ससुर की एक गलती से हुआ बड़ा हादसा / बहू की मौत /
ससुर की एक गलती से हुआ बड़ा हादसा / बहू की मौत /
नमस्कार दोस्तों, मैं कुलदीप राणा। आज के हमारे इस घटना की शुरुआत होती है उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से। मेरठ जिले में एक खासपुर नाम का गांव पड़ता है और इसी खासपुर गांव में रहने वाला मदन सिंह। मदन सिंह के पास अपनी 16 एकड़ जमीन होती है। खेती किसानी का काम किया करता था। मदन सिंह एक बहुत ही धनी जमींदार होता है। मदन सिंह के पास पैसा और पावर दोनों होती है। मदन सिंह की पत्नी की छ साल पहले मौत हो चुकी थी और पत्नी के गुजर जाने के बाद मदन सिंह का जो चरित्र होता है वह बिल्कुल खराब हो चुका था।

इसके बाद मदन सिंह अपने खेत में एक आलीशान महल जैसा कमरा बनवा लेता है और इस कमरे के अंदर एसी तक की सुविधा होती है। मदन सिंह हर रात गांव की खूबसूरत महिलाओं को अपने इस खेत में बुला लिया करता था। खेत में बुलाने के बाद इन खूबसूरत महिलाओं के साथ अपनी रातें रंगीन कर लिया करता था और इन महिलाओं को कुछ पैसे देकर मामला रफादफा कर दिया करता था। मदन सिंह का बस यही काम होता है। मदन सिंह के परिवार में इसका एक बेटा भी होता है जिसका नाम पवन कुमार होता है। पवन कुमार एक शराबी होता है। पवन कुमार हर रोज शराब के नशे में धुत होकर अपने घर पर आता था और फिर इसके बाद पवन कुमार अपनी पत्नी अनीता के साथ लड़ाई झगड़ा किया करता था। पवन कुमार की पत्नी अनीता देवी काफी खूबसूरत और जवान महिला होती है। और अनीता देवी हमेशा अपने पति पवन कुमार को कहती थी कि तुम यह शराब पीना छोड़ दो। लेकिन जो पति पवन होता है अपनी पत्नी की सारी बातों को एक कान से सुनता था। दूसरे कान से बाहर निकाल दिया करता था। यहां तक इस परिवार में सब कुछ ठीक ठाक चल रहा होता है। लेकिन आगे चलकर अब मदन सिंह अपनी पुत्रवधू अनीता के साथ बहुत बड़े बड़े कांड करने वाला था। लेकिन यह मदन सिंह अपनी पुत्रवधू अनीता के साथ तो बाद में कोई कांड करता है। इससे पहले इस गांव में रहते हुए मदन
सिंह एक दूसरी औरत के साथ बहुत बड़ा कांड कर देता है। इस तरीके से कुछ दिनों का वक्त गुजर जाने के बाद एक तारीख आ जाती है 5 जुलाई 2026 का दिन। सुबह के करीब 7:30 बजे के आसपास का वक्त होता है। मदन सिंह अपने खेत में बने कमरे के अंदर गहरी नींद में सोया हुआ था। उसी समय इस कमरे के अंदर एक सांपों का जोड़ा प्रवेश कर जाता है और जैसे ही यह सांपों का जोड़ा इस कमरे के अंदर प्रवेश कर जाता है तो तुरंत मदन सिंह की आंखें खुल जाती है। मदन सिंह देखता है कि उसके कमरे में एक सांपों का जोड़ा बैठा होता है। मदन सिंह उसी समय एक लाठी उठाता है और लाठी की वजह से उन उस सांप के जोड़ों में से एक सांप को मार देता है और दूसरा सांप वहां से भागने में कामयाब हो जाता है। लेकिन अब यही सांप इस मदन सिंह के साथ इतना बड़ा कांड करने वाला था जिसके बारे में मदन सिंह कुछ भी नहीं जानता था और इस घटना को अंजाम देने के बाद अब मदन सिंह अपने खेत से बाहर निकलता है गांव में आ जाता है। मदन सिंह जैसे ही अपने घर पर पहुंचता है तो देखता है कि मदन सिंह की पुत्रवधू अनीता देवी घर के अंदर खाना बना रही होती है। अनीता देवी अपने घर में बिल्कुल अकेली होती है। लेकिन अनीता देवी उस समय रो रही थी और मदन सिंह जैसे ही अपनी पुत्रवधू अनीता को रोते हुए देखता है तो पूछने लग जाता है कि अनीता ऐसी क्या वजह है कि तुम रोए जा रही हो। अब इसके बाद अनीता अपने इस ससुर मदन सिंह को कहती है कि मेरा पति जो पवन है वह मेरी पिटाई करने के बाद बाहर चला गया है और मैंने उससे कुछ पैसे मांगे थे और आज मैं कुछ कपड़े अपने लिए खरीदना चाहती थी। लेकिन मदन सिंह कहने लग जाता है कि अनीता तुम किसी बात की फिक्र मत करो।
