Salem Case बुजुर्ग महिला का कत्ल करके पानी की टंकी में छुपाई लाash! – News

Salem Case बुजुर्ग महिला का कत्ल करके पानी की टंकी में छुपाई लाash!

Salem Case बुजुर्ग महिला का कत्ल करके पानी की टंकी में छुपाई लाash!

Salem Case बुजुर्ग महिला का कत्ल करके पानी की टंकी में छुपाई लाash!

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दोस्तों, आज हम आपको एक ऐसी सच्ची घटना की कहानी सुनाने जा रहे हैं जो पुलिस और मीडिया दोनों को हैरान कर गई थी। कहानी है तमिलनाडु प्रदेश की। 31 अगस्त 2026 की सुबह लगभग 6:30 बजे का समय था। तमिलनाडु के जिला सलेम जिले के अंतर्गत आने वाली जगह अरिस पलियम के गुनापाला रामास्वामी में एक स्ट्रीट थी। उस स्ट्रीट के पास ही चंडेश्वरी मंदिर का पुजारी रहता था। उसका नाम था रमेश उमर। उम्र करीब 62 साल की। वह अपनी पत्नी और बेटे के साथ कुंभकणम और तंजापुर से वापस आ चुका था। घर पहुंचते ही सबसे पहले उन्होंने रसोई में जाने का आदेश दिया।

पत्नी रसोई में गईं और नल खोलते ही पानी निकला। पानी में दुर्गंध आने लगी। शुरू में हल्की सी थी, लेकिन तेज़ बहाव के साथ और बढ़ने लगी। रंग भी बदलने लगा। लाल हो गया तो काला, फिर फिर बदलता रहा। पत्नी थोड़ी देर परेशान हो गईं। उन्होंने पानी का टंकी बंद कर दिया और पति रमेश उमर के पास पहुंच गईं। रमेश जी ने कहा, “अरे, क्या हुआ?” पत्नी ने सारी बात बताई। रमेश जी रसोई में गए, पानी की जांच की और शक हुआ। उन्होंने बेटे को बुलाया और कहा, “बेटा, सबसे ऊपरी फ्लोर पर जाकर टंकी का ढक्कन खोल के देखो।”

बेटा ऊपर गया और देखा कि टंकी का ढक्कन खुला हुआ है। अंदर एक पॉलिथीन का मुंह खुला पड़ा है। वह चौंक गया। पिताजी ने कहा, “बाहर निकालो।” पॉलिथीन बाहर निकाली गई तो अंदर का वजन बहुत था। बेटा ने चीखकर पिताजी को बताया। पिताजी चीखे। नीचे वाले लोग दौड़कर ऊपर आए। सब स्तब्ध रह गए। पॉलिथीन के अंदर एक महिला का सिर था। सिर धड़ से अलग था। बाकी शरीर के अन्य अंग भी थे। शरीर के टुकड़े थे। पुलिस को फोन कर दिया गया। 112 की टीम आ गई।

बिल्डिंग में रहने वाले सभी लोगों को बुलाया गया। पुलिस ने पूछताछ शुरू की। किसी ने किसी को पहचान नहीं दी। तब पुलिस ने थाने में वायरलेस जारी किया। अखबारों में खबर छपी। सोशल मीडिया पर तूफान उठा। पुलिस ने सूचना जारी की कि महिला का सिर पर गणपति भगवान का टैटू है। पूरे जिले में लोग सूचना पर पहुंचने लगे। एक जीव नंदन नाम का 55 साल का आदमी पहुंचा और बोला, “साहब, यह मेरी पत्नी है।”

उसकी पत्नी का नाम था थंगामणि। वह घर-घर जाती थी और खाना बनाती थी। 28 अगस्त को आखिरी घर से लापता हो गई थी। उसके मोबाइल नंबर बंद था। पुलिस ने इसकी गंभीरता से जांच शुरू की। महिला का मोबाइल सीडीआर निकाला गया। आसपास के सीसीटीवी कैमरे चेक किए गए। एक महिला मिली जो एन नंदनी नाम की थी। उम्र 27 साल। उसकी मौसी प्रभावती के पास काम चाहिए था। एन नंदनी ने थंगामणि को बुलाया था। पुलिस ने एन नंदनी को पकड़ा। उसकी मोबाइल सीडीआर से एक और नंबर मिला – एम मलिक बादशाह, 29 साल का ड्राइवर।

तीनों को पकड़ा गया। एन नंदनी और मलिक बादशाह का पांच साल से प्रेम था। लालच ने काम किया। थंगामणि के पास चार सोने के कंगन थे। कीमत करीब पांच लाख रुपये। एन नंदनी ने मौसी का बहाना बनाया। तमिलनाडु के अरिस पलियम में बुलाया। ऊपरी फ्लोर पर ले गई। साथ में मलिक बादशाह और कसाई केशवराम भी थे। सिर पर डंडा मारा। थंगामणि गिर गईं। कंगन निकाले। हाथ काट दिए। शरीर को आठ टुकड़ों में काटा। तीन पॉलिथीन में पैक किया। तीन टंकियों में रख दिया। रमेश उमर के टंकी का ढक्कन खुला पड़ा। इसलिए पानी में दुर्गंध और रंग बदलने की समस्या हुई।

पुलिस ने सबूत इकट्ठा किए। थंगामणि के आठ टुकड़े मोहन कुमार मंगलम मेडिकल कॉलेज में जॉइंट किया। पूरा शरीर बने। जांच में पांच साल का प्रेम और पांच लाख के कंगन का लालच सामने आया। एन नंदनी, मलिक बादशाह और केशवराम तीनों को गिरफ्तार किया गया। कोर्ट में चार्जशीट लगाई जाएगी। 90 दिनों में प्रोसेसिंग होगी। तीनों को सलाखों के पीछे जेल जाना पड़ेगा। उनकी जिंदगी बदल जाएगी।

दोस्तों, यह कहानी हमें सिखाती है कि लालच कितना भयानक हो सकता है। कोई भी इंसान अगर पैसे के चक्कर में पड़ जाए तो आसमान-जमीन का फर्क कर सकता है। पुलिस ने पूरी टीम लगाकर कत्ल को सुलझाया। सोशल मीडिया पर लोग हैरान थे। अखबारों में बड़ा ख्याल उठा। थंगामणि की हत्या सिर्फ कंगन के लिए हुई थी। लेकिन असली वजह लालच थी।

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Disclaimer: This story is fictional and created for entertainment purposes only. Any names, characters, places, or events are fictitious or used fictitiously. No real person or organization is intended to be portrayed.

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