गाँव में पिता की लत ने परिवार को तोड़ दिया: ऑटो चालक सतीश कुमार के घर में पत्नी साक्षी पर बलवान का अत्याचार– क्या पिता की शराब की लत परिवार को हमेशा के लिए बर्बाद कर देती है?
गाँव में पिता की लत ने परिवार को तोड़ दिया: ऑटो चालक सतीश कुमार के घर में पत्नी साक्षी पर बलवान का अत्याचार, बहू पूनम के साथ रेप, बेटे राजू ने दोनों को मार डाला – क्या पिता की शराब की लत परिवार को हमेशा के लिए बर्बाद कर देती है?
उदयपुर (राजस्थान) – 25 सितंबर 2026
उदयपुर जिले के बाड़ी गाँव में एक साधारण से घर की कहानी अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गई है। यहाँ की आर्थिक हालत और पिता की शराब की लत ने एक परिवार को पूरी तरह तबाह कर दिया। ऑटो चालक सतीश कुमार की पत्नी साक्षी देवी पर बलवान सिंह नाम के व्यक्ति ने कई बार जबरन अत्याचार किया। बाद में सतीश कुमार ने बेटे राजू को बुलाकर बहू पूनम के साथ रेप करने का षड्यंत्र रचा। अंत में राजू ने गुस्से में पिता और बलवान सिंह की हत्या कर दी।
यह घटना न केवल एक परिवार की कहानी है, बल्कि शराब की लत, घरेलू हिंसा और बेटे की गुस्से की एक सच्ची तस्वीर भी है। आज के इस पोस्ट में हम इस पूरी घटना को विस्तार से जानेंगे। क्या सतीश कुमार अपनी लत के कारण परिवार को बर्बाद कर गया? और क्या राजू का फैसला सही था? इस पोस्ट को अंत तक पढ़ें और कमेंट में बताएं कि क्या आप राजू के साथ सहमत हैं या नहीं।
घटना की शुरुआत
बाड़ी गाँव के जमींदारों के खेत में सतीश कुमार मेहनत से मजदूरी करता था। उसकी पत्नी साक्षी देवी देखने में खूबसूरत और जवान थी। दोनों का इकलौता बेटा राजू नौवीं कक्षा में पढ़ता था। राजू पढ़ाई में तेज और होशियार लड़का था। उसके सपने थे कि बड़ा होकर अच्छी नौकरी करेगा और घर की गरीबी दूर करेगा। लेकिन सतीश कुमार की शराब की लत ने सब कुछ बर्बाद कर दिया।
कुछ दिनों पहले सतीश कुमार ने काम छोड़ दिया और घर पर बैठ गया। साक्षी ने उसे ड्राइविंग का काम करने को कहा। उसने ऑटो रिक्शा खरीदा। लेकिन पैसे भी शराब में उड़ जाते। साक्षी बार-बार नकारती, लेकिन सतीश मान नहींता।
बलवान सिंह का अत्याचार
सतीश कुमार का दोस्त बलवान सिंह गाँव में औरतों का गुलाम था। उसने साक्षी को भी पैसे देकर अपने बिस्तर पर ले आए। 25 जून 2026 को जब सतीश शहर में और राजू दोस्तों के साथ खेलने बाहर थे, साक्षी अकेली थी। बलवान घर आया और साक्षी से कहा कि पति 1 लाख कर्ज में है। अगर साक्षी उसके साथ रात गुजार ले तो कर्ज माफ कर दूंगा। साक्षी ने इनकार कर दिया। बलवान ने धमकी दी कि पुलिस में शिकायत करूंगा।
साक्षी ने बहार निकाल दिया, लेकिन बलवान सतीश को फोन करके खेत बुलाया। दोनों दोस्त शराब पीने लगे। बलवान ने पूजा नाम की विधवा महिला को 10:30 बजे बुलाया। दोनों ने उस रात गलत काम किया।
साक्षी पर दूसरी बार अत्याचार
