2 दो बहुओं ने मिलकर ससुर के सफाई वाले औजार को ही हटा दिया, पुलिस ने खोला इसके पीछे छिपा खौफनाक राज – News

2 दो बहुओं ने मिलकर ससुर के सफाई वाले औजार को ही हटा दिया, पुलिस ने खोला इसके पीछे छिपा खौफनाक राज

2 दो बहुओं ने मिलकर ससुर के सफाई वाले औजार को ही हटा दिया, पुलिस ने खोला इसके पीछे छिपा खौफनाक राज

भाग 2: जांच में सामने आईं कई परतें

करण सिंह की मौत के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। किसी को विश्वास नहीं हो रहा था कि घर के भीतर ऐसा मामला इतना गंभीर रूप ले सकता है।

पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर लिया और घर तथा खेत से जरूरी साक्ष्य जुटाने शुरू किए। दोनों महिलाओं से अलग-अलग पूछताछ की गई, ताकि उनके बयानों में किसी तरह का अंतर है या नहीं, यह समझा जा सके।

दुर्गा और शिवानी ने पुलिस के सामने अपने ऊपर लगाए गए कथित आरोपों को दोहराया। उनका कहना था कि वे लंबे समय से डर के माहौल में रह रही थीं और परिवार की परिस्थितियों के कारण किसी को कुछ बता नहीं पा रही थीं।

लेकिन पुलिस के लिए केवल बयान पर्याप्त नहीं थे।

जांच अधिकारियों ने सबसे पहले करण सिंह के मोबाइल फोन की जांच शुरू की। फोन में पिछले कुछ दिनों की कॉल और संदेशों को खंगाला गया।

जांच के दौरान कुछ ऐसे नंबर सामने आए, जिनसे करण सिंह की लगातार बातचीत होती थी।

इनमें एक नंबर सुमेर का भी था।

सुमेर वही युवक था जिसे कुछ दिन पहले करण सिंह ने घर आने से मना किया था।

पुलिस ने सुमेर से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह परिवार को लंबे समय से जानता था और दुर्गा तथा शिवानी दोनों उसे चाची कहकर बुलाती थीं।

हालांकि, उसने करण सिंह के साथ किसी विवाद में शामिल होने से इनकार किया।

पुलिस ने उसके बयान की स्वतंत्र रूप से जांच शुरू कर दी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बढ़ाई जांच की गंभीरता

उधर पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस को घटना के समय और चोटों की प्रकृति से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य मिले।

जांच अधिकारियों ने घर में मिले सामान, कपड़ों और अन्य वस्तुओं को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा।

अब पुलिस के सामने कई सवाल थे।

क्या करण सिंह की मौत अचानक हुए संघर्ष का परिणाम थी?

क्या दोनों महिलाओं ने पहले से कोई योजना बनाई थी?

या फिर मामला उसी रात हुए विवाद के दौरान अचानक बिगड़ गया?

इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए पुलिस ने घटनाक्रम को मिनट-दर-मिनट समझने की कोशिश शुरू की।

पड़ोसियों के बयान भी लिए गए

पुलिस ने आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ की।

एक पड़ोसी ने बताया कि पिछले कुछ समय से करण सिंह और उसकी बहुओं के बीच घर में तनाव रहता था। हालांकि, किसी ने भी पुलिस को पहले किसी गंभीर घटना की जानकारी नहीं दी थी।

एक अन्य ग्रामीण ने कहा कि परिवार में पहले भी कई बार झगड़े की आवाजें सुनाई देती थीं, लेकिन गांव के लोग इसे घरेलू मामला समझकर बीच में नहीं पड़ते थे।

जांच अधिकारियों ने इस बात को गंभीरता से लिया कि यदि घर में वास्तव में लंबे समय से तनाव था, तो इसकी जानकारी पहले किसी रिश्तेदार या पड़ोसी को क्यों नहीं मिली।

दोनों बहुओं के मायके वालों से भी पूछताछ

पुलिस ने दुर्गा और शिवानी के मायके वालों से भी संपर्क किया।

दुर्गा की मां ने बताया कि उनकी बेटी कुछ समय से परेशान दिखाई देती थी, लेकिन उसने कभी स्पष्ट रूप से अपनी परेशानी नहीं बताई थी।

शिवानी के परिवार ने भी पुलिस को बताया कि वह अपने पति की बीमारी और घर की जिम्मेदारियों के कारण मानसिक दबाव में रहती थी।

इन बयानों के बाद पुलिस ने यह पता लगाने की कोशिश की कि दोनों महिलाओं ने कथित घटनाओं के बारे में किसी अन्य व्यक्ति को पहले कभी बताया था या नहीं।

अब सामने आया सबसे बड़ा सवाल

जांच आगे बढ़ी तो पुलिस के सामने सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही था कि दोनों महिलाओं द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि कैसे की जाए।

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी गंभीर आरोप की जांच में मेडिकल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, फोरेंसिक सामग्री और घटनास्थल से मिले सबूत महत्वपूर्ण होते हैं।

इसी वजह से पुलिस ने केवल आरोपों या कबूलनामे के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय सभी उपलब्ध साक्ष्यों को जोड़ना शुरू किया।

इस बीच गांव में एक और चर्चा तेज हो गई।

लोगों का कहना था कि करण सिंह की पत्नी की मृत्यु के बाद परिवार में परिस्थितियां लगातार बिगड़ती चली गई थीं। लेकिन क्या यही तनाव इस घटना की असली वजह था, या इसके पीछे कोई और पुराना विवाद छिपा था?

पुलिस को अब करण सिंह के पुराने विवादों और जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों की भी जानकारी जुटानी थी।

और तभी जांच के दौरान एक पुराना दस्तावेज सामने आया, जिसने पूरे मामले को एक नई दिशा दे दी।

उस दस्तावेज में करण सिंह के परिवार की जमीन को लेकर एक ऐसा विवाद दर्ज था, जिसके बारे में गांव के ज्यादातर लोग अनजान थे।

अब पुलिस को शक था कि हत्या की रात हुई घटना के पीछे केवल घरेलू विवाद ही नहीं, बल्कि कोई पुराना पारिवारिक या संपत्ति विवाद भी भूमिका निभा सकता है।

जांच की अगली कड़ी इसी सवाल का जवाब तलाशने वाली थी।

केस के पार्ट 2 की पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

Disclaimer: This story is fictional and created for entertainment purposes only. Any names, characters, places, or events are fictitious or used fictitiously. No real person or organization is intended to be portrayed.

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