एक फोन की वजह से एक महिला ने अपने पति के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी। – News

एक फोन की वजह से एक महिला ने अपने पति के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी।

एक फोन की वजह से एक महिला ने अपने पति के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी।

बीकानेर का बज्जू हत्याकांड: एक ‘स्मार्टफोन’ और डिंपल देवी की हवस ने ली प्रदीप कुमार की जान

राजस्थान के बीकानेर जिले में स्थित बज्जू गाँव, जो अपनी शांत फिजाओं और सीधे-सादे लोगों के लिए जाना जाता था, अचानक एक ऐसी घटना से दहल उठा जिसने इंसानियत और रिश्तों को शर्मसार कर दिया। यह कहानी है प्रदीप कुमार, एक सीधे-सादे सिक्योरिटी गार्ड और उसकी पत्नी डिंपल देवी के बीच पनपे उस विषैले संबंधों की, जिसका अंत खून की होली के साथ हुआ। इस हत्याकांड में एक ‘स्मार्टफोन’ ने उत्प्रेरक की भूमिका निभाई, लेकिन असल कारण डिंपल देवी का अनैतिक चरित्र और उसकी बेलगाम हवस थी।

प्रदीप कुमार: एक मेहनती पति

प्रदीप कुमार बज्जू गाँव के ही निवासी थे। वे एक अत्यंत मेहनती, ईमानदार और सीधे-सादे व्यक्ति थे। अपनी गृहस्थी चलाने के लिए, उन्होंने गाँव से 15 किलोमीटर दूर स्थित एक फैक्ट्री में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी स्वीकार की। रात की शिफ्ट में काम करना, दिन भर आराम करना और हर महीने मिलने वाले ₹15,000 को अपनी पत्नी के हाथ में थमा देना—यही प्रदीप की दुनिया थी। उन्हें अपनी पत्नी डिंपल देवी से बहुत प्रेम था, और वे अपनी ओर से हर संभव प्रयास करते थे कि डिंपल खुश रहे।

डिंपल देवी: सौंदर्य और अनैतिकता का संगम

डिंपल देवी देखने में काफी खूबसूरत और आकर्षक महिला थीं। लेकिन कहते हैं न, रूप और चरित्र का कोई मेल नहीं होता। डिंपल का चाल-चलन और चरित्र विवाह के शुरुआती दिनों से ही संदिग्ध था। उन्हें सजने-सँवरने और भौतिक सुख-सुविधाओं का बहुत चाव था। प्रदीप अपनी मेहनत की सारी कमाई ला-लाकर डिंपल के कदमों में डाल देते थे, लेकिन डिंपल के लिए यह पर्याप्त नहीं था। वह अक्सर अपने पति को ताने मारती थी कि वह उसकी न तो आर्थिक जरूरतें पूरी कर पाते हैं और न ही शारीरिक।

गृह-कलह और संतानहीनता का दंश

प्रदीप और डिंपल के जीवन में एक और बड़ा दुख था—उनके कोई संतान नहीं थी। इस बात को लेकर भी दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे। डिंपल इस बात के लिए भी प्रदीप को दोषी ठहराती थी। प्रदीप अपनी पत्नी को समझाने का हरसंभव प्रयास करते थे। वह उससे कहते थे कि रात भर फैक्ट्री में मेहनत करके ही वह उसकी हर छोटी-बड़ी इच्छा पूरी करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन डिंपल के कान पर जूँ तक नहीं रेंगती थी। वह संतुष्ट नहीं थी।

डिंपल का गलत रास्ते पर बढ़ना

जब डिंपल को लगा कि प्रदीप उसकी हसरतों को पूरा करने में असमर्थ हैं, तो उसने गलत रास्ते पर चलने का निर्णय लिया। उसने अपने मन में ठान लिया कि अब वह किसी ऐसे ‘लड़के’ की तलाश करेगी जो उसकी आर्थिक और शारीरिक, दोनों तरह की जरूरतों को पूरा कर सके। उसने कई दिनों तक ऐसे लड़के की तलाश की, लेकिन बज्जू जैसे छोटे से गाँव में उसे कोई ऐसा लड़का पसंद नहीं आया जो उसकी ‘मानदंडों’ पर खरा उतर सके।

