महिला टीचर अकेली स्कूल में अकेली पढ़ाने गई थी/लेकिन बीच रास्ते में टीचर को किडनेप कर लिया/
महिला टीचर अकेली स्कूल में अकेली पढ़ाने गई थी/लेकिन बीच रास्ते में टीचर को किडनेप कर लिया/
नमस्कार दोस्तों, मैं कुलदीप राणा। आज हमारी इस घटना की शुरुआत उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से होती है। मेरठ जिले में खरखौदा नाम का शहर है और इसी शहर में बसंत विहार कॉलोनी है। बसंत विहार कॉलोनी में एक स्कूल में टीचर जानवी देवी रहती थीं। जानवी देवी पैसे से एक अच्छी स्कूल टीचर थीं। तीन साल पहले उनका पति संजीव कुमार ने तलाक दे दिया था। संजीव कुमार ने तलाक इसलिए दिया क्योंकि जानवी देवी का चरित्र बिल्कुल खराब था। आज के समय में जानवी देवी इस कॉलोनी में अकेली रह जाती हैं। उनके पास छ साल का बेटा सूरज था, लेकिन सूरज ज्यादातर अपनी नानी के पास रहता था। इस वजह से जानवी देवी पूरी तरह अकेले जीवन जीने लगीं।
हर सुबह जानवी देवी ऑटो रिक्शा से स्कूल जातीं। स्कूल में पढ़ाई के बाद शाम करीब 4:30 बजे घर आ जातीं। घर आकर वे अपने कामकाज में व्यस्त रहतीं। लेकिन इसी कॉलोनी में दो लड़के रहते थे – अंकुश और सागर। दोनों लड़के बिल्कुल आवारा थे। दोनों नशेड़ी किस्म के थे। दोनों उसी स्कूल में कक्षा 12 में पढ़ते थे, लेकिन स्कूल तो बहुत कम आते थे। लड़ाई-झगड़ा कर लेते थे। आगे चलकर अंकुश और सागर जानवी देवी के साथ बहुत बड़े कांड करने वाले थे। जानवी देवी को इन सबका कुछ पता भी नहीं था।
कुछ दिनों बाद एक दिन सुबह 7:30 बजे का समय था। जानवी देवी घर से बाहर निकलीं और ऑटो का इंतजार कर रही थीं। तभी अंकुश अपनी साइकिल लेकर गुजरने लगा। अंकुश जानवी देवी की खूबसूरती देखकर साइकिल रोक लेता है। वह कहता है, “टीचर, मैं उसी स्कूल जा रहा हूं जहां आप पढ़ाती हो। मेरी साइकिल पर बैठ जाओ, मैं आपको स्कूल छोड़ दूंगा।” जानवी देवी हंसकर कहती हैं, “कोई बात नहीं, ऑटो से चल जाऊंगी।” अंकुश चला जाता है।

थोड़ी देर बाद सागर भी अपनी साइकिल लेकर गुजरता है। सागर भी जानवी देवी को देखकर साइकिल रोक लेता है और कहता है, “टीचर, ऑटो अभी तक क्यों नहीं आई?” जानवी देवी हंसकर कहती हैं कि ऑटो लेट हो गई है। सागर भी कहता है, “बैठ जाओ मेरी साइकिल पर, मैं छोड़ दूंगा।” जानवी देवी फिर मना करती हैं। दोनों लड़के अपनी साइकिल लेकर चले जाते हैं।
15-20 मिनट बाद ऑटो आता है। जानवी देवी ऑटो में बैठकर स्कूल पहुंच जातीं। स्कूल में पढ़ाई शुरू होती है। एक घंटा बाद वे कक्षा 12 में पहुंचती हैं। कक्षा में अंकुश और सागर बैठे होते हैं। जानवी देवी कॉपियां चेक करने लगती हैं। अंकुश का होमवर्क नहीं किया था। जानवी देवी कहती हैं, “होमवर्क दिखाओ।” अंकुश बहाने लगता है। जानवी देवी थोड़ा डांटती हैं और बेंच पर बैठा देती हैं।
