लड़के को लड़की जब सड़क किनारे खड़ी दिखी तो वो उससे बात करने गया था। – News

लड़के को लड़की जब सड़क किनारे खड़ी दिखी तो वो उससे बात करने गया था।

लड़के को लड़की जब सड़क किनारे खड़ी दिखी तो वो उससे बात करने गया था।

लड़के को लड़की जब सड़क किनारे खड़ी दिखी तो वो उससे बात करने गया था।

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एक लड़का और तीन लड़कियों की कहानी

दोस्तों, आज हालात ऐसे बिगड़ चुके हैं कि जहां से आम इंसान रोजमर्रा के काम करने के रास्ते पर चलता है, वहां भी जिस्म फरोशी करने वाली औरतें मिल जाती हैं। कुछ दिन पहले की बात है। सुनील अपने ऑफिस से घर लौट रहा था। वो कार से जा रहा था। रात को तकरीबन 11:30 बजे का समय था।

अब 11:30 बजे उस व्यक्ति की कार की लाइट तीन व्यक्तियों पर पड़ती है जो रास्ते के किनारे पर खड़े थे और वहां एक और लड़का भी खड़ा था। सुनील ने आहिस्ता-आहिस्ते कार को धीमा किया और फिर उनके करीब ले जाकर ऐसा हो गया जैसे उसकी कार अचानक से बंद हो गई हो। फिर वो अपनी कार स्टार्ट करने की कोशिश कर रहा था। लेकिन उसका कार वहीं पर था जहां वो लड़का खड़ा था और तीन लड़कियां भी खड़ी थीं। उनके बीच में कुछ बातें चल रही थीं।

तो इस लड़के ने थोड़ा सिर नीचा किया ताकि वह बातचीत जो उनके बीच में हो रही है वो उस व्यक्ति को भी पता चल सके। वैसे ही लड़का समझ चुका था कि ये लड़कियां कौन हैं और यह लड़का कौन है। यानी लड़कियां इस वक्त रात को 11:30 बजे शॉर्ट कपड़ों में मेकअप किए हुए किस लिए वहां पर खड़ी हुईं। ये तो दोस्तों आपको भी पता चल चुका होगा। और वो लड़का भी समझ चुका था जो कार में बैठा था। और जो लड़का वहां पर उन लड़कियों से बातचीत कर रहा था। जरूर वो उनको अपने साथ ले जाने की बातचीत कर रहा था।

बस यही सब कुछ देखने के लिए सुनील ने वहां पर ऐसा ड्रामा किया कि जैसे उसकी गाड़ी में कोई खराबी आ गई हो और हल्का सा सिर नीचा कर लिया ताकि बाहर की आवाज तक पहुंच जाए। अब दोस्तों बाहर उनमें क्या बात हो रही थी और किस बात को लेकर उनके बीच में बहस चल रही थी यह भी मैं आपको इस कहानी में बताऊंगा।

दोस्तों आज बहुत ही चिंता का विषय है कि किस तरह से दोस्तों उस कार्य को करने के लिए कुछ लोग उतावले होते हैं। जिस तरह से आज का नौजवान गलत दिशा में जा रहा है। जिस तरह से आज हर हाथ में मोबाइल है। और इस मोबाइल को नौजवान सिर्फ और सिर्फ गलत फिल्में और गलत वेबसाइट पर जाकर गलत वीडियोज देखने और जब उसको अपने आप पर काबू नहीं रह पाता है तो फिर वो ऐसे ही लड़कियों की तलाश करता है।

तो दोस्तों आज की हमारी जो स्टोरी है वह आपको बहुत ही अच्छी लगेगी। सीख देने वाली कहानी लगेगी। ज्ञानवर्धक कहानी लगेगी। स्वागत है दोस्तों आप सभी का हमारे यूट्यूब चैनल में। दोस्तों हमारी रोज की कहानी जो है वह कोई ना कोई आपको सीख जरूर दे कर के जाती है। तो इस स्टोरी को पूरा अंत तक जरूर सुनिएगा। दोस्तों यकीनन आप इस कहानी से बहुत कुछ सीख पाएंगे और बहुत कुछ जान पाएंगे जो आज तक शायद आप नहीं जानते होंगे। तो चलिए दोस्तों कहानी की शुरुआत करते हैं। उससे पहले बस एक ही रिक्वेस्ट है कि वीडियो को एक लाइक कर दीजिएगा। चैनल पर नए हैं तो सब्सक्राइब कर दीजिएगा। प्यारा सा कमेंट कीजिएगा। तो चलिए दोस्तों बिना देरी के कहानी की शुरुआत करते हैं।

नमस्कार प्रणाम दोस्तों स्वागत है आपका हमारे यूट्यूब चैनल में। दोस्तों तीन लड़कियां शॉर्ट कपड़े पहनकर सड़क के किनारे रात को वहां पर खड़ी थीं। जिनके एक लड़का भी उनके पास खड़ा था। वो लड़का उन तीनों लड़कियों से ऐसे बात कर रहा था जैसे कि इनके बीच में किसी बात को लेकर बहस हो रही थी। लड़का जो था वो लड़कियों की मनाने की कोशिश कर रहा था और वो लड़कियां मान नहीं रही थीं। अब सुनिए दोस्तों कि उनके बीच में हो क्या रहा था।

अब जो लड़का उनके साथ खड़ा था वो कह रहा था कि चलो मेरे साथ। लेकिन लड़कियां कह रही थीं कि जो रेट हम आपसे मांग रहे हैं जो पैसे हम मांग रहे हैं जब तक आप हमें वो पैसे नहीं दे देते हम आपके साथ नहीं जाएंगे। तभी वह लड़का कहता है कि तुम्हारे रेट बहुत ज्यादा हैं। इसे कम करो। इतना रेट आज के टाइम में नहीं चल रहा है। तो लड़कियां कहती है कि यह रेट तो अपने-अपने हिसाब से होते हैं। जैसी खूबसूरती रहती है जैसा बनावट होता है वैसे ही उनके रेट होते हैं। आपसे जो हमने रेट मांगे उससे कम में भी आपको यह सर्विस मिल सकती है। लेकिन आप एक बार हमें देखिए और हमारी खूबसूरती को देखिए। हमारे रंग को देखिए और इसलिए हमारे रेट ज्यादा नहीं है।

