कब्रिस्तान में दो लड़कों ने किया ऐसा खौफनाक काम / पुलिस और जनता के होश उड़ गए – News

कब्रिस्तान में दो लड़कों ने किया ऐसा खौफनाक काम / पुलिस और जनता के होश उड़ गए

कब्रिस्तान में दो लड़कों ने किया ऐसा खौफनाक काम / पुलिस और जनता के होश उड़ गए

कब्रिस्तान में दो लड़कों ने किया ऐसा खौफनाक काम / पुलिस और जनता के होश उड़ गए

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नमस्कार दोस्तों, आज की हमारी इस घटना की शुरुआत होती है उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से। आजमगढ़ जिले में एक छोटापुर नाम का गांव पड़ता है और इसी छोटापुर गांव में रहने वाला रफीक।
रफीक जो कि दहाड़ी मजदूरी का काम किया करता था। देहाड़ी मजदूरी करके रफीक अपने घर का गुजारा कर लिया करता था।
रफीक के परिवार में इसकी एक मां होती है जिसका नाम फातिमा होता है। रफीक की अभी तक शादी भी नहीं हुई थी क्योंकि रफीक का रंग बेहद काला होता है और जिसकी वजह से रफीक की शादी नहीं हो पाती है।
लेकिन अब रफीक अपने मन में सोचने लग जाता है कि मैं ऐसे कब तक दिहाड़ी मजदूरी का काम करता रहूंगा। मुझे यह दिहाड़ी मजदूरी का काम धंधा छोड़ना चाहिए और कोई दूसरा काम धंधा शुरू कर देना चाहिए।
आखिरकार थक हार कर रफीक एक दिन अपनी मां फातिमा को कहता है कि मां मैं यह दिहाड़ी मजदूरी का काम छोड़ना चाहता हूं।

उसी समय मां फातिमा कहती है कि बेटा दिहाड़ी मजदूरी करना बंद कर दो। तुम ऐसा करो इस गांव के अंदर कोई छोटी सी किराने की दुकान खोल लो और वैसे भी हमारे गांव में किराने की दुकान बहुत कम है। तुम्हारी दुकान अच्छी खासी चल पड़ेगी।
अब इसके बाद रफीक अपनी मां की बातों को मानकर एक किसी साहूकार से ₹ लाख का कर्ज उठा लेता है और फिर रफीक इस गांव में अपनी एक छोटी सी किराने की दुकान खोल लेता है।
देखते ही देखते रफीक की यह दुकान अच्छी खासी चल पड़ती है। रफीक हर रोज अपनी इस दुकान पर आया करता था और ग्राहकों को सामान बेच दिया करता था।
लेकिन रफीक की शादी नहीं हुई थी। जिसकी वजह से रफीक अब भी काफी ज्यादा परेशान और उदास रहने लग जाता है।

रफीक देखते ही देखते औरतों का गुलाम बन जाता है। औरतों में ज्यादा दिलचस्पी रखना शुरू कर देता है। जो भी खूबसूरत महिला रफीक की दुकान पर आ जाया करती थी। रफीक उस महिला की खूबसूरती को ऊपर से नीचे की तरफ देखता रहता था।
अब आगे चलकर रफीक तीन बड़ी-बड़ी घटनाओं को अंजाम देने वाला था। जिसके बारे में खुद रफीक भी नहीं जानता था।
कुछ दिनों का वक्त गुजर जाने के बाद एक तारीख आ जाती है। 2 जुलाई 2026 का दिन।
सुबह के करीब 8:00 बजे के आसपास का वक्त होता है। रफीक अपनी दुकान खोलता है और दुकान खोलने के बाद दुकान की साफ सफाई करता है और इसके बाद कुछ ग्राहक भी इसकी दुकान पर आते हैं और यह ग्राहक रफीक से सामान खरीदने के बाद अपने घरों पर चले जाते हैं।

अब रफीक अपनी दुकान में बिल्कुल अकेला रह जाता है और उसी समय इस गांव की एक बहुत ही खूबसूरत महिला जिसका नाम नूर होता है वो इसकी दुकान पर आती है।
और जैसे ही रफीक की नजरें नूर पर पड़ती है तो नूर की खूबसूरती और इसके शरीर की मखमली बनावट को देखने के बाद अब इस लड़के रफीक की नियत नूर पर खराब हो जाती है।
लेकिन नूर भी कुछ कम नहीं होती है। नूर एक ऐसी औरत होती है जो कि इस गांव के मर्दों को अपने प्रेम जाल में फंसा लिया करती थी और प्रेम जाल में फंसाने के बाद उनके साथ अपनी रातें रंगीन करके उनसे पैसे ऐट किया करती थी।
और आज के समय में नूर इस लड़के रफीक को अपने प्रेम जाल में फंसाने के लिए आई थी।