10 मिनट बाद अंकुश सागर को फुसफुसाकर कहता है, “देखो, जानवी टीचर इस खूबसूरत साड़ी में एक गुलाब के फूल की तरह लग रही हैं।” सागर हंसता है, “हां, बहुत अच्छी बात है।” जानवी देवी दोनों की बात सुन लेती हैं। वे चुप नहीं बैठीं। दोनों लड़कों को खड़ा कर चार-चार डंडे मारकर कक्षा से बाहर निकाल देती हैं। दोनों 30 मिनट तक खड़े रहते हैं। उन्हें बहुत गुस्सा आता है। दोनों आपस में बैठकर योजना बनाने लगते हैं। अंकुश कहता है, “मैं इस टीचर को सबक जरूर सिखाऊंगा।”
तभी स्कूल का टीचर सतीश कुमार आता है। सतीश कुमार जानवी देवी से हंस-हंस कर बात करता था। आज भी वह जानवी देवी से मिलने इसी कमरे में आया था। सतीश कुमार जानवी देवी को ले जाता है और कहता है, “एकांत जगह चलो। आज स्कूल की छुट्टी होगी तो हम दोनों मिलकर बात करेंगे।” जानवी देवी हंसकर मान जाती हैं। दोनों की योजना बन जाती है। पूरा दिन छुट्टी हो जाता है।
जानवी देवी और सतीश कुमार स्कूल में रह जाते हैं। चपड़ासी अशोक भी पैसे लेकर बुला लेता है। सतीश कुमार जानवी देवी को एक कमरे में ले जाता है। जानवी देवी कहती हैं, “यहां कोई देख सकता है तो गड़बड़ हो जाएगी।” सतीश कुमार हिम्मत करता है। दोनों कमरे में जाते हैं। अंदर जानवी देवी और सतीश कुमार के बीच गलत रिश्ते कायम हो जाते हैं। दोनों अपनी इच्छाएं पूरी करते हैं।
उसी समय अंकुश और सागर दीवार फांदकर स्कूल के अंदर घुस जाते हैं। वे जानवी देवी के कमरे के पास पहुंचते हैं। अंकुश जानबूझकर दरवाजे पर दस्तक देता है। जानवी देवी और सतीश कुमार डर जाते हैं। सतीश कुमार दरवाजा खोलता है तो अंकुश और सागर खड़े होते हैं। सतीश कुमार बहुत गुस्सा होता है। दोनों लड़कों को डांटता है और धमकाता है कि मैं तुम्हें स्कूल से बाहर निकाल दूंगा। लेकिन अंकुश और सागर जिद करते हैं कि कल प्रिंसिपल को पूरी बात बताएंगे।
सतीश कुमार हिम्मत करके उन्हें बाहर निकाल देता है। दोनों लड़के घर लौट जाते हैं। अगले दिन अंकुश और सागर प्रिंसिपल रजनीश से मिलते हैं। दोनों लड़के कहते हैं कि कल छुट्टी के बाद सतीश कुमार और जानवी देवी कमरे में गंदा काम कर रहे थे। रजनीश प्रिंसिपल गुस्सा होता है। वे कहते हैं कि ये दोनों हमारे सबसे अच्छे टीचर हैं। लेकिन अंकुश और सागर बार-बार एक ही बात दोहराते हैं। प्रिंसिपल डर जाता है और धमकाता है कि मैं तुम्हें स्कूल से बाहर निकाल दूंगा। दोनों लड़के डरकर खामोश रह जाते हैं।