अब वो लड़का कुछ सोचने लगा और यह सारी बातें कार में बैठे हुए सुनील को सब कुछ सुनाई दे रही थीं कि उनके बीच में हो क्या रहा था। अब यह लड़का कार में बैठकर के सब कुछ देखना चाह रहा था कि आखिर इनका सौदा किस तरह से तय होता है और आखिरकार लास्ट में नतीजा क्या निकलता है। उसके बाद जो वो लड़का था वो उन लड़कियों को मना रहा था और वो मान नहीं रही थीं और फिर यह लड़का अपने जेब से फोन निकाल कर किसी को फोन करता है। फोन पर यह लड़का अपने दोस्त से बात करता है। कहने लगा कि यार जो माल रास्ते में मिला है वो तो बहुत ही खूबसूरत है। बहुत ही अच्छा है। लेकिन उनका रेट बहुत ज्यादा है।

तो सामने वाला जिससे वो बात कर रहा था वो पूछता है कि कितने पैसे बोलिए। तो वो कहता है कि एक के 1500 बोल रहे हैं। अब एक को 1500 देने पड़ेंगे। तब उसके दोस्त ने कहा कि यार ये मुझे बहुत ज्यादा लग रहे हैं। आज के टाइम में बाजार में टाइम नहीं है किसी भी चीज की। चाहे आप कितनी ही बढ़िया चीज क्यों ना लो क्यों ना अच्छी-अच्छी चीज ले लो। 1000 रुपये में तो तमाम खूबसूरत चीज मिल जाएगी। और जो नॉर्मल होते हैं या फिर कोई ज्यादा उम्र के होते हैं तो वो तो आपको 4500 में मिल जाएंगे।

अब वो लड़का अपने दोस्त से फोन पर आपस में ये सारी बात कर रहे थे। सलाह मशवरा करता है। कहता है कि यार माल खरीदूं या ना खरीदूं। वह सारी बातें खड़ा होकर सुनील वहीं सुन रहा था। अब होता क्या है कि कुछ देर बात करने के बाद वह अपने दोस्त से फोन पर कहता है कि ठीक है दोस्तों फिर 1200 में डन कर लेता हूं। तू कहे तो यही ठीक रहेगा। वैसे माल में कोई बुराई नहीं है। बहुत ही अच्छा लगेगा। बहुत मजा आएगा। तो उधर से दो उसका फोन पर दोस्त होता है। शायद वह उसको राजामंदी दे देता है और वह कहता है कि ठीक है फिर अपने हिसाब से देख लो और कर लो।

अब यह फोन कट करता है और कहता है कि देखिए मैडम जो मैंने तुम लोगों का रेट लगाया है 1000 पर हेड का मैं तुम्हें रेट दे रहा हूं। मैं मुझे तीन की जरूरत नहीं। मुझे दो की जरूरत है। एक मैं हूं और मेरा एक दोस्त है। हमारे साथ आपको बैठना है और पर हेड मैं आपको 1000 दूंगा। ये 1000 ठीक है। रात को खोटी मत करो क्योंकि वैसे भी रात के 11:11:30 बज रहे हैं और अब कोई कस्टमर भी तुम्हें यहां नहीं मिलने वाला है।

अब मैं हूं एक मेरा दोस्त है। चलो उसके साथ कुछ टाइम पास करते हैं। अब दोस्तों उन्हें भी पता था कि शायद इस वक्त कोई ना मिले और वो लड़का भी यही बता रहा था कि शायद आपको कोई ऐसा कस्टमर नहीं मिला कि अब तक आप जाकर बैठ सको। तो फिर यह 1000 आपके लिए नहीं मिलेंगे। तो इससे बेहतर है कि आपका टाइम मत खराब कीजिए। आपका रात ऐसे ही बेकार चला जाएगा। लेकिन फिर भी वह जो लड़कियां है वो उसे कहती है कि देखो जी सीधी सी बात है कि अगर आप नहीं तो कोई और कोई और नहीं तो कोई और यहां यह जो रास्ता है इस रास्ते पर सभी को पता है जो यास्म किस्म के लोग होते हैं कि माल कहां पर मिलता है तो आपके बाद कोई ना कोई तो मिल ही जाएगा आप जाइए यहां से और तब वो लड़का कहता है कि ठीक है फिर जब तुम नहीं मानते हो तो फिर 1200 ले लो और 1200 में यह सौदा डन करो और मेरे साथ चलो।

अब लड़कियां जो थीं वो एक दूसरे की तरफ देखना शुरू करती हैं और फिर शायद नजरों ही नजरों में कुछ इशारा करती है और नजरों ही नजरों में इशारा करने के बाद वह उस लड़के के साथ चली जाती है। वहां पर एक लड़की बैठी है। अब जब वह एक लड़की बची तो उस लड़के सुनील के मन में उत्सुकता है कि वो उस लड़की से बात करे आखिर जाने तो सही कि एक छोटी सी ऐसी जगह पर जहां पर आज भी लोगों के अंदर शर्मो हया लोक लाज मौजूद है तो फिर यह लड़की कहां की है और यह यहां पर क्यों ऐसा काम कर रही है और ऐसा करने पर यह मजबूर क्यों हुई है?

अब होता क्या दोस्तों कि इसके बाद आपके भी आंखों में आंसू आ जाएंगे। जब सुनील अपनी गाड़ी से उतर कर उस लड़की के पास गया और कहने लगा कि मैडम आप यहां पर क्यों खड़ी हो? तो पलट कर उसने कहा कि आपसे मतलब और आप हो कौन मुझसे पूछने वाले कि मैं यहां पर क्यों खड़ी हूं और किस काम के लिए खड़ी हूं। अगर तुम्हें कुछ करना है तो बताओ। तो सुनील ने कहा कि आप क्या करने के लिए तैयार रहते हो? और क्या मतलब है इस बात का? तो कहने लगे कि इतने अनजान मत बनो। तुम्हारे जैसे लोग जो है वह रोजाना यहां पर आते हैं सफेदपश नकाबपश और हमारे जैसी लड़कियों को ले जाते हैं और फिर उनके साथ में अपने साथ बैठाते उनके साथ वक्त बिताते हैं।