5 जुलाई 2026: एक अँधेरी शुरुआत

यह घटना 5 जुलाई 2026 की है। सुबह के करीब 8 बज रहे थे। डिंपल और प्रदीप के बीच फिर से झगड़ा हुआ। कारण था डिंपल की नई मांग—स्मार्टफोन। डिंपल ने कहा, “हमारी शादी को 5 साल हो गए हैं, और आज हमारी शादी की सालगिरह है। मुझे एक नया स्मार्टफोन चाहिए। मेरे पास यह छोटा सा बटन वाला फोन है। तुम तो रात भर काम पर चले जाते हो, मेरी रातें नहीं कटतीं। जैसे ही मुझे मोबाइल फोन मिल जाएगा, मेरी रातें कटनी शुरू हो जाएँगी।”

प्रदीप ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला दिया और कहा कि घर का गुजारा ही बड़ी मुश्किल से चल रहा है, वह मोबाइल नहीं खरीद सकते। इसी बात को लेकर इतना बड़ा विवाद हुआ कि पड़ोसियों को बीच-बचाव के लिए आना पड़ा। कुछ समय बाद मामला शांत हो गया, लेकिन डिंपल के भीतर प्रतिशोध और हवस की आग जल रही थी।

शाम को करीब 7:30 बजे प्रदीप अपनी साइकिल लेकर फैक्ट्री के लिए निकल गए। घर में डिंपल अकेली थी।

योगेश: पड़ोसी का मासूम बेटा

डिंपल के पड़ोस में ही कक्षा 12 में पढ़ने वाला योगेश रहता था। योगेश एक हैंडसम और नौजवान लड़का था। वह सबका कहना मानता था और जो काम उसे सौंपा जाता था, वह उसे बखूबी करता था। डिंपल अक्सर उसे छोटे-मोटे कामों के लिए अपने घर बुलाती रहती थी, और योगेश एक आज्ञाकारी पड़ोसी की तरह मदद कर देता था।

रात के करीब 8 बजे डिंपल को योगेश की याद आई। उसने सोचा, “पड़ोस में ही हैंडसम योगेश रहता है, और वह मेरी हर बात मानता है। क्यों न आज रात उसे ही घर बुला लिया जाए और उससे कुछ बातचीत करके देख ली जाए।”

रात के अँधेरे में अनैतिक संबंध

डिंपल ने योगेश को फोन किया और कहा, “योगेश, मुझे तुमसे कुछ जरूरी बातें करनी हैं। तुम मेरे घर पर आ जाओ।”

योगेश ने मना किया, “चाची, रात का समय है। आप घर पर अकेली हैं। चाचाजी नौकरी पर चले गए हैं। अगर मैं रात में आपके घर आऊँगा, तो लोग तरह-तरह की बातें करेंगे।”

लेकिन डिंपल ने अपनी मीठी बातों और भावनात्मक दबाव से योगेश को मना ही लिया। उसने कहा, “तुम किसी बात की फिक्र मत करो। अगर तुम्हें मुझ पर विश्वास है, तो तुम आ सकते हो।”

योगेश, जो अभी नादान था, अपने माता-पिता से झूठ बोलकर कि वह दोस्त के पास जा रहा है, डिंपल के घर पहुँच गया। डिंपल ने हँसते हुए दरवाजा खोला और उसे घर के अंदर ले गई। घर का मुख्य दरवाजा बंद करते हुए उसने योगेश से कहा, “तुम्हें मेरी सारी जरूरतें पूरी करनी पड़ेंगी।”

उस बंद कमरे में, उस रात, योगेश और डिंपल के बीच अनैतिक रिश्ते कायम हुए। यह दोनों अपनी-अपनी इच्छाओं को पूरा करने लगे।