10 मिनट बाद प्रिंसिपल पहले सतीश कुमार को बुलाता है और पूछता है कि कल छुट्टी के बाद तुम स्कूल में रहे थे या नहीं। सतीश कुमार झूठ बोलता है, “नहीं सर, मैं घर गया था।” फिर जानवी देवी को भी बुलाता है। जानवी देवी भी झूठ बोलती हैं, “मैं भी घर गई थी।” दोनों टीचर बच जाते हैं।
फिर प्रिंसिपल कक्षा 12 में जाता है। अंकुश और सागर के नंबर आने पर दोनों लड़कों को पिटाई कर देता है। पिटाई के बाद सतीश कुमार उन्हें पढ़ाने लगता है। जानवी देवी का पीरियड आता है। जानवी देवी भी जानबूझकर होमवर्क चेक करती हैं। दोनों लड़कों को फिर पिटाई मिलती है। हर रोज ऐसे ही पिटाई होता था। जानवी देवी और सतीश कुमार दोनों लड़कों की पिटाई करते थे।
कुछ दिनों बाद 7 अगस्त 2026 का दिन आ जाता है। सुबह 8:30 बजे अंकुश स्कूल नहीं आता क्योंकि आज उसका जन्मदिन है। वह सागर को फोन पर बुलाता है, “सागर, जल्दी मेरे घर आ।” सागर मोटरसाइकिल लेकर आता है। दोनों जन्मदिन मनाने के लिए शहर जाते हैं। शहर में केक और मिठाई खरीदते हैं। अंकुश जानवी देवी के लिए बेहोश करने की दवा खरीदनी चाहता है। सागर राजीव की दुकान से 10 गुना दाम लेकर दवा ले आता है। दोनों दवा को मिठाई में मिला देते हैं।
शाम 5 बजे दोनों जानवी देवी के घर पहुंचते हैं। दरवाजा खुलता है। जानवी देवी अंकुश और सागर को देखकर गुस्सा होती हैं। लेकिन अंकुश कहता है, “मैडम आज मेरा जन्मदिन है। मैं जन्मदिन मनाना चाहता हूं।” जानवी देवी मान जाती हैं। दोनों केक काटते हैं, मिठाई खाते हैं। 10 मिनट बाद सागर कहता है, “मैडम, हम मिठाई लेकर आए हैं।” दोनों लड़के जानवी देवी को मिठाई में दवा मिलाई देता है। 15-20 मिनट बाद जानवी देवी बेहोश हो जाती हैं।
अंकुश और सागर जानवी देवी को उठाकर कमरे में ले जाते हैं। बेहोशी की हालत में दोनों लड़के जानवी देवी के साथ गलत काम करते हैं। इच्छा पूरी होने तक काम चलता है। फिर सागर कहता है, “अंकुश, इस महिला की एक अश्लील वीडियो भी बना लेते हैं।” दोनों लड़के जानवी देवी की वीडियो बना लेते हैं। काम खत्म करके चुपके से घर से बाहर निकल जाते हैं।
5-6 घंटे बाद जानवी देवी की आंखें खुलती हैं। वे नंगे शरीर में पड़ी पाती हैं। समझ जाती हैं कि दोनों लड़कों ने क्या किया है। लेकिन बदनामी के डर से वे चुप रह जाती हैं। 7 दिन तक स्कूल नहीं जातीं।
14 अगस्त 2026 को अंकुश के माता-पिता बाहर गए हैं। अंकुश अकेला है। वह सागर को बुलाता है। दोनों शराब के ठेके से बियर खरीदकर घर में बैठकर पीते हैं। रात 9 बजे अंकुश कहता है, “सागर, आज जानवी देवी के घर चलते हैं।” दोनों जानवी देवी के घर पहुंचते हैं। जानवी देवी दरवाजा खोलती हैं और कहती हैं, “चले जाओ, वरना चिल्लाऊंगी।” लेकिन सागर मोबाइल निकालता है। जानवी देवी की अश्लील वीडियो दिखाता है। जानवी देवी के होश उड़ जाते हैं।