अब फिर सुनील ने कहा कि अभी जो ये दो लड़कियां थीं ये तुम्हारे साथ थी तो कहने लगे कि हां हम लोग एक ही साथ एक ही रूम में रहते हैं। तीनों एक साथ की दोस्ती है और उनको अब काम मिल गया है और मैं फिलहाल खाली हूं तो कोई ना कोई मुझे भी मिल जाएगा और अगर तुम्हें ले जाना है तो साथ में बोलो 1500 लगेंगे। तो सुनील ने कहा है कि अभी-अभी जो तुम्हारी दोनों सहेलियां गई हैं जहां तक मैंने थोड़ी बहुत बात सुनी है तो वह तो 1200 में ही गई है और आप 1500 में कैसी बात बोली है तो वो कहने लगी कि वो दोनों को एक साथ ले गया है और इसीलिए 300 का उसको डिस्काउंट दिया है और आपको मुझे साथ ले जाना है तो 1500 में लेकर के चलो।

अब दोस्तों उस वक्त में सुनील को उस लड़की के बारे में यह जानने की उत्सुकता हुई कि चलो आज 1500 खर्च तो होंगे लेकिन एक जिंदगी का नया तजुर्बा और कुछ सीख भी जरूर मिलेगी। और फिर वह लड़का जो है वह इस लड़की की जिंदगी के बारे में और उन दोनों लड़कियों की जिंदगी के बारे में भी कुछ जान सकेगा। शायद वह इनकी कुछ मदद कर सके क्योंकि उस लड़के का इरादा उस लड़की के साथ बैठने का नहीं था ना ही वक्त बिताने का था। बल्कि सुनील का इरादा सिर्फ और सिर्फ यह जानने का था कि आखिरकार जिस उम्र में लड़कियां अपने मां-बाप के घर में उस घर की रौनक होती है खुशहाली होती है जिस उम्र में लड़कियां जो है या तो अपने पति के घर में होती है उसके घर को स्वर्ग बना रही होती है उस उम्र में यह लड़की जो है वो आखिरकार इन्हें ऐसी क्या नौबत आ गई कि इन्हें सड़कों पर इस तरह से काम करना पड़ा है। बहुत ही भारी दिक्कत का सामना करना था।

और बस यही सोचने समझने के बाद सुनील ने कहा कि ठीक है अगर तुम यही चाहती हो कि मैं तुम्हें 1500 दूं तो फिर मेरी बात मानोगी जैसा मैं कहूंगा और जो भी मैं कहूंगा तुम्हें मेरी बात माननी पड़ेगी और फिर 1500 में तुम कितनी देर मेरे साथ बैठोगी तो वो कहने लगी कि साहब फुल नाइट अब फुल नाइट के लिए मैं आपके साथ रहूंगी आप चाहे एक घंटा रखो या 2 घंटा रखो या फिर पूरी नाइट रखकर सुबह भेजो हम आपके लिए पूरी रात रहेंगे तो सुनील ने कहा ठीक है कि अगर फुल नाइट के लिए 1500 है तो मैं तुम्हें दे देता हूं और फिर उसको 1500 देने के बाद सुनील ने कहा कि चलो मेरे साथ गाड़ी में बैठो मैं लेकर के चलता हूं।

अब सुनील उस वक्त घर आना था लेकिन वो घर नहीं आया बल्कि अपनी बीवी को फोन करके यह बता दिया कि मुझे ऑफिस में काम ज्यादा है और इसीलिए मुझे नाइट ड्यूटी करनी पड़ेगी और मैं आज रात को घर नहीं आ पाऊंगा। अब गाड़ी को सुनील यू टर्न ले लेता है और फिर अपने ऑफिस की तरफ गाड़ी को मोड़ देता है। जिस ऑफिस को अभी आधा घंटा पहले ऑफिस बंद करके घर आया था उसे भूख भी लगी हुई थी क्योंकि ऑफिस में काम ज्यादा होने की वजह से और क्योंकि पर्सनल ऑफिस था ऐसा नहीं था कि किसी कंपनी का था कि उसे चाबी लेनी पड़ेगी ताला लेना पड़ेगी। तो प्रॉपर्टी का वह खुद ही अपना काम करता था और इसीलिए उसका पर्सनल ऑफिस था तो चाबी और सब कुछ उसके पास था। वह किसी टाइम जा सकता था किसी टाइम वहां आ सकता था। रहने खाने सोने की सारी व्यवस्था जो है उसने ऑफिस में बना रखी थी।

अब जैसे ही ऑफिस में वो थोड़ा सा ऐसा जगह बनाकर रखा हुआ था और इसी तरह से कभी अगर सुनील का मन करता था आराम करने का तो ऑफिस में आराम भी कर लेता था और बस सुनील भी उस लड़की को वहीं पर लेकर जाता है। रात के तकरीबन 11:30 बज चुके थे। होटल वगैरह भी बंद होने लगे थे। एक जगह ठेले वाला खड़ा था और फिर वो दोस्तों उस वक्त मोमोज वगैरह चमिंग वगैरह भेज रहा था। उससे कुछ मोमोज चमिंग वगैरह खरीदी। अब छोटू शहरों में क्या मिलता है दोस्तों तो यही सब कुछ रात को देर तक मिलता है क्योंकि होटल वगैरह जो अच्छे होते हैं वो तो अपने 10:00 बजे तक बंद हो जाते हैं। तो यही सब कुछ बचा हुआ था तो ठेले से उसने कुछ फूड लिया और फिर उसी को खा के सोचा कि आज काम चला लेगा क्योंकि वो आज घर भी नहीं जा रहा था और इसीलिए इसने सारी व्यवस्था जो है वह रास्ते में ही कर ली थी और इस तरह से वह लड़के के साथ जो है वह चला जा चुका था दोस्तों लेकिन इसके बाद जो कुछ उसे पता चलने वाला था उसके होश उड़ने वाला था।

सुनील जाकर के अपने ऑफिस का ताला खोलता है और फिर लाइट ऑन किया। लड़की को अंदर बैठाया और जो कुछ के वो खाने की पीने के लिए लेकर आया था वो उसके सामने रख दिया और फिर उसके सामने रखने के बाद उसे यह कहा कि यह खा लो और फिर उसके बाद जो करना होगा करेंगे। लड़की को खाना देने के बाद सुनील ने उसे कहा कि चलो तब तक आप खाना खाओ तब तक मैं फ्रेश हो के आता हूं और फ्रेश होने के बाद जो भी होगा तभी कुछ हो सकेगा।