डिंपल की नई मांग: चोरी का फोन

शारीरिक संबंध बनाने के बाद डिंपल ने योगेश से कहा, “योगेश, तुम्हें मेरा एक और काम करना पड़ेगा। मुझे एक स्मार्टफोन चाहिए, लेकिन मेरे पास पैसे नहीं हैं।”

योगेश ने अपनी और अपने परिवार की गरीबी का हवाला दिया, लेकिन डिंपल नहीं मानी। उसने योगेश को उकसाया, “योगेश, तुम्हारे घर में जरूर पैसे होंगे। तुम कल रात अपने घर में चोरी कर लेना और उन पैसों से मेरे लिए स्मार्टफोन खरीद कर ले आना।”

योगेश एक अच्छा लड़का था, उसने साफ-साफ मना कर दिया। इस मनाही से डिंपल को इतना गुस्सा आया कि उसने योगेश को धक्के मार-मार कर अपने घर से बाहर निकाल दिया और कहा कि आज के बाद मेरे घर पर कभी मत आना। योगेश वापस अपने घर चला गया और अपने काम में व्यस्त हो गया।

जतिन: मोबाइल शॉप का ‘हैंडसम’ मालिक

लेकिन डिंपल फोन हासिल करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार थी। 12 जुलाई 2026 को, शाम के करीब 4 बजे डिंपल सँवरकर घर से निकली। वह सीधे गाँव की एक मोबाइल शॉप पर पहुँची। उस शॉप पर एक हैंडसम नौजवान लड़का, जतिन, बैठता था। जतिन की औरतों में काफी दिलचस्पी थी। वह अक्सर खूबसूरत महिलाओं को पैसे देकर अपने बिस्तर तक ले आता था।

जैसे ही डिंपल ने जतिन की दुकान में प्रवेश किया, जतिन उसकी खूबसूरती और जवानी देखकर मोहित हो गया। जतिन ने पूछा, “भाभी, आज बहुत दिनों बाद आई हैं? मैं आपकी क्या सेवा कर सकता हूँ?”

डिंपल ने कहा, “मुझे एक नया स्मार्टफोन चाहिए, लेकिन मेरे पास पैसे नहीं हैं। मैं धीरे-धीरे आपके पैसे लौटा दूँगी।”

जतिन ने कहा, “भाभीजी, मोबाइल फोन 15 से 20 हजार रुपये तक का आता है। इतना महँगा फोन मैं उधारी में नहीं दे सकता।”

डिंपल ने अपना असली रंग दिखाया। उसने कहा, “जतिन, अगर तुम उधारी में नहीं देना चाहते, तो कोई बात नहीं। लेकिन एक मोबाइल फोन के बदले में, मैं तुम्हारी सारी इच्छाओं और जरूरतों को पूरा कर सकती हूँ।”

जतिन के होश उड़ गए। उसने खुशी-खुशी प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। “भाभी, अगर ऐसी बात है, तो मैं आपको मोबाइल फोन दे सकता हूँ। लेकिन आज रात करीब 10:30 बजे मैं आपके घर आऊँगा और उस मोबाइल फोन की कीमत भी वसूल करूँगा।”

डिंपल ने हामी भर दी।

फोन के बदले वफादारी का सौदा

रात के करीब 10 बजे प्रदीप काम पर निकल गए। घर में डिंपल अकेली थी। 10:30 बजे के आसपास दरवाजे पर दस्तक हुई। जतिन मोबाइल फोन लेकर खड़ा था। डिंपल ने दरवाजा खोला और जतिन को अंदर ले गई। जतिन ने फोन दिया और उसके बाद दोनों के बीच अनैतिक रिश्ते कायम हुए। जतिन ने डिंपल से कहा, “भाभी, अब से मैं हर तीसरी-चौथी रात तुम्हारे पास आया करूँगा। तुम्हें कुछ पैसे भी दे दिया करूँगा, ताकि तुम्हारी आर्थिक जरूरतें भी पूरी होती रहें।”

डिंपल ने हँसते हुए कहा, “कोई बात नहीं, तुम हर रोज रात को मेरे घर आ सकते हो।”