तुम्हें जितने भी पैसे चाहिए मैं तुम्हें दे दूंगा। जैसे ही मदन सिंह अपनी बहू अनीता देवी को यह सारी बातें कहता है तो अनीता बड़ी खुश हो जाती है। लेकिन मदन सिंह की नियत आज अपनी बहू अनीता देवी पर खराब हो चुकी थी। मदन सिंह अपने मन में सोचने लग जाता है कि उसका बेटा पवन तो शराबी व्यक्ति बन चुका है और मेरे घर में अब जवान लड़के भी आते हैं और यह सारे लड़के मेरी बहू अनीता के साथ हंस हंस कर बातचीत करते हैं और अनीता भी इन लड़कों के साथ हंस हंस कर बातें करती है और आगे चलकर ऐसा भी हो सकता है कि मेरी बहू अनीता किसी पड़ोस के लड़के को लेकर भाग ना जाए। जब ऐसे से ख्याल मदन सिंह के मन में आने लग जाते हैं तो अब मदन सिंह का दिमाग बिल्कुल खराब हो जाता है। मदन सिंह अपने मन में सोचने लग जाता है कि अब मुझे ही अनीता को अपना सहारा देना पड़ेगा। इसके बाद मदन सिंह अपनी बहू अनीता को उसी समय ₹5000 देता है और अनीता को कहता है कि अनीता आज तुम अपने लिए कुछ कपड़े खरीद लेना। और अगर तुम्हें कुछ और पैसे चाहिए तो मुझे बता देना। अब जैसे इन दोनों के बीच यह सारी बातचीत चल रही होती है तो उसी समय वहां पर पवन भी आ जाता है। पवन देखता है कि घर के अंदर अनीता और उसका ससुर मदन सिंह दोनों खड़े हुए आपस में बातचीत कर रहे होते हैं।
पवन को अपने पिता पर शक हो जाता है। पवन उसी समय अपने पिता को कहने लगता है कि पिताजी जब भी तुम घर में आते हो तो अपनी बहू के साथ हंस हंस कर बातचीत करते रहते हो। यह तुम्हारी बात बिल्कुल गलत है। लेकिन मदन सिंह अपने बेटे पवन कुमार का मुंह बंद करना जानता था। मदन सिंह उसी समय अपनी जेब से ₹1000 निकालता है और अपने बेटे पवन को देता है और कहता है कि पवन जितनी भी तुम्हें शराब पीनी है तुम पी सकते हो और इसके बाद पवन कुछ पैसे लेकर उसी समय अपने घर से बाहर निकल जाता है और अपने दोस्तों के साथ बैठकर शराब पीना शुरू कर देता है। अब इसके बाद जो मदन सिंह होता है खाना भी खाता है और खाना खाने के बाद अपनी बहू अनीता को फिर से कहता है कि अनीता अपने लिए कुछ कपड़े खरीद लेना। लेकिन अब मदन सिंह अपनी इस बहू अनीता को हासिल करना चाहता था और अनीता को हासिल करने के लिए मदन सिंह किसी भी हद तक गिर सकता था। खाना खाने के बाद अब मदन सिंह अपने घर से बाहर निकलता है और घर से बाहर निकलने के बाद अपने खेतों की तरफ चल पड़ता है। लेकिन बीच रास्ते में मदन सिंह की मुलाकात गांव की एक बड़ी ही खूबसूरत महिला से होती है और इस महिला का नाम विमला देवी होता है। विमला देवी एक ऐसी औरत होती है जो कि गांव के मर्दों को अपने प्रेम जाल में फंसा लेती थी और इन मर्दों से पैसे एंट लिया करती थी और आज के समय में मदन सिंह जैसे ही विमला से मिलता है तो विमला उसी समय मदन सिंह को कहती है कि देखो जमींदार साहब मेरा घर का फ्रिज खराब हो चुका है और मुझे नया फ्रिज खरीदना है क्योंकि मेरा जो पहला फ्रिज था वह पुराना हो चुका है। वो खराब भी हो चुका है।
