ससुर ने बहु के साथ बनाया गलत रिश्ता।Hindi Real Story
ससुर ने बहु के साथ बनाया गलत रिश्ता।Hindi Real Story
आज की कहानी उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव से शुरू होती है। गांव में रहते हैं सत्येंद्र सिंह। सत्येंद्र एक साधारण किसान थे। उनके पास थोड़ी सी जमीन थी। वे खेती करते थे। पैसे तो कमाते थे, लेकिन एक दिन उनकी पत्नी की मौत हो गई।
उस मौत के बाद सत्येंद्र पूरी तरह बदल गए। उन्होंने शराब की लत लगा ली। शराब, कबाब और शबाब की लत लग गई। रात को शराब पीकर वे शैतान बन जाते। गांव की कई खूबसूरत महिलाओं के साथ उनके गलत रिश्ते हो गए। धीरे-धीरे उनके सारे पैसे खत्म हो गए। अब उन्हें अपनी छोटी सी जमीन बेचनी पड़ी।
उनका एक इकलौता बेटा था, रवि। रवि की एक खूबसूरत पत्नी थी, पूजा। पूजा बहुत संस्कारी थी। रवि दुकान पर किराने की दुकान चलाते थे। उन्होंने अच्छे पैसे कमाए थे। लेकिन रवि भी अपने पिता के रास्ते पर चल पड़ा। रात को दुकान से शराब लेकर आते और नशे में घर लौटते। पत्नी पूजा से बार-बार झगड़े होते।
बाप और बेटे दोनों अपनी ही बहू पूजा के साथ गलत काम करने वाले थे। पूजा इस बारे में कुछ नहीं जानती थी।
एक दिन सुबह आठ बजे सत्येंद्र ने रवि को बुलाया। बोले, “बेटा, घर की हालत खराब हो गई है। सिर्फ दो कमरे हैं। मैं कुछ जमीन बेच दूंगा। पैसे से हम आलीशान घर बना देंगे।”

पूजा ने कहा, “पिताजी, जमीन बेचकर हम घर नहीं बनाएंगे। मेहनत से घर बनाना चाहिए।”
रवि गुस्से में चिल्लाया, “जमीन बेचकर ही रहेंगे।” पूजा और पति के बीच झगड़ा हो गया। सत्येंद्र बीच में बचा लिया। रवि गुस्से में दुकान पर चला गया। घर में सिर्फ सत्येंद्र और पूजा रह गए।
सत्येंद्र ने पूजा से कहा, “जमीन बेचने के बाद पैसे आएंगे, आधे मैं तुम्हें दूंगा। बदले में तुम्हारी जरूरतें पूरी करो।” पूजा ने इनकार कर दिया और कहा, “पिताजी, घर से बाहर निकल जाइए।” सत्येंद्र बाहर चले गए।
शाम छह बजे एक हैंडसम लड़का सुजीत रवि के घर आया। पूजा ने दरवाजा खोला। सुजीत ने पूजा की खूबसूरती देखकर मन भटक गया। उसने कहा, “भाभी, मैं अपने दोस्त से मिलने आया हूं।” पूजा ने बताया कि दोस्त अभी दुकान पर है। सुजीत चला गया।
रवि और सुजीत ने शराब की दुकान पर पार्टी शुरू की। नदी किनारे बैठकर दोनों नशे में धुत हुए। रवि घर आया। घर का मुख्य दरवाजा नहीं बंद किया। सीधे पूजा के कमरे में गया। पूजा ने कहा, “आज मेरी तबीयत खराब है।” लेकिन रवि सुनता नहीं था। शराब में नशे में वह जानवर बन गया।
उसने पूजा के कपड़े फाड़ दिए, हाथ-पैर बांधे, मुंह पर कपड़ा ठूंस दिया और गलत काम शुरू कर दिया। पूजा रोती रही, हाथ जोड़ती रही।
सत्येंद्र शराब के नशे में घर आया। उन्होंने दरवाजा खोला। पूजा और रवि को ऐसी हालत में देखकर उनकी भी नियत खराब हो गई। उन्होंने रवि से कहा, “रवि, कमरे का दरवाजा बंद करो।” रवि ने बंद किया।
सत्येंद्र की नजर पूजा पर टिक गई। पूजा को किसी भनक नहीं थी। एक हफ्ते बाद २५ सितंबर को सुबह सत्येंद्र ने पटवारी अमरपाल को फोन किया। बोले, “पटवारी साहब, आज एक एकड़ जमीन बेचना चाहता हूं।” अमरपाल ने आकर कहा, “सत्येंद्र, मैं जमीन खरीद लूंगा। बदले में तुम्हारी बहू पूजा के साथ एक रात गुजारना पड़ेगा।”
सत्येंद्र ने हां कर दी। अमरपाल ने कहा, “मुझे दो-चार दिन का समय दो।”
रवि ने सुजीत को अपने घर बुलाया। बोला, “सुजीत, मेरी बहन की तबीयत खराब है। हम दो दिन के बाद लौट आएंगे।” सत्येंद्र ने खुशी से कहा, “बेटा, जाना ही चाहिए। सुजीत तुम्हारा अच्छा दोस्त है।”
शाम छह बजे सत्येंद्र ने अमरपाल को बुलाया। कहा, “आज मेरी बहू अकेली है। आप फायदा उठा सकते हैं।” अमरपाल ने शराब पीने का इशारा किया। सत्येंद्र ने अमरपाल के पास एक पुड़िया नशीला पदार्थ रखा। अमरपाल ने दूध का १ लीटर लिया और नशीला मिला दिया।
रात आधी रात को पूजा ने दूध पिया। आधे घंटे बाद वह बेहोश हो गई। सत्येंद्र ने दरवाजा बंद किया। पूजा के साथ गलत काम शुरू कर दिया। अमरपाल आया। पूजा को फिर गलत काम कराया। दोनों ने पूरी रात काम किया।
सुबह पूजा की आंखें खुलीं। शरीर पर कपड़े नहीं थे। ससुर ने गलत काम किया था। पूजा ने पूछा, “आपने मेरे साथ रात में गलत काम क्यों किया?”