लड़की जो थी वो पूरी तरह से चीजों को लेकर के एक्साइटेड थी और सुनील जैसा खूबसूरत हैंडसम नौजवान लड़का मिला था। एक सेहतमंद हट्टा कट्टा लड़का था। तो लड़की भी पूरी तरह से खुश थी कि ठीक है साहब अब फ्रेश होकर आओ तब मैं भी थोड़ा बहुत कुछ खा लेती हूं। वैसे भी मुझे भी भूख लगी हुई है और उसके बाद तो पूरी रात ही पड़ी हुई है। तो मैं और आप दोनों मिलकर खूब मजे करेंगे।

काफी देर के बाद सुनील ने अपने आप को फ्रेश किया। बाथरूम से हाथ धो के आया और फिर एक अलग पॉलिथीन में थोड़ा खाना था क्योंकि सुनील को भी काफी भूख लगी हुई थी। तो उसने वो खाया और खाने के बाद उसने कुछ कोल्ड ड्रिंक पी ली थी और उसे पीने के बाद लड़की को सुनील ने यह कहा कि अगर तुम्हें भी फ्रेश होना है तो जाकर हो लो। और वैसे भी तुमने खा पी लिया है तो जाओ अच्छी तरह से जो भी तुम्हें फ्रेश वगैरह होना है तो हो जाओ। लड़की जो है वह वाशरूम में जाती है और वहां से वह फ्रेश वगैरह हो के हाथ मुंह धोकर आती है और उसके बैग में कुछ मेकअप का भी हल्काफुल्का सामान था। उसने वहां पर मेकअप वगैरह किया और फिर सुनील के सामने जाकर बैठ गई और कहने लगी कि साहब चलिए मैं रेडी हूं। अब आपको जो भी कुछ करना है जिसलिए आप मुझे यहां पर लेकर के आए हो वो आप बिल्कुल कर सकते हैं। आप चलिए अपने काम को अंजाम दीजिए।

अब दोस्तों सोचने और समझने वाली बात यह थी कि एक जवान लड़का और एक जवान लड़की जहां पर देखने वाला कोई ना हो जहां पर एक आदमी उसकी कीमत दे के उसे लेकर के आया हो और सिर्फ इसीलिए लेकर के आया हो और वो महिला वो औरत भी सिर्फ इसीलिए उसने पैसे लिए हैं कि चाहे उसके साथ जो भी कुछ होगा उसने वक्त बिताने के लिए ही खुद से रजामंदी की है। भले ही एक आदमी चाहे कितना ही शरीफ क्यों ना हो लेकिन एक पल के लिए उसकी नियत बदल सकती है और यही सब कुछ हो रहा था सुनील के साथ।

सुनील के दिल और दिमाग के बीच में एक जंग छिड़ी हुई थी। अब दिल उसका यह कह रहा था कि चलो मौके का फायदा उठा लो। उसकी खूबसूरती कहीं ना कहीं देख के वो मोहित हो रहा था और वो उसका दिल उस पर जा रहा था। दिमाग लेकिन कह रहा था कि नहीं बीवी के साथ बेवफा बेवफाई हो जाएगी। और तेरा जो पहले इरादा था इस लड़की के साथ जो भी कुछ करने का उसी इरादे पर अपने कायम रह। लेकिन दिल कह रहा था कि यार थोड़ी देर में क्या ही बीत जाएगी। बकायदा तूने इस चीज के लिए पैसे दिए तो वो वसूल कर ले उस पैसे को। बातचीत करने के लिए तो पूरी रात पड़ी है।

अब यह सब कुछ जो थी पूरी जंग उसके दिल और दिमाग में बीच चलती ही जा रही थी। और आखिरकार जीत किसकी होती है और फिर आखिरकार उस रात फिर उस लड़की के साथ सुनील और उस लड़की का जो आमनासाना और जो इन दोनों के बीच में हुआ और जब उस लड़की ने अपने वस्त्र को एक तरफ रखने शुरू किए अपने कपड़े उतारने शुरू किए तो फिर दोस्तों सुनील का क्या हाल हुआ था वह जब आप सुनेंगे तो यकीनन आपके होश उड़ जाएंगे।

दोस्तों जब लड़की ने सब कुछ खा पी लिया अच्छी तरह से फ्रेश होकर चली गई सुनील भी फ्रेश हो के आ गया था और जहां पर अपने ऑफिस में एक छोटी सी जगह जहां पर उसने बेड लगा हुआ था और दोपहर को खाना खाने के बाद वो थोड़ी बहुत आराम करने के लिए उस बेड पर लेट जाया करता था उसी बेड पर वह रात को लेटा हुआ था। देखा कि लड़की आती है हल्काफुल्का मेकअप करती है और उसके बाद वो सुनील से अपनी नजदीकी बढ़ाने की कोशिश करती है। वो उससे कहता है कि थोड़ा दूर हटकर गए बैठो। तो वो कहता है कि साहब आप यह क्या बात कर रहे हो क्या आपने मुझे जो 1500 दिए वो दूर बैठने के लिए दिए हैं या कुछ करने के लिए दिए जाहिर सी बात है आपने 1500 खर्च करके किसी लड़की को अपने साथ अपना वक्त बिताने के लिए लाए हो या अलग बैठने के लिए लाए हो।