मैंने उस फ्रिज को कई बार ठीक भी करवाया है। लेकिन अब वो ठीक तरीके से काम नहीं करता है। और इसी वजह से मैं नया फ्रिज खरीदना चाहती हूं और नया फ्रिज खरीदने के लिए मुझे 10 हजार की सख्त जरूरत है। अगले महीने मैं तुम्हारे 10 हजार वापस लौटा दूंगी। अब जैसे ही मदन सिंह इस महिला विमला देवी की सारी बातों को सुनता है तो मदन सिंह कहने लग जाता है कि विमला तुम किसी बात की फिक्र मत करो। मैं तुम्हें 10 हजार देने के लिए तैयार हूं। लेकिन मेरी शर्त है कि आज रात तुम्हें मेरे खेत में आना पड़ेगा और मेरे साथ खेत में तुम्हें अपनी रात रंगीन करनी पड़ेगी। विमला को जब साफ साफ शब्दों में ऐसी बातें कही जाती हैं तो विमला कहने लगती है कि जमींदार साहब तुम किसी बात की फिक्र मत करो। आज रात को मैं तुम्हारे खेत में आ जाऊंगी और तुम्हारी रातों को बिल्कुल रंगीन कर दूंगी। यहां पर मदन सिंह बहुत खुश हो जाता है। लेकिन विमला देवी कहती है कि मुझे अभी इसी समय 10 हजार चाहिए। लेकिन मदन सिंह बहुत ही चालाक व्यक्ति होता है। मदन सिंह कहने लग जाता है कि पैसे तो तुम्हें रात को ही मिलने वाले हैं। इस समय मेरे पास पैसे नहीं है और जैसे ही तुम रात को मेरे खेत में आओगी तो मैं तुम्हें 10 हजार दे दूंगा। विमला देवी यह सारी बातें स्वीकार कर लेती है। विमला कहती है कि कोई बात नहीं मैं आज तुम्हारे खेत में आ जाऊंगी और इसके बाद विमला देवी अपने घर पर चली जाती है। जबकि दूसरी तरफ मदन सिंह अपने खेत में चला जाता है। मदन सिंह खेत में जाने के बाद कुछ देर तक अपने खेत में कामकाज करता है। लेकिन मदन सिंह उसी समय अपने एक दोस्त दिलबाग के पास फोन कॉल करता है और दिलबाग को कहता है कि दिलबाग आज मेरा खेत में मन नहीं लग रहा है। तुम ऐसा करो अपनी मोटरसाइकिल लेकर मेरे खेत में आ जाओ। और फिर इसके बाद हम पार्टी करने वाले हैं। उसी समय दिलबाग सिंह भी मोटरसाइकिल लेकर खेत में चला जाता है। और खेत में जाने के बाद दिलबाग सिंह अपने दोस्त मदन सिंह से मिलता है। उसी समय मदन
सिंह अपने दोस्त दिलबाग को कहता है कि देखो दिलबाग आज मैंने खेत में पहले ही शराब मंगवा रखी है और आज हम अपने खेत में बैठकर सारा दिन शराब पीने वाले हैं। इस तरह से अब दोनों दोस्त इस कमरे के अंदर बैठ जाते हैं और कमरे के अंदर बैठकर शराब पीना शुरू कर देते हैं। जब दोनों दोस्तों को गहरा नशा हो जाता है तो फिर नशे की हालत में मदन सिंह अपने दोस्त दिलबाग को कहता है कि देखो दिलबाग आज रात के करीब 10:00 बजे के आसपास मेरे खेत में बहुत ही खूबसूरत महिला विमला देवी आने वाली है और आज की पूरी रात हम दोनों दोस्त उसके साथ अपनी रात रंगीन करने वाले हैं। दिलबाग सिंह जैसे ही अपने दोस्त की बातों को सुनता है तो कहता है कि यह तो बहुत अच्छी बात है। और फिर इसके बाद मदन सिंह उसी समय उस महिला विमला देवी के पास फोन कॉल करता है और विमला को कहता है कि विमला जैसे ही रात के करीब 10:00 बजे के आसपास का वक्त हो जाएगा तो तुम आज रात मेरे खेत में आ जाना। विमला फिर से कहती है कि जमींदार साहब तुम्हें कहने की जरूरत नहीं है। मैं तुम्हारे खेत में पहुंच जाऊंगी और इसके बाद फोन कॉल काट दिया जाता है। देखते ही देखते पूरा दिन गुजर जाता है और रात के करीब 9:30 बजे के आसपास का वक्त हो जाता है।