अब इसके बाद नूर इस लड़के रफीक को कहती है कि देखो मैं एक सामान की लंबी चौड़ी लिस्ट लेकर आई हूं। तुम ऐसा करो यह जल्दी से सारा सामान पैक कर दो।
और फिर इसके बाद रफीक उस लिस्ट को लेता है और लिस्ट देखने के बाद सामान पैक करना शुरू कर देता है। लगभग 10 मिनट के अंदर ही रफीक सारा सामान पैक करके रख देता है।
लेकिन सामान पैक करते-करते भी लड़का रफीक इस महिला नूर की तरफ देख रहा होता है। नूर भी अब सब कुछ समझ जाती है।

और इसके बाद रफीक कहने लगता है कि भाभी तुम्हारा सामान पैक हो चुका है। तुम सामान ले जा सकती हो।
लेकिन नूर कहने लगती है कि देखो रफीक मेरे पास इस समय पैसे नहीं है और मैं यह सारा सामान उधारी में लेना चाहती हूं।
रफीक कहने लगता है कि भाभी तुमने पहले ही ₹5000 लौटाने हैं और ऊपर से ₹000 का सामान और भी बन चुका है। कुल मिलाकर ₹7000 हो गए हैं।
अब इसके बाद नूर कहने लगती है कि कोई बात नहीं तुम किसी बात की फिक्र मत करो। मैं तुम्हारे पैसे अगले महीने लौटा दूंगी।

लेकिन रफीक साफ-साफ मना कर देता है। रफीक कहने लगता है कि भाभी मैं इतनी उधार नहीं कर सकता हूं।
अब इसके बाद नूर अपना जाल फेंकना शुरू कर देती है। नूर उसी समय इस लड़के रफीक को कहती है कि देखो रफीक जितने भी तुम्हारे पैसे बने हैं मैं उन सों पैसों को आज के आज ही लौटाना चाहती हूं।
लेकिन पैसे तब लौटाऊंगी जब तुम मेरे साथ ई के खेत में जाओगे।
जब ऐसीसी बातें इस लड़के रफीक से कही जाती है तो रफीक अब सब कुछ समझ जाता है।

रफीक हंसते मुस्कुराते हुए नूर को कहता है कि भाभी तुम किसी बात की फिक्र मत करो। मैं सारे पैसे तुम्हारे माफ कर सकता हूं लेकिन आज तुम्हें मेरे साथ सोना पड़ेगा।
अब इसके बाद नूर भी कहने लगती है कि ठीक है मैं इसी समय खेत की तरफ जा रही हूं। तुम ऐसा करना मोटरसाइकिल के माध्यम से मेरे खेतों की तरफ आ जाना और मैं खेत में ही तेरा इंतजार करूंगी।
यह दो चार बातें कहने के बाद नूर अब सारा सामान उठाती है और अपने घर की तरफ चली जाती है।

लेकिन जाते-जाते नूर इस लड़के को फिर से कहती है कि मैं अपने खेत में जा रही हूं और तुम जल्दी से खेत में आ जाना।
लड़का रफीक भी बड़ा खुश हो जाता है और इसके बाद रफीक अपनी दुकान बंद करता है। अपनी मोटरसाइकिल उठाता है और मोटरसाइकिल लेने के बाद सीधा ही अपने एक दोस्त अनवर के पास चला जाता है और अनवर को कहने लगता है कि देखो अनवर आज मैं एक महिला जिसका नाम नूर है उसके साथ अपना वक्त गुजारना चाहता हूं और आज उसने मुझे खेत में बुलाया है।

उसी समय अनवर भी कहने लगता है कि दोस्त मैं भी तेरे साथ चलना चाहता हूं। रफीक कहता है कि चलो मोटरसाइकिल पर बैठ जाओ और मैं तुम्हें लेकर उसके खेत में चला जाता हूं।
लेकिन दूसरी तरफ जो नूर होती है, वह अपने पति सुलेमान को झूठ बोलकर खेतों की तरफ चली जाती है और खेत में जाने के बाद खेतों में घूमना फिरना शुरू कर देती है।
10 मिनट का वक्त गुजर जाने के बाद अब रफीक अपने दोस्त अनवर को लेकर खेत में पहुंच जाता है।

खेत में पहुंचने के बाद रफीक और अनवर देखते हैं कि खेत में कई किसान बैठे होते हैं और इन किसानों को देखकर अब रफीक का मन नहीं मानता है।
रफीक अनवर को कहने लगता है कि खेतों में किसान बैठे हैं और यहां हमारा काम नहीं होने वाला है।
अब इसके बाद रफीक अपनी जेब से मोबाइल फोन निकालता है और सीधे ही उस महिला नूर के पास फोन कॉल करता है। नूर को कहता है कि नूर मैं खेतों में तुम्हारे साथ वक्त नहीं गुजार सकता हूं क्योंकि खेत में काफी किसान लोग बैठे हैं।