14 जुलाई 2026 को फिर वही हुआ। साक्षी अकेली थी। सतीश और बलवान शराब में नशे में थे। सतीश ने कहा, “पत्नी के साथ एक रात गुजार लो, वरना पुलिस में शिकायत कर दूंगा।” साक्षी ने मना कर दिया। सतीश ने चाकू लेकर साक्षी की गर्दन पर रख लिया। साक्षी डर गई। बलवान ने बिना राजामंदी के साक्षी के साथ गलत काम किया। सतीश ने कर्ज माफ कर दिया लेकिन धमकी दी कि “हर तीसरे चौथे दिन आऊंगा, पैसे दूंगा और शराब भी दूंगा।”
साक्षी ने कोई नहीं बताया। पड़ोसियों को और बेटे राजू को नहीं बताया। यही उसकी सबसे बड़ी गलती थी।

बच्चों की मदद
कुछ दिनों बाद साक्षी बीमार पड़ गई। राजू ने अपनी मौसी संतोष देवी को फोन किया। संतोष ने बहू पूनम (12वीं पास, सिलाई सीख रही) भेज दी। पूनम साक्षी के साथ रहने लगी। साक्षी ने राजू को घर पर रखा।
पूनम पर रेप
2 अगस्त 2026 को सतीश शहर गया। साक्षी और राजू अस्पताल गए। पूनम अकेली थी। सतीश नशे में आया, कहा “खाना दो”। पूनम ने कहा, “मौसी गई है, आप नशे में क्यों?” सतीश ने गुस्सा किया। पूनम की गर्दन पर कैंची रख ली। पूनम रोने लगी। सतीश ने उसे कमरे में घसीटा, हाथ-पैर बांध दिए, मुंह में कपड़ा ठूसा और बिना राजामंदी के रेप कर लिया। पूनम को धमकी दी, “कोई बताएगा तो मार डालूंगा।” सतीश बाहर चला गया। पूनम रोते-रोते कमरे में बंद हो गई।
पूनम की सच्चाई
शाम को साक्षी और राजू आए। पूनम ने रोते हुए सब बताया – मौसा ने कैंची से धमकी दी, रेप किया। राजू गुस्से से उबल पड़ा। साक्षी भी अब चुप्पी नहीं तोड़ रही थी। उसने कहा, “बलवान हर तीसरे दिन आता है, मैंने भी गुजारा किया।” राजू ने कहा, “मां, पापा जानवर है। मैं पुलिस जाऊंगा।” साक्षी ने मना किया क्योंकि पति घर चलाता है। राजू ने साफ कहा, “हम पुलिस नहीं जाएंगे।”
राजू का गुस्सा फटता है
रात 10:30 बजे सतीश और बलवान शराब में घर आए। बलवान ने कहा, “साक्षी के साथ आज वक्त गुजारना है।” सतीश ने बच्चे सो जाएंगे तो कहा। लेकिन राजू और पूनम सो नहीं रहे थे। दोनों कमरे में बैठे थे।
बलवान साक्षी के कमरे में घुसा। राजू ने हाथ में कुल्हाड़ी उठाई। पहले बलवान के सिर में 3-4 वार मारे। फिर उसकी गर्दन काट दी। साक्षी को भी उसने रोका। राजू पिता के पास गया। सतीश के सिर में वार मारे। साक्षी रो पड़ी। राजू ने पिता की गर्दन भी काट दी।
घर में चीखें मच गईं। पड़ोसियों को आवाज पहुंची। पुलिस पहुंची। दोनों लाशें पोस्टमार्टम के लिए भेजी गईं। राजू गिरफ्तार।
पुलिस से पूछताछ
राजू ने बताया, “मौसा ने पूनम के साथ रेप किया। बलवान ने मां के साथ कई बार अत्याचार किया। मैंने हत्या की।” पुलिस हैरान रह गई। बाद में जज साहब फैसला सुनाएंगे।
क्या सही था?
दोस्तों, इस घटना में सतीश कुमार की शराब की लत ने सब कुछ बिगाड़ दिया। बलवान का अत्याचार और सतीश का साथ देना परिवार को तोड़ गया। पूनम पर रेप और साक्षी पर जबरन गलत काम ने राजू को उबला। लेकिन बेटे का पिता और बलवान की हत्या? क्या यह सही फैसला था?
राजू ने अपने परिवार की रक्षा की। लेकिन कानून के अनुसार यह गलत है। क्या राजू ने गलती की? या सतीश और बलवान ने ही गलती की जो परिवार को तोड़ गए?