दूसरी तरफ जो विमला देवी होती है वह देखती है कि उसका पति अनिल कुमार शराब पीकर घर में आता है और थोड़ी ही देर में वह गहरी नींद में सो जाता है और फिर विमला देवी दबे पांव अपने घर से बाहर निकलती है और रात के करीब 10:30 बजे के आसपास विमला देवी मदन सिंह के खेत में पहुंच जाती है। मदन सिंह के खेत में मदन सिंह और दिलबाग दोनों बैठकर शराब पी रहे होते हैं। दोनों नशे में धुत होते हैं। और मदन सिंह की नजरें जैसे ही विमला देवी की खूबसूरती और सुंदरता और इसकी कंचन कोमल काया पर पड़ती है तो मदन सिंह बड़ा खुश हो जाता है। मदन सिंह अपने दोस्त दिलबाग को कहता है कि दिलबाग विमला हमारे खेत में आ गई है और इसके बाद मदन सिंह उसी समय विमला को लेकर अपने आलीशान कमरे के अंदर चला जाता है। कमरे का दरवाजा बंद करने के बाद अब मदन सिंह और विमला दोनों की रजामंदी से इनके बीच गलत रिश्ते कायम होने लग जाते हैं। दोनों मिलकर अपनी अपनी जरूरतों को अपनी अपनी इच्छाओं को पूरा करने लग जाते हैं। और यह दोनों तब तक इस गलत काम को अंजाम देते हैं जब तक इन दोनों की इच्छाएं पूरी नहीं हो जाती है। और जैसे ही मदन और विमला की इच्छाएं पूरी हो जाती है तो इसके बाद मदन सिंह अपना काम खत्म करके कमरे से बाहर निकलता है और अपने दोस्त दिलबाग को कहता है कि दिलबाग देखो अब तुम भी इस महिला के साथ अपना वक्त गुजार सकते हो। दिलबाग भी बड़ा खुश हो जाता है और इसके बाद दिलबाग भी इस महिला विमला को लेकर कमरे के अंदर चला जाता है और फिर दिलबाग और विमला के बीच गलत रिश्ते कायम होने लग जाते हैं और जैसे ये दोनों इस गलत काम को अंजाम दे रहे होते हैं तो उसी समय वही सांप इस कमरे के अंदर प्रवेश कर जाता है लेकिन विमला देवी की नजर उस सांप पर पड़ जाती है और सांप को देखने के बाद विमला देवी तुरंत यह सारा कामकाज छोड़कर इस कमरे से बाहर निकल जाती है। विमला देवी के तन बदन पर कोई भी कपड़ा नहीं होता है। विमला देवी चीखने लगती है चिल्लाने लगती है और कहती है कि इस कमरे के अंदर बहुत बड़ा सांप है। मदन सिंह जैसे ही सांप के बारे में सुनता है तो मदन
सिंह उसी समय लाठी लेकर कमरे के अंदर घुस जाता है। लेकिन जो सांप होता है वह वहां से गायब हो जाता है। इस तरीके से अब दिलबाग सिंह और विमला देवी फिर से इस गलत काम को अंजाम देते हैं और जैसे इन दोनों का यह गलत काम खत्म हो जाता है। तो विमला देवी अब मदन सिंह से कुछ पैसे लेती है और साथ में दिलबाग से भी कुछ पैसे लेती है और दिलबाग को कहती है कि मुझे गांव तक छोड़कर भी आओ। इसके बाद दिलबाग सिंह मोटरसाइकिल लेकर इस महिला विमला देवी को इसके घर तक भी छोड़कर आता है। इस तरीके से विमला देवी ने अब दिलबाग और मदन सिंह दोनों को अपने प्रेम जाल में फंसा लिया था। लेकिन अब मदन सिंह अपनी बहू अनीता के साथ एक दूसरा बड़ा कांड करने वाला था। जिसके बारे में कोई कुछ भी नहीं जानता था। इस तरीके से अब तो जब भी मदद सिंह का मन करता था मदन सिंह इस महिला विमला देवी को अपने खेत में बुला लिया करता था और इसके साथ अपनी रातें रंगीन कर लिया करता था लेकिन ऐसी बातें किसी से छिपने वाली नहीं होती है। जैसे इस बात की खबर अनीता देवी को लगती है तो अनीता