सत्येंद्र ने चाकू उठाया और धमकी दी, “मैंने अकेला नहीं किया। अमरपाल ने भी किया। मैंने उसे जमीन के बदले पैसे दिए।” पूजा के पैरों तले जमीन खिसक गई। सत्येंद्र ने कहा, “चुप रहो। अगर बताया तो तुम्हारी बदनामी हो जाएगी।” पूजा चुप हो गई।
तीन-चार दिन बाद अमरपाल ने सत्येंद्र को एक एकड़ जमीन के पैसे दे दिए। सत्येंद्र ने बैंक में जमा करवा लिया। अब सत्येंद्र शराब ज्यादा पीने लगा। गांव की खूबसूरत महिलाओं के पास जाता, उन पर पैसे उड़ाता, रातें रंगीन करता।
एक शाम रवि पिता के पास आया। बोला, “पिताजी, मुझे ₹५००० की जरूरत है।” सत्येंद्र ने पैसे दे दिए। रवि ने सुजीत को बुलाया। दोनों सुजीत के खेत में गए।
सत्येंद्र ने अमरपाल को फोन किया। बोला, “मेरी बहू अकेली है। आप घर आओ।” अमरपाल आया। दोनों दोस्त घर में शराब पीने लगे। नशे में सत्येंद्र ने पूजा से कहा, “तुम तैयार हो जाओ। मेरा दोस्त तुम्हारे साथ समय बिताने आ रहा है।” पूजा ने मना कर दिया।
सत्येंद्र ने गुस्से में पूजा का सिर दीवार से पटका। पूजा बेहोश हो गई। सत्येंद्र ने दरवाजा बंद किया। पूजा के साथ गलत काम कर लिया। अमरपाल ने भी काम किया। दोनों ने पूरी रात काम की।
सुबह पूजा बेहोश पड़ी थी। ससुर और दोस्त ने गलत काम किया था। रवि घर आया। पूजा को बेहोश देखकर समझ गया कि पिता ने गलत काम किया है। रवि ने पूजा को उठाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं उठ रही थी। रवि ने पूजा से कहा, “पिताजी ने तुम्हारे साथ गलत काम किया है।”
सत्येंद्र गुस्से में रवि को थप्पड़ मारा। रवि चिल्लाया, “तुम दोनों ने मेरी पत्नी के साथ गलत काम किया है।” अमरपाल ने खुलासा कर दिया, “हां, हमने किया। सत्येंद्र रोज पैसे लेते थे।” रवि ने गुस्से में कुल्हाड़ी उठाई।
पहले सत्येंद्र के सिर दो टुकड़े हो गए। फिर अमरपाल पर वार किया। अमरपाल की गर्दन धड़ से अलग हो गई। रवि ने पूजा के कमरे में जाकर पुलिस स्टेशन को फोन किया।
पुलिस आई। पूजा के शव देखे। लेकिन चेक करने पर पता चला कि पूजा की सांस चल रही थी। उसे अस्पताल ले जाया गया। रवि को गिरफ्तार किया गया। रवि ने अपना पूरा जुर्म कबूल कर लिया।
तीन-चार दिन बाद पूजा होश में आई। उसने बताया कि ससुर और अमरपाल ने मिलकर उसके साथ गलत काम किया। पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। जज साहब को सजा सुनानी है।
दोस्तों, इस पूरे घटनाक्रम में रवि ने जो कुछ अपने पिता और दोस्त के साथ किया, क्या वह सही था या गलत था?
कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें।
दोस्तों, हमारी कहानी सुनाने का उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं। ना ही किसी के दिल को आहार करना है। बस केवल आपको सदर करना है। आपको जागरूक करना है।
फिर मिलेंगे अगली कहानी में। जय हिंद।