ने कहा, “ये लड़के कल्याणी के साथ गलत काम कर रहे थे। मैंने देख लिया।” पुलिस ने अंकित और किशन की पिटाई की। दोनों ने अपना पूरा जुर्म कबूल किया। अंकित ने कहा, “हमने कल्याणी के साथ गलत काम किया।” किशन ने भी यही कहा।
पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। जज साहब को सजा सुनानी है।
दोस्तों, इस पूरे घटनाक्रम में शिल्पा देवी ने जो किया, क्या वह सही था या गलत था?
कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें।
दोस्तों, हमारी कहानी सुनाने का उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं। ना ही किसी के दिल को आहार करना है। बस केवल आपको सदर करना है। आपको जागरूक करना है।
दोस्तों, फिर मिलते हैं अगली कहानी में। जय हिंद।