तो लड़के ने कहा कि अभी बहुत टाइम है। अभी तो तकरीबन 12:30 बजे का ही समय हो रहा है। 12:30 बजे के बाद दोस्तों वो कहता है कि अभी रुक जाओ। वैसे अब जो सुबह होगी वो तो 6 7 बजे के बाद ही होगी। तो अभी तो हमारे पास 6- सात घंटे हैं। और 6- सात घंटे में तो दुनिया बदल सकती है। तो तुम आराम से बैठो। मैं थोड़ा तुम्हें जानू। थोड़ा तुम मुझे जानो और उसके बाद जो तुम चाहोगे वो सब कुछ हो जाएगा। तो वो कहने लगे कि साहब मैं क्या चाहूंगी आप जो चाहेंगे वही होगा। अगर आपके मन में यह ना होता तो आप मुझे पैसे देकर यहां क्यों लाते तो सुनील ने कहा कि ठीक है मैं आपको लेकर आया हूं लेकिन आप थोड़ा सब्र रखें और यह सब कुछ होगा जो होगा होना होगा लेकिन हां उससे पहले मैं आपसे कुछ पूछना चाहता हूं तो लड़की ने बोला कि पूछो साहब क्या पूछना है क्योंकि लोग जब हमें अपने साथ ले जाते हैं तो पूछते बाद में है लेकिन पहले वो सारी चीजें करते हैं लेकिन आप तो अलग ही इंसान हो अलग ही तरह के सवाल पूछ रहे हो आप तो नजदीक भी नहीं आने दे रहे हो उल्टा पीछे हटने के लिए कह रहे हो और कह रहे हो कि पहले बात करनी अब क्या है आपको तो मैं समझ नहीं पा रही हूं क्या चाहते हैं आप बुरा मानो ना मानो तो एक बात पूछो तो उस लड़के ने कहा कि पूछो क्या पूछना है तो उसने बोला कि क्या आप मर्द हो या ना हो अब यह बात सुनकर के तो उस लड़के की दिमाग बत्ती दिमाग की बत्ती जल उठ गई। एक बार तो उसे यह मन में आया कि वो उसे बता दे कि मर्द कैसा हो गया है क्योंकि बहुत से ही लड़कों के साथ वो रही होगी। लेकिन अब सुनील भी एक अच्छा खाटा स्वस्थ इंसान था और वो अपनी बीवी के साथ तो उसके बहुत अच्छे रिलेशन था। बहुत ही अच्छी उसकी जिंदगी थी। उसकी बीवी भी उसे खुश थी। कहीं भी कोई दिक्कत नहीं थी। तो उसकी यह बात सुनकर कि जब उसने यह कहा कि साहब आप वाकई में मर्द है भी या नहीं तो सोचा कि इसे साबित कर दूं। लेकिन फिर अपने जज्बात और गुस्से पर उसने कंट्रोल किया कि इस तरह के उसा उसे नहीं आना चाहिए। शैतान जो है वो आपको बार-बार उकसाने की कोशिश करेगा। गलत काम करने के लिए वह बार-बार प्रेरित करेगा। लेकिन असली मर्द वही होता है जो अपने ऊपर काबू पा जाए और शैतान को पराजित कर दे।

अब दोस्तों इस तरह का ही काम सुनील भी करना चाहता था। उसने भी अपना गुस्सा कंट्रोल किया और कहा कि ठीक है ऐसा तो नहीं है बिल्कुल मैं मर्द हूं और वो थोड़ी देर बाद मैं तुम्हें दिखा भी दिखा भी दूंगा लेकिन पहले मैं तुमसे कुछ जानना चाहता हूं तुम किस कास्ट की हो तुम कहां से आई हो और तुम यहां कैसे पहुंच गई रहने वाली कहां की वगैरह-वगैरह मैं तुमसे ये थोड़ा जानना चाहता हूं तो कहने लगे कि साहब आप तो पुलिस वाले की तरह मुझसे इंक्वायरी करने लगे क्या आप कोई पुलिस वाले हैं कि जो इस तरह से आप मेरी इंक्वायरी कर रहे हैं आपने तो मैंने तो आपको कस्टमर समझा कोई सीबी आई या कोई इंस्पेक्टर या कोई सादे भष में कोई पुलिस वाला ऐसी बात तो नहीं है। देखिए साहब हम बहुत ही मजबूरी और बहुत परेशानी में इस काम को करते हैं। कोई जो है वो हम ऐसा पैदाइशी ऐसे करने वाली नहीं है। तो अगर आप पुलिस वाले हैं या फिर कोई और हैं तो देखिए मुझे कुछ मत कीजिएगा क्योंकि यह काम जो है वो मुझे करना मेरी मजबूरी है और मैं कोई शौक से ऐसे काम नहीं करती हूं। तो वो कहती है कि साहब अगर आपको पैसा लेना है तो ले लो और जो करना है कर भी लो। तो लड़के ने कहा कि तसल्ली रखो मैं कोई पुलिस वाला नहीं हूं। ये मेरा ऑफिस है। मैं एक प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता हूं और मैं जमीनें खरीदता और बेचता हूं। तो बेफिक्र रहो। मैं कोई पुलिस वाला नहीं हूं। बस जो मैं पूछूं वो तुम सच-सच बता दो। लड़की जो थी वो थोड़ा सुकून से होती है। उसे उस लड़के की बात पर थोड़ा यकीन आया तो वो कुछ सुकून ली और बोली कि पूछिए साहब क्या पूछना है तो उस लड़के ने कहा कि बताओ पहले तुम हिंदू या मुसलमान हो तो कहने लगी कि साहब मेरा नाम रेशमा है और मैं मुसलमान हूं। तो फिर उस लड़के ने पूछा कि तुम्हारे साथ जो वह दोनों लड़कियां थी जो कि 12-100 में एक लड़के के साथ दोनों गई वह कौन थी वह हिंदू थी या मुसलमान थी तो कहने लगी कि साहब वो दोनों हिंदू लड़कियां थी और हम दोनों दोस्त हैं। तो सुनील ने उसे कहा कि तुम कहां की रहने वाली हो तो उस लड़की ने बताया कि साहब मैं कोलकाता से आई हूं। तो फिर उस लड़के ने पूछा कि वो दो लड़कियां है वो कहां से आई हुई हैं तो फिर उसने यह बताया कि दरअसल साहब एक आसाम से आई है और एक बिहार से आई है। तो फिर वह उससे पूछने लगी कि तुम कोलकाता से वह आसाम से हो वो बिहार हो। तुम दोनों जो है वो तुम तीनों यहां पर एक जगह कैसे मिल गई तो लड़की कहने लगी कि साहब आप मुझे बहुत कंफ्यूज कर रहे हो। आप इतने डिटेल में क्यों जाना चाहते हो बड़ डिटेल में पूछ रहे हो। आखिर बात क्या है तब लड़के ने उसे तसल्ली दी कि देखो मैं तुम्हारी जिंदगी के बारे में जान करके यह जानना चाहता हूं कि तुम प्रोफेशनल यानी कि तुम्हारा खानदानी या फिर तुम कोई वैश्यावत्ति से कोई तुम्हारा पैदाइशी मामला है या फिर तुम किसी मजबूरी के कारण अगर किसी मजबूरी के कारण तुम ऐसा काम कर रही हो तो शायद हो सकता है कि मैं तुम्हारी इसमें मदद कर सकूं। यह 1500 में मुझे पता है कि तुम्हारा गुजारा नहीं होगा। आज मेरे से 1500 लेके तुम कल इन्हें उड़ा दोगी और फिर से कल सड़क के किनारे आकर बैठ खड़ी हो जाएगी और कोई दूसरा ग्राहक ढूंढोगी। तो मैं ये चाहता हूं कि तुम ऐसा गंदा काम ना करो। इस समाज में इस तरह की गंदगी ना फैलाओ और तुम जो है वो अच्छे से एक इज्जतदार लड़की की तरह जिंदगी जियो। तो लड़की कहने लगी कि साहब इज्जत की जिंदगी तो मैं जीना ही चाहती थी। लेकिन इसीलिए तो बॉयफ्रेंड के साथ में भाग कर आई थी। आपको पता है दोस्त साहब कि जो ये उम्र होती है वो ऐसी होती है कि जिस उम्र में आपको किसी की बात पर जल्दी भरोसा हो जाए तो बस वही आपको अच्छा लगने लगता है और मुझे भी मुझे अपने प्रेमी पर काफी ज्यादा भरोसा था। मैं जिस स्कूल में पढ़ने जाती थी उसी स्कूल में मेरा प्रेमी भी पढ़ने जाता था। मेरा रेशमी रेशमा है और हम दोनों एक दूसरे से काफी प्यार भी करते थे। वो और मैं एक दूसरे के साथ जिंदगी बिताना चाहते थे। और इतना हम दोनों एक दूसरे से प्यार करते थे कि हम इस दुनिया जहान को भूल करके सिर्फ और सिर्फ अपने सपनों में खोए रहते थे। और जब कभी मौका मिलता हम एक दूसरे में खो जाते। मेरे प्रेमी ने मुझसे यह वादा किया था कि वो मुझे जिंदगी भर अपने साथ रखेगा शादी करेगा। और कहा कि अगर घर वाले लाज भी नहीं हुए तो चाहे हमें भागकर ही क्यों ना शादी कर पड़े। मुझे उसके इरादे के बारे में नहीं पता था। मैं सीधी साधी भोलीभाली एक लड़की थी। जैसे-जैसे वह कहता गया मैं वैसे-वैसे उसकी बात मानती गई और नतीजा यह निकला कि उसने मुझे अपने घर वालों से बगावत करने पर मजबूर कर दिया। और एक दिन रात के अंधेरे में हम दोनों भाग करके दिल्ली आ गए। और जब हम भाग करके दिल्ली आए इतना बड़ा शहर कोलकाता से दिल्ली आना और फिर वहां से यहां फिर हमें कोई ढूंढ नहीं सकता था।

