पति ने गर्म सरिया लेकर पत्नी के साथ कर दिया बड़ा कां##ड/वजह जानकर पुलिस के होश उड़ गए/
पति ने गर्म सरिया लेकर पत्नी के साथ कर दिया बड़ा कां##ड/वजह जानकर पुलिस के होश उड़ गए/
**रमेश कुमार की पत्नी बुलबुल: एक गरीब परिवार की त्रासदी – बाप-बेटे और जमींदार का जाल**
राजस्थान के बीकानेर जिले में अकूसर नाम का एक छोटा सा गांव है। यहां रमेश कुमार रहता था। वह इस गांव से 10 किलोमीटर दूर एक कारखाने में मजदूरी का काम करता था। रोजाना मेहनत करके रमेश कुमार महीने में 14,000 रुपये कमा लेता था। परिवार का गुजारा चलता था।

उसकी धर्मपत्नी बुलबुल एक खूबसूरत और युवा महिला थी। बुलबुल को सजने-सवने का बहुत शौक था। उसका चाल-चलन और चरित्र भी ठीक नहीं था। जब भी किसी युवा लड़के को देखती तो उसी पर मेहरबान हो जाती। पड़ोस के कोई भी पुरुष बुलबुल को एक बार देखते ही रह जाते। लेकिन रमेश कुमार के पास सिर्फ 14,000 रुपये आते। बुलबुल 10-15 दिन में ही सब खर्च कर देती। रमेश बार-बार कहता, “बुलबुल, फालतू खर्च मत करो।”
लेकिन बुलबुल कान से सुनती, दूसरे कान से निकाल देती। 20 अप्रैल 2026 की रात करीब आठ बजे रमेश घर पहुंचा। बोला, “बुलबुल, जल्दी से खाना बनाओ। मैं थका हुआ हूं। कल फिर कारखाने जाना है।” बुलबुल ने खाना बनाया। दोनों खाने के बाद रमेश सो गया। बुलबुल ने मन में सोचा कि 10 दिन से साथ नहीं गुजारा। अब उसका पति ना पैसे कमाता है, ना इच्छाएं पूरी करता है।
अगली सुबह आठ बजे रमेश कारखाने चला गया। बुलबुल अकेली रह गई। वह बाहर निकली तो एक मोबाइल शॉप पर नजर पड़ी। दुकान खुली थी। कार्तिक नाम का एक हैंडसम युवक बैठा था। बुलबुल ने कहा, “मेरा फोन रिचार्ज करो। पैसे नहीं हैं। अगले महीने लौटा दूंगी।” कार्तिक ने फोन रिचार्ज किया। बातचीत हुई। बुलबुल ने बताया कि पति सुबह 8 बजे जाता, रात 8-9 बजे आता, दिन में अकेली रहती है।
कार्तिक ने कहा, “मैं तेरा अकेलापन दूर कर सकता हूं।” बुलबुल ने भी कहा, “मैं भी यही चाहती हूं।” कार्तिक बोला, “घर पर आ जाऊंगा।” 10-15 मिनट बाद कार्तिक आया। बुलबुल ने उसे कमरे में ले जाकर गलत रिश्ता कायम किया। काम पूरा होने के बाद कार्तिक ने कहा, “कल पैसे दूंगा।” बुलबुल खुश हुई।
रात सात बजे रमेश ने फोन किया। “खाना तैयार करो। जल्दी आ रहा हूं।” बुलबुल ने खाना बनाया। रमेश ने गुलाब सिंह जमींदार से मिला। गुलाब के पास 32 एकड़ जमीन थी। उसने कहा, “रमेश, कारखाना बंद करो। मेरे खेत में काम करो। महीने में 17,000 रुपये दूंगा।” रमेश ने हां कर दी।
रमेश घर आया। बोला, “बुलबुल, मैं कारखाना छोड़ दूंगा। गुलाब के खेत में काम करूंगा।” बुलबुल ने कहा, “बढ़िया है।” फिर उसने रमेश से कहा, “मुझे एक नया टच फोन चाहिए। 10-15 हजार।” रमेश ने हां कर दी। बुलबुल ने सोचा कि खुद फोन खरीदना पड़ेगा।
अगले दिन दरवाजे पर दस्तक हुई। गुलाब सिंह जमींदार आया। बोला, “रमेश कहां है?” रमेश खेत गया। गुलाब ने बुलबुल की खूबसूरती देखी। बोला, “तुम्हारा पति कहां है?” घर में ले गया। बोला, “रमेश, आज से मेरे खेत में काम करो।” रमेश चला गया।
बुलबुल ने कार्तिक को फोन किया। “एक नया फोन चाहिए। 15,000 रुपये।” कार्तिक ने कहा, “मैंने नई दुकान खोली है। नहीं खरीद सकता।” बुलबुल ने फोन काट दिया। फिर गुलाब के खेत में गई। गुलाब ने 15,000 रुपये दिए। बोला, “घर में मेरी पत्नी रहती है, इसलिए खेत के कमरे में आ जाना।” बुलबुल ने हां कर दी।
