पूजा करने मंदिर गई थी/पुजारी ने कर दिया बड़ा कां#@ड/ – News

पूजा करने मंदिर गई थी/पुजारी ने कर दिया बड़ा कां#@ड/

पूजा करने मंदिर गई थी/पुजारी ने कर दिया बड़ा कां#@ड/

पूजा करने मंदिर गई थी/पुजारी ने कर दिया बड़ा कां#@ड/

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मेरठ का छुपा सच: पुजारी का नशा, दो औरतों पर गलत काम और बहादुरी की कहानी

मेरठ जिले के पीपली खेड़ा गाँव में एक ऐसा ट्रक ड्राइवर रहता था जिसने कभी नहीं सोचा कि उसकी गलतियों की सजा इतनी भयानक होगी। नाम था सूरज कुमार। सूरज दिन-रात ट्रक चला रहा था। पिछले 10 सालों से वह लगातार ट्रक चलाता आया था। इससे उसे अच्छे पैसे कमा लिए थे और इसी बलबूते पर उसने इस गाँव में एक आलीशान महल जैसा घर भी बना लिया था। उसके साथ थी पत्नी नेहा देवी — देखने में बहुत खूबसूरत और जवान। नेहा हर समय पूजा-पाठ में लगी रहती थी।

सूरज ने कहा था, “घर में पूजा करवाएंगे।” लेकिन नेहा जिद पर थी। उसने कहा, “अब तो तुम दो दिन के लिए आए हो। दो दिनों में पूजा करवा लो, नहीं तो एक महीने के लिए बाहर जाओ।” सूरज मान गया। उसने मंदिर का पुजारी विकास पांडे को बुलाया। विकास पांडे गाँव में दो महीने से आया हुआ था। उसका चरित्र कुछ ठीक नहीं था। औरतों पर उसकी नजर थी।

पुजारी का खेल

25 जून 2026 की सुबह 11 बजे। विकास पांडे मंदिर से निकला और सूरज के घर पहुँचा। नेहा ने दरवाजा खोला। विकास ने नेहा की खूबसूरती देखते ही उसकी नजर में आग लग गई। उसने पूजा सामग्री माँगी, सूरज को बिठाया और नेहा को भी बिठा लिया। पूजा करते हुए उसने नेहा को प्रसाद दिया। प्रसाद में नशीला पदार्थ था। नेहा पीते-पिएँ बेहोश हो गई। विकास ने नेहा को अपने कमरे में ले जाकर उसका गला रस्सी से बाँधा, मुंह में कपड़ा ठूसा और बेहोशी की हालत में गलत काम करना शुरू कर दिया।

जब नेहा होश में आई तो विकास ने उससे कहा, “अगर किसी को बताया तो मैं तुम्हारी नग्न वीडियो इंटरनेट पर वायरल कर दूँगा। हर तीसरी-चौथी रात मेरे मंदिर में आना पड़ेगा।” नेहा डर गई। वह सूरज को नहीं बताई। वह सोचती रही कि कुछ हो जाएगा तो देख लूँगी।

दूसरी औरत

कुछ दिन बाद विकास ने सूरज से पूजा सामग्री के नाम पर कांता देवी के घर पर जाना शुरू किया। कांता एक विधवा थी। उसके पास पाँच साल का बेटा बबलू था जो बीमार रहता था। विकास ने कांता को भी प्रसाद दिया। प्रसाद में नशीला पदार्थ था। कांता बेहोश हुई। विकास ने उसके साथ भी गलत काम किया और धमकी दी, “अगर किसी को बताया तो वीडियो वायरल कर दूँगा।”

दोनों औरतें एक साथ

नेहा और कांता दोनों ने मिलकर अपनी-अपनी गलती देखी। नेहा ने कहा, “मेरा भी यही हाल है।” कांता ने कहा, “मैं भी पुलिस स्टेशन जाऊँगी।” दोनों ने मिलकर औरतों की हिम्मत जुटाई। वे दोनों ने हिम्मत करके पुलिस स्टेशन में जाना शुरू किया।

पुलिस का एक्शन

मेरठ पुलिस स्टेशन के डीएसपी अमृत सिंह ने दोनों औरतों की पूरी कहानी सुनी। उन्होंने तुरंत एक टीम बनाई। 5 जुलाई 2026 को सुबह मंदिर में रेड डाली गई। विकास पांडे को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके कमरे में नेहा और कांता के साथ उसके गलत काम के सबूत मिले। विकास का कबूल हुआ कि वह कोई सच्चा पुजारी नहीं है। वह चोर है। दो साल की सजा के बाद जेल से बाहर आकर यह गाँव आया था।

न्याय

पुलिस ने विकास के खिलाफ धारा 370, 376, 109, 34 के तहत केस दर्ज किया। मेरठ के जज साहब ने विकास को दो-तीन साल की सजा सुनाई। कांता और नेहा दोनों को न्याय मिल गया।

सीख

दोस्तों, यह कहानी हमें सिखाती है कि गाँव के अंदर भी छुपी हुई गंदगी होती है। अगर कोई औरत को कोई भी गलत काम करने को कहे तो वह डरकर चुप रह सकती है। लेकिन बहादुरी रखने वाली औरतें होती हैं। कांता और नेहा दोनों ने पुलिस स्टेशन जाना चुना। वे दोनों आज भी सलामती हैं।

आज के जन्मदिन वालों को बर्थडे बिस्मिल्ला।
आज मेरठ के कुछ युवाओं के जन्मदिन हैं। इन सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएँ।

कुलदीप राणा कहते हैं — गलत काम करने वाले को कभी अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। औरतों की हिम्मत देखो।

Disclaimer: This story is fictional and created for entertainment purposes only. Any names, characters, places, or events are fictitious or used fictitiously. No real person or organization is intended to be portrayed.

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