दोनों लड़के घर में घुस जाते हैं, दरवाजा बंद करते हैं। जानवी देवी को कमरे में ले जाते हैं। अंकुश और सागर बारी-बारी से जानवी देवी के साथ गलत काम करते हैं। जानवी देवी बार-बार मना करती हैं, लेकिन लड़के रुकते नहीं। इच्छा पूरी होने के बाद दोनों लड़के जानवी देवी को धमकाते हैं, “अगर किसी को बताया तो वीडियो इंटरनेट पर वायरल कर देंगे।” जानवी देवी डरकर चुप रह जाती हैं। रात को दोनों लड़के घर से चले जाते हैं।
30 अगस्त 2026 रविवार को जानवी देवी स्कूल नहीं जातीं। अंकुश और सागर 4 बजे उनके घर आते हैं और कहते हैं, “आज तुम्हें 4 बजे हमारे साथ चलना पड़ेगा। हम तुम्हें होटल ले जाएंगे।” जानवी देवी मना करती हैं। सागर धमकाता है, “वीडियो हमारे पास है।” जानवी देवी मजबूर हो जाती हैं। दोनों लड़के ऑटो से होटल ले जाते हैं। होटल मालिक से दुगुना दाम लेकर एक कमरा बुक करते हैं। कमरे में दोनों लड़के बारी-बारी से जानवी देवी के साथ गलत काम करते हैं। इच्छा पूरी होने के बाद धमकाते हैं, “अब हर रोज होटल आना पड़ेगा।” काम खत्म करके ऑटो से कॉलोनी पहुंच जाते हैं।
हर रोज दोनों लड़के जानवी देवी को होटल ले जाते थे। जानवी देवी उदास और परेशान रहने लग जाती हैं। वे सोचने लगती हैं कि ये लड़के उन्हें बर्बाद कर देंगे।
8 सितंबर 2026 को अंकुश और सागर फोन पर 1 लाख रुपये मांगते हैं। वीडियो वायरल करने की धमकी देते हैं। जानवी देवी बहुत परेशान हो जाती हैं। शाम 6 बजे वे अपने प्रेमी सतीश कुमार को फोन करके घर बुलाती हैं। पूरी कहानी बताती हैं। सतीश कुमार कहते हैं, “घबराने की जरूरत नहीं। पुलिस स्टेशन चलते हैं।”
जानवी देवी डर जाती हैं। सतीश कुमार दबाव बनाते हैं। दोनों रात 7:30 बजे पुलिस स्टेशन पहुंचते हैं। पुलिस दरोगा दीपक कुमार जानवी देवी की कहानी सुनते हैं। वे तीन कांस्टेबल लेकर कॉलोनी पहुंचते हैं। अंकुश और सागर को गिरफ्तार कर लेते हैं। पुलिस स्टेशन ले जाते हैं। पुलिस स्टेशन में अंकुश और सागर की जमकर पिटाई होती है। पिटाई के बाद दोनों लड़के अपना पूरा जुर्म कबूल कर लेते हैं। पुलिस कानूनी कारवाई शुरू कर देती है। जज साहब अंकुश और सागर को आखिरकार क्या सजा सुनाएंगे, यह आगे तय होगा।
दोस्तों, इस पूरे घटनाक्रम को सुनाने का मेरा उद्देश्य किसी का दिल दुखाना नहीं था। बल्कि आपको जागरूक करना था। आपको सावधान करना था। शराब और जिद के जाल में मत पड़ना। अगर किसी लड़की या टीचर के साथ ऐसे गलत काम हो रहे हों तो तुरंत बोलना। अकेली रहना मत, मदद मांगना। क्योंकि अंधेरे में छिपे शैतान कभी नहीं सोचते कि उनकी कहानी दुनिया सुन लेगी। मिलते हैं दोस्तों किसी ऐसे घटनाक्रम के साथ। तब तक के लिए जय हिंद।