देवी गुस्से में पागल हो जाती है। अनीता अपने मन में सोचने लग जाती है कि उसके ससुर के पास जमीन जायदाद है और पैसा भी है। अगर यह महिला विमला देवी उसके साथ ऐसे ही मिलती रही तो विमला देवी हमारे सारे पैसों पर सांप की तरह कुंडली मार कर बैठ जाएगी। यह सारी बातें सोचने के बाद अब अनीता देवी एक दिन विमला देवी के घर पर चली जाती है और विमला देवी को कहती है कि विमला आज के बाद तुम्हें मेरे ससुर से बात तक नहीं करनी है और मेरे ससुर मदन सिंह को अपने घर पर भी नहीं बुलाना है। अगर आज के बाद तू मेरे ससुर मदन सिंह से मिली तो इसके बाद मैं पुलिस स्टेशन में जाऊंगी और वहां पर तेरी शिकायत करूंगी। जब ऐसी ऐसी धमकियां विमला देवी को दी जाती हैं तो विमला देवी काफी डर जाती है। लेकिन दूसरी तरफ अनीता देवी इस महिला को धमकी देने के बाद अपने घर पर आती है और अपने घर पर बैठकर सोचना शुरू कर देती है कि क्यों ना मैं ही अपने ससुर को अपने प्रेम जाल में फंसा लूं। मेरे ससुर के पास जितने भी पैसे हैं जितनी भी जमीन जायदाद है वह सारी मेरी हो सकती है। जब ऐसे ऐसे ख्याल अनीता के मन में आने लग जाते हैं तो अनीता देवी अब अपना सब कुछ अपने ससुर के हवाले कर चुकी होती है। अब तो मदन सिंह का जब भी मन करता था मदन सिंह मौका देखकर अपनी बहू के साथ अपना वक्त गुजार लिया करता था और अनीता भी खुश रहने लग जाती है। मदन सिंह भी खुश रहने लग जाती है। और दूसरी तरफ पवन सिंह शराब के नशे में धुत होकर हमेशा चारपाई पर पड़ा रहता था। इस तरीके से कई दिनों का वक्त गुजर जाने के बाद एक तारीख आ जाती है 30 जुलाई 2026 का दिन। सुबह के करीब 10:30 बजे के आसपास का वक्त होता है। अनीता देवी अपने घर में कामकाज कर रही होती है।
अनीता अपने घर में बिल्कुल अकेली होती है। थोड़ा सा वक्त गुजर जाने के बाद अनीता देवी का पति पवन कुमार अपने घर पर आता है और अपनी पत्नी को कहने लगता है कि देखो मुझे शराब की तलब लगी है। मुझे शराब पीनी है। तुम मुझे कुछ पैसे दे दो। लेकिन अनीता कहने लगती है कि मेरे पास पैसे नहीं है। पैसों का लेनदेन पैसों का हिसाब किताब मेरा ससुर रखता है। अब जब ऐसीऐसी बातें पवन को कही जाती हैं तो पवन कहने लगता है कि पैसे तो मैं लेकर रहूंगा। और इस तरीके से पवन कुमार काफी देर तक अपने घर में पैसों की तलاش करता है। लेकिन पवन कुमार को पैसे नहीं मिलते हैं। इसके बाद पवन कुमार अपनी पत्नी अनीता देवी की सोने की बालियां छीन लेता है और सोने की बालियां लेकर अपने घर से बाहर निकल जाता है। किसी सुनार के पास सोने की बालियों को बेच देता है और अपने दोस्तों के साथ बैठकर शराब पीने लग जाता है। तकरीबन एक घंटे का वक्त गुजर जाने के बाद अब अनीता देवी का ससुर मदन सिंह भी अपने खेत से अपने घर पर आता है। मदन सिंह जैसे घर के अंदर प्रवेश करता है तो देखता है कि आज उसकी बहू अनीता देवी अपने घर में बिल्कुल अकेली होती है और अनीता देवी की आंखों में आंसू होते हैं। इसके बाद मदन सिंह उसी समय अनीता देवी से पूछने लग जाता है कि अनीता तुम क्यों रो रही हो? अनीता देवी कहती है कि तुम्हारा बेटा पवन कुमार मेरी सोने की बालियां छीन कर ले गया है और वह आज उन बालियों को बेचकर शराब पीने लग जाएगा। मदन सिंह जैसे अपनी बहू अनीता की बातों को सुनता है तो मदन सिंह कहता है कि अनीता तुम किसी बात की फिक्र मत करो। मैं तुम्हारे लिए सोने की बालियां तो क्या तुम्हारे लिए मैं सोने का हार भी खरीद सकता हूं। जब ऐसीऐसी बातें अनीता को कही जाती हैं तो आज अनीता बड़ी खुश हो जाती है और वैसे भी अनीता अपने ससुर मदन सिंह को अब अपने प्रेम जाल में फंसाना चाहती थी लेकिन मदन सिंह भी कुछ कम नहीं होता है। मदन सिंह उसी समय अपने घर का दरवाजा बंद कर देता है और उसी समय अपनी पुत्रवधू अनीता का हाथ पकड़ लेता