वहां से यहां आने के बाद मैंने अपने प्रेमी से कहा कि चलो अब हम लोग निकाह कर लेते हैं। तो कहने लगा कि पगली है तू जब तक हमारी किसी से जान पहचान नहीं होगी तब हम तब तक हम भला निकाह कैसे कर सकते हैं क्योंकि निकाह करने के लिए दो गवाह का होना जरूरी है। एक मौलवी का भी होना जरूरी है। मौलवी जो हमारा निकाह पढ़ाएगा और दो गवाह जब बनेंगे तब जाके हमारी जो यह निकाह होगी वह सफल होगी। अब दोस्तों इस तरह से उसका प्रेमी जो था वो उसे बहला रहा था। उसे कुल मिलाकर के जानबूझ के टाले जा रहा था था तो कम से कम उसे दो आदमी की जरूरत थी ऐसा उसने बताया। तो कुल मिलाकर वो यही कहना चाहता था कि जब तक हमारी जान पहचान नहीं होगी और अगर हम किसी से ऐसे कहेंगे कि हमें शादी करनी है तो कौन हमारा गवाह बनेगा कौन हमारा वकील बनेगा इसलिए थोड़ा इंतजार कर लो। अब प्रेमिका ने उसकी यह बात भी मानी और उसके साथ उस किराए के कमरे में नहीं लगी।