अब इसके बाद नूर पूछने लग जाती है कि फिर हम कहां अपना वक्त गुजार सकते हैं। अब रफीक कहने लगता है कि देखो हमारे गांव में एक कब्रिस्तान है और कब्रिस्तान में कोई भी आता जाता नहीं है। तुम ऐसा करो तुम कब्रिस्तान की तरफ चली आओ और हम दोनों दोस्त उस कब्रिस्तान में पहुंच जाएंगे।
लेकिन नूर कहने लगती है कि कब्रिस्तान में जाने से मुझे डर लगता है।

रफीक कहता है कि तुम्हें घबराने की कोई बात नहीं है। आज मेरा दोस्त अनवर भी मेरे साथ है और अनवर तुम्हें इस काम के ₹5000 देने के लिए तैयार है।
अब जैसे ही नूर को लालच दे दिया जाता है तो नूर अब पैसों के लिए कुछ भी कर सकती थी। नूर कहने लगती है कि ठीक है मैं कब्रिस्तान की तरफ जा रही हूं। तुम ऐसा करना कि 10 मिनट के बाद कब्रिस्तान में आ जाना।

और इस तरीके से अब नूर अपने खेतों से बाहर निकलती है और गांव के कब्रिस्तान की तरफ चली जाती है। और पीछेछे रफीक और अनवर मोटरसाइकिल लेकर कब्रिस्तान में आ जाते हैं। और कब्रिस्तान में आने के बाद रफीक और अनवर देखते हैं कि खूबसूरत महिला नूर कब्रिस्तान में बैठी होती है।
अब इसके बाद दोनों लड़के नूर के पास चले जाते हैं।

नूर कहने लगती है कि देखो अनवर तुम्हें मुझे ₹000 देने पड़ेंगे और दूसरे लड़के रफीक ने मुझे पहले ही पैसे दे रखे हैं।
अनवर उसी समय अपनी जेब से पैसे निकालता है और इस महिला नूर को दे देता है और कहता है कि हम दोनों तेरे साथ अपना वक्त गुजारना चाहते हैं।

और इस तरीके से इस कब्रिस्तान के अंदर अब सबसे पहले अनवर इस महिला नूर के साथ अपने गलत रिश्ते कायम करने लग जाता है। अनवर तब तक इसके काम को अंजाम देता है जब तक अनवर की इच्छाएं पूरी नहीं हो जाती हैं।
और जैसे ही अनवर का यह काम खत्म हो जाता है तो अनवर अपने दोस्त रफीक को कहता है कि रफीक अब तुम भी बहती गंगा में डुबकी लगा सकते हो।

और इसके बाद रफीक भी नूर के साथ वही गलत और गंदा काम करना शुरू कर देता है। नूर और रफीक दोनों मिलकर अपनी ही रजामंदी से गलत रिश्ते कायम करने लग जाते हैं।
और यह दोनों मिलकर इस गलत काम को तब तक अंजाम देते हैं जब तक इन दोनों की इच्छाएं पूरी नहीं हो जाती हैं।

और जैसे इन दोनों लड़कों की इच्छाएं पूरी हो जाती हैं तो रफीक अब नूर को कहता है कि देखो नूर जब भी हम तुझे कब्रिस्तान में बुलाएंगे तुम्हें आना पड़ेगा और तुम हमारे साथ अपना वक्त गुजारोगी और इस काम के हम तुम्हें पैसे दे दिया करेंगे।
नूर भी पैसे लेकर बड़ी खुश हो जाती है और नूर कहने लगती है कि तुम मेरे पास फोन कॉल कर दिया करना और मैं कब्रिस्तान में ही आ जाया करूंगी।

और इस तरीके से जैसे इन तीनों का यह काम खत्म हो जाता है तो अब नूर कहती है कि अब मुझे अपने घर पर जाना चाहिए।
इसके बाद नूर इस कब्रिस्तान से बाहर निकलती है और अपने घर की तरफ चली जाती है।

लेकिन दोनों लड़के जो रफीक और अनवर होते हैं यह दोनों इसी कब्रिस्तान में बैठे रह जाते हैं और कब्रिस्तान में बैठकर ये दोनों लड़के काफी देर तक नशा करते हैं।
और जैसे ही दोनों लड़कों को काफी ज्यादा नशा हो जाता है तो इसके बाद ये दोनों लड़के इस कब्रिस्तान में गहरी नींद में सो जाते हैं।

अब तो जब भी रफीक और अनवर का मन करता था यह दोनों लड़के इस महिला नूर को कब्रिस्तान में बुला लेते थे। और कब्रिस्तान में बुलाने के बाद इस महिला को कुछ पैसे देकर इसके साथ अपना बिस्तर गर्म कर लिया करते थे।
इस तरीके से कुछ दिनों का वक्त गुजर जाता है और एक तारीख आ जाती है 20 जुलाई 2026 का दिन।

