Jaipur Kardhana Case: कांवड़ लेने चली गई थी बेटी, इसलिए बाप ने तीन बेटियों और पत्नी की जान ले ली!
Jaipur Kardhana Case: कांवड़ लेने चली गई थी बेटी, इसलिए बाप ने तीन बेटियों और पत्नी की जान ले ली!
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दोस्तों, आज हम आपको एक ऐसी सच्ची घटना की कहानी सुनाने जा रहे हैं जो पूरे राजस्थान और देश भर को हिला दे गई थी। कहानी है जयपुर की। 11 सितंबर 2026 की सुबह लगभग 9:30 बजे का समय था। राजस्थान के जयपुर में करधना थाना क्षेत्र में गोविंद वाटिका ए ब्लॉक 169 नंबर का मकान था। यहां 85 साल के एक बुजुर्ग व्यक्ति लक्ष्मीनाथ झा रहते थे। उनकी थोड़ी तबीयत खराब रहती थी और वे बार-बार परेशान रहते थे।

सुबह के समय वे टॉयलेट जाने गए। टॉयलेट से वापस आते हुए उन्होंने तौलिए ढूंढा। तौलिए न मिला तो वे कमरे में पहुंचे। कमरे में पहुँचते ही उनके रोंगटे खड़े हो गए। बेड पर उनकी पोती ख@ून से लथपथ पड़ी हुई थी। घबराए हुए वे बाहर निकल गए। उनके चेहरे पर डर और रुदन साफ दिख रहा था।
पड़ोस की सुशीला नाम की महिला वीडियो कॉल पर अपने पति से बात कर रही थीं। तभी लक्ष्मीनाथ झा पास पहुंचे और बोले, “जरा घर चलना।” उनकी आवाज में रुदन थी और आंखों में आंसू थे।
सुशीला घबरा गईं। उन्होंने तुरंत पति से कहा, “बाद में बात कर लेना। कुछ शायद हो गया है। मैं जाकर देखती हूं।” वे लक्ष्मीनाथ झा के साथ कमरे में गईं। कमरे का दृश्य देखकर वे चीखीं। ख@ून का तड़पना पूरा कमरा भर गया था। वे बाहर निकलीं और चीखकर दूसरे कमरे में दौड़ीं। फिर घर से बाहर निकलकर आसपास के घरों के दरवाजे खटखटाए। खबर पूरे मोहल्ले में आग की तरह फैल गई।
घर में चार मौतें हो चुकी थीं। पुलिस को 112 पर कॉल मिली। थाना एसएओ, डीएसपी, एडिशनल कमिश्नर और पुलिस कमिश्नर सहित बड़े-बड़े अधिकारी मौके पर पहुंच गए। फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वाड और सर्विलांस की टीम भी आई। लाशें कब्जे में ली गईं और पोस्टमार्टम के लिए भेज दी गईं।
मृतक महिलाएं थीं – गीता (40 साल), उसकी बेटी नंदिनी (22 साल, बीए की छात्रा), राधिका (17 साल, क्लास 12), गौरी (14 साल, क्लास 6)। उनके पति लक्ष्मीनाथ झा (85 साल) और बेटा राहुल झा (25 साल) भी थे।
राहुल ने सुबह 7 बजे दूध वाला आया, चाय बनाई, पिता को पिलाई, फिर बोला, “पापा मैं बाजार किसी काम से जा रहा हूं, थोड़ी देर बाद लौट आऊंगा।” राहुल गया, लेकिन घर में बाकी चारों मारे गए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि हत्या सीमेंट की ईंट से हुई थी। ईंट का वजन 10 किलो था। सभी को एक ही वार में मारा गया। पुलिस ने राहुल को तलाशा।
12 सितंबर को खाटूश्याम के पास एक होटल में उसे पकड़ा गया। राहुल ने कबूल किया। उसने कहा कि उसकी सबसे बड़ी बेटी नंदिनी का किसी अनजान शख्स से प्रेम चल रहा था। वह कावड़ लेने के लिए अकेले नहीं जाना चाहता था। उसकी मां गीता हमेशा नंदिनी का समर्थन करती थी। उसकी मां और छोटी बहनें भी उसके साथ थीं। उसने सोचा कि अब अपना काम पूरा करेगा।
रात 1:30 बजे के आसपास उसने अपने बेड में सीमेंट की ईंट लेकर पिता के पास पहुंचा। पिता को चेतावनी नहीं दी। पिता के सिर पर ईंट से वार किया। पिता चीख नहीं सके। फिर नीचे गया। पहले नंदिनी को मारा। फिर छोटी बहनों – राधिका और गौरी को भी।
पिता को मारा नहीं क्योंकि उनकी पेंशन आ रही थी। राहुल ने सोचा कि पिता के भाई संभाल लेंगे। सुबह दूध वाला आया, राहुल चाय बनाकर पिता को पिलाया और बाहर चला गया।
पुलिस ने राहुल को गिरफ्तार किया। उसके पास 60 किलोमीटर दूर खाटूश्याम होटल में सोने की अंगूठी मिली थी। होटल मालिक ने पैसे मांगे तो राहुल ने अंगूठी बेचने की कोशिश की थी।
राहुल ने कबूल किया कि उसकी सबसे बड़ी बेटी का प्रेम उसकी मां की वजह से था। उसकी मां गीता हमेशा नंदिनी का साथ देती थी। राहुल को गुस्सा आता था कि समाज कितना खराब है। उसने प्लान बनाया। कोई प्लानिंग पहले से नहीं थी। सिर्फ लालच और गुस्सा था।
पोस्टमार्टम में कोई जहर या नशीला पदार्थ नहीं मिला। सिर्फ ईंट का वार था। राहुल को कोर्ट में पेश किया गया। चार चार्जशीट लगाई गई। तीन महीने में प्रोसेसिंग होगी। राहुल को सलाखों के पीछे जाना पड़ेगा। उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल जाएगी। उसकी मां गीता की पेंशन भी छिन जाएगी। छोटी बहनें सरकारी यतीमालय में जाएंगी।
दोस्तों, यह कहानी हमें सिखाती है कि प्यार और लालच एक साथ कैसे चल सकता है। कोई भी इंसान अगर अपनी इज्जत और परिवार की गरिमा को समझ नहीं पाए तो सबसे भयानक कदम उठा सकता है। पुलिस ने पूरी टीम लगाकर कत्ल को सुलझाया। सोशल मीडिया