अब रेशमा यह भी बताती है कि मैं अपने घर से कुछ पैसे लेकर आई थी और वह भी कुछ घर से पैसे लेकर आया था। उस पैसे को खर्च करना और मौज मस्ती करना हमारा यहीं पर काम था। 10-15 दिन गुजरने के बाद फिर मुझे अपने प्रेमी की कुछ मिजाज में ऐसा बदलाव दिखने लगा कि शायद अब यह मुझसे उखड़ा उखड़ा रहने लगा है और एक दिन रात के अंधेरे में वो मुझे सोता हुआ छोड़ के कहां चला गया मुझे आज तक इस बारे में पता नहीं चला। अपने घर के रास्ते तो मैं पहले से बंद कर आ गई थी। वापसी का मेरे पास कोई रास्ता नहीं था। तो आगे जाने का रास्ता प्रेमी ने बंद कर दिया था। क्योंकि जिस पर मैंने सबसे ज्यादा भरोसा किया था और अपने घर वालों को धोखा देकर उनसे बगावत करके अपने प्रेमी के साथ जिंदगी गुजारने का जो मैंने सपना देखा था वही प्रेमी आज मुझे लूट करके बीच मजार में छोड़कर के चला गया था। सब कुछ मेरा लूट चुका था। तन मन धन ये सब कुछ मेरा खत्म हो चुका था। आत्मा पर एक अलग सा ही बोझ सा महसूस हो रहा था। ऐसा लग रहा था कि शायद इस जिंदगी को मुझे जीना ही नहीं है। कभी-कभी अकेले में सोचती कि क्या करूं इस इस चीज इस शरीर को कैसे ढूंढूं क्योंकि यह इतना दागदार हो चुका है कि अब मैं किसी की ना तो अपने मां-बाप को मुंह दिखाने लायक रही और ना ही किसी इज्जतदार इंसान की पत्नी और बहू और दुल्हन बनने के लायक रही। मेरे प्रेमी ने सब तरह से मुझे बर्बाद कर दिया था। और अब यही वह रास्ता होता है जब हमें या किसी भी मेरे जैसी लड़की या तो मौत चुननी होती है या फिर इस तरह के काम चुनने होते हैं या फिर दर-दर के ठोकरे खाना क्योंकि घर तो वो जा नहीं सकती। घर वाले अगर उसे स्वीकार भी कर ले तो वो जाए किस मुंह को लेकर कैसे जाए क्योंकि उसकी आत्मा जो है वो घर जाने के लिए उसे करती ही नहीं और ना ही उसके अंदर इतनी हिम्मत आ पाती है। तो मेरे सामने भी यही सब कुछ था। दिल्ली की वो भीड़भाड़ वाली गलियां वो सब कुछ चारों तरफ मुठाए खड़ी थी। तो दिल्ली का एक ऐसा एरिया भी था दोस्तों जहां पर कुछ होटल्स ऐसे थे तो दोस्तों वहां पर फ्री खाना खिलाया जा रहे थे तो एक दिन दो दिन चार दिन इसी तरह से मैं वहां पर दोपहर में बैठकर जाकर बैठ जाया करती दोपहर को खाना खा लेती कभी शाम को जाकर बैठ जाती तो शाम का खाना मिल जाया करता था इसी तरह से मेरा काम चलता रहा और उसके बाद फिर मेरे जैसी एक दो लड़कियां उसी लाइन में दिखाई दी जहां पर मैं खाना लेती थी होटले से जहां पर वो फ्री बांटते थे वहां पर मेरे जैसे जैसी और जवान दो खूबसूरत लड़कियां और थी जिनके बारे में मैंने आपको बताया। एक का नाम नेहा है और दूसरे का नाम काजल है। यह दोनों लड़कियां एक आसाम और एक बिहार की है। यह भी वहीं पर मेरे जैसी सताई हुई थी। यह भी अपने प्रेमी यानी कि आशिक के ही साथ घर में फरार हो गई थी और इनके आशिक भी इन्हें इसी तरह से धोखा दे के इस तरह छोड़ के जा चुके थे। और बस ऐसी ही बातोंबातों में इनसे बात हुई तो इन्होंने कहा कि तुम कैसे अब मैंने उन्हें अपनी बात बताई तो उन्होंने मुझे अपनी बात बताई। अब तीनों के मिजाज एक जगह मिले और फिर तीनों एक ही तरह से सताए हुए थे और फिर हमने ये सोचा कि मौत को गले लगाना इतना आसान नहीं होता और शायद वो चीज हमसे हो भी नहीं पाती तो हमने अपने जीने खाने के लिए कुछ ना कुछ तो करना ही था।

अब जो हम हालात में आकर के फंस गए थे हमारे पास कोई रास्ता नहीं बचा था। हमें समझ ही नहीं आया कि हम क्या करेंगे और कौन सा काम हम करेंगे जिससे कि हमारी जिंदगी चलेगी। अब क्योंकि मरना आसान नहीं लगा कहने को तो इंसान कुछ भी कर लेता है और कर कह देता है लेकिन करने के लिए उसके लिए बहुत बड़ा दिल और कलेजा चाहिए। इसीलिए मरना कैंसिल किया और अपने तरीके से जीना शुरू कर दिया कि जिस समाज ने हमें लूटा है उसी जालिम समाज को लूट करके हम अपना पेट भरेंगे और फिर अपने ही शरीर को हम यूं ही फ्री फ्रेंड में लूटने नहीं देंगे। और बस उसके बाद हम एक शहर से दूसरे शहर दिल्ली जैसी जगह में हमारा काम नहीं हो रहा था वहां पर लोग बहुत ही सयाने थे और रेट ऐसे नहीं दे रहे थे। तो हमने एक छोटी जगह चुने और छोटे शहर में हम यहां पर आ गए। कमरा किराए पर लेते हैं और रात को अंधेरे में अपना निकल चलते हैं और फिर यह अब तीनों लड़कियों के बारे में यहां रेशमा ने अपनी पूरी दास्तान और पूरी हिस्ट्री बता दी थी कि किस तरह से दह घर के दहलीज को एक लड़के के साथ जिसको वो सिर्फ जानती थी प्यार करती थी और वो लड़का जो उनकी जिंदगी में सिर्फ एक दो साल से आया था और उसने अपने 2025 साल के मां-बाप को प्यार को बुला करके उस लड़के के साथ घर की दहलीज लांग दिया और फिर उस लड़के ने उस लड़की का शोषण किया उसके साथ कुछ दिन बिता करके उसे धोखा दे के बीच मजार में छोड़कर चला गया।

अब उस लड़की के पास या तो मरने का रास्ता है या फिर भीख मांग करके अपना पेट भरने का रास्ता है या फिर वैश्यावती। तो बस रेशमा ने और उसकी सहेली ने यही चुना है कि जब जिंदगी में धक्के लिखे हैं और मां-बाप को घर छोड़कर के जो हमने गलती की है तो शायद अब उसकी सजा यही है कि हम जो है हर रोज किसी नए इंसान के साथ अपने आप को छोड़ते हैं समर्पित करते हैं चाहे छोटा हो बड़ा हो बूढ़ा हो बच्चा हो चाहे कोई भी हो हमें इस चीज से कोई लेना देना नहीं है कि किस ऐज का इंसान है किस उम्र का इंसान है किस जात का है किस धर्म का है हमें इस चीज से कोई मतलब नहीं होता है। बस हमें सिर्फ उसकी कीमत चाहिए होती है जो कीमत देगा जो हमें पैसा देता है वो हमसे चंद मिनट के लिए या फिर चंद घंटों के लिए अपने उस पैसे को वसूल करता है। और यह तो हमारा रोज का ही काम है। और अब हमें दुख दर्द तकलीफ भी इससे नहीं होती है। और अब हमने यह सब कुछ सहना भी सीख लिया है। दुख दर्द तकलीफ तब हुई थी जब पहली-पहली बार इस चीज में इस रास्ते में कदम रखा था। लेकिन अब तो यह हमारा पेशा बन गया और हमारी आदत भी बन गई है। लड़की की बात सुनकर के उस लड़के को बड़ा ही एहसास हुआ। उसके आंखों से आंसू बहने लगे कि इस समाज में इस दुनिया में इतने सताए हुए लोग भी है और वो महिलाएं जो अपने घरों में जो सुरक्षित महसूस करती है जो अपने पति के साथ एक खुशहाल जिंदगी गुजार रही है वो किसी गैर मर्द के चक्कर में आकर के अपने गैर अपने पति को छोड़ देती है। वो लड़कियां जो अपने घर में अपने मां-बाप के साए में सुरक्षित रहती है सब कुछ मिलता है इसे आराम मिलता है और सिर्फ चंद दिन के प्यार के लिए वह अपने घर की दहलीज रंग देती है। और फिर ऐसे ही किसी बड़े शहर में उनका प्रेमी उन्हें लूट करके छोड़ के भाग जाता है। ऐसी एक नहीं बल्कि हजारों लड़कियां लड़कियां ऐसी मिल जाएंगी जो ज्यादातर जो है वो इस रास्ते पर मिलेंगी वो इसी तरह की लड़कियां मिलेंगी।