सुबह के करीब 11:00 बजे के आसपास का वक्त होता है और उसी समय अनवर अपने दोस्त रफीक के पास फोन कॉल करता है और रफीक को कहता है कि रफीक तुम इस समय कहां पर बैठे हो?
रफीक कहता है कि मैं अपनी दुकान पर बैठा हूं।

अनवर कहने लगता है कि मैं अभी मोटरसाइकिल लेकर तुम्हारी दुकान पर आता हूं और फिर इसके बाद कहीं ना कहीं घूमने के लिए जाएंगे।
इस तरीके से अनवर अपनी मोटरसाइकिल लेकर सीधा ही रफीक की दुकान पर आ जाता है। दोनों दोस्त दुकान के अंदर बैठ जाते हैं।

और फिर इसके बाद रफीक अपने दोस्त अनवर को कहता है कि अनवर चलो कब्रिस्तान में चलते हैं। कब्रिस्तान में बैठकर हम काफी देर तक नशा करेंगे।
अनवर भी मान जाता है और इसके बाद अनवर और रफीक दोनों मोटरसाइकिल के माध्यम से कब्रिस्तान में पहुंच जाते हैं।

कब्रिस्तान में जाने के बाद यह दोनों लड़के इस कब्रिस्तान के अंदर बैठकर नशा करना शुरू कर देते हैं।
और जैसे ये दोनों दोस्त बैठकर नशा कर रहे होते हैं तो उसी समय गांव के कुछ लोग एक महिला की लाश को लेकर इस कब्रिस्तान में पहुंचते हैं।

और जैसे ही रफीक और अनवर की नजरें इन लोगों पर पड़ती है तो रफीक और अनवर उस नशे के सामान को अपनी जेब में छिपा लेते हैं।
इसके बाद अनवर और रफीक दोनों इन गांव के लोगों में शामिल हो जाते हैं।

उसी समय अनवर गांव के लोगों में से किसी व्यक्ति से पूछने लगता है कि आज गांव में किसकी मौत हो गई है। अब वो आदमी अनवर को बताता है कि हमारे गांव की एक महिला थी जिसका नाम जोया था उसको अचानक से हार्ट अटैक आ गया था और जिसकी वजह से जोया की मौत हो गई है और हम सभी उस जोया की लाश को इस कब्र में दफनाने के लिए आए हैं।

जैसे अनवर इस व्यक्ति की बात को सुनता है तो खामोश हो जाता है और इसके बाद गांव के लोग इस महिला की लाश को कब्र में दफना देते हैं।
यह सारा काम रीति रिवाज के तहत किया जाता है और जैसे ही गांव के लोगों का यह काम खत्म हो जाता है तो उस गांव के सभी लोग एक-एक करके इस कब्रिस्तान से बाहर निकल जाते हैं।

लेकिन अनवर और उसका दोस्त रफीक इसी कब्रिस्तान में रह जाते हैं क्योंकि दोनों नशा करना चाहते थे।
इसके बाद अनवर अपने दोस्त रफीक को कहता है कि देखो इस महिला को तो कब्र में दफना दिया गया है। अब यहां पर कोई भी गांव का व्यक्ति नहीं है। चलो बैठकर नशा करते हैं।

और इसके बाद अनवर और उसका दोस्त रफीक दोनों इस कब्रिस्तान के अंदर बैठकर फिर से नशा करना शुरू कर देते हैं।
इस तरीके से देखते ही देखते शाम का समय हो जाता है।

और जैसे शाम होती है तो उसी समय अनवर अपने दोस्त रफीक को कहता है कि दोस्त ऐसा करते हैं कि आज उस महिला नूर को कब्रिस्तान में बुला लेते हैं और आज की रात उसके साथ गुजार लेते हैं।
अब जैसे ये बातें रफीक को कही जाती है तो रफीक भी मान जाता है। रफीक कहने लगता है कि अनवर जैसे ही रात हो जाएगी तो मैं उस महिला के पास फोन कॉल करूंगा।

और इस तरीके से अनवर और रफीक आज का पूरा दिन इस कब्रिस्तान में गुजार देते हैं।
रात के करीब 8:00 बजे के आसपास का वक्त होता है।

अब रफीक उस दूसरी महिला नूर के पास फोन कॉल करता है। लेकिन नूर फोन कॉल नहीं उठाती है। पांच से छह बार फोन कॉल किया जाता है।
थक हार कर रफीक अपने दोस्त अनवर को कहता है कि देखो अनवर नूर ने मेरा फोन नहीं उठाया है। ऐसा करते हैं कि गांव में जाते हैं। उसके घर पर चलते हैं।