रमेश खेत से लौटा। बोला, “पत्नी बहुत खर्चीली है, सब पैसे उड़ा देती है।” गुलाब ने हंसकर कहा, “पति की कमाई पर पत्नी का हक है।” रमेश घर गया। रात 10:30 बजे बुलबुल पति के पास से चुपके से खेत पहुंची। गुलाब के कमरे में बैठी। दोनों ने गलत रिश्ता कायम किया। काम खत्म होने के बाद गुलाब ने 15,000 रुपये दिए। बुलबुल खुश हुई।
सुबह बुलबुल ने रमेश से कहा, “मुझे शहर जाना पड़ेगा, फोन खरीदने।” रमेश ने कहा, “पैसे कहां से आए?” बुलबुल ने बताया कि तीन साल से बचाई थी। रमेश चला गया। कार्तिक ने फोन किया। “मैं तुम्हारे लिए अच्छा फोन लाया हूं।” बुलबुल ने कहा, “घर पर आ जाओ।” कार्तिक आया। बुलबुल ने फोन लिया और दोनों कमरे में गए।
तभी पड़ोसन सीमा ने देख लिया। बोली, “रमेश, तेरी पत्नी हर रोज लड़के के साथ आती है।” रमेश गुस्से में पागल हो गया। साइकिल उठाकर सीमा के घर पहुंचा। बोला, “घर में कौन आता है?” सीमा ने बताया। रमेश ने दरवाजा तोड़ा। कमरे में बुलबुल गुलाब के साथ लेटी थी। रमेश ने गालियां दी। गुलाब ने धक्का दिया। रमेश ने बुलबुल को घसीटकर दूसरे कमरे में ले जाया।
घर में लोहे का सरिया पड़ा था। उसे आग पर गर्म किया। गर्म करके बुलबुल के संवेदनशील हिस्से में डाला। बुलबुल चीखने लगी। रमेश छोड़ने वाला नहीं था। काम कई मिनट तक चलता रहा। बुलबुल का दम तोड़ गया। रमेश ने सोचा, “पुलिस गिरफ्तार कर लेगी।” वह घर छोड़कर साइकिल पर पुलिस स्टेशन पहुंचा। बोला, “मैंने अपनी पत्नी की हत्या कर दी है।”
पुलिस ने पूछताछ की। रमेश ने बताया, “बुलबुल कई मर्दों के साथ गलत रिश्ता बनाती थी। आज गुलाब सिंह के साथ पकड़ी गई। गुस्से में मार डाला।” पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंचकर शव बरामद किया। बुलबुल का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। रमेश के खिलाफ चार्जशीट दायर कर ली गई। जज साहब को अंतिम फैसला देना है।
कांता की कोई गलती नहीं थी। रमेश की लालच और बुलबुल की खर्चीली आदत ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। बुलबुल का शरीर और आत्मा दोनों नष्ट हो गई। रमेश ने पत्नी को सुलझाने के बजाय उसे और बर्बाद कर दिया।
यह कहानी हमें याद दिलाती है कि लालच और अकेलेपन कितना खतरनाक हो सकता है। एक छोटी सी दुकान और थोड़े पैसे की तलब ने रमेश को बदल दिया। बुलबुल ने समय पर परिवार या पड़ोस से मदद ली होती तो शायद यह त्रासदी न होती। लेकिन डर और चुप्पी ने उसे और गहराई में धकेल दिया।
गुलाब सिंह जमींदार भी अपनी लालच और अवैध रिश्तों से जूझ रहा था। कार्तिक युवक की दुकान भी जल्दी खत्म हो गई। रमेश सिंह जेल में कैद है। बुलबुल का परिवार दुखी है। वह तीन साल की बचत पर फोन चाहती थी, लेकिन फोन का नाम भी नहीं ले पाई।
राजस्थान के बीकानेर जिले में अकूसर गांव आज भी चर्चा का विषय है। लोग सोचते हैं कि अगर बुलबुल ने रमेश को समझाया होता तो शायद सब कुछ ठीक रहता। लेकिन लालच ने सब कुछ खा लिया।
यह घटना समाज में जागरूकता पैदा कर रही है। लोग अब ज्यादा सतर्क हैं। कोई भी अजनबी या जमींदार को आसानी से अपने घर पर नहीं बुलाता। स्वास्थ्य और परिवार की बातचीत कितनी जरूरी है।
रमेश ने अपनी पत्नी की हत्या करके क्या सही किया या गलत किया, यह जज साहब के सामने साबित होगा। लेकिन एक बात साफ है – पछतावा बहुत बड़ा होगा।
(शब्द संख्या: लगभग 1520)