है और जैसे ही अनीता का हाथ पकड़ा जाता है तो अनीता देवी अपने ससुर की किसी भी हरकत का विरोध तक नहीं करती है और इस तरीके से अब मदन सिंह की हिम्मत और भी ज्यादा बढ़ जाती है। मदन सिंह उसी समय अपनी पुत्रवधू अनीता का हाथ पकड़ कर इसको घर के कमरे के अंदर ले जाता है और कमरे का दरवाजा बंद कर लिया जाता है। मदन सिंह कहते हैं कि मैं तुम्हारी सारी जरूरतों को पूरा करूंगा और लेकिन तुम्हें बदले में मेरी सारी जरूरतें पूरी करनी पड़ेगी और इस तरीके से अब मदन सिंह और अनीता देवी का दीन ईमान बिल्कुल खत्म हो जाता है। यह दोनों मिलकर अपनी ही रजामंदी से अपने गलत रिश्ते कायम करने लग जाते हैं। और यह दोनों मिलकर अपनीप इच्छाओं को तब तक पूरा करते हैं जब तक इन दोनों की इच्छाएं पूरी नहीं हो जाती है। और इस तरीके से मर्यादा की सारी हदें पार कर दी जाती है। और जैसे इन दोनों का यह काम खत्म हो जाता है तो मदन सिंह कहता है कि मैं अभी इसी समय तुम्हारे लिए सोने के कुछ आभूषण खरीद कर लाता हूं। इसके बाद मदन सिंह अपने घर की तिजोरी खोलता है। तिजोरी में से बहुत सारे पैसे निकालता है और फिर मदन
सिंह अपनी मोटरसाइकिल लेकर पास के ही शहर में चला जाता है। शहर में जाने के बाद मदन सिंह अपनी पुत्रवधू अनीता देवी के लिए सोने की बालियां खरीदता है और एक सोने की अंगूठी खरीदता है। यह सब सारा सामान खरीदने के बाद मदन सिंह अपने घर पर आ जाता है और अपनी पुत्रवधू अनीता से मिलता है और अनीता को कहता है कि मैं तुम्हारे लिए सोने की बालियां खरीद कर लाया हूं और साथ में एक सोने की अंगूठी भी खरीद कर लाया हूं। इन सोने के आभूषणों को देखकर अब अनीता देवी बड़ी खुश हो जाती है। अनीता देवी अपने मन में सोचने लग जाती है कि उसके ससुर के पास पैसा और पावर दोनों है और उसका ससुर 16 एकड़ जमीन भी उसके नाम लिखवा सकता है और उसके ससुर के पास जितना भी पैसा है वो उसका सारा कुछ हो सकता है। जब ऐसे ऐसे ख्याल अनीता के मन में आने लग जाते हैं तो अनीता देवी अब अपना सब कुछ अपने ससुर के हवाले कर चुकी होती है। अब तो मदन सिंह का जब भी मन करता था मदन सिंह मौका देखकर अपनी बहू के साथ अपना वक्त गुजार लिया करता था और अनीता भी खुश रहने लग जाती है। मदन सिंह भी खुश रहने लग जाती है।
और दूसरी तरफ पवन सिंह शराब के नशे में धुत होकर हमेशा चारपाई पर पड़ा रहता था। इस तरीके से कई दिनों का वक्त गुजर जाने के बाद एक तारीख आ जाती है 10 अगस्त 2026 का दिन। सुबह के लगभग 8:00 बजे के आसपास का वक्त होता है। आरती देवी अपने घर में कामकाज कर रही होती है और उसी समय आरती देवी अपने पति पवन कुमार को कहती है कि पवन देखो आज हमारी शादी की सालगिरह का दिन है और आज तुमने ना तो शराब पीनी है शराब को हाथ तक नहीं लगाना है और आज हम अपनी शादी की सालगिरह बड़े धूमधाम से मनाने वाले हैं। पवन कहने लग जाता है कि कोई बात नहीं मैं शराब बिल्कुल भी नहीं पऊंगा। मैं शराब को बिल्कुल भी हाथ तक नहीं लगाऊंगा। और इस तरीके से पवन कुमार थोड़ी देर के बाद अपने घर से बाहर चला जाता है। देखते ही देखते शाम के करीब 4:00 बजे के आसपास का वक्त हो जाता है। लेकिन पवन कुमार अपने घर पर नहीं आता है। अब इसके बाद अनीता देवी अपने पति पवन कुमार के पास फोन कॉल करती है और पवन को कहती है कि तुम घर पर क्यों नहीं आए हो? लेकिन पवन कुमार ने