अनवर भी मान जाता है और इसके बाद अनवर और रफीक दोनों मोटरसाइकिल लेकर गांव में आते हैं।
गांव में आने के बाद अब यह दोनों लड़के नूर के घर पर पहुंचते हैं।

लेकिन नूर के घर पर ताला लगा हुआ था और जैसे ही नूर के घर पर ताला लगा हुआ देखते हैं तो दोनों लड़के खामोश रह जाते हैं।
अब इसके बाद अनवर कई जगह पर पता करता है कि यह महिला नूर कहां पर गई है। तो अनवर को पता चलता है कि नूर तो दो दिन पहले अपने मायके में चली गई है और वह अब अपने मायके में ही रहा करेगी।

इस तरीके से अनवर और रफीक दोनों बहुत ही उदास और परेशान हो जाते हैं।
अनवर कहने लगता है कि रफीक चलो ऐसा करते हैं कि हम कब्रिस्तान में फिर से चले जाते हैं और कब्रिस्तान में बैठकर सोचते हैं कि आगे क्या करना है।

इस तरीके से अब रफीक और अनवर दोनों फिर से कब्रिस्तान में पहुंच जाते हैं।
कब्रिस्तान में पहुंचने के बाद अब जो लड़का अनवर होता है रफीक को कहने लगता है कि देखो रफीक आज दिन के समय गांव के लोग एक महिला की लाश को यहां पर दफना कर गए हैं।

ऐसा करते हैं कि हम उस महिला जोया की लाश को इस कब्र से बाहर निकाल लेते हैं और फिर उसके साथ अपनी रात गुजार लेते हैं।
रफीक भी मान जाता है। रफीक कहने लगता है कि अनवर ऐसा करो कहीं से कशी का इंतजाम करो।

अनवर कहता है कि पास में ही शाहबाद भाई के खेत है और मैं खेतों में जाता हूं और कशी लेकर आता हूं।
इसके बाद अनवर शाहबाद के खेत में जाता है। शाहबाद के खेतों से कशी उठा ली जाती है और कशी लेकर अनवर इस कब्रिस्तान में पहुंच जाता है।

रात के करीब 10:30 बजे के आसपास का वक्त होता है और फिर अनवर और रफीक दोनों जोया की कब्र खोदना शुरू कर देते हैं।
लगभग आधे घंटे के अंदर दोनों लड़के जोया की कब्र को खोद चुके होते हैं।

और जैसे ही यह कब्र खोद ली जाती है तो अनवर उस महिला जोया की लाश को बाहर निकाल लेता है।
जोया की लाश को देखने के बाद अनवर और रफीक नशे में होने की वजह से बहुत खुश होते हैं।

अनवर कहने लगता है कि रफीक आज इसी महिला के साथ हम पूरी रात गुजारेंगे।
रफीक कहता है कि तुम बिल्कुल सही बात कह रहे हो।

और इसके बाद अनवर उस महिला जोया की लाश के साथ गलत और गंदा काम करना शुरू कर देता है।
अनवर जोया की लाश के साथ गंदे और गलत काम को तब तक अंजाम देता है जब तक अनवर की इच्छाएं पूरी नहीं हो जाती हैं।

और जैसे ही अनवर की इच्छाएं पूरी हो जाती हैं तो अब अनवर अपने दोस्त रफीक को कहता है कि रफीक अब तुम भी अपने काम को अंजाम दे सकते हो।
और इसके बाद रफीक भी उस महिला जोया की लाश के साथ गंदा और गलत काम करना शुरू कर देता है।

यह दोनों दोस्त मिलकर इस महिला की लाश के साथ काफी देर तक इस गलत और गंदे काम को करते हैं।
और जैसे इन दोनों का मन भर जाता है, दोनों की इच्छाएं पूरी हो जाती हैं तो रफीक कहने लगता है कि अनवर इस महिला की लाश को कब्र में फिर से दफना देते हैं।

अनवर कहता है कि यह बात बिल्कुल सही है।
और इसके बाद अनवर और रफीक इस महिला जोया की लाश को फिर से कब्र के अंदर दफना देते हैं।

और इस पूरे काम को अंजाम देने के बाद रात के करीब 12:30 बजे के आसपास रफीक और इसका दोस्त अनवर दोनों इस कब्रिस्तान से बाहर निकलते हैं और अपनेपने घरों पर चले जाते हैं।
लेकिन अनवर और रफीक नहीं जानते थे कि इन दोनों दोस्तों ने जिस लाश के साथ ये गंदा और गलत काम किया था यही लाश इन दोनों दोस्तों के साथ बहुत बड़ा कांड करने वाली थी।

लेकिन लाश तो बाद में कांड करती है।
उससे पहले अनवर और रफीक एक दूसरे बड़े कांड को अंजाम दे देते हैं।