तो इसीलिए दोस्तों मेरा हाथ जोड़ के उन माताओं और बहनों से बस यही निवेदन है कि अपना घर छोड़ने से पहले और घर की दहलीज को लांगने से पहले एक बार अपने माता-पिता के चेहरे को उनके प्यार को जरूर समझें उनकी तकलीफ को जरूर समझे तब जाकर आप घर की दहलीज को कभी नहीं लांग पाएंगे। उस रात जब सुनील ने उस लड़की की दास्तान सुनी तो कहा कि आराम से तुम इस बिस्तर पर लेट जाओ मैं तुम्हारे साथ कुछ नहीं करने वाला हूं। मैं एक शादीशुदा इंसान हूं और अपनी पत्नी और अपनी बीवी के साथ मैं बहुत वफादार हूं। तुम्हें यहां पर लाया। मेरे मन में एक बार आया कि मैं तुम्हारे साथ वक्त बिता दूं क्योंकि जब तुमने मुझे चुनौती दी तो मैंने यह सोचा कि मैं तुम्हारे ऊपर अपनी मददानगी दिखा दूंगा। लेकिन फिर भी मैंने अपने आप को काबू कर लिया था मैंने अपने आप को रोक लिया था। जो 1500 मैंने तुम्हें दिए वह भी तुम्हारे हैं और मैं तुम्हें और 1500 दे के सुबह तुम्हें भेज दूंगा। अब 3000 दे के वह सुनील जो है वो उस लड़की से कहता है कि तुम्हें कमरे का जो तुम्हारा किराया है वो दे देना और आगे जभी भी तुम्हें पैसे की जरूरत पड़े तुम मुझसे आकर लेना लेकिन यह गलत काम कभी मत करना। मेरे पास अच्छी खासी कमाई होती है ठीक-ठाक पैसा सब कुछ आता है अगर उसको मैं अपने उस पैसे से महीने के 1000 2000 तुम्हें दे भी दे रहा हूं तो मुझे कोई दिक्कत नहीं होगी। और सुनील ने यह भी कहा कि अगर कोई अच्छा सा लड़का मिलेगा तो मैं तुम्हारी उससे शादी भी करा दूंगा ताकि तुम्हारा घर घर बच जाए और जब तक तुम्हारी शादी नहीं होती जब तक कोई अच्छा लड़का नहीं मिलता है तब तक मैं तुम्हारा खर्चा उठाऊंगा लेकिन तुम गलत काम मत करना। लड़के ने उस लड़के से वादा किया कि साहब आप मेरे भाई जैसे हो क्योंकि आपने मेरे साथ कुछ नहीं किया और आप मुझे यह सब कुछ कह भी रहे हो आप मेरे एकदम ही भाई के जैसे हो और मैं आपसे आज वादा करती हूं कि आज के बाद मैं अब कोई गलत काम नहीं करूंगी और आप मेरी शादी कराओगे मेरा घर बसाओगे तो इसीलिए मैं आज से आपको भाई मानती हूं वह इस उस दिन से बना भाई बहन का। और फिर एक दिन एक लड़का देख के उस सुनील ने उसकी शादी भी करा दी आज उसके बाल बचे और हंसीखुशी के साथ वो अपने जीवन में जी रही थी ना ही तो वो लड़का उस लड़की से पुरानी जिंदगी के बारे में पूछता है और ना ही उस लड़के को कभी इस लड़की ने शिकायत का मौका दिया।

तो दोस्तों जीवन में पुण्य और अच्छा काम जरूर कर लेना चाहिए। इंसान की जिंदगी जो है वो 60 70 या 80 साल की होती है जिंदगी में बड़े-बड़े तजुर्ब और हालात आपके सामने होते हैं तो कहीं कोई किसी तरह से अगर कोई पुण्य करने का मौका मिले तो आप जरूर करें जितना हो सके अपनी तरफ से चीजों को सुधारने की कोशिश करें अच्छा करने का मौका मिले तो उसे हाथ से जाना दे जाने ना दे और जरूर करें। तो दोस्तों एक लड़के ने एक जिंदगी की एक लड़की की जिंदगी को कितनी खूबसूरत बना दिया यकीनन वो लड़की उसे बहुत दुआ देती होगी क्योंकि वह जिस नर्क से निकल करके अपने घर बसा चुकी थी यकीनन बहुत ही बहुत ही अच्छा काम लड़की ने किया था। आप क्या कहना चाहेंगे दोस्तों कमेंट करके जरूर बताइएगा। तो दोस्तों यह रही कहानी।

दोस्तों हमारी कहानी सुनाने का उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं ना ही किसी के दिल को आहत करना बस केवल आपको सतर्क करना है आपको जागरूक करना है कि मजबूरी में आकर के लड़कियां जो है वह इस रास्ते पर चल पड़ती है और फिर वह कितनी सारी तकलीफों को झेलती है वह तो आपने कहानी में सुन ही लिया होगा जो भी राय हो कमेंट करके जरूर बताइएगा। तो फिर मिलूंगी कल एक और नई वीडियो के साथ तब तक अपना और अपने परिवार का ख्याल रखें।

Disclaimer: This story is fictional and created for entertainment purposes only. Any names, characters, places, or events are fictitious or used fictitiously. No real person or organization is intended to be portrayed.

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