अपने दोस्तों के साथ बैठकर शराब पी ली थी। पवन कुमार कहता है कि मैं अभी तुम्हारे पास आता हूं। और इसके बाद पवन कुमार अपने दोस्त की मोटरसाइकिल लेकर अपने घर पर आता है। घर पर आने के बाद अपनी पत्नी अनीता को कहता है कि मुझे कुछ पैसों की जरूरत है। लेकिन अनीता कहती है कि मेरे पास पैसे नहीं है। और अब इसके बाद जब अनीता देवी अपने पति पवन कुमार को पैसों के लिए मना कर देती है तो पवन कुमार को इस बात पर बड़ा गुस्सा आता है और इसके बाद पवन कुमार आज अपने घर में चोरी करता है और चोरी करने के बाद घर से बाहर निकल कर चला जाता है और पवन कुमार की पत्नी जो अनीता होती है घर में बिल्कुल अकेली रह जाती है शाम के करीब 5:00 बजे के आसपास अब मदन सिंह अपने घर पर आता है। मदन सिंह देखता है कि उसकी पुत्रवधू अनीता बड़ी उदास और परेशान बैठी होती है। मदन सिंह अपनी पुत्रवधू अनीता से पूछने लग जाता है कि अनीता ऐसी क्या वजह है जिसकी वजह से तुम उदास और परेशान बैठी हो। लेकिन उसी समय अनीता देवी झूठ का सहारा लेती है। अनीता देवी अपने ससुर को कहने लगती है कि पिताजी आज हमारी शादी की सालगिरह का दिन था और मेरा पति पवन शराब के नशे में धुत होकर घर पर आया था और इसके बाद वह घर
में सारे सोने के गहने चुराता है और सोने के गहने चुराने के बाद वो घर से गायब हो जाता है। जब ऐसीऐसी बातें मदद सिंह को सुनाई देती है तो मदन सिंह अपनी बहू अनीता को कहने लगता है कि अनीता तुम किसी बात की फिक्र मत करो। सोने के गहने में तुम्हें और भी दे सकता हूं लेकिन तुम्हें बस मेरा साथ देना है। अनीता भी हंसते मुस्कुराते हुए कहती है कि पिताजी आज हमारी शादी की सालगिरह का दिन है और तुम्हें मुझे एक गिफ्ट देना पड़ेगा। आज तुम्हें मुझे सोने का एक हार खरीद कर देना पड़ेगा। अब इसके बाद मदन सिंह कहता है कि तुम फिक्र मत करो। मैं तुम्हारे लिए सोने का हार खरीद कर ले आऊंगा। लेकिन आज सोने का हार खरीदने से पहले तुम्हें मेरे साथ मेरे खेत में रात गुजारनी पड़ेगी और मैं आज की पूरी रात तेरे साथ खेत में गुजारना चाहता हूं। अनीता देवी हंसते मुस्कुराते हुए कहती है कि कोई बात नहीं आज रात मैं तुम्हारे साथ खेत में चली जाऊंगी और इस तरीके से मदन सिंह आज बड़ा खुश हो जाता है। लेकिन आज मदन सिंह और अनीता देवी के साथ बहुत बड़ी घटना होने वाली थी जिसके बारे में यह दोनों कुछ भी नहीं जानते थे।
अब मदन सिंह मोटरसाइकिल लेकर पूरे गांव में अपने बेटे पवन की तलाश करता है और जैसे ही पवन इसको मिल जाता है तो इसके बाद पवन को कहता है कि पवन चलो आज खेत में चलते हैं और आज खेत में बैठकर हम सारा दिन शराब पीने वाले हैं। पवन भी खुश हो जाता है और इसके बाद मदन सिंह और बेटा पवन कुमार दोनों मोटरसाइकिल पर बैठकर खेत में चले जाते हैं। खेत में जाने के बाद अब मदन सिंह कहने लगता है कि पवन मैं तुम्हें पैसे देता हूं और तुम पैसे लेकर शराब के ठेके पर चले जाओ। वहां से शराब खरीद कर ले आओ और हम फिर सारा दिन बैठकर शराब पिएंगे। इसके बाद मदन सिंह मोटरसाइकिल लेकर और पैसे लेकर शराब के ठेके पर जाता है। वहां से दो तीन बोतल शराब की खरीद लेता है और शराब खरीदने के बाद अपने पिता मदन सिंह के पास आ जाता है। और इसके बाद पिता मदन सिंह और बेटा पवन कुमार दोनों खेत में बैठकर शराब पीने लग जाते हैं। अब जो मदन सिंह होता