उस रात के बाद, जतिन हर रात डिंपल के घर आने लगा।

डिंपल का खौफनाक जाल: वीडियो के जरिए ब्लैकमेल

लेकिन डिंपल का लालच और भी बढ़ गया था। उसने अब जतिन को ब्लैकमेल करने का मन बना लिया। अगली रात, जब जतिन आने वाला था, डिंपल ने अपने कमरे में एक ऐसी जगह अपना मोबाइल फोन छिपा दिया जहाँ से कमरे का पूरा नज़ारा कैद हो सके।

रात को जतिन आया। डिंपल ने उसे उसी कमरे में ले गई जहाँ मोबाइल छिपा था। दोनों के बीच संबंध बने। काम खत्म होने के बाद जतिन चला गया। डिंपल ने अपना मोबाइल उठाया और देखा कि जतिन की एक आपत्तिजनक, अश्लील वीडियो बनकर तैयार हो चुकी थी।

अगले दिन, सुबह के 11 बजे, डिंपल ने जतिन को फोन किया। “जतिन, मैंने तुम्हारे फोन पर एक वीडियो भेजी है। उसे देखने के बाद, तुम आज रात 1 लाख रुपये लेकर मेरे घर आ जाना। अगर तुम नहीं आए, तो मैं इस वीडियो को वायरल कर दूँगी।”

जतिन ने वीडियो देखी और उसके होश उड़ गए। डर के मारे उसने उसी समय डिंपल को फोन किया और कहा, “मैं रात को 10 बजे 1 लाख रुपये लेकर आ रहा हूँ, लेकिन वीडियो डिलीट कर देना।”

रात को जतिन जैसे-तैसे 1 लाख रुपये का बंदोबस्त करके डिंपल के घर आया और पैसे दे दिए। डिंपल ने कहा, “मैं वीडियो खुद ही डिलीट कर दूँगी।”

जतिन पैसे देकर निकल गया। लेकिन डिंपल का सिलसिला नहीं रुका। उसने 3-4 दिनों के अंदर जतिन का पूरा बैंक बैलेंस खाली कर दिया। जब जतिन के पास पैसे खत्म हो गए, डिंपल ने समझ लिया कि अब इस लड़के से कुछ नहीं मिलने वाला। उसने अब कोई दूसरा अमीर मर्द तलाशना शुरू कर दिया, जो उसकी शारीरिक जरूरतों को भी पूरा कर सके।

डिंपल ने उस मोबाइल फोन को छिपा कर रखा था। प्रदीप को इस बारे में कोई भनक नहीं थी।

2 अगस्त 2026: लाल सिंह साहूकार का अंत

2 अगस्त 2026 को, सुबह करीब 10 बजे, प्रदीप ने डिंपल से कहा, “डिंपल, मैं अगले महीने तुम्हारे लिए एक नया स्मार्टफोन खरीद कर लाऊँगा।”

लेकिन डिंपल ने कहा, “मुझे अब नया फोन खरीदने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि मुझे बिना फोन के रहने की आदत पड़ गई है।” (क्योंकि अब उसे फोन की जरूरत नहीं थी, वह तो सिर्फ एक बहाना था)।

पूरा दिन गुजरने के बाद, शाम के करीब 5 बजे, डिंपल सँवरकर घर से निकली और सीधे इस गाँव के साहूकार, लाल सिंह, के घर पहुँची। लाल सिंह बज्जू गाँव का एक ऐसा व्यक्ति था, जिसकी पत्नी कई साल पहले मर चुकी थी और जो औरतों का बहुत शौकीन था।

जैसे ही डिंपल लाल सिंह के घर पहुँची, लाल सिंह उसकी खूबसूरती देखकर मोहित हो गया। “डिंपल, बहुत दिनों बाद आई हो? आखिर तुम्हें क्या मदद चाहिए?”