इस तरीके से कुछ दिनों का वक्त गुजर जाता है और एक तारीख आ जाती है 13 अगस्त 2026 का दिन।
सुबह के करीब 9:00 बजे के आसपास का वक्त होता है और इस गांव में आज एक बड़ी ही खूबसूरत महिला की मौत हो जाती है और इस खूबसूरत महिला का नाम सबाना होता है।

यह बात जब अनवर को पता चलती है तो अनवर आज बड़ा खुश हो जाता है।
अनवर उसी समय अपने दोस्त के पास फोन कॉल करता है और अपने दोस्त रफीक को कहता है कि रफीक मुझे तुमसे कुछ जरूरी बातें करनी है।

रफीक कहने लगता है कि अगर तुम्हें मेरे साथ बातें करनी है तो तुम अपनी मोटरसाइकिल लेकर मेरे दुकान पर आ जाओ।
इसके बाद लड़का अनवर अपनी मोटरसाइकिल लेकर अपने दोस्त रफीक की दुकान पर आ जाता है।

और इसके बाद अनवर अपने दोस्त रफीक को कहता है कि रफीक आज मेरा जन्मदिन है और मैं अपना जन्मदिन बड़े धूमधाम से मनाना चाहता हूं।
रफीक कहने लगता है कि यह तो बहुत अच्छी बात है। आज हम दोनों दोस्त मिलकर तेरा जन्मदिन बड़े धूमधाम से मनाने वाले हैं।

आज हम पूरी रात कब्रिस्तान में बैठकर तेरा जन्मदिन भी मनाएंगे।
जब कब्रिस्तान की बात सामने आती है तो उसी समय अनवर अपने दोस्त रफीक को कहता है कि देखो रफीक आज एक दूसरी खुशखबरी की बात है।

अब इसके बाद अनवर अपने दोस्त रफीक को कहता है कि आज हमारे गांव में एक बड़ी ही खूबसूरत महिला सबाना की मौत हो चुकी है और थोड़ी ही देर में गांव के लोग सबाना की लाश को दफनाने के लिए कब्रिस्तान में जाने वाले हैं और हम भी उन लोगों के साथ कब्रिस्तान में जाएंगे।
रफीक जैसे ही अपने दोस्त अनवर की इन सारी बातों को सुनता है तो बड़ा खुश हो जाता है।

रफीक कहता है कि हम दोनों कब्रिस्तान में जरूर जाएंगे।
और जैसे 10 से 15 मिनट का वक्त गुजर जाता है तो उसी समय गांव के सभी लोग उस दूसरी महिला सबाना की लाश को लेकर कब्रिस्तान की तरफ आ रहे होते हैं और उसी समय अनवर और रफीक भी दोनों अपनी दुकान को बंद करते हैं और इस दुकान से बाहर निकल जाते हैं और इन लोगों में शामिल हो जाते हैं।

थोड़ी देर के बाद गांव के सभी लोग सबाना की लाश को लेकर कब्रिस्तान में पहुंच चुके होते हैं और इसके बाद गांव के सभी लोग मिलकर सबाना की लाश को रीति रिवाज के अनुसार इस कब्रिस्तान में दफना देते हैं।
और जैसे ही इस महिला की लाश को दफना दिया जाता है तो गांव के सभी लोग एक-एक करके इस कब्रिस्तान से बाहर निकल आते हैं।

थोड़ी देर के बाद अब अनवर और रफीक भी इस कब्रिस्तान से बाहर निकल आते हैं और अपनी दुकान पर फिर से वापस आ जाते हैं।
लेकिन अनवर कहने लगता है कि देखो रफीक जैसे ही रात का समय हो जाएगा तो इसके बाद आज मेरा जन्मदिन हम दोनों मिलकर कब्रिस्तान में मनाने वाले हैं।

रफीक कहता है कि तुम किसी बात की फिक्र मत करो और इस तरीके से पूरा दिन गुजर जाता है।
शाम के करीब 6:00 बजे के आसपास का वक्त हो जाता है।

अनवर और रफीक दोनों मोटरसाइकिल के माध्यम से पास के ही शहर में चले जाते हैं।
शहर में जाने के बाद एक केक खरीद लिया जाता है और केक खरीदने के बाद एक शराब के ठेके पर पहुंच जाते हैं।

और शराब के ठेके से यह दोनों दोस्त एक शराब की बोतल भी खरीद लेते हैं।
और यह सारा सामान खरीदने के बाद दोनों दोस्त मोटरसाइकिल के माध्यम से कब्रिस्तान में आ जाते हैं।

और कब्रिस्तान में बैठकर दोनों दोस्त सबसे पहले केक काटते हैं।
और केक काटने के बाद अनवर का जन्मदिन बड़ी धूमधाम से मना लिया जाता है।