है अपने बेटे पवन को धीरे धीरे करके बहुत ज्यादा शराब पिला देता है और जैसे ही पवन को इतनी ज्यादा शराब पिलाई दी जाती है कि जिसकी वजह से पवन कुमार को गहरा नशा हो जाता है। पवन कुमार को देखते ही देखते गहरी नींद आ जाती है और इसके बाद पवन सिंह चारपाई पर लेटकर गहरी नींद में सो जाता है। लेकिन मदन सिंह आज बहुत बड़ी घटनाक्रम को अंजाम देने वाला था। इसके बाद मदन सिंह उसी समय अपनी मोटरसाइकिल लेकर वापस गांव में आता है। तब तक रात हो चुकी थी। रात के करीब 8:00 बजे के आसपास का वक्त होता है। मदन सिंह अनीता से मिलता है और अनीता को कहता है कि चलो अनीता मेरे साथ तुम्हें खेत में चलना पड़ेगा। आज मैं तुम्हारे साथ अपने आलीशान महल जैसे कमरे में पूरी रात बिताना चाहता हूं। अनीता भी तैयार हो जाती है और इसके बाद मदन सिंह अपनी बहू अनीता को अपने खेत में ले जाता है और इसके बाद मदन सिंह और अनीता देवी दोनों कमरे के अंदर चले जाते हैं। कमरे के अंदर जाने के बाद अनीता और मदन सिंह के बीच दोनों की रजामंदी से गलत रिश्ते कायम होने लग जाते हैं और ये दोनों मिलकर अपनी अपनी जरूरतों को अपनी अपनी इच्छाओं को पूरा करना शुरू कर देते हैं। लेकिन जैसे ही यह दोनों मिलकर अपनी जरूरतों को अपनी इच्छाओं को पूरा कर रहे होते हैं तो उसी समय इस कमरे के अंदर वह सांप घुस जाता है। जिनमें से एक सांप को मदन सिंह ने मार दिया था और यह दूसरा सांप बच गया था।
अब जैसे यह सांप इस कमरे में प्रवेश करता है तो सबसे पहले मदन सिंह को डसता है और मदन सिंह जैसे ही मौके पर अपना दम तोड़ देता है तो यह सांप यहीं पर नहीं रुकता है। यह सांप अनीता देवी के प्राइवेट पार्ट पर काट लेता है। जिसकी वजह से अनीता देवी मौके पर ही अपना दम तोड़ देती है और इस तरीके से रात के करीब 1:00 बजे के आसपास अब बेटे पवन की आंख खुलती है। पवन देखता है कि वह तो खेत में लेटा हुआ था। इसके बाद पवन कुमार कमरे के अंदर जाता है और कमरे के अंदर पवन जब अपने पिता मदन सिंह की लाश को देखता है तो उसके होश उड़ जाते हैं और जैसे ही पवन की नजरें अपनी पत्नी अनीता देवी पर पड़ती है तो अनीता देवी के प्राइवेट पार्ट पर सांप बैठा होता है और सांप को देखने के बाद पवन वहां पर हक्का भक्का रह जाता है। पवन जल्दी जल्दी में एक लाठी उठाता है और लाठी लेकर उस सांप को मौके पर ही मार देता है। लेकिन अब पवन को सब कुछ समझ में आ चुका होता है। पवन सोचने लग जाता है कि उसका पिता अपने ही पुत्रवधू के साथ अपनी रात गुजारता था और आज इन दोनों को सांप
ने डस लिया है। इसके बाद पवन कुमार नजदीकी पुलिस स्टेशन में फोन कॉल करता है और पुलिस को घटना स्थल पर बुलाता है। अब जैसे ही पुलिस रात के समय में घटना स्थल पर पहुंचती है तो वहां पर देखती है कि मदन कुमार की लाश पड़ी होती है और पास में ही अनीता देवी की लाश पड़ी होती है। इसके बाद पुलिस पवन से पूछताछ करना शुरू कर देती है। पूछताछ के दौरान पवन कहते हैं कि मेरी जो पत्नी अनीता है वह अपने ससुर के साथ अपना वक्त गुजार रही थी और शायद ऐसा ही हुआ था और सांप ने इन दोनों को डस लिया है। इस तरीके से अब पुलिस जैसे ही पवन की पूरी कहानी को सुनती है तो पुलिस के भी होश उड़ जाते हैं और इस तरीके से सांप की वजह से यहां पर इन दोनों की मौत हो गई थी। दोस्तों इस पूरे घटनाक्रम को सुनाने का मेरा उद्देश्य किसी का दिल दुखाना नहीं था। बल्कि आपको जागरूक करना था। आपको सावधान करना था। मिलते हैं दोस्तों किसी ऐसे घटनाक्रम के साथ तब तक के लिए दोस्तों जय हिंद वंदे मातरम।