डिंपल ने कहा, “साहूकार साहब, मुझे 50 हजार रुपये की बहुत जरूरत है। मुझे 50 हजार रुपये कर्ज पर दे दो। मैं अगले महीने लौटा दूँगी।”

लाल सिंह ने कहा, “डिंपल, तुम्हें फिक्र करने की कोई जरूरत नहीं है। मैं तुम्हें 50 हजार रुपये जरूर दे दूँगा, लेकिन मैं तुम्हारे साथ रात गुजारना चाहता हूँ।”

डिंपल देवी यही चाहती थी। उसने हँसते हुए कहा, “कोई बात नहीं, मैं आपके साथ रात बिताने के लिए तैयार हूँ।”

लाल सिंह ने कहा, “आज रात करीब 10 बजे मैं तेरे घर आऊँगा और तभी मैं तुम्हें 50 हजार रुपये भी दे दूँगी।”

डिंपल खुशी-खुशी घर लौट आई। रात को 9:30 बजे उसने लाल सिंह को फोन किया। “मेरा पति फैक्ट्री में जा चुका है। मैं घर पर बिल्कुल अकेली हूँ। तुम जल्दी से मेरे घर आ जाओ।”

लाल सिंह तुरंत डिंपल के घर पहुँच गया। डिंपल ने दरवाजा बंद किया और लाल सिंह को अपने कमरे में ले गई। “पहले मुझे 50 हजार रुपये चाहिए।”

लाल सिंह ने उसे 50 हजार रुपये दिए। पैसे देने के बाद, लाल सिंह ने कहा, “अब मैं इन 50 हजार रुपये की कीमत भी वसूल करूँगा।”

दोनों के बीच अनैतिक रिश्ते कायम हुए। लाल सिंह हर दूसरी-तीसरी रात डिंपल के घर आने लगा।

10 अगस्त 2026: लाल सिंह का जाल, डिंपल का पलटवार

लेकिन डिंपल भी कुछ कम नहीं थी। वह लाल सिंह को भी लूटना चाहती थी। 10 अगस्त 2026 की रात, रात के 10 बजे, डिंपल ने लाल सिंह को फोन किया। “लाल सिंह, मैं घर में बिल्कुल अकेली हूँ। तुम जल्दी से मेरे घर आ सकते हो।”

लाल सिंह मोटरसाइकिल लेकर पहुँच गया। घर में घुसते ही उसने दरवाजा बंद कर लिया। लेकिन आज डिंपल ने अपने मोबाइल फोन को कमरे में छिपाकर फिट कर दिया था। वह लाल सिंह की भी आपत्तिजनक वीडियो तैयार करना चाहती थी।

और वास्तव में, वही हुआ। संबंध बनाने के बाद, कमरे का दरवाजा बंद करने के बाद, दोनों के बीच अनैतिक रिश्ते कायम हुए।

अगले दिन, सुबह 11 बजे, डिंपल ने लाल सिंह को फोन किया। “लाल सिंह, मैंने तुम्हारे मोबाइल फोन पर एक वीडियो भेजी है। इसे देखने के बाद, तुम्हें रात को 10 बजे 5 लाख रुपये लेकर मेरे घर आना पड़ेगा। अगर तुम नहीं आए, तो फिर अंजाम ठीक नहीं होगा।”

लाल सिंह ने वीडियो देखी और उसके पैरों तले से जमीन खिसक गई। डर के मारे उसने डिंपल को फोन किया। “डिंपल, मैं आज रात को 3 लाख रुपये लेकर तेरे घर आ रहा हूँ। लेकिन तुम्हें वो वीडियो डिलीट करनी पड़ेगी।”

डिंपल ने कहा, “साहूकार साहब, कोई बात नहीं, मैं उस वीडियो को डिलीट कर दूँगी।”

रात के समय लाल सिंह 3 लाख रुपये लेकर आया और पैसे दे दिए। लाल सिंह ने कहा, “तुम उस वीडियो को डिलीट कर दो।”

लेकिन डिंपल ने वीडियो डिलीट नहीं की। उसने कहा, “मैं खुद ही तुम्हारी वीडियो डिलीट कर दूँगी। तुम बेफिक्र होकर अपने घर जा सकते हो।”