और फिर इसके बाद अनवर कहता है कि रफीक चलो आज बैठकर पूरी रात इस कब्रिस्तान में शराब पीते हैं।
रफीक भी मान जाता है और इस तरीके से शराब की बोतल खोल ली जाती है।

और फिर अनवर और रफीक दोनों बैठकर कब्रिस्तान के अंदर ही शराब पीना शुरू कर देते हैं।
रफीक और अनवर लगभग एक घंटे तक शराब पीते हैं और जब दोनों दोस्तों को नशा हो जाता है तो उसी समय अनवर कहने लगता है कि देखो रफीक आज दिन के समय गांव के लोग इस कब्रिस्तान में सबाना नाम की खूबसूरत महिला की लाश को दफना कर गए हैं।

और आज रात के समय में हम उस महिला सबाना की लाश को कब्र से बाहर निकालेंगे और उसके साथ अपनी रात रंगीन करेंगे।
जब ऐसीऐसी बातें रफीक को कही जाती है तो रफीक भी खुश हो जाता है।

रफीक कहने लगता है कि तुम्हें कसी का इंतजाम करना पड़ेगा।
अनवर कहता है कि कोई बात नहीं पास में ही शाहबाद भाई के खेत है और मैं उसके खेत से वही पसी लेकर आऊंगा।

और इस तरीके से जैसे रात के करीब 9:30 बजे के आसपास का वक्त हो जाता है तो अनवर अब एक जमींदार शाहबाद के खेत में जाता है।
शाबाद के खेत में जाने के बाद वहां पर एक कसी तलाश कर ली जाती है और जैसे ही अनवर को कसी मिल जाती है तो अनवर कसी को लेकर इस कब्रिस्तान में आ जाता है।

और फिर इसके बाद रफीक और अनवर ये दोनों सबाना की कब्र को खोदना शुरू कर देते हैं।
लगभग आधे घंटे के अंदर-अंदर यह दोनों दोस्त सबाना की कब्र को खोद लेते हैं और सबाना की लाश को इस कब्र से बाहर निकाल लेते हैं।

और इसके बाद रफीक और इसका दोस्त अनवर दोनों मिलकर बारी-बारी से इस महिला सबाना की लाश के साथ गंदा और गलत काम करना शुरू कर देते हैं।
यह दोनों लड़के सबाना की लाश के साथ इस गंदे और गलत काम को तब तक अंजाम देते हैं जब तक इन दोनों की इच्छाएं पूरी नहीं हो जाती हैं।

और जैसे इन दोनों की इच्छाएं पूरी हो जाती हैं तो उसी समय अनवर अपने दोस्त रफीक को कहता है कि रफीक चलो इस लाश को हम फिर से कब्र में वापस दफन कर देते हैं।
लेकिन रफीक कहने लगता है कि नहीं हम इस महिला की लाश को वापस कब्र में दफन नहीं करने वाले हैं। आज की पूरी रात हम इस महिला की लाश के साथ गुजारने वाले हैं।

लेकिन उसी समय अनवर कहने लगता है कि देखो दोस्त शराब की एक ही बोतल लेकर आए थे और वो बोतल खत्म हो चुकी है।
रफीक कहता है कि कोई बात नहीं हम शराब के ठेके से शराब लेकर आते हैं।

और इसके बाद अनवर को पैसे दिए जाते हैं और अनवर पैसे लेकर पास के ही एक शराब के ठेके पर चला जाता है।
वहां से शराब खरीद ली जाती है और बीच रास्ते में एक दुकान से कुछ खाने पीने का सामान भी खरीद लिया जाता है।

अनवर यह सारा सामान लेकर अब इस कब्रिस्तान में वापस आ जाता है और फिर इसके बाद अनवर और रफीक दोनों इस कब्रिस्तान में बैठकर फिर से शराब पीना शुरू कर देते हैं।
और शराब पीते-पीते इन दोनों लड़कों को बहुत गहरा नशा हो जाता है।

और गहरे नशे में अब रफीक अपने दोस्त अनवर को कहता है कि अनवर चलो इस महिला के साथ फिर से अपना वक्त गुजार लेते हैं।
अनवर भी मान जाता है।

और इसके बाद सबसे पहले अनवर फिर से इस महिला की लाश के साथ गंदा और गलत काम करना शुरू कर देता है।
अनवर इस महिला की लाश के साथ इस गंदे और गलत काम को तब तक अंजाम देता है जब तक अनवर की इच्छाएं पूरी नहीं हो जाती हैं।

और जैसे ही अनवर का यह काम खत्म होता है तो अनवर अपने दोस्त रफीक को कहता है कि रफीक अब तुम भी बहती गंगा में हाथ धो सकते हो।
और इसके बाद रफीक भी इस महिला सबाना की लाश के साथ फिर से गंदा और गलत काम करना शुरू कर देता है।

