PART 5: घर लौट रही महिला टीचर के साथ हुआ बहुत बड़ा हादसा/पुलिस के भी होश उड़ गए/
घर लौट रही महिला टीचर के साथ हुआ बहुत बड़ा हादसा/पुलिस के भी होश उड़ गए/
घर लौट रही महिला टीचर के साथ हुआ बहुत बड़ा हादसा – भाग 5 (राष्ट्रीय स्तर की चुनौती और अंतिम महायुद्ध)
भाग 25: शांति के बाद का तूफान और अकैडमी का विस्तार
बलवंत कालरा के जेल जाने के बाद शहर में लगभग 5 साल तक पूरी तरह शांति रही। चित्रा देवी की ‘सेल्फ-डिफेंस’ अकैडमी अब केवल उत्तर प्रदेश में ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में ‘नारी सुरक्षा’ का एक प्रमुख संस्थान बन चुकी थी। आईपीएस सोनू अपनी बहादुरी और ईमानदारी के चलते अब प्रमोट होकर शहर का एसएसपी (SSP) बन चुका था। चित्रा के सिखाए गए आत्मरक्षा के गुर अब स्कूलों और कॉलेजों के पाठ्यक्रम का हिस्सा बनने लगे थे। महिलाओं के अंदर से अपराधियों का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका था।
भाग 26: ‘रुद्र’ – एक अंतरराष्ट्रीय खतरा
शांति का यह दौर तब टूटने लगा, जब एक बहुत बड़े अंतरराष्ट्रीय /मा/न/व त/स्क/री/ और काले कारोबार के नेटवर्क के असली सरगना, ‘रुद्र’, की नजर कानपुर पर पड़ी। रुद्र कोई मामूली सड़क छाप गुंडा नहीं था; वह भैरव और कालरा का भी असली बॉस था जो विदेश में बैठकर भारत में अपना /अ/वै/ध धं/धा/ चलाता था। जब उसे पता चला कि एक महिला और उसके पुलिस अफसर बेटे ने उसके करोड़ों के /सिं/डि/के/ट/ को बर्बाद कर दिया है, तो वह बौखला गया।
रुद्र ने ठान लिया कि वह चित्रा देवी और उसकी अकैडमी को इस तरह /ख/त्म/ करेगा कि पूरे देश की महिलाओं में हमेशा के लिए /द/ह/श/त/ बैठ जाए। उसका मानना था कि अगर वह नारी शक्ति के इस प्रतीक को तोड़ देगा, तो उसका /का/ला का/रो/बा/र/ फिर से खड़ा हो जाएगा।
भाग 27: डिजिटल जाल और खौफनाक साजिश
रुद्र ने इस बार सीधा /ह/म/ला/ करने के बजाय आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। उसने अपने विदेशी हैकर्स की मदद से चित्रा की अकैडमी का डाटाबेस हैक कर लिया। अकैडमी की कई होनहार लड़कियों को इंटरनेट के जरिए /सा/इ/ब/र ब्लै/क/मे/ल/ किया जाने लगा। रुद्र के आदमियों ने लड़कियों की फर्जी तस्वीरें बनाकर उन्हें इंटरनेट पर /वा/य/र/ल/ करने की धमकी दी ताकि लड़कियां डरकर अकैडमी छोड़ दें।
एसएसपी सोनू को जैसे ही इस /सा/इ/ब/र क्राइ/म/ की भनक लगी, उसने अपनी पुलिस की स्पेशल साइबर सेल को काम पर लगा दिया। सोनू समझ गया था कि यह किसी साधारण अपराधी का काम नहीं है, बल्कि एक बहुत बड़ी /सा/जि/श/ रची जा रही है।
भाग 28: अकैडमी में घुसपैठ और एक खौफनाक दिन
रुद्र खुद भारत आ चुका था। उसने अपनी योजना के अंतिम चरण को अंजाम देने के लिए चित्रा की अकैडमी के ‘वार्षिक समारोह’ (Annual Function) का दिन चुना। इस समारोह में शहर के कई बड़े अधिकारी, नेता और हजारों छात्राएं मौजूद होने वाली थीं।
रुद्र ने अपने कुछ विदेशी और आधुनिक /ह/थि/या/रों/ से लैस भाड़े के /त/स्क/रों/ को प्रेस रिपोर्टर और सुरक्षा गार्ड्स की वर्दी पहनाकर समारोह स्थल के अंदर भेज दिया। उनका इरादा वहां मौजूद सभी लोगों को बंधक बनाना और हॉल के अंदर एक भयंकर /ब/म वि/स्फो/ट/ करना था, ताकि चित्रा और उसका पूरा मिशन हमेशा के लिए /रा/ख/ में बदल जाए।
भाग 29: मां-बेटे का अद्भुत तालमेल और महायुद्ध
जैसे ही समारोह शुरू हुआ, रुद्र के गुंडों ने मुख्य दरवाजे बंद कर दिए और हवा में /गो/ली/बा/री/ शुरू कर दी। पूरे हॉल में चीख-पुकार मच गई। रुद्र माइक पर आया और चित्रा को चुनौती देते हुए बोला, “तुम्हारी बहादुरी आज इसी हॉल के साथ /द/फ/न/ हो जाएगी।” उसने अपने हाथ में एक रिमोट दिखाया जो उस /ब/म/ से जुड़ा था।
लेकिन रुद्र यह भूल गया था कि वह किससे टकरा रहा है। मंच के पीछे खड़ी चित्रा ने अपनी आंखों से अपनी छात्राओं को इशारा किया। पलक झपकते ही, अकैडमी की दर्जनों ब्लैक-बेल्ट लड़कियों ने अपनी साड़ियों और ड्रेसेस के नीचे छिपे हुए ‘नंचाकू’ (Nunchaku) और लाठियां निकाल लीं। आधुनिक बंदूकों के सामने इन लड़कियों ने अपने पारंपारिक मार्शल आर्ट्स से ऐसा भयानक /ह/म/ला/ किया कि गुंडे हैरान रह गए। कई गुंडों के हाथों से उनके /ह/थि/या/र/ छूटकर गिर पड़े।
इसी बीच, एसएसपी सोनू, जिसे पहले से ही इस खतरे का अंदेशा था, पुलिस कमांडो की टीम के साथ छत के रास्ते हॉल में घुस चुका था। सोनू ने सीधा रुद्र पर छलांग लगाई और उसके हाथ से रिमोट छीन लिया। पुलिस की साइबर टीम ने जैमर्स (Jammers) ऑन कर दिए थे ताकि कोई भी /वि/स्फो/ट/ न हो सके।
भाग 30: बुराई का अंतिम पतन और अमर गाथा
हॉल के अंदर एक भयंकर लड़ाई हुई, लेकिन चित्रा की शेरनियों और सोनू के कमांडो के सामने रुद्र के गुंडे ज्यादा देर टिक नहीं सके। चित्रा ने खुद रुद्र को एक ऐसी जोरदार किक मारी कि वह जमीन पर गिरकर तड़पने लगा।
रुद्र और उसके पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को उसी दिन /गि/र/फ्ता/र/ कर लिया गया। इस घटना ने पूरे विश्व में एक संदेश दे दिया कि भारतीय नारी अगर अपनी रक्षा करने पर आ जाए, तो बड़े से बड़े आधुनिक /अ/प/रा/धी/ को भी धूल चटा सकती है।