लाल सिंह का मन शांत हो गया और वह अपने घर चला गया।

12 अगस्त 2026: ब्लैकमेल का अंत और प्रदीप की हत्या

जैसे ही दो और दिन बीते, डिंपल ने फिर से लाल सिंह को फोन किया। “मुझे 2 लाख रुपये और चाहिए। 2 लाख रुपये लेने के बाद, मैं तुम्हारी वीडियो तुम्हारे सामने ही डिलीट कर दूँगी।”

लाल सिंह को इस बात पर बहुत गुस्सा आया। उसने सोचा, “इस औरत को न अपनी इज्जत की परवाह है और न ही मेरी। अब तो बीच का रास्ता निकालना ही पड़ेगा।”

लाल सिंह थक-हारकर प्रदीप के पास गया। “प्रदीप, तुम इसी समय मेरे घर पर आ जाओ। मुझे तुमसे कुछ जरूरी बातें करनी हैं।”

प्रदीप साइकिल लेकर लाल सिंह के घर पहुँचा। “साहूकार साहब, ऐसी कौन सी वजह है जिसकी वजह से तुमने मुझे रात के समय अपने घर पर बुलाया है?”

लाल सिंह ने सब कुछ सच-सच बता दिया। “देखो प्रदीप कुमार, तुम्हारी पत्नी गलत रास्ते पर चल पड़ी है। तुम्हारी पत्नी ने एक रात मुझे अपने घर बुलाया था। मेरे साथ सोने के बाद, उसने एक आपत्तिजनक वीडियो बना रखी है। उस वीडियो के दम पर, तेरी पत्नी ने मुझसे 3 लाख रुपये लूट लिए हैं और अब वह 2 लाख रुपये और मांग रही है। अगर मैंने उसको पैसे नहीं दिए, तो तेरी पत्नी उस वीडियो को वायरल कर देगी। और जैसे ही मेरी वीडियो वायरल होती है, तो इसके बाद मैं तेरी पत्नी को भी जान से मारूँगा और तुझे भी जान से मार दूँगा।”

प्रदीप कुमार, यह धमकियाँ सुनकर डर गया। उसने कहा, “साहूकार साहब, तुम्हें घबराने की कोई जरूरत नहीं है। मैं इसी समय अपने घर जाता हूँ और अपनी पत्नी से बातचीत करके देखता हूँ कि आखिर सच क्या है और झूठ क्या है।”

प्रदीप साइकिल लेकर अपने घर पहुँचा। घर में घुसते ही उसने अपनी पत्नी डिंपल से कहा, “डिंपल, जो भी तुम्हारे पास मोबाइल फोन है, वह जल्दी से मुझे दे दो।”

लेकिन डिंपल देवी साफ-साफ मुकर गई। “मेरे पास कोई भी मोबाइल फोन नहीं है।”

बस इसी बात पर प्रदीप का गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया। प्रदीप ने उसी समय अपनी पत्नी की पिटाई शुरू कर दी। पिटाई करने के बाद, उसने घर के अंदर मोबाइल फोन तलाश करना शुरू कर दिया। आधे घंटे के अंदर ही प्रदीप को वह मोबाइल फोन मिल गया।

फिर, जब प्रदीप ने उस मोबाइल फोन को खोलकर देखा, तो वह सन्न रह गया। उसमें डिंपल के अलग-अलग लड़कों—योगेश, जतिन और लाल सिंह—के साथ अनैतिक संबंध बनाने की वीडियो थी। उन सारी वीडियो को देखने के बाद, प्रदीप का गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया।

प्रदीप ने उन वीडियो को देखने के बाद अपनी पत्नी की फिर से पिटाई शुरू कर दी। लेकिन उसकी पत्नी, डिंपल, भी कुछ कम नहीं थी। लड़ाई-झगड़े के दौरान, डिंपल देवी ने अपने घर के अंदर से एक ईंट उठाई और अपने पति के सिर में दे मारी। जिसकी वजह से प्रदीप नीचे गिर गया।

पास में ही

Disclaimer: This story is fictional and created for entertainment purposes only. Any names, characters, places, or events are fictitious or used fictitiously. No real person or organization is intended to be portrayed.

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