यह लड़का रफीक इस महिला की लाश के साथ इस गलत काम को काफी देर तक अंजाम देता है।
और जैसे इन दोनों दोस्तों की सारी इच्छाएं पूरी हो जाती हैं तो इसके बाद अनवर और रफीक दोनों इसी कब्रिस्तान के अंदर बैठकर फिर से शराब पीना शुरू कर देते हैं।

और शराब पीते-पीते दोनों दोस्तों को इतना ज्यादा नशा हो जाता है कि अब इन दोनों दोस्तों को होश नहीं रहता है।
और फिर इसके बाद अनवर और रफीक इसी कब्रिस्तान के अंदर गहरी नींद में सो जाते हैं।

दोनों दोस्तों ने उस महिला सबाना की लाश को फिर से कब्र में दफन नहीं किया था। उस महिला की लाश कब्रिस्तान में ऊपर ही ऐसे ही पड़ी होती है।
इस तरीके से पूरी रात गुजर जाती है और जैसे अगले दिन होता है तो सुबह के करीब 8:00 बजे के आसपास का वक्त होता है।

और खेत का जो जमींदार शाहबाद होता है वो अपने खेत में आता है।
खेत में आने के बाद शाहबाद देखता है कि उसकी जो कसी है वो खेत में नहीं होती है।

शाहबाद के जो खेत होते हैं इस कब्रिस्तान के बिल्कुल पास में होते हैं।
अब इसके बाद शाहबाद इस कब्रिस्तान की तरफ अचानक से ही आ जाता है।

शाबाद देखते हैं कि इस कब्रिस्तान में एक महिला की लाश पड़ी होती है और यह लाश कब्र खोदकर बाहर निकाली गई थी।
पास में कब्र खुदी हुई थी और फिर जैसे ही शाहबाद की नजरें अनवर और रफीक पर पड़ती है तो इन दोनों को देखकर शाहबाद के होश उड़ जाते हैं।

शाहबाद इनके पास जाता है और देखता है कि दोनों दोस्त शराब के गहरे नशे में लेटे हुए थे।
अब इसके बाद शाहबाज जैसे तैसे करके गांव के कई लोगों के पास फोन कॉल करता है और इन लोगों को कब्रिस्तान में बुला लेता है।

और जैसे ही लोग कब्रिस्तान में पहुंचते हैं तो लोगों की आंखें फटी की ही फटी रह जाती है।
और फिर इसके बाद लोग जैसे तैसे करके इन दोनों दोस्तों को गहरी नींद से जगाते हैं और रस्सियों के साथ इनके हाथ पैर बांधकर कब्रिस्तान में बैठा लेते हैं।

और दूसरी तरफ जो शाबाद होता है वह नजदीकी पुलिस स्टेशन में फोन कॉल करता है।
करीब दो घंटे के बाद घटना स्थल पर पुलिस पहुंचती है।

पुलिस देखती है कि गांव वालों ने दो लड़कों को रस्सियों के साथ बांधकर पकड़ रखा था।
और जैसे ही पुलिस शाबाद के पास पहुंचती है तो शाहबाद से सारे मामले की पूछताछ करती है।

लेकिन साबाद कहता है कि मुझे तो बस यह दो लड़के शराब के नशे में धुत पड़े हुए दिखाई दिए थे और पास में ही इनके लाश पड़ी होती है और शायद इस लाश के साथ ही उन दोनों ने रात के समय गंदा और गलत काम भी किया है।
और इसके बाद पुलिस इन दोनों दोस्तों को गिरफ्तार करके पुलिस थाने में ले जाती है।

पुलिस थाने में ले जाने के बाद इन दोनों दोस्तों की खूब जमकर पिटाई की जाती है।
जैसे ही अनवर और रफीक की पिटाई की जाती है तो रफीक और अनवर तोते की तरह बोलना शुरू कर देते हैं।

अनवर और रफीक पुलिस को बताते हैं कि हम पिछले छ महीने से इस गलत काम को कर रहे थे। हमने कब्रिस्तान में लगभग चार महिलाओं के साथ यह गंदा और गलत काम किया था और जैसे ही यह दोनों लड़के अपना जुर्म कबूल कर लेते हैं तो इसके बाद पुलिस आगे की कानूनी कारवाई शुरू कर देती है।
यह बात भविष्य में तय की जाने वाली है कि जज साहब आखिरकार इन दोनों लड़कों को क्या सजा सुनाने वाले हैं।

दोस्तों इस पूरे घटनाक्रम को सुनाने का मेरा उद्देश्य किसी का दिल दुखाना नहीं था बल्कि आपको जागरूक करना था। आपको सावधान करना था।

 

Disclaimer: This story is fictional and created for entertainment purposes only. Any names, characters, places, or events are fictitious or used fictitiously. No real person or organization is